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लिफ्ट फेलियर से हड़कंप: करंसी टावर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, नेता भी फंसे

रायपुर.

राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित करेंसी टावर (Currency Tower) में लिफ्ट से जुड़ी लापरवाही का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। IAS ऋचा शर्मा के लिफ्ट में फंसने की घटना के बाद अब कांग्रेस प्रवक्ता नितिन भंसाली भी इसी तरह की स्थिति का शिकार हो गए।

जानकारी के मुताबिक, नितिन भंसाली बुधवार को करेंसी टावर पहुंचे थे, जहां वे भी कुछ समय के लिए लिफ्ट में फंस गए। इस दौरान लिफ्ट का सपोर्ट सिस्टम काम नहीं कर रहा था। मदद के लिए कोई व्यवस्था न होने पर उन्होंने लिफ्ट का दरवाजा पीटना शुरू किया। आवाज सुनकर मौके पर मौजूद गार्ड ने किसी तरह दरवाजा खोलकर उन्हें बाहर निकाला।

850 दुकानें, 4 में से सिर्फ 2 लिफ्ट है ठीक, 2 बंद
इस घटना के बाद पूरे कॉम्प्लेक्स की लिफ्ट व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, इस बड़े कॉम्प्लेक्स में करीब 850 दुकानें और ऑफिस संचालित हैं, लेकिन यहां केवल 4 लिफ्ट हैं। उनमें से भी केवल 2 ही किसी तरह संचालित हो रही हैं, जबकि बाकी लिफ्ट बंद पड़ी हैं। जो लिफ्ट चालू हैं, वे भी बार-बार खराब हो जाती हैं, जिससे लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। लिफ्ट की सीमित उपलब्धता के कारण लोगों की लंबी कतारें लगती हैं और कई बार काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। स्थिति यह है कि रोजाना अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है।

सुरक्षा सिस्टम भी फेल
सबसे चिंताजनक बात यह है कि लिफ्ट के अंदर न तो कोई हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित है और न ही इमरजेंसी सपोर्ट सिस्टम सही ढंग से काम कर रहा है। ऐसे में लिफ्ट फंसने की स्थिति में लोगों को खुद ही किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश करनी पड़ती है।

पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब करेंसी टावर में लिफ्ट फंसी हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन की ओर से कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे ACS ऋचा शर्मा करीब 10 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। उस दौरान लिफ्ट के भीतर न पर्याप्त रोशनी थी और न ही हवा की समुचित व्यवस्था, जिससे उन्हें घबराहट का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं या फिर यह लापरवाही यूं ही जारी रहेगी।

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