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आज का राशिफल (10 सितंबर 2025): किन्हें मिलेगा धन लाभ, किसकी चमकेगी किस्मत

मेष आज के दिन मेष राशि जीवन को खुशहाल बनाने के लिए लव लाइफ में आ रही दिक्कतों को सुझाएं। जहां, रोमांस में कुछ लोग डूबे रहेंगे वहीं, व्यावसायिक सफलता का आभास भी करेंगे। आपके जीवन में छोटी-मोटी आर्थिक परेशानियां भी रहेंगी। वृषभ आज के दिन आपकी कड़ी मेहनत नया कार्यभार दिला सकती है। आपको आज सीनियर्स के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है। नेचर के बीच वक्त बिताएं। अपनी मेंटल का हेल्थ का खासतौर पर ख्याल रखें। मिथुन आज के दिन स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें क्योंकि मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है। कर्क धन और वित्त के मामले में बुधवार का दिन अच्छा रहेगा। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है। सिंह आज के दिन हो सकता है कि कुछ लोग अपने लक्ष्य हासिल न कर पाएं। खर्चे बढ़ सकते हैं और आपका बजट गड़बड़ा सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को आज काफी मेहनत करनी पड़ेगी। स्ट्रेस से बचने के लिए मेडिटेशन का सहारा ले सकते हैं। कन्या आज के दिन व्यापार से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। वहीं, कुछ लोगों के रिश्तों में थोड़ी-बहुत नोक-झोक हो सकती है, जिसे बात-चीत कर आसानी से सुलझाया जा सकता है। बच्चों के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बना सकते हैं। तुला आज के दिन समाज में आपका मान सम्मान बढ़ेगा। व्यापार में थोड़ी बहुत दिक्कतें आ सकती हैं, जिसे आप अपनी सूझबूझ के साथ आसानी से हल कर लेंगे। कारोबार में उन्नति के योग बन रहे हैं। सेहत भी अच्छी नजर आ रही है। वृश्चिक आपका पार्टनर आपके लिए कोई सरप्राइज प्लान कर सकता है। व्यापार में धन लाभ होने की संभावना है। बिजनेस कर रहे लोगों को कोई अच्छी डील भी मिल सकती है। वहीं, ऑफिस में पॉलिटिक्स से दूर रहना आपके लिए बेहतर रहेगा। धनु आज के दिन अपनी वाणी को मधुर रखें। पितरों को खुश करने के लिए किसी जरूरतमंद की सहायता करें। आपके सिनीयर्स आप पर बिना किसी वजह के प्रेशर डाल सकते हैं और कार्य संतुष्टि में कमी हो सकती है। मकर आज के दिन सालों से रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। काम के सिलसिले में विदेश यात्रा पर जा सकते हैं। शादी तय करने के लिए आज का दिन अच्छा माना जा रहा है और जो लोग रिश्ते को लेकर गंभीर हैं वे उचित निर्णय ले सकते हैं। कुंभ आज के दिन आपकी अर्थिक स्थिति दमदार रहने वाली है। पार्टनर पर इल्जाम लगाने से बचें क्योंकि इससे मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। सेहत में सुधार होगा। जीवनसाथी के साथ चल रही मतभेदों को बैठकर बातचीत कर सुलझाएं। मीन आज के दिन लव लाइफ में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा। दोनों एक-दूसरे के साथ अच्छा वक्त बिताएंगे। प्रोफेशनल लाइफ में अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए चुनौतियों का बखूबी सामना करें। आज के दिन आपकी सेहत ठीक रहेगी।

सैनी सरकार का बड़ा तोहफा: दिवाली से पहले 25 हजार परिवारों को मिलेगा अपना प्लॉट

चंडीगढ़   हरियाणा के लोगों के लिए दिवाली से पहले एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार करीब 25,000 पात्र परिवारों को प्लॉट आवंटित करने जा रही है। ये प्लॉट उन लोगों को दिए जाएंगे जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत सरकार 17 अक्टूबर को राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर सकती है, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। सभी जिलों से डीसी की रिपोर्ट भी सरकार को प्राप्त हो चुकी है, और आवंटन की प्रक्रिया पंचायत विभाग द्वारा पूरी की जाएगी। ड्रॉ पहले से हो चुका है, सूची तैयार जिन लाभार्थियों ने पहले आवेदन किया था, उन्हीं में से ड्रॉ के माध्यम से चयन किया गया है। राज्य सरकार ने 561 गांवों और 16 कस्बों की सूची तैयार की है, जहां यह प्लॉट दिए जाएंगे। ये प्लॉट करीब 50 गज क्षेत्रफल के होंगे। इस योजना के तहत 14 जिलों के 55 ब्लॉकों को शामिल किया गया है। यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, यानी जैसे-जैसे ज़मीन उपलब्ध होगी, वैसे-वैसे प्लॉटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इस संबंध में सभी जिलों से डीसी की रिपोर्ट भी सरकार को मिल गई है। सभी तरह की कार्यवाही पंचायत विभाग की ओर से की जाएगी।  सभी के ड्रॉ पहले ही कर दिए जाएंगे। सरकार ने प्रदेश के 561 गांवों की सूची तैयार की है, जिनमें यह प्लॉट मुहैया कराए जाएंगे। इनके अलावा 16 अन्य कस्बों में भी 50 गज के प्लॉट दिए जाएंगे, यानी कुल मिलाकर आंकड़ा 25 हजार प्लॉट तक पहुंचेगा। 14 जिलों के 55 ब्लॉकों के गांवों में यह प्लाट मिलेंगे। जिनको ये मकान मिलेंगे, उन्होंने पहले से आवेदन किया है। आवेदनों में से ही ड्रॉ निकाले जाएंगे। हरियाणा में जिला के हिसाब से मिलेंगे प्लाट हरियाणा सरकार ने बीपीएल परिवारों को प्लाट देने की योजना बना ली है। जहां पर हर जिले के हिसाब से प्लाटों का निर्धारण कर लिया गया है। इसके तहत भिवानी 39 प्लाट, फरीदाबाद में 33 प्लाट, फतेहाबाद में 165 प्लाट, हिसार में 766 प्लाट,  कैथल में 87 प्लाट, करनाल में 2111 प्लाट, कुरुक्षेत्र में 1834 प्लाट, महेंद्रगढ में 313 प्लाट, नूंह में 449 प्लाट, पानीपत में 258 प्लाट, रोहतक में 252 प्लाट, सिरसा में 2398 प्लाट, सोनीपत में 784 प्लाट, यमुनानगर में 86 प्लाट दिए जाएंगे।  सरकार पंचायतों को देगी राशि सरकार की योजना है कि प्रति एकड़ पंचायत को राशि भी दी जाएगी। इसके तहत महाग्राम में प्रति एकड़ 50 लाख रुपए और अन्य गांवों में प्रति एकड़ 35 लाख रुपए की राशि पंचायत के खाते में जाएगी। इसके तहत चरण वाइज काम होगा। यानी जैसे-जैसे जमीन उपलब्ध होगी, प्लॉटों की संख्या बढ़ती जाएगी। जिला अनुसार प्लॉटों का आवंटन     भिवानी- 39 प्लाट     फरीदाबाद- 33 प्लाट     फतेहाबाद-165 प्लाट     हिसार- 766 प्लाट     कैथल- 87 प्लाट     करनाल- 2111 प्लाट     कुरुक्षेत्र- 1834 प्लाट     महेंद्रगढ़- 313 प्लाट     नूंह- 449 प्लाट     पानीपत- 258 प्लाट     रोहतक- 252 प्लाट     सिरसा- 2398 प्लाट     सोनीपत- 784 प्लाट     यमुनानगर- 86 प्लाट पंचायतों को मिलेगी वित्तीय सहायता इस योजना के तहत राज्य सरकार पंचायतों को प्रति एकड़ के हिसाब से वित्तीय सहायता भी देगी। महाग्रामों में: प्रति एकड़ ₹50 लाख अन्य गांवों में: प्रति एकड़ ₹35 लाख यह राशि पंचायतों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। 

RTO ने कसा शिकंजा: कानपुर देहात में 1400 वाहन मालिकों पर नोटिस, बकाया रोड टैक्स ₹47 करोड़

कानपुर  कानपुर देहात आरटीओ विभाग ने रोड टैक्स बकाया वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है. जिले में करीब 46 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया होने की वजह से विभाग ने 1400 वाहन मालिको को नोटिस थमाया है. विभाग का कहना है कि यदि वाहन मालिक समय पर टैक्स नहीं जमा करेंगे तो उनकी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) निरस्त कर दी जाएगी. आरटीओ प्रशासन प्रशांत तिवारी ने बताया कि जिले में हजारों वाहन टैक्स बकाया सूची में हैं. इनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और नोटिस भेजने की प्रक्रिया को तेज किया गया है. उन्होंने कहा कि यदि बकाया जमा नहीं हुआ तो संबंधित वाहनों की आरसी को भू-राजस्व की भांति वसूली के लिए जिलाधिकारी को भेजा जाएगा. इस स्थिति में वाहन सीज करने या नीलामी की कार्रवाई भी की जा सकती है. टैक्स वसूली को लेकर आरटीओ विभाग हुआ सख्त विभाग ने वाहन मालिकों को सुविधा देने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं. परिवहन विभाग की वेबसाइट पर वाहन नंबर डालकर ओटीपी और एसबीआई पेमेंट गेटवे से भुगतान किया जा सकता है. वहीं, विभागीय कार्यालयों में ऑफलाइन भुगतान की व्यवस्था भी की गई है. जिले में 1400 वाहन मालिको को नोटिस थमाया आरटीओ विभाग ने साफ कर दिया है कि अब बकाया टैक्स वालों के खिलाफ कड़ाई से कदम उठाए जाएंगे. इसके साथ ही नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और वाहन मालिकों को समय-समय पर संदेश भेजकर जागरूक भी किया जा रहा है. विभाग का उद्देश्य न केवल राजस्व वसूली बढ़ाना है बल्कि सड़क पर चलने वाले वाहनों की वैधता सुनिश्चित करना भी है.

वॉलीबॉल कोर्ट से लेकर ग्लैमर वर्ल्ड तक… Kayla Simmons के जलवे पर फिदा हुए फैन्स

लन्दन  खेल की दुनिया में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि दिलों पर भी राज करते हैं. अमेरिकी वॉलीबॉल स्टार कायला सिमंस (Kayla Simmons) उन्हीं में से एक हैं. कोर्ट पर उनके स्मैश जितने धारदार होते हैं, सोशल मीडिया पर उनकी अदाएं उतनी ही कातिलाना. हाल ही में Kayla ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक तस्वीर शेयर की. गुलाबी और सफेद रंग की टाइनी बिकिनी पहनकर बीच पर फोल्डिंग चेयर पर बैठी उनकी तस्वीर ने इंटरनेट पर आग लगा दी. लुक को पूरा करने के लिए उन्होंने ब्लैक न्यूयॉर्क यांकीज कैप पहनी और कैमरे के सामने उनका मुस्कुराता चेहरा मानो धूप में चमकते मोती की तरह लग रहा था. फैन का रिएक्शन देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि Kayla ने फिर से दिलों पर तीर चला दिया. किसी ने उन्हें 'Dreamy girl in a dreamy world' कहा… तो किसी ने लिखा- 'Such a goddess'. मार्शल यूनिवर्सिटी की यह पूर्व स्टार खिलाड़ी अब खेल से ज्यादा अपने ग्लैमरस अंदाज के लिए पहचानी जाती हैं. इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, जो हर नई पोस्ट का बेसब्री से इंतजार करते हैं. जून में उन्होंने बीच पर बिताए लम्हों का एक फोटो डंप शेयर किया था. उसमें बिकिनी में उनकी कई तस्वीरें और दो दिलकश सेल्फी थीं.  पोस्ट का कैप्शन छोटा था- 'Recent favs', लेकिन उस पर आए रिएक्शंस की गिनती लाखों में थी. चाहत और दीवानगी Kayla की हर तस्वीर सिर्फ खूबसूरती की झलक नहीं होती, बल्कि फैन्स के लिए एक इमोशनल कनेक्शन भी बन जाती है. शायद यही वजह है कि लोग उन्हें सिर्फ एथलीट या मॉडल नहीं, बल्कि ग्लैमर की आइकॉन कहते हैं. उनकी अदाओं में एक मासूमियत है, लेकिन साथ ही एक ऐसा आकर्षण भी है, जो नजरें हटाने नहीं देती. यही ग्लैमर और इमोशन का मेल उन्हें बाकियों से अलग बनाता है. ग्लैमर से आगे की सोच कई लोग उन्हें सिर्फ बोल्ड तस्वीरों के लिए जानते हैं, लेकिन Kayla का एक और चेहरा भी है. वह अपने OnlyFans अकाउंट पर एक्सक्लूसिव कंटेंट शेयर करती हैं और वहीं से फैन्स से जुड़ाव भी बनाती हैं. साथ ही, वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए भी करती हैं. यानी Kayla सिर्फ एक ग्लैमरस स्टार नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान भी हैं, जो चाहती हैं कि उनका प्रभाव सिर्फ लाइक्स और कमेंट्स तक सीमित न रहे. हुस्न और जुनून की कहानी Kayla Simmons आज एक ग्लोबल आइकॉन हैं. खेल, फैशन, ग्लैमर और इंसानियत- इन सबका संगम उनके व्यक्तित्व में दिखता है. उनकी हर तस्वीर में जैसे कोई कहानी छिपी होती है- समुद्र की लहरों की तरह, जिसमें फैन्स बार-बार डूबना चाहते हैं.  

हरियाणा 2036 ओलिंपिक की तैयारी में, विजेंद्र सिंह ने CM सैनी से खेल अकादमी खोलने का कहा

हिसार  हरियाणा में खेलों को लेकर नया उत्साह देखने को मिल रहा है। मशहूर बॉक्सर विजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर खेलों को नई दिशा देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि हर अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी के गांव में उसी खेल से जुड़ी खेल अकादमी खोली जाए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण मिल सके और वे आगे बढ़ें। यह कदम 2036 ओलिंपिक की तैयारी का हिस्सा है। विजेंद्र का मानना है कि अभी से योजनाबद्ध तरीके से प्रशिक्षण शुरू किया जाए तो हरियाणा ओलिंपिक में ज्यादा से ज्यादा मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर सकता है।  हरियाणा से मेडल जीतने की बड़ी योजना बैठक के बाद विजेंद्र बैनीवाल ने कहा कि भारत 2036 में ओलिंपिक की मेजबानी करेगा और हरियाणा से ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी मेडल जीतें, यही हमारा सपना है। इसके लिए अभी से तैयारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ियों को सही मंच और प्रशिक्षण मिलेगा तो मेडल की संख्या बढ़ेगी। इसी सोच के साथ हर गांव में खेल अकादमी खोलने का प्रस्ताव दिया गया है, ताकि छोटे खिलाड़ियों को मौके मिलें।  हर अर्जुन अवार्डी के गांव में बनेगी खेल अकादमी बैठक में विजेंद्र ने प्रस्ताव दिया कि हर अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी के गांव में उसी खेल से जुड़ी खेल अकादमी खोली जाए। इससे आसपास के बच्चों को खेल में प्रशिक्षण मिलेगा। अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी खुद बच्चों को खेल सिखाकर आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि खेलों के लिए यह अच्छा कदम हो सकता है। इससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और ओलिंपिक में मेडल जीतना आसान होगा।  दिल्ली CM से भी मिल चुके हैं विजेंद्र सिंह यह पहली बार नहीं है जब विजेंद्र सिंह ने खेलों को बढ़ावा देने की कोशिश की। जून में वे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी मिले थे। तब उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए बॉक्सिंग के उपयोग पर चर्चा की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि बॉक्सिंग के जरिए युवाओं को ओलिंपिक पदक विजेता बनाया जा सकता है। विजेंद्र का मानना है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर खेलों में युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है।  खेलों से बदलेगा हरियाणा का नाम विजेंद्र सिंह का मानना है कि अगर खेलों को सही दिशा दी जाए तो हरियाणा देश में खेलों का हब बन सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि खेलों के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। मुख्यमंत्री सैनी ने भी खेलों को बढ़ावा देने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। अब सबकी नजर इस योजना पर है, जिससे हरियाणा 2036 ओलिंपिक में मेडल तालिका में अपना नाम रोशन कर सके।

मुख्यमंत्री साय बोले – सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित

  सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि राज्य नीति आयोग ने जारी की जिला प्रगति रिपोर्ट 2024 रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा तैयार “सतत विकास लक्ष्य (SDG) राज्य एवं जिला प्रगति रिपोर्ट 2024” का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य उपस्थित थे। यह रिपोर्ट वर्ष 2023-24 के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में हुई प्रगति का मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2023 में राज्य का कंपोजिट स्कोर 69 था, जो 2024 में बढ़कर 70 हो गया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की सतत विकास की दिशा में सकारात्मक प्रगति को दर्शाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह रिपोर्ट इस तथ्य का प्रमाण है कि राज्य और जिले स्तर पर किए जा रहे प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, ऊर्जा और लॉजिस्टिक जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष बल देकर सतत विकास लक्ष्यों को और अधिक गति प्रदान की जाएगी। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट न केवल नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जिला स्तर पर हो रहे कार्यों की स्पष्ट तस्वीर भी प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट आगामी वर्षों में नीतिगत निर्णयों और योजनाओं के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी। राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष एवं मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि जिला स्तर पर एसडीजी प्रदर्शन का यह आकलन, नीति निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है। आयोग का प्रयास है कि प्रत्येक जिले को उसकी ताकत और चुनौतियों के अनुरूप आवश्यक समर्थन और दिशा प्रदान की जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों के बीच एक आदर्श रूप में स्थापित होगा। गौरतलब है कि रिपोर्ट के अनुसार 82 संकेतकों के आधार पर प्रत्येक जिले का स्कोर और रैंकिंग तय की गई है। जिलों को चार श्रेणियों—एस्पिरेटर, परफॉर्मर, फ्रंट रनर और अचीवर में वर्गीकृत किया गया है। वर्ष 2024 में राज्य के 28 जिले फ्रंट रनर श्रेणी में शामिल हुए, वहीं 5 जिले परफॉर्मर श्रेणी में आए। धमतरी जिले ने पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी अचीवर श्रेणी में अपना स्थान बनाए रखा। 12 जिलों ने अपने स्कोर में वृद्धि दर्ज की, जबकि 10 जिलों ने अपना स्कोर बरकरार रखा। राज्य स्तर पर 16 सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत 275 संकेतकों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 40 संकेतकों ने वर्ष 2024 तक ही अपने निर्धारित 2030 लक्ष्य पूरे कर लिए हैं। यह उपलब्धि राज्य की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करने वाली है। अनुमान व्यक्त किया गया है कि आगामी दो से तीन वर्षों में 83 संकेतकों के लक्ष्य भी हासिल कर लिए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुकेश बंसल, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव आशीष भट्ट तथा सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश में प्रमोशन आरक्षण पर विवाद जारी, कोर्ट में तय होगी आगे की राह

जबलपुर मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में आज जवाब पेश किया है। इसमें पुरानी और नई प्रमोशन पॉलिसी के बीच अंतर बताया है। वहीं, याचिकाकर्ताओं ने अधूरा जवाब पेश करने का आरोप लगाया है। 16 सितंबर को अंतरिम राहत पर हाईकोर्ट में सुनवाई याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा है कि इसमें क्रीमी लेयर, क्वांटिफायबल डेटा पर जवाब नहीं है। हाईकोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद तय की है। ऐसे में अब 16 सितंबर को एमपी प्रमोशन में आरक्षण मामले में अंतरिम राहत पर हाईकोर्ट सुनवाई करेगी। नई प्रमोशन पॉलिसी लागू नहीं करने का वादा बता दें कि राज्य सरकार ने कोर्ट के अंतरिम राहत की मांग की है। साथ ही नई प्रमोशन पॉलिसी लागू करने की इजाजत भी मांगी है। इस मामले पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से एक अंडरटेकिंग ली है, जिसके तहत नई पॉलिसी का क्रियान्वयन रुका हुआ है। आसान भाषा में कहे तो सरकार ने नई प्रमोशन पॉलिसी को तब तक लागू नहीं करने का वादा किया है जब तक कोर्ट से इस मामले में को अंतिम फैसला नहीं आ जाता।

बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत योजना, 100 परिवारों को 25 एकड़ भूमि आवंटित करने की तैयारी

जगदलपुर बस्तर में पहाड़ी नाले की वजह से मांदर गांव में 26 अगस्त को आई बाढ़ के चलते गांव में भारी नुकसान हुआ. नाले के आसपास स्थित दर्जनों घर तबाह हो गए. कई मकान क्षतिग्रस्त भी हुए. बाढ़ प्रभावित ग्रामीण आज भी दहशत में हैं. ऐसे में प्रशासन ने पहाड़ी नाले के आसपास बसे ग्रामीणों को विस्थापित करने का निर्णय लिया है. मांदर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि अगर फिर बाढ़ आई तो उन्हें फिर से बेघर होना पड़ सकता है. ऐसे में प्रशासन ने पहाड़ी नाले के पास बसे ग्रामीणों को विस्थापित करने का फैसला लिया है. गांव के ही एक छोर में 25 एकड़ जमीन 100 से अधिक बाढ़ प्रभावितों के लिए आवंटित की जाएगी. गांव में प्रशासन का सर्वे जारी : कलेक्टर बस्तर कलेक्टर हरीश एस ने बताया कि बाढ़ में अपना घर गंवाने वाले लोगों और बाढ़ संभावना वाले इलाकों के ग्रामीणों को यहां से विस्थापित किया जाएगा. फिलहाल ग्रामीणों को विस्थापित करने को लेकर गांव में प्रशासन का सर्वे जारी है.

मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में कड़ा एक्शन, आरोपी के ठिकानों पर चला बुलडोजर

बीजापुर पत्रकार मुकेश चंद्रकार हत्याकांड के मुख्य आरोपित सुरेश चंद्रकार के चट्टानपारा स्थित बाड़े पर सोमवार को प्रशासन ने अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त किया। आठ माह पहले हुई इस घटना में युवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या कर उनके शव को बाड़े के सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था। पत्रकारों ने तत्काल कार्रवाई की उठाई थी मांग घटना के बाद पूरे पत्रकार समुदाय और समाज के सभी वर्गों में गहरी नाराजगी व्याप्त थी। पत्रकारों ने आरोपित के इस प्लाट के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई थी। प्रशासन ने फारेस्ट लेंड में बनाए गए प्लांट को पहले ही ध्वस्त किया था और अब राजस्व और नगर पालिका के संयुक्त अमले ने अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। प्रशासन नहीं करेगा कोई समझौता पुलिस ने क्राइम सीन को सील किया था और अब राजस्व भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर तैनात किया गया। नगर पालिका और राजस्व अमले के संयुक्त प्रयास से यह कार्रवाई हो रही है। इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण और कानून के उल्लंघन पर प्रशासन कोई समझौता नहीं करेगा। आठ माह बाद हुई यह कार्रवाई आरोपित सुरेश चंद्रकार के खिलाफ कानून के हाथ मजबूत होने का प्रतीक है। क्या था मामला? छत्तीसगढ़ के रायपुर से 433km दूर बीजापुर में 1 जनवरी 2025 को युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर दी गई थी। पत्रकार हत्या मामले के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को बीजापुर पुलिस ने 5 जनवरी 2025 को हैदराबाद से अरेस्ट किया था। आपको बता दें कि सुरेश चंद्राकर और उसके दो सहयोगी तब से जेल में बंद है। इस केस में पत्रकारों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस मामले में बीजापुर पुलिस प्रशासन ने 8 सितंबर 2025 को बड़ा एक्शन लिया। अब मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए सुरेश चंद्राकर के फार्म हाउस और ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है।

S-400 की ढाल और Su-57 का वार… भारत का घातक कॉम्बो पाकिस्तान पर पड़ेगा भारी

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना (IAF) अपनी ताकत को और मजबूत करने की योजना बना रही है. अगर रूस के साथ चल रही Su-57E स्टील्थ फाइटर जेट की बातचीत सफल होती है, तो यह S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम के साथ मिलकर दक्षिण एशिया में सबसे खतरनाक जोड़ी बन सकता है. यह जोड़ा पाकिस्तान वायुसेना (PAF) के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.  S-400: भारत का आसमानी कवच भारत ने रूस से 5 S-400 ट्रायम्फ सिस्टम खरीदे हैं, जिनमें से तीन 2025 तक तैनात हो चुके हैं. यह सिस्टम 400 किलोमीटर की दूरी तक हवाई हमलों को रोक सकता है. यह विमान, ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल को ट्रैक और नष्ट कर सकता है. इसकी खासियत है…     लंबी रेंज: 600 किमी तक दुश्मन के विमान-मिसाइल को देख सकता है. 400 किमी तक नष्ट कर सकता है.     मल्टी-टारगेट: एक साथ 300 टारगेट ट्रैक और 36 को नष्ट कर सकता है.     मोबाइल सिस्टम: इसे फटाफट एक जगह से दूसरी पर ले जाया जा सकता है, जिससे दुश्मन के लिए निशाना बनाना मुश्किल है.  भारत ने इसे पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर तैनात किया है, जैसे पंजाब, राजस्थान और गुजरात में. इससे पाकिस्तान के F-16, JF-17 और नए J-10CE विमान भारतीय सीमा में घुसने से पहले ही पकड़े और नष्ट किए जा सकते हैं. S-400 को भारत में सुदर्शन चक्र नाम दिया गया है, जो इसका दमदार प्रभाव दर्शाता है.  Su-57E: भारत का स्टील्थ तलवार Su-57E रूस का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है. अगर भारत इसे खरीदता है, तो यह IAF का सबसे ताकतवर हथियार बन सकता है. इसकी खासियतें…     स्टील्थ टेक्नोलॉजी: इसका रडार क्रॉस-सेक्शन कम है, यानी दुश्मन के रडार इसे आसानी से नहीं पकड़ सकते.     लंबी रेंज हथियार: यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल ले जा सकता है.     सुपर मैन्यूवरेबिलिटी: यह तेज और चुस्त है, जिससे युद्ध में बेहतर प्रदर्शन करता है.     एडवांस सेंसर: इसके सेंसर और नेटवर्क-सेंट्रिक सिस्टम IAF के अन्य हथियारों के साथ मिलकर काम कर सकते हैं. Su-57E दुश्मन के इलाके में घुसकर हमला कर सकता है, बिना पकड़े गए. यह पाकिस्तान के रडार और डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकता है. S-400 और Su-57E का जोड़ा क्यों है खतरनाक? S-400 और Su-57E मिलकर भारत को डिफेंस और ऑफेंस में बेजोड़ ताकत देते हैं. इसे इस तरह समझें… S-400: आसमानी ढाल S-400 भारत के आसमान को दुश्मन के विमान, ड्रोन और मिसाइल से बचाता है. यह पाकिस्तान के विमानों को भारतीय सीमा के पास आने से पहले ही नष्ट कर सकता है. इसकी रेंज इतनी है कि पाकिस्तान के कई एयरबेस इसके निशाने पर हैं. सरगोधा और कामरा जैसे बेस से उड़ान भरते ही PAF के विमान पकड़े जा सकते हैं. Su-57E: हमलावर कटार Su-57E स्टील्थ होने से पाकिस्तान के रडार से बचकर उनके इलाके में घुस सकता है. यह PAF के विमान, बेस या अन्य टारगेट पर सटीक हमला कर सकता है. इसके हथियार लंबी दूरी तक मार कर सकते हैं, जिससे PAF जवाब देने से पहले ही नुकसान उठाए. PAF की रणनीति बेकार पाकिस्तान अक्सर अपने JF-17 और J-10CE विमानों की संख्या बढ़ाकर IAF की तकनीकी बढ़त को कम करने की कोशिश करता है. लेकिन S-400 की लंबी रेंज और Su-57E की स्टील्थ क्षमता के सामने यह रणनीति फेल हो सकती है. PAF के विमान न तो भारत में घुस पाएंगे और न ही अपने बेस पर सुरक्षित रहेंगे. मनोवैज्ञानिक दबाव युद्ध में तकनीक के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण है. S-400 और Su-57E की मौजूदगी से PAF का आत्मविश्वास कमजोर हो सकता है. उन्हें पता होगा कि भारत का डिफेंस सिस्टम उनके हर हमले को रोक सकता है. Su-57E उनके बेस पर चुपके से हमला कर सकता है. इससे उनकी रणनीति सीमित हो जाएगी. पाकिस्तान के लिए चुनौती पाकिस्तान के पास अभी F-16, JF-17 और J-10CE जैसे विमान हैं, लेकिन ये S-400 की रडार रेंज और Su-57E की स्टील्थ क्षमता के सामने कमजोर पड़ते हैं. पाकिस्तान के पास चीनी HQ-9 डिफेंस सिस्टम है, जिसकी रेंज 250 किमी है, लेकिन यह S-400 से कमजोर है.  भारत की रणनीति IAF अपनी रणनीति को लेयर्ड डिफेंस (कई परतों वाला रक्षा तंत्र) पर बना रही है. S-400 के साथ भारत के पास अकाश, बराक-8 और स्पाइडर जैसे सिस्टम भी हैं. Su-57E के आने से IAF को स्टील्थ हमले की ताकत मिलेगी. भारत की स्वदेशी नेत्रा AEW&C और अकाशतीर सिस्टम S-400 और Su-57E के साथ मिलकर एक मजबूत नेटवर्क बनाएंगे. यह नेटवर्क दुश्मन के हर हमले को रोक सकता है. जवाबी हमला कर सकता है.