samacharsecretary.com

ज्ञानवापी मस्जिद में ‘गेरुआ’ पेंटिंग का विवाद, मुस्लिम पक्ष ने जताया विरोध, सुरक्षा बढ़ी

वाराणसी
ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर भगवा पेंटिंग पर शहर मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने नाराजगी जताई है। इस नाराजगी के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुमे की नमाज अदा कराई गई। पेंटिंग को हटाने के लिए उन्होंने डीसीपी काशी और एसीपी ज्ञानवापी/सुरक्षा को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि यदि यह पेंटिंग नहीं हटाई गई तो हम विरोध जारी रखेंगे।

इस दौरान शहर मुफ्ती ने लोगों से शांति से काम लेने की अपील भी किया। मामला अतिसंवेदनशील होने और जुमे की नमाज को देखते हुए क्यूआरटी, पीएसी और आसपास के थानों की फोर्स तैनात की गई थी। नमाज को तय समय पर शान्तीपूर्वक तरीके से कराया गया।

ज्ञानवापी की दीवार पर की गयी भगवा पेंटिंग
शहर मुफ्ती ने बताया- ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ रंग लगाया गया और आपत्तिजनक चित्र बनाए गए। हमने एक सप्ताह तक बड़े अधिकारियों से बात किया और हटवाने के लिए कहा लेकिन उसपर कोई सुनवाई नहीं हुई। तो आज दोबारा हमने यहां के बड़े अधिकारी से मुलाकात की और लिखित रूप से उन्हें ज्ञापन देते हुए उसे हटवाने के लिए कहा है। जिसपर हमें आश्वासन दिया गया है।

बिना इजाजत के किया गया रंग
शहर मुफ्ती ने बताया- हमारे कैंपस के अंदर इस तरह से रंग करना बिना हमारी इजाजत के गलत है। मस्जिद के दरवाजे के पास इसे लगाया गया जो की हमारी जगह पर है ऐसे में हमने अधिकारियों को सूचित किया था। आज हमने विरोध किया है। आगे भी इसका विरोध जारी रहेगा। क्योंकि यह हमारी जगह और यह इस्लाम के अनुसार रंग भी नहीं है। यह धार्मिक मर्यादाओं और परंपरा के अनुसार नहीं है।

1 मई को जुमे की नमाज पढ़ने आए सैकड़ों मुसलमानों के साथ ज्ञानवापी मस्जिद के इमाम मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने इस घटना को लेकर विरोध व्यक्त किया. मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि हमारी परिसर में किसी भी तरह के पेंट का पुरजोर विरोध करेंगे. मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि पत्र लिखकर पेंटिंग को हटाने के लिए प्रशासन से गुजारिश की है. उन्होंने आगे कहा कि अगर मस्जिद के दीवारों से भगवा पेंट नहीं हटाए गए तो हम इस मामले को हैंडल करने के लिए दूसरा तरीका अपनाएँगे। 

वहीं, जुमे की नमाज के बाद भारी विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी, ताकि कानून व्यवस्था बिगड़ न जाए और शांति बनी रहे. 500 से ज्यादा की संख्या में पुलिस बल तैनाती की गई थी और काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग किया गया था. मंदिर के रास्तों पर भारी पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती के बीच ड्रोन कैमरों से निगरानी भी की गई। 

रेड जोन में आती है मस्जिद
वाराणसी के श्रीकाशी विश्वनाथ धाम परिसर में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद रेड जोन में आती है। इसे अतिसंवेदनशील इलाका माना जाता है। श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी मस्जिद के वाद में ASI के सर्वे के बाद मस्जिद के वजूखाने को कोर्ट ने सील किया है। ऐसे में यह और संवेदनशील बन गयी है। यहां हर वक्त सुरक्षा में सीआरपीएफ मौजूद रहती है।

भारी फोर्स के बीच अदा हुई नमाज
विरोध के एलान के बाद डीसीपी काशी जोन के नेतृत्व में शुक्रवार को भारी फोर्स तैनात की गई थी। एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी, पीएसी, क्यूआरटी और पुलिस फ़ोर्स के साथ मौके पर नमाज खत्म होने तक मौजूद रहे। एसीपी ने बताया शांतिपूर्वक तरीके से नमाज अदा करा ली गई है।

.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here