चंडीगढ़/हिसार/पानीपत
प्रदेश में सफाई एवं दमकल कर्मचारियों की हड़ताल सरकार के जाब सिक्योरिटी प्रस्ताव के बाद भी नहीं टूटी। पांच सितंबर की ड्यूटी पर लौटने की मियाद खत्म होने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल नौ सितंबर तक बढ़ा दी है। इसी बीच सरकार कड़ा रुख अपनाते हुए 30 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी में है।
सरकार ने पालिका रोल पर कार्यरत 13,093 सफाई कर्मियों को हरियाणा कान्ट्रैक्चुअल एम्प्लाइज (सर्विस की सुनिश्चितता) एक्ट, 2024 के दायरे में लाने का सैद्धांतिक निर्णय लेते हुए 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा और दो हजार रुपये मासिक जोखिम भत्ता देने की पेशकश की है।
30 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
10 वर्ष से अधिक सेवा वालों की मासिक देय राशि 25,560 रुपये करने का भी प्रस्ताव है। इसके बावजूद कर्मचारी नियमितीकरण, ठेका प्रथा खत्म करने और 13 मई के समझौते को लागू करने की मांग पर अड़े हैं। हड़ताल के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों के कचरा उठान में बाधा डालने के आरोप में प्रदेश के विभिन्न जिलों अब तक 30 कर्मचारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई हैं।
इनमें 11 नियमित और 10 अनुबंध कर्मचारी बताए गए हैं। स्थानीय निकाय विभाग के स्तर पर सोमवार को सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए जाने की संभावना है। कई निकायों में ड्यूटी पर लौटने के नोटिस भी जारी हुए हैं। चरखी दादरी में 152, फतेहाबाद में करीब 350 और पानीपत में 36 सफाई सुपरवाइजरों को नोटिस दिए गए हैं।
सरकार का प्रस्ताव- सेवा सुरक्षा के साथ बढ़ेगा वेतन
सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक, 2024 के सेवा सुनिश्चितता कानून के दायरे में आने पर पालिका रोल कर्मचारियों को 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा मिलेगी। इसके अलावा वार्षिक महंगाई भत्ता, डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश तथा एक्स-ग्रेशिया वित्तीय सहायता व नियुक्ति जैसे लाभ मिलेंगे।
10 वर्ष से अधिक सेवा वालों की मासिक देय राशि 25,560 रुपये होगी। इसमें 21,970 रुपये वेतन, 2,000 रुपये जोखिम भत्ता और 1,590 रुपये अन्य भत्ते शामिल हैं।
नौ सितंबर तक हड़ताल, फिर जन न्याय पंचायत
कर्मचारी नेताओं ने प्रस्ताव ठुकराकर हड़ताल नौ सितंबर तक बढ़ा दी है। 10, 11 और 12 सितंबर को जिलों में जन न्याय पंचायतें होंगी।
इनमें कर्मचारी, मजदूर, किसान, सामाजिक-धार्मिक और व्यापारिक संगठनों को शामिल करने की तैयारी है। 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय जन न्याय पंचायत होगी। इसमें आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तय की जाएगी।
सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने गंभीरता से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पालिका रोल के कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और उनके आर्थिक हितों को लेकर भी सरकार ने सकारात्मक पहल की है। हमारी कोशिश है कि कर्मचारियों की जायज चिंताओं का सम्मानजनक और व्यावहारिक समाधान निकले तथा शहरों की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित न हो।
– नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा





