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बीजेपी नेता पर बड़ा एक्शन, PM की सलाह के बावजूद निकाला काफिला; नोटिस जारी

भोपाल 
 200 से ज्यादा गाड़ियों के साथ शक्ति प्रदर्शन करने वाले मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष के खिलाफ मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। पाठ्य पुस्तक निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष को मुख्यमंत्री कार्यालय से वाहन रैली निकालने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। इसके साथ ही उनसे सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार मामले के निराकरण तक निरस्त कर दिए हैं।

दरअसल, उज्जैन के बीजेपी नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर को हाल ही में मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। पदभार ग्रहण करने के लिए जब वे उज्जैन से भोपाल पहुंचे तो उनके साथ सैकड़ों गाड़ियों का लंबा काफिला भी चल रहा था। हाईवे पर कई किलोमीटर तक गाड़ियों की कतार देखने को मिली।

बताया जा रहा है कि जैसे-जैसे काफिला भोपाल की ओर बढ़ता गया, हाईवे पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ती गई। कई जगह वाहन चालकों को जाम जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर भी इस काफिले के वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिन पर लोग सवाल उठा रहे थे।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे शासन के दिशा-निर्देशों के प्रतिकूल बताते हुए गंभीर अनुशासनहीनता माना है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस प्रकार की वाहन रैली न केवल राष्ट्रीय संसाधनों के अपव्यय को दर्शाती है, बल्कि सार्वजनिक पद पर रहते हुए अपेक्षित सादगी, जवाबदेही और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना के विपरीत भी है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मामले के अंतिम निराकरण तक सौभाग्य सिंह के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।

अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता
जारी आदेश के अनुसार सिंह अब मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के कार्यालय एवं परिसर में प्रवेश, निगम के वाहन, संसाधन एवं कर्मचारियों का उपयोग, निगम की बैठकों में भागीदारी अथवा अध्यक्षता, किसी भी प्रशासनिक एवं वित्तीय निर्णय में सहभागिता तथा कर्मचारियों को निर्देश जारी करने जैसे अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक जीवन में सादगी, जवाबदेही और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है तथा शासन की गरिमा के विरुद्ध किसी भी प्रकार के आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा।

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