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रंगों का साइड इफेक्ट: होली के बाद त्वचा और आंखों की परेशानी से सिम्स में 465 मरीज

बिलासपुर

होली के रंगों का असर इस बार लोगों की सेहत पर भी देखने को मिला. मिलावटी और केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल से कई लोगों को स्किन इंफेक्शन और आंखों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा. होली के बाद पिछले दो दिनों में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए सिम्स पहुंचे. अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक दो दिनों में स्किन ओपीडी में 465 औरओपीडी में 187 यानी कुल 652 मरीज पहुंचे. इनमें 465 मरीज स्किन से जुड़ी समस्याओं और 187 मरीज आंखों में जलन, लालिमा और अन्य परेशानी की शिकायत लेकर इलाज कराने पहुंचे. सिम्स में इन दो दिनों के दौरान स्किन, आई सहित अन्य विभाग में कुल 2958 मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया. गुरुवार को 1292 मरीज अस्पताल पहुंचे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 1666 हो गई.

एलर्जी, खुजली और जलन की शिकायत अधिक

स्किन विभाग में गुरुवार को 125 मरीज पहुंचे थे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 340 हो गई. वहीं नेत्र विभाग में गुरुवार को 72 मरीजों ने उपचार कराया, जबकि शुक्रवार को 115 मरीज आंखों में रंग जाने, जलन और सूजन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे. डॉक्टरों के अनुसार होली में केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल से इस तरह की समस्याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे रंग त्वचा पर एलर्जी, खुजली और जलन का कारण बनते हैं. वहीं आंखों में चले जाने पर संक्रमण का खतरा भी रहता है.

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