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मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत पर बवाल, पन्ना में छात्रों का प्रदर्शन और हंगामा

जबलपुर/प्रयागराज. यूनाइटेड इंस्टिट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ने वाली छात्रा सृष्टि मिश्रा की संदिग्ध दशा में मौत हो गई। इससे नाराज छात्रों ने हंगामा किया। मौके पर पुलिस पहुंची, लेकिन भीतर नहीं घुसने दिया गया। मेडिकल कालेज की ओर से कहा गया है कि छात्रा को थायराइड की समस्या थी और मिर्गी के दौरे पड़ते थे। सृष्टि मिश्रा मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की रहने वाली थी। छात्रा हास्टल के एक कमरे में सोई हुई थी वह एमबीबीएस फाइनल इयर की छात्रा थी। संस्थान के हास्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। छात्रा शुक्रवार रात हास्टल के एक कमरे में सोई हुई थी। छात्रा के पिता अनुराग मिश्रा के आने का इन्तजार इसी दौरान उसकी संदिग्ध दशा में मौत हो गई। एयरपोर्ट थाना के प्रभारी राजेश उपाध्याय का कहना है कि छात्रा के पिता अनुराग मिश्रा के आने का इन्तजार किया जा रहा है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

गुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र गोचर: 4 राशियों के लिए खुला तरक्की का द्वार

ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. 18 जून 2026 को गुरु बृहस्पति ने नक्षत्रों के राजा पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर लिया है, जहां वे 18 अगस्त 2026 तक रहेंगे. यह खगोलीय घटना किसी सामान्य गोचर से कहीं अधिक शक्तिशाली है, क्योंकि यह अगले 61 दिनों तक एक विशेष प्रभाव बनाए रखेगी. गुरु का पुष्य नक्षत्र में आना ज्ञान, धन, संतान और भाग्य के मामलों में बड़े बदलाव का संकेत है. जब गुरु की शुभता पुष्य नक्षत्र की ऊर्जा से जुड़ती है, तो यह समय नए कार्यों की शुरुआत, संपत्ति की खरीद और बड़े निवेश के लिए बेहद फायदेमंद हो जाता है. इन 4 राशियों के लिए खुलेगा तरक्की का द्वार ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, गुरु का यह गोचर विशेष रूप से 4 राशियों के लिए स्वर्णिम अवसर लेकर आया है. मेष राशि: आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होंगे. आर्थिक स्थिति में भी मजबूती आएगी. कर्क राशि: पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि है, गुरु का इस राशि में गोचर आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है.  निवेश और व्यक्तिगत विकास के लिए यह समय बेहतरीन रहने वाला है. तुला राशि: अचानक धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं. पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है.  करियर में लंबे समय बाद स्थिरता आएगी. गुरु की कृपा पाने के लिए अचूक उपाय गुरु पुष्य नक्षत्र की इस विशेष अवधि का पूर्ण लाभ उठाने के लिए आप  उपाय अपना सकते हैं: पीली वस्तुओं का दान: गुरुवार के दिन चने की दाल या पीली मिठाई का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है. मंत्र जाप: 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें.   विष्णु आराधना: पुष्य नक्षत्र के दौरान भगवान विष्णु की पूजा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ गुरु के शुभ प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है.

राम मंदिर में दान हेरफेर की जांच में बड़ा खुलासा, पुराने कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल

अयोध्या अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है. SIT के सूत्रों के मुताबिक गिनती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले कई लोग अपनी जिम्मेदारियों में विफल रहे. टिन्नू यादव समेत नकदी गिनने, रकम के प्रबंधन और कथित हेरफेर से जुड़े कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है. कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई एसआईटी जांच के दौरान होगी या जांच पूरी होने के बाद. जांच टीम ने प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों, प्रशासनिक फैसलों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है. राम मंदिर में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए लगभग 800 कर्मी तैनात हैं, जिनमें करीब 200 कर्मी ट्रस्ट द्वारा नियुक्त किए गए हैं. पुराने कर्मचारियों का डाटा जुटाने में जुटी टीम एसआईटी ने लंबे समय से मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मियों की सूची भी मांगी है. सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई ऐसे कर्मी का नाम सामने आया है जो पिछले कई वर्षों से मंदिर परिसर से जुड़े हुए हैं. जांच टीम पुराने कर्मचारियों की तैनाती अवधि, जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र की विस्तृत जानकारी जुटा रही है. जांच का फोकस अब केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि निगरानी, जवाबदेही और प्रशासनिक लापरवाही की भूमिका पर भी है. आने वाले दिनों में एसआईटी की जांच और तेज होने के साथ कई नए नामों के सामने आने की संभावना है. फिलहाल एसआईटी मामले की जांच कर रही है.   अखिलेश बोले भाजपाई राजनीति यहीं से शुरू और यहीं पर अंत चढ़ावा चोरी मामले में अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अयोध्या महापापियों के लिए कुरुक्षेत्र साबित होगी. यहीं भाजपाई राजनीति का आरंभ हुआ था, यहीं अंत भी होगा. अयोध्या में ‘चढ़ावे-चंदे-दान-शिला चोरी’ की घटना के बाद से यहां आनेवाले दर्शनार्थियों की संख्या पर नकारात्मक असर पड़ा है. लोगों की आस्थाएं खंडित हुई हैं. इसका सीधा असर अयोध्या के स्थानीय काम-कारोबार और आम आदमी की आमदनी पर पड़ा है. सरकार की गलती का ख़ामियाज़ा जनता क्यों भुगते. अयोध्या और आस-पास के सभी क्षेत्रों में भयंकर आक्रोश पनप रहा है. इस पावन सनातनी तीर्थ की शुचिता जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की वजह से कलुषित हुई है, वो अपना कारनामा करके सदैव की तरह भूमिगत हो गये हैं.अस्पष्टता के कारण वातावरण और भी शंकापूर्ण व तनावपूर्ण हो गया है. स्थानीय लोग मंदिर जाने से भी घबरा रहे हैं कि कहीं उनको ही जांच के नाम पर फंसा न दिया जाए. श्रद्धालुओं में एक अज्ञात भय व्याप्त हो गया है. जांच कहां तक पहुंची इसकी डेली ब्रीफिंग होनी चाहिए क्योंकि भाजपा सरकार में हो रहे ‘चतुर्दिक महा-भ्रष्टाचार’ के कारण जनता का SIT तक पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं है. मथुरा से भी आई धांधली की ख़बर बेहद गंभीर है, उसकी भी उच्च स्तरीय विश्वसनीय जांच हो.

‘बिहार रोजगार सेतु’ पोर्टल से 68 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगार, समीक्षा बैठक में तेज़ी के निर्देश

 पटना बिहार में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सम्राट सरकार काफी तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में राज्य के भीतर बड़े पैमाने पर नए रोजगार के अवसरों का सृजन किया गया है। प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बीते महज सात महीनों के भीतर ही पूरे सूबे में कुल 63,115 नए रोजगार के अवसरों का सृजन किया गया है। इसके अलावा, बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल प्लेटफॉर्म 'बिहार रोजगार सेतु पोर्टल' के माध्यम से अब तक 68 हजार 822 युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के विभिन्न अवसर सफलतापूर्वक उपलब्ध कराए जा चुके हैं। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग रोजगार और युवाओं से जुड़ी इन कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक रफ्तार देने के लिए शुक्रवार को पटना में एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता राज्य के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित की जा रही तमाम योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की बहुत ही विस्तृत और बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों ने अब तक हासिल किए गए लक्ष्यों और भविष्य की रूपरेखा का पूरा ब्यौरा विकास आयुक्त के सामने पेश किया, जिसके बाद आगे की रणनीति पर गहन मंथन हुआ। वैश्विक रोजगार और नई तकनीकों पर आधारित ट्रेनिंग पर जोर इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से युवाओं के कौशल विकास, नए रोजगार सृजन की रणनीतियों, और वर्तमान समय में उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को ट्रेनिंगदेने पर विशेष चर्चा की गई। इसके साथ ही, बिहार के युवाओं को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर यानी विदेशों में मिलने वाले रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग जैसी नई तकनीकों पर आधारित कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति को भी परखा गया। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बैठक में मौजूद सभी संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि वे एक निश्चित समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें, ताकि 'सात निश्चय-3' के सभी लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके और बिहार के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार व स्वरोजगार के सबसे ज्यादा मौके मिल सकें।

लू और गर्म रात का कहर जारी, बिहार में मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पटना बिहार वासियों को फिलहाल गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी 20 जून से 22 जून तक राज्य के पश्चिमी और मध्य भागों में लू (हीट वेव) और गर्म रात (वॉर्म नाइट) जैसी स्थिति बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम और मध्य बिहार के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। साथ ही पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी गर्म एवं शुष्क हवाओं के प्रभाव से दिन के समय तेज गर्मी महसूस होगी। रात में भी न्यूनतम तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि 20 जून को भी उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने के आसार हैं। वहीं 21 जून को दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य जिलों में कुछ स्थानों पर उष्ण लहर चलने की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई इलाकों में मेघ गर्जन, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि 22 जून को भी दक्षिण-पश्चिम बिहार में हीट वेव का असर जारी रह सकता है। दूसरी ओर अररिया, किशनगंज सहित सीमांचल क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा और सुपौल जिलों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। पिछले 24 घंटें में कहां-कैसा रहा मौसम? पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के मौसम में मिले-जुले हालात देखने को मिले। मधुबनी जिले के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं सारण, बक्सर और कैमूर जिलों में उष्ण लहर (हीट वेव) का प्रभाव बना रहा। राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान कैमूर (भभुआ) में 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान 29.9 से 42.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.2 से 29.9 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मोतिहारी में 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सबसे तेज हवा चली। वर्षा की बात करें तो राजनगर में सर्वाधिक 83 मिमी बारिश हुई, जबकि लौकही में 53.2 मिमी, बरबीघा में 53 मिमी, गिरियक में 50.4 मिमी और बेनीपट्टी में 46.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इससे कई क्षेत्रों में लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में गर्मी का असर बरकरार रहा। भीषण गर्मी का स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लू के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, अत्यधिक थकान और अन्य गर्मी जनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, लंबे समय से बीमार लोगों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों पर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा कि लंबे समय तक धूप में रहने या अत्यधिक शारीरिक श्रम करने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में अधिक सावधानी बरतें। मौसम विभाग ने कहा कि लोगों को अत्यधिक गर्मी में कठिन और श्रमसाध्य कार्य करने से बचें। साथ ही चाय, कॉफी, कार्बोनेटेड शीतल पेय और अधिक प्रोटीनयुक्त या बासी भोजन के सेवन से भी परहेज करने को कहा गया है। लक्षण दिखें तो फौरन डॉक्टर को कॉल करें मौसम विभाग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, सिरदर्द, भ्रम की स्थिति या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं तथा प्राथमिक उपचार देने के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।  

अमेरिका-ईरान डील के बाद होर्मुज से आवाजाही शुरू, ट्रांजिट के लिए कड़े नियम लागू

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान में हुई डील के बाद अब होर्मुज से जहाजों का निकलना शुरू हो गया है। हालांकि इतने ज्यादा जहाज कतार में थे कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर जाम जैसी स्थिति बन गई है। पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने जहाजों को बिना किसी असुविधा को होर्मुज से पास करवाने के लिए कुछ सख्त नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत जहाज की तरफ से कम से कम 48 घंटे पहले ट्रांजिट रिक्वेस्ट जमा करनी होगी। इसके बाद भी जहाज का संपर्क अथॉरिटी से लगातार बना रहना चाहिए। अगर इसमें किसी तरह की चूक होती है तो इसकी जिम्मेदारी जहाज के मालिक की होगी। पीजीएसए ने अपनी वेबसाइट के माध्यम से ट्रांजिट रिक्वेस्ट जमा करने की सुविधा दी है। क्यों इतना अहम है होर्मुज? बता दें कि होर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। अमेरिका के हमले के बाद मार्च से ही यह सामान्य आवाजाही के लिए बंद था। बेहद कम जहाजों को यहां से निकलने की अनुमति दी जाती थी। इसके बाद भी जहाजों पर हमले का खतरा बना रहता था। इसी जलमार्ग से खाड़ी देशों के लगभग 80 फीसदी तेल और गैस का निर्यात होता है। चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया के लिए यह मार्ग बेहद अहम है। भारत भी अपनी कच्चे तेल की कुल आवश्यकता का करीब 40 फीसदी आयात इसी मार्ग से करता आ रहा है। PGSA के मुताबिक ट्रांजिट ऐप्लिकेशन में यात्रा की पूरी जानकारी, रूट, संपर्क और शिप के बार में सारी जानकारी देनी होगी। इसके बाद ही इसे होर्मजु से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। अथॉरिटी की तरफ से कहा गया है कि होर्मुज के पास पहुंचने से पहले ही जहाजों को अपनी रिक्वेस्ट भेज देनी चाहिए। पीजीएसए ने कहा कि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और किसी भी तरह की दुर्घटना को टालने के लिए यह प्रक्रिया लागू की गई है। बता दें कि युद्ध के दौरान होर्मजु में भी माइन्स बिछा दी गई थीं। इसलिए दुर्घटना संभावित क्षेत्र से जहाजों को गुजरने नहीं दिया जा सकता। 60 दिनों तक नहीं लगेगा कोई शुल्क समझौते के मुताबिक 60 दिनों तक ईरान जहाजों को पास कराने के बदले किसी भी तरह का शुल्क वसूल नहीं करेगा। स्ट्रेट से व्यापारिक जहाजों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, पर्यावरण संबंधित भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। रखरखाव संबंधित सारे खर्च ईरान की सरकार वहन करेगी। गुरुवार को होर्मुस से होकर कम से कम 25 जाहज निकले। वहीं अप्रैल महीने में 7 से 8 जहाज ही होर्मुज से पास हो पाए थे। अमेरिकी हमले के बाद होर्मुज से जहाजों का निकलना बेहद कम हो गया था। बता दें कि एक दिन पहले यानी शुक्रवार से स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू होने वाली थी। तब तक उधर इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष बढ़ने लगा और इजरायल ने लेबनान में एयरस्ट्राइक कर दी। इसके बाद शुक्रवार की वार्ता टाल दी गई और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड का दौरा भी रद्द कर दिया।

पटना कोचिंग विवाद: फायरिंग केस में खान सर की गिरफ्तारी टली, 25 जून को अगली सुनवाई

पटना मशहूर कोचिंग शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को अदालत से एक बार फिर राहत मिल गई है। पटना के जिला एवं सेशन कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखी है। पुलिस ने शनिवार को केस डायरी अदालत को सौंप दी। जज ने सुनवाई अगली तारीख तक के लिए टाल दी है। तब तक खान सर को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। रौशन आनंद की खान बिंदु एकेडमी से बीते 2 जून को हुए विवाद के दौरान दो गार्ड द्वारा फायरिंग के मामले में खान सर पर एफआईआर हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार अदालत ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 25 जून तय की है। दरअसल, पटना के मुसल्लहपुर स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर के बाहर 2 जून की रात हुई फायरिंग के मामले में कदमकुआं थाने में केस दर्ज किया गया था। इसमें फैजल खान को आरोपी बनाया गया था। फायरिंग खान सर के दो गार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह ने की थी, जो अभी जेल में हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए खान सर ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका की अर्जी लगाई थी। पिछली सुनवाई में अदालत ने पुलिस से केस डायरी के साथ ही फैजल खान के आपराधिक इतिहास की जानकारी मांगी थी। 20 जून तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी। पुलिस ने केस डायरी को अपडेट कर शनिवार को उसे कोर्ट में जमा किया। अब इस पर 25 जून को सुनवाई होगी। खान सर केस डायरी में क्या दर्ज है? सूत्रों के मुताबिक, पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि 2 जून की रात 10.10 बजे मारपीट और तोड़फोड़ की घटना हुई थी, जबकि खान सर के गार्ड ने 10.30 बजे रात में फायरिंग की थी। लिहाजा पुलिस ने डायरी में सेल्फ डिफेंस की जगह दहशत फैलाने के लिए फायरिंग करने की बात अंकित की है। खान सर और रौशन आनंद के बीच विवाद बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के रिजल्ट का क्रेडिट लेने को लेकर पटना के दो बड़े कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु एकेडमी की बीच 2 जून को विवाद हुआ था। इस मामले में दो एफआईआर कदमकुआं थाने में दर्ज हुईं। पहली में ज्ञान बिंदू के डायरेक्टर रौशन आनंद समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया। उन पर खान सर के कोचिंग सेंटर पर तोड़फोड़, पथराव एवं गार्ड को पीटने का आरोप है। पुलिस ने रौशन सर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई। इस केस में एक और आरोपी रौशन सर के भाई प्रिंस यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग गया था। वहां विराटनगर के एक होटल में पिछले सप्ताह उसकी संदिग्ध मौत हो गई। रौशन आनंद की ओर से खान पर साजिशन हत्या का आरोप लगाया जा रहा है, हालांकि नेपाल पुलिस इसकी जांच में जुटी है। अभी तक किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि नहीं हुई है। कदमकुआं थाने में दर्ज दूसरी एफआईआर में खान सर और उनके दोनों गार्ड आरोपी बनाए गए थे। 2 जून की रात को बवाल का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दोनों गार्ड हवा में गोल चलाते नजर आए। उन्होंने पुलिस को बताया था कि खान सर के कहने पर ही फायरिंग की थी।

करोड़ों के घोटाले पर CBI सख्त, हरियाणा-चंडीगढ़ के कई अफसरों पर गिर सकती है गाज

चंडीगढ़. आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े हरियाणा के सरकारी विभागों और चंडीगढ़ नगर निगम समेत क्रेस्ट के खातों में हुए करोड़ों के घोटाले में सीबीआई अब बड़े एक्शन की तैयारी में है। आईएएस समेत कई अफसरों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है, जिससे उनकी नींद उड़ी हुई है। नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े 116 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में सीबीआई की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है।  शुरुआत से ही कई वरिष्ठ अधिकारी जांच के दायरे में हैं और उनसे पूछताछ चल रही थी, लेकिन उन्हें इस मामले में न तो आरोपित बनाया गया और न ही गिरफ्तार किया। हाल ही में हरियाणा में हुए 650 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में सीबीआई ने पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आरके सिंह को गिरफ्तार किया। चंडीगढ़ में हुए घोटाले में भी अफसरों के नाम सामने आए हैं। सीबीआई जल्द उनके खिलाफ भी बड़ा एक्शन ले सकती है। दोनों मामले एक दूसरे से जुड़े हैं और सीबीआई दोनों की जांच कर रही है। ऐसे में दोनों मामलों में बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी हो सकती है। पिछले महीने सीबीआई को मिला केस सीबीआई ने पिछले महीने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस कर रही थी। जांच में सामने आया कि स्मार्ट सिटी परियोजना की एफडी में जमा करोड़ों रुपये का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि धनराशि को निकालकर निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया गया और बाद में रिकार्ड में हेरफेर कर फर्जी एफडी दस्तावेज तैयार किए गए। स्मार्ट सिटी परियोजना खत्म होने के बाद शेष ग्रांट और बैंक जमा राशि को नगर निगम के खातों में स्थानांतरित किया जाना था। इसी प्रक्रिया के दौरान आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में दिखाई जा रही एफडी की रसीदें जाली पाई गईं। जांच में खुलासा हुआ कि एफडी में जमा रकम पहले ही निकाली जा चुकी थी। शेल कंपनियां बनाकर किया घोटाला आरोपितों ने इस रकम को विभिन्न शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया और बाद में रियल एस्टेट सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश कर मोटी कमाई की। मामला उजागर होने के बाद इसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी। अब सीबीआई वित्तीय लेनदेन, बैंक रिकाॅर्ड, शेल कंपनियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। इस मामले में अब तक 10 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है जिनमें स्मार्ट सिटी और आइडीएफसी बैंक के अधिकारी भी शामिल हैं।

साय कैबिनेट की अहम बैठक 23 जून को, किसानों से जुड़े मुद्दों पर होगी विशेष चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 23 जून को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में मानसून की देरी को देखते हुए खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। धान समेत अन्य फसलों की बुआई की स्थिति, किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा 13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियों पर भी मंत्रिमंडल मंथन करेगा। बैठक में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े प्रस्तावों और संशोधित नियमों को मंजूरी मिल सकती है। वहीं, शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के थोक तबादलों के लिए नई स्थानांतरण नीति पर भी कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।

मध्यप्रदेश में फिर दौड़ेंगी सरकारी बसें, 21 साल बाद इंदौर से शुरू होगी नई पहल

भोपाल. मध्यप्रदेश के लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में 21 साल बाद सरकारी कंपनी की बसें दोबारा सड़कों पर दौड़ने जा रही हैं। इसकी शुरुआत इंदौर से जुलाई-अगस्त 2026 में प्रस्तावित है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ई-बस सेवा (PM E-Bus Service) के तहत इंदौर शहर में 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी जुलाई महीने से शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 जून को मंत्रालय में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक ली थी। इस बैठक में प्रदेश की नई परिवहन व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रबंध संचालक मनीष सिंह ने नई परिवहन व्यवस्था को लेकर प्रेजेंटेशन दिया। इसमें बताया गया कि प्रदेश को सात परिवहन क्षेत्रों में बांटा जाएगा। इनमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा शामिल हैं। इंदौर से होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना और PM ई-बस सेवा के तहत बसों का संचालन सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से शुरू किया जाएगा। इंदौर क्षेत्र के अंतर्गत इंदौर संभाग के सभी जिले और इंदौर स्थित अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) मिलकर बस संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। इंदौर से मध्यप्रदेश के अन्य जिलों को जोड़ने वाले इंटरसिटी मार्गों पर बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा इंदौर शहर में सिटी बस सेवा को भी मजबूत किया जाएगा। वहीं महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जाने वाले अंतरराज्यीय मार्गों पर भी अनुबंध के अनुसार बसों का संचालन किया जाएगा। PM ई-बस सेवा के तहत इंदौर में चलेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार इंदौर शहर में PM ई-बस सेवा की 150 इलेक्ट्रिक बसें जुलाई 2026 से चलाने का प्रस्ताव है। इन बसों का उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना और यात्रियों को आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सात क्षेत्रों में 620 मार्गों पर चलेंगी 2432 बसें बैठक में बताया गया कि सात क्षेत्रीय मुख्यालयों के शहरों से प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों तक जाने वाले कुल 620 मार्गों की पहचान की गई है। इन मार्गों पर कुल 2432 बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। इंदौर क्षेत्र के लिए प्रदेश के अन्य जिलों को जोड़ने वाले 121 मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इन मार्गों पर कुल 608 बसें संचालित की जाएंगी। इंदौर में सिटी बस सेवा का होगा विस्तार मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सातों क्षेत्रीय मुख्यालयों में सिटी बस सेवा भी संचालित की जाएगी। इन बसों को केवल शहर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि आसपास के महत्वपूर्ण उपनगरीय क्षेत्रों तक भी चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुविधा मिल सके। इंदौर में शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए कुल 28 सिटी बस मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इन मार्गों पर PM ई-बस सेवा की 150 बसों को मिलाकर कुल 784 बसें चलाने की योजना है। चार राज्यों के लिए चलेंगी अंतरराज्यीय बसें इंदौर क्षेत्र से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जाने वाले मार्गों के लिए भी बस सेवा शुरू की जाएगी। इन राज्यों के लिए कुल 101 अंतरराज्यीय मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इन मार्गों पर 276 बसों का संचालन अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) द्वारा किया जाएगा। इस तरह इंदौर से शुरू होने वाली इंटरसिटी, सिटी और अंतरराज्यीय बस सेवाओं को मिलाकर कुल 250 मार्गों पर 1688 बसें संचालित करने की योजना है। पूरे प्रदेश में 1164 मार्गों पर चलेंगी 5206 बसें सरकार की योजना के अनुसार प्रदेश के सातों क्षेत्रों में सभी श्रेणी की बस सेवाओं के लिए कुल 1164 मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इन मार्गों पर कुल 5206 बसों का संचालन किया जाएगा। अन्य छह क्षेत्रीय मुख्यालयों से भी इंदौर की तरह बस सेवा शुरू की जाएगी। संबंधित क्षेत्रीय कंपनियां अपने-अपने क्षेत्रों में बस संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी। निजी बस संचालकों पर नहीं पड़ेगा असर बैठक में स्पष्ट किया गया कि नई सरकारी बस सेवा शुरू होने से वर्तमान निजी बस संचालकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मोटरयान अधिनियम 1988 के प्रावधानों के अनुसार योजना लागू की जाएगी। निजी बसों के वर्तमान अनुज्ञा-पत्र पहले की व्यवस्था के अनुसार जारी रहेंगे और उनका संचालन जारी रहेगा। राज्य स्तरीय कंपनी और सात सहायक कंपनियां होंगी गठित बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए गठित राज्य स्तरीय कंपनी और सात सहायक क्षेत्रीय कंपनियों के संगठनात्मक ढांचे को मंजूरी दी गई। मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में सात विभाग काम करेंगे। इनमें आईटी एवं आईटीएमएस विभाग, प्लानिंग एवं अनुबंध विभाग, पॉलिसी एवं अनुसंधान, मानव संसाधन एवं विधि विभाग, अधोसंरचना विभाग, प्रवर्तन एवं गुणवत्ता विभाग और बिजनेस डेवलपमेंट विभाग शामिल हैं। इन विभागों के प्रमुख मुख्य महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी होंगे। 1190 पदों को मिली मंजूरी, चार साल में होगी भर्ती राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी में कुल 140 पद स्वीकृत किए गए हैं। वहीं सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में 150 पदों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा सात सहायक क्षेत्रीय कंपनियों में कुल 1190 पद विभिन्न विभागों के लिए सृजित करने की मंजूरी दी गई है। इन पदों पर अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी। भर्ती प्रतिनियुक्ति, संविदा और संविलयन के आधार पर की जा सकेगी। सुरक्षा और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष ध्यान सरकार ने बस संचालन में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी है। बसों की सुरक्षा और प्रवर्तन व्यवस्था के लिए पुलिस एवं विशेष सशस्त्र बल से अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर लिया जा सकेगा। वहीं गुणवत्ता नियंत्रण के लिए अलग विभाग बनाया जाएगा। इन बसों की आवाजाही प्रदेश के सभी ISBT और बस स्टैंड तक हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए जरूरी निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बस मार्गों और यात्री सुविधाओं को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जाए। उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे को सात शहरों में स्थित कंपनियों की देनदारियों को लेकर … Read more