samacharsecretary.com

नवरात्रि में हाथी पर सवार होकर होगा मां दुर्गा का आगमन, जानिए देश और दुनिया पर क्या पड़ेगा प्रभाव

अक्टूबर के इसी महीने में नवरात्रि की भी शुरुआत हो रही है, जिसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. जगह जगह पर माता की स्थापना के लिए झांकियां तैयार होनी शुरू हो चुकी हैं. शहडोल जिले के चौक चौराहों पर जहां-जहां दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित की जाती है. वहां पर कई दिन पहले से ही पंडाल सजना लाइटिंग की व्यवस्था झांकी की व्यवस्था की जा रही है. मूर्तिकार मूर्तियों को तैयार करने में जुटे हुए हैं. इस बार माता किस पर सवार होकर आ रही हैं, बैठकी का शुभ मुहूर्त कब है, और जिस वाहन में माता आ रही हैं उसके क्या संकेत हैं, जानिए ज्योतिष आचार्य से

11 अक्टूबर से नवरात्रि की शुरुआत
ज्योतिष  बताते हैं कि, ''इस बार नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से हो रही है, दिन रविवार पड़ रहा है. प्रातः कालीन सुबह 5:27 से लेकर के 10:30 बजे तक दिन में घट स्थापना का पहला शुभ मुहूर्त है. इसके बाद एक अभिजीत मुहूर्त भी है जो विशेष कर 11:45 दिन में शुरू होगा और 1:00 बजे के बीच में अभिजीत मुहूर्त रहेगा. यह बहुत महत्वपूर्ण मुहूर्त माना जाता है. इस मुहूर्त की लोग प्रतीक्षा भी करते हैं, और फिर एक मुहूर्त सायं कालीन शाम को 6:00 बजे से लेकर के 9:00 बजे के बीच में रात्रि कालीन समय में रहेगा. इस मुहूर्त में घट स्थापना करें, देवी की स्थापना करें, पंडाल को सजाएं और इसमें स्थापना करके पूजा पाठ करें तो देवी बहुत प्रसन्न होती हैं.''

11 अक्टूबर से नवरात्रि की शुरुआत 
ज्योतिष  बताते हैं कि, माता का हाथी पर आगमन देश और दुनिया के लिए कई बड़े संकेत लेकर आ रहा है. इस बार जब नवरात्रि की शुरुआत होगी तो माता हाथी पर सवार होकर आएंगी. शास्त्रों में ऐसा लिखा है कि जब हाथी पर बैठकर मां दुर्गा आती हैं तो पृथ्वी बहुत संतुष्ट होती है और पृथ्वी धन-धान्य से परिपूर्ण होती है. विशेष कर जो राजनीतिक क्षेत्र में लोग हैं उनमें बहुत सामंजस्य होता है। 

देश में होगी अच्छी वर्षा, किसानों होंगे खुशहाल
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि, ''हाथी को जल और बादलों का भी प्रतीक माना गया है, इसलिए माता का हाथी पर सवार होकर आना इस बात का भी संकेत है कि देश में अच्छी वर्षा होगी. जल स्रोतों में वृद्धि होगी, किसानों की फसल बेहतर होगी. समाज में ज्ञान स्थिरता, और सुख समृद्धि में बढ़ोतरी होगी. जब माता गज में सवार होकर आती हैं तो ये देश और समाज के लिए बहुत ही शुभ और मंगलकारी माना गया है. शांति का प्रतीक माना गया है. इससे जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और आर्थिक मजबूती आने की संभावनाएं भी बढ़ रही है. मतलब इस बार बहुत ही शुभ संकेत हैं, इस बार सब कुछ अच्छा होगा। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here