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ऑर्थर जेल में मेहुल चोकसी के लिए साफ टॉयलेट-पानी की व्यवस्था, सरकार ने दी 14 सुविधाओं की जानकारी

मुंबई 

भारत ने भगोड़े मेहुल चोकसी के दिल की धुकधुकी बढ़ा दी है. मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की दिशा में भारत ने बड़ा कदम उठाया है. पीएनबी घोटाले का आरोपी मेहुल चोकसी बहुत जल्द भारत की सलाखों के पीछे होगा. इसके लिए भारत सरकार ने बेल्जियम सरकार के मन की शंकाओं को दूर कर दिया है. जी हां, गृह मंत्रालय ने बेल्जियम सरकार को एक खत लिखा है. इसमें मेहुल चोकसी को भारत लाने पर क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी, किस जेल में उसे रखा जाएगा, उसे किस तरह की सुरक्षा दी जाएगी, सबका जिक्र है. यह पत्र 4 सितंबर 2025 को भेजा गया.

मेहुल चोकसी पीएनबी यानी पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी है. इस घोटाले में हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई थी. मेहुल चोकसी को अप्रैल 2025 में बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था. भारत की मांग पर यह कार्रवाई हुई. अब उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है. प्रत्यर्पण से पहले बेल्जियम सरकार ने भारत से मेहुल चोकसी की सुरक्षा और मानवाधिकार चिंताओं को लेकर आश्वासन मांगा था.

किस जेल में होगा चोकसी का ठिकाना

दरअसल, अगर मेहुल चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किया जाता है, तो वह मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा. खासतौर पर बैरक नंबर 12 में उसकी सेल होगी. गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार से सलाह लेकर यह तय किया है. मेहुल चोकसी को जेल में कई सुविधाएं मिलेंगी. उसके वाली सेल में कम से कम 3 वर्ग मीटर की जगह होगी. इसमें फर्नीचर शामिल नहीं होगा. यह जगह पूरे हिरासत काल के दौरान रहेगी, अगर वह दोषी साबित होता है.

चोकसी को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

मेहुल चोकसी को जेल में साफ मोटा कॉटन मैट, तकिया, चादर और कंबल दिए जाएंगे. अगर मेडिकल वजह से जरूरत पड़ी, तो मेटल फ्रेम या लकड़ी का बेड भी मिल सकता है. इसके अलावा, पर्याप्त रोशनी और हवा की व्यवस्था होगी. व्यक्तिगत सामान रखने के लिए स्टोरेज मिलेगा. हर दिन साफ पीने का पानी मिलेगा. मेडिकल सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी. हर दिन टॉयलेट और नहाने की सुविधा मिलेगी. चोकसी को सेल से बाहर निकलकर व्यायाम और मनोरंजन के लिए उचित समय दिया जाएगा. हिरासत के दौरान पर्याप्त भोजन मिलेगा. ये सभी सुविधाएं चोकसी के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए हैं.

भारत ने बेल्जियम को आश्वासन क्यों दिया?

अब सवाल है कि आखिर भारत ने बेल्जियम को ये आश्वासन क्यों दिए? वजह है मानवाधिकार संबंधी चिंताएं. मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने प्रत्यर्पण का विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि भारत में चोकसी को उचित स्वास्थ्य देखभाल नहीं मिलेगी और राजनीतिक उत्पीड़न हो सकता है. मेहुल चोकसी कैंसर का इलाज करा रहा है. उसके स्वास्थ्य की वजह से बेल्जियम कोर्ट ने बेल रद्द की है. वकील ने अपील की योजना बनाई है. प्रत्यर्पण प्रक्रिया में इन चिंताओं को दूर करने के लिए भारत ने आश्वासन भेजे. यह प्रत्यर्पण संधि के नियमों का पालन है.

मेहुल चोकसी का भतीजा भी नीरव भी भगोड़ा

मेहुल चोकसी पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में केस हैं. ये अपराध बेल्जियम कानून में भी मान्य हैं. भारत ने संयुक्त राष्ट्र की अपराध और भ्रष्टाचार विरोधी संधियों का हवाला दिया है. सीबीआई ने यह तर्क दिया है. मेहुल चोकसी का भतीजा नीरव मोदी भी इसी घोटाले में आरोपी है. चोकसी डोमिनिका से प्रत्यर्पण की कोशिश में पहले असफल रहा था. चोकसी के वकील अग्रवाल ने कहा कि चोकसी को आधिकारिक रूप से भगोड़ा नहीं घोषित किया गया. वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जांच में शामिल होने को तैयार है.

क्या है पीएनबी कांड

दरअलल, मेहुल चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी पर पीएनबी में 13,500 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण घोटाले का आरोप है. इस घोटाले में दोनों ने कथित तौर पर मुंबई के ब्रैडी हाउस ब्रांच के कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LOU) के जरिए धोखाधड़ी की थी. मेहुल चोकसी पर इसके अलावा कई अन्य बैंकों के साथ धोखाधड़ी के मामलों में भी जांच चल रही है.

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