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रांची के करीब होने के बावजूद मेसरा स्टेशन धनबाद मंडल में, रांची मंडल ने फिर उठाई मांग

 रांची
 मेसरा स्टेशन को अपने अधीन लेने की रांची रेल मंडल की वर्षों पुरानी मांग अभी पूरी नहीं हुई है। स्टेशन तो धनबाद रेल मंडल के पास ही रहा, लेकिन मंडल के सीमांकन में बदलाव के बाद रांची रेल मंडल को करीब 400 मीटर का अतिरिक्त रेल क्षेत्र जरूर मिल गया। यानी स्टेशन नहीं मिला, मगर उसकी ओर जाने वाले रास्ते में रेल मंडल का अधिकार क्षेत्र थोड़ा बढ़ गया।

मेसरा स्टेशन वर्तमान में धनबाद रेल मंडल के अधीन है। इसे रांची रेल मंडल में शामिल करने की मांग पिछले कई वर्षों से उठती रही है। रांची रेल मंडल ने भी इस दिशा में पहल करते हुए मुख्यालय को पत्र भेजा है। स्थानीय यात्री संघों और सांसदों की ओर से भी रेलवे तथा रेल मंत्रालय के स्तर पर स्टेशन को रांची मंडल में शामिल करने की मांग रखी गई है।

मेसरा स्टेशन रांची मंडल मुख्यालय से मात्र 19 किलोमीटर की दूरी है पर
रांची रेल मंडल का तर्क है कि मेसरा स्टेशन मंडल मुख्यालय से करीब 19 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में स्टेशन को रांची मंडल के अधीन किए जाने से इसका बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।

भविष्य में यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए भी मंडल स्तर पर बेहतर समन्वय हो सकेगा। मेसरा स्टेशन को और विकसित किया जाता और रांची रेलवे स्टेशन और हटिया स्टेशन की तरह ही भविष्य में इस स्टेशन का विकास होता।

मेसरा की ओर से आने वाले यात्रियों को रांची स्टेशन तक आने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इसी तरह पिस्का स्टेशन को विकसित किया जा रहा है। ताकि रांची स्टेशन और हटिया स्टेशन से यात्रियों का दबाव कम हो सकेगा।

स्टेशन नहीं बदला, सीमांकन जरूर बदल गया
इधर, रेलवे बोर्ड ने रांची और धनबाद रेल मंडल के बीच बरकाकाना की ओर सीमांकन में बदलाव किया है। रांची-बरकाकाना रेलखंड पर मंडलीय सीमा पहले 198.918 किलोमीटर पर थी, जिसे अब 198.515 किलोमीटर पर निर्धारित किया गया है। इस बदलाव के बाद करीब 400 मीटर का रेल क्षेत्र रांची रेल मंडल की परिसीमा में आया है।

इसका एक दिलचस्प पहलू यह है कि मेसरा स्टेशन को रांची मंडल में लेने की मांग के बीच स्टेशन तो अब भी धनबाद मंडल के अधीन है, लेकिन बदली हुई सीमा के कारण रांची मंडल को संबंधित क्षेत्र में एक प्वाइंट के रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी। यानी अधिकार का विस्तार हुआ, लेकिन जिस स्टेशन के लिए मांग चल रही थी, उसका नियंत्रण अभी भी नहीं बदला।

पांच ट्रेनों का हो रहा परिचालन
मेसरा स्टेशन से वर्तमान में करीब पांच ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। इनमें हटिया-सांकी पैसेंजर की दोनों सेवाएं, रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, हटिया-आसनसोल एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें शामिल हैं। यात्रियों की संख्या और भविष्य में रेल सेवाओं के विस्तार को देखते हुए स्टेशन को रांची मंडल में शामिल करने की मांग लगातार उठती रही है।

फैसला रेलवे बोर्ड के स्तर पर
मेसरा को रांची मंडल में शामिल करना रेलवे बोर्ड का नीतिगत मामला है। मंडलीय क्षेत्राधिकार में बदलाव के लिए संबंधित दोनों जोन और मंत्रालय स्तर पर सहमति आवश्यक होती है। ऐसे में रांची मंडल की ओर से भेजे गए पत्र और जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद अब रेलवे बोर्ड के स्तर पर निर्णय का इंतजार है।

फिलहाल मेसरा स्टेशन धनबाद मंडल के अधीन ही है, जबकि बदले सीमांकन के कारण रांची मंडल की जिम्मेदारी करीब 400 मीटर क्षेत्र तक जरूर बढ़ गई है।

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