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गांधी जयंती पर खादी को बढ़ावा, CM योगी ने किया 25% छूट का ऐलान; 30 जनवरी 2027 तक मिलेगा लाभ

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो अक्टूबर शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनको नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लखनऊ के हजरतगंज में श्री गांधी आश्रम खादी ग्रामोद्योग बोर्ड भवन भंडार से खादी के वस्त्रों की खरीदादारी करने के साथ लोगों से खादी को अपनाने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम गांधी आश्रम के कपड़ों को हम बचपन मे बड़ी उत्सुकता से देखते थे। आज उसको अंगीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांधी आश्रम का यह चरखा केवल चरखा नही,बल्कि भारत के स्वावलंबन आत्मनिर्भरता का आधार है। ग्राम स्वराज की जो परिकल्पना बापू ने की थी, उसको लेकर पहले बड़े-बड़े दावे होते थे। सच्चाई क्या थी, हमने गांव को उपेक्षित छोड़ दिया।

बापू की जयंती पर खादी को बढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजरतगंज (लखनऊ) के गांधी आश्रम से खादी का गमछा खरीदकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खादी अपनाएं, स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाएं।

गांव भी स्वावलम्बन का आधार बनेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूज्य बापू के सपने को साकार करते हुए गांव भी स्वावलम्बन का आधार बनेगा, इसके लिए सरकार ने हर गांव में ग्राम सचिवालय का गठन किया है। ग्राम सचिवालय के माध्यम से चार से सात लोगों को गांव में ही रोजगार की सुविधा प्राप्त हो रही है।

जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान का भाव रखकर कृतज्ञता ज्ञापित करेगा,भावी पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा उसका भविष्य अवश्य उज्ज्वल होगा। नया भारत आज उसी सपने को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से लगा हुआ है।

गांधी जयंती पर प्रदेशवासियों को बड़ा उपहार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को बड़ा उपहार भी दिया। उन्होंने कहा कि खादी भारत की स्वाधीनता का मंत्र है, प्रदेश सरकार ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट उपलब्ध कराई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि हर व्यक्ति खादी को जीवन का हिस्सा बनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों व बुनकरों के हुनर को सम्मान दे।

भारत की आजादी का मंत्र बना था ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 157वीं तथा सादगी, सज्जनता के लिए प्रसिद्ध भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती है। बापू का ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ भारत की आजादी का मंत्र बना था। आजादी का जो आंदोलन पहले बिखरा था, वह बापू के नेतृत्व में जनांदोलन बना। जिसके कारण ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा।

स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी का आत्मनिर्भरता व स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा, इसीलिए पीएम मोदी जी ‘लोकल टू ग्लोबल’ की चर्चा करते हैं। उनका मानना है कि गांवों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रोत्साहित करना और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना भारत की स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता भी है।

आंदोलन को नेतृत्व देकर बनाया जनांदोलन
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को नेतृत्व देकर जनांदोलन में बदलने का काम किया। आंदोलन को जनांदोलन बनाने को लेकर उनके मंत्र आज भी प्रासंगिक हैं। हर नागरिक स्वदेशी और स्वच्छता,स्वावलंबन को अपने जीवन का मंत्र बनाये इसके लिए बापू के उस समय के वचन आज भी एक मंत्र के रूप में काम कर रहे हैं।

जिस देश मे हताशा,निराशा थी,पूज्य बापू के मार्गदर्शन में ही वह निराशा हताशा से निकल कर भारतीय समाज उत्साह के साथ आंदोलन का हिस्सा बन गया। यह चंद नगरों तक नही,बल्कि हर गांव पहुंचा,हर नर नारी बच्चे इस अभियान का हिस्सा बने।

जो संकल्प बापू ने स्वाधीनता के रूप में संकल्प लिया था,आज उसी सपने को स्वतंत्र भारत मे आज प्रधानमंत्री जी ने स्वच्छ भारत अभियान को पूज्य बापू के सपने को लागू किया। यह स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत की आधारशिला बनी,साथ ही नारी गरिमा का पाठ भी पढ़ाया।

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"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
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