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बीजेपी की रणनीति: नरोत्तम मिश्रा पर फिर दांव, उपचुनाव की तैयारियों में तेजी

 दतिया
 दतिया से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती को सहकारिता बैंक भ्रष्टाचार मामले में एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई गई है। इसके बाद उनकी विधानसभा की सदस्यता भी शून्य घोषित कर दी गई है । कोर्ट में राजेंद्र भारती के केस की सुनवाई भी आगे बढ़ गई है। इस बीच बीजेपी ने दतिया में उपचुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की जिससे राजनैतिक सरगर्मी बढ़ गई। राजेंद्र भारती दतिया से पिछले चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को हराकर ही विधायक बने थे। यही वजह है कि दोनों नेताओं की इस मुलाकात को दतिया में संभावित उपचुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

दतिया से कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद सियासी चहलकदमी तेज हो गई है। भाजपा ने तो अंदरखेमे अभी से उपचुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बीच राजधानी में बंद कमरे में तकरीबन आधा घंटे तक चर्चा चली। प्रदेश अध्यक्ष के भोपाल स्थित आवास में यह मुलाकात हुई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने अभी से इस सीट को लेकर गुणा-भाग शुरू कर दिया है।

बता दें, दतिया पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का मजबूत गढ़ रही है। वे यहां से तीन बार जीते, लेकिन पिछले चुनाव में उन्हें राजेंद्र भारती से हार मिली थी।

नरोत्तम मिश्रा को राज्यसभा भेजने पर विचार
सवर्ण वर्ग की नाराजगी दूर करने के लिए भाजपा नरोत्तम मिश्रा का राज्यसभा भेजने का दांव चल सकती है। यह अलग बात है कि भाजपा का यह दांव जातिगत राजनीति में कितना कारगर साबित होता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नरोत्तम मिश्रा को राज्यसभा भेजकर सवर्णों के राजनीतिक गुस्से को ठंडा किया जा सकता है। फिर यूजीसी पर अब फैसला कोर्ट से आना है, जिसका सभी को इंतजार है।

27 साल पुराने मामले में भारती को कोर्ट से झटका
दतिया से कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बीते दिनों 27 साल पुराने एक बैंक फ्रॉड मामले में दोषी पाया था। उन्हें विभिन्न मामलों में अधिकतम तीन साल की सजा मिली। उधर कोर्ट का फैसला आते ही उसी दिन विधानसभा सचिवालय ने उनकी विधायकी निरस्त कर दी। हालांकि एक्शन नियमों के अनुरूप हुए, लेकिन कांग्रेस ने इसे सरकार की साजिश करार दिया था।

सन 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में प्रदेश के दिग्गज नेता और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा हार गए थे। प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े राजेन्द्र भारती जीतकर विधायक बन गए थे। उन्होंने चुनाव में भाजपा के नरोत्तम मिश्रा को 7742 वोटों से शिकस्त दी थी। तब राजेन्द्र भारती को 88977 वोट मिले थे और नरोत्तम मिश्रा को 81235 वोट प्राप्त हुए थे। विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी
पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा चुप नहीं बैठे। वे इलाके और प्रदेश की राजनीति में लगातार सक्रिय रहे हैं। दतिया में उपचुनाव होने की स्थिति में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में स्वाभाविक दावेदार होंगे।

इधर दिल्ली हाईकोर्ट ने राजेंद्र भारती केस की अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय की है। कोर्ट ने राज्य सरकार व शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई पर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक रहे राजेन्द्र भारती को बीते दिनों सहकारिता बैंक घोटाले में दोषी मानते हुए एमपी एमएलए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। सजा का फैसला आने के कुछ घंटों बाद ही मध्यप्रदेश विधानसभा के सचिवालय ने राजेन्द्र भारती की सदस्यता शून्य घोषित कर दी थी। अब राजेन्द्र भारती की विधानसभा की सदस्यता और राजनैतिक भविष्य का फैसला हाईकोर्ट में ही तय होगा।

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