samacharsecretary.com

पटना की पाटलिपुत्र टाउनशिप के लिए आए 859 आवेदन, जमीन बेचने के इंतजार में भू-स्वामी परेशान

पटना
 राज्य में प्रस्तावित 12 ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप की जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगने के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने नई व्‍यवस्‍था की।

भू-स्वामियों की जरूरत को देखते हुए उनकी जमीन की खरीद का आदेश दिया, लेकिन अब तक एक भी आवेदक को भुगतान नहीं हो सका है।

10 सेटेलाइट टाउनशिप के लिए अधिसूचित जमीन बेचने के लिए अब तक 1264 भू-स्वामियों ने बिहार राज्य आवास बोर्ड को आवेदन दिया है।

12 ग्रीनफील्ड टाउनशिप के लिए जमीन की खरीद प्रक्रिया अटकी
इसके बावजूद जिला और प्रमंडल स्तर की समितियों से जमीन की जांच रिपोर्ट बिहार राज्य आवास बोर्ड को नहीं मिली है। इससे जमीन बेचकर जरूरी काम निपटाने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

खासकर उन भू-स्वामियों के सामने मुश्किल है, जिन्हें इलाज, बच्चों की पढ़ाई, शादी या अन्य जरूरी काम के लिए पैसों की जरूरत है।

जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक के कारण वे अपनी संपत्ति बेचकर जरूरत पूरी नहीं कर पा रहे हैं। विभाग ने 17 जून को आवास बोर्ड को जमीन खरीदने के लिए अधिकृत किया था।

जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से भू-स्वामी लगा रहे विभागों के चक्कर
इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक मूल्य वाली जमीन के प्रस्ताव संबंधित जिलाधिकारी (डीएम) के पास भेजने हैं। वहीं, 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की जमीन के प्रस्ताव प्रमंडलीय आयुक्त को भेजे जाने का प्रावधान है।

जिला या प्रमंडल स्तर की रैयती भूमि क्रय समिति को जमीन की जांच कर बिहार रैयती भूमि क्रय नीति-2026 के तहत दर, कुल मूल्य और अन्य पहलुओं का आकलन करना था
संबंधित समितियों ने अब तक अपनी रिपोर्ट आवास बोर्ड को नहीं सौंपी है। इसी कारण जमीन खरीद की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।

एक माह में भुगतान का मिला था आश्वासन
जमीन खरीद की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विभाग विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर चुका है। 22 जुलाई को विभागीय मंत्री ने एक माह के भीतर भुगतान कराने का आश्वासन भी दिया था।

इसके बावजूद आवेदकों को अब तक भुगतान नहीं मिला है। आवेदक जिला कार्यालयों से लेकर आवास बोर्ड तक चक्कर लगा रहे हैं।

नियम के अनुसार, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद भू-स्वामी से अंतिम लिखित सहमति ली जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव सक्षम प्राधिकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

स्वीकृति मिलने पर बिहार राज्य आवास बोर्ड को सात दिनों के भीतर भुगतान करना होगा। इसके बाद अधिकृत पदाधिकारी की देखरेख में विक्रय विलेख का निबंधन और जमीन का नामांतरण आवास बोर्ड के पक्ष में कराया जाएगा। इस प्रक्रिया में स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क नहीं लगेगा।

पाटलिपुत्र टाउनशिप के लिए सबसे अधिक आवेदन
बिहार राज्य आवास बोर्ड के अनुसार, पटना जिले में प्रस्तावित पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप के लिए सबसे अधिक 859 आवेदन मिले हैं।

मगध टाउनशिप के लिए 69 आवेदन आए हैं। इन दोनों टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटा दी गई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में रोक बरकरार है।

अन्य टाउनशिप के लिए मिले आवेदनों में सारण के 80, कोसी के 44, तिरहुत के 72, सीतापुरम के 92, मिथिला के 25, रोहतास के एक, मां पूरण देवी के पांच और विक्रमशिला के 17 आवेदन शामिल हैं। इन क्षेत्रों के भू-स्वामियों को जमीन बेचने और भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है।

शहरी जमीन पर दोगुना, ग्रामीण पर चार गुना मुआवजा
विभाग ने जमीन खरीद के लिए मुआवजे की दर भी तय की है। शहरी क्षेत्र की जमीन के लिए बाजार मूल्य या न्यूनतम सरकारी दर (एमवीआर) में से निर्धारित आधार पर दोगुना भुगतान किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्र की जमीन के लिए यह मुआवजा चार गुना होगा। इसके अतिरिक्त ग्रामीण जमीन के मुआवजे पर 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

हालांकि, इस व्यवस्था का लाभ लेने के लिए आवेदन कर चुके भू-स्वामियों को पहले जांच, मूल्यांकन और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ रहा है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here