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पंजाब में बेअदबी कानून पर मंथन, सरकार ने बनाई 7 सदस्यीय कमेटी

चंडीगढ़ 
पंजाब सरकार ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (शोध) एक्ट 2026 को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने इस एक्ट से संबंधित संशोधनों पर सहमति बनाने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस संबंध में जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब को पत्र लिखकर जानकारी दी गई है।

यह कमेटी श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित कमेटी के साथ बैठकें कर एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों पर सहमति बनाने का काम करेगी। दोनों कमेटियों के बीच तालमेल के लिए पंजाब सरकार ने पीसीएस अधिकारी हरजीत सिंह संधू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

समिति में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, दमदमी टकसाल के मुखी संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, संत बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा, सेवानिवृत्त न्यायाधीश जसपाल सिंह, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गुरबीर सिंह और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी व पंजाब लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष जतिंदर सिंह औलख को शामिल किया गया है। विधि अधिकारी प्रीत इंदर पॉल सिंह भी इस सात सदस्यीय समिति के सदस्य हैं। 

हरजीत संधू नोडल अफसर नियुक्त पंजाब सरकार द्वारा हरजीत सिंह संधू पीसीएस को 23.09.2026 के आदेशों के माध्यम से नोडल अफसर नियुक्त किया गया है। वह पंजाब सरकार द्वारा गठित कमेटी और श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित कमेटी के बीच तालमेल स्थापित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। इस कमेटी द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से प्राप्त सुझावों और मार्गदर्शन को पूरे सत्कार के साथ विचार के अधीन लाया जा रहा है।

पंजाब सरकार ने पीसीएस अधिकारी हरजीत सिंह संधू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उनका कार्य दोनों समितियों के बीच तालमेल स्थापित करना होगा। यह समिति श्री अकाल तख्त साहिब की समिति के साथ बैठकें करेगी। इन बैठकों में एक्ट के संशोधनों पर सहमति बनाई जाएगी। 

यह काम करेगी कमेटी पंजाब सरकार द्वारा गठित कमेटी विचार-विमर्श करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित कमेटी के साथ आवश्यक विचार-विमर्श और तालमेल करेगी। सभी सुझावों एवं विचारों को ध्यान में रखते हुए मामले को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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