samacharsecretary.com

80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं उपार्जन के स्लॉट बुक, प्रदेश में लगातार बढ़ रहा आंकड़ा: CM यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। किसान भाइयों ने बड़ी संख्या में स्लॉट बुक किए हैं। अब तक 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ उपार्जन के लिए स्टॉल बुक हो चुके है। यह एक सकारात्मक संदेश है। स्टॉल बुकिंग का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के किसानों से गेहूँ उपार्जन करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केन्द्रों पर सभी संभव व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूँ उपार्जन प्रक्रिया में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए आकस्मिक निरीक्षण लगातार चलता रहेगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सभी मंत्री, विधायक और संबंधित अधिकारियों को उपार्जन प्रक्रिया में पूरी सक्रियता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निर्देशित किया गया है।

23 मई तक गेहूं खरीदी की बढ़ी तारीख

 न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपज बेचने में हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मई कर दी है। इसके साथ ही खरीदी केंद्रों की क्षमता और सुविधाओं में भी इजाफा किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि जिन किसानों को अब तक स्लॉट नहीं मिल पाया है, उन्हें अतिरिक्त समय दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी फसल आसानी से बेच सकें। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी समयसीमा बढ़ाई गई थी, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने के कारण दोबारा अवधि बढ़ानी पड़ी। 

जिलों में बढ़ा रही तौल कांटों की संख्या 
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है। सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा भी 50 प्रतिशत कर दी है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन ,गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

सभी जिलों में लघु सीमांत के साथ ही मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बड़े एवं मध्यम वर्ग के एक लाख 60 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कराया है। पूरे प्रदेश में स्लॉ्ट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य् पर गेहूं उपार्जन के लिये 9.60 लाख किसानों द्वारा 57.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके हैं।

किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं।

किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है।

किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here