नई दिल्ली
घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह का बल्ला इन दिनों जमकर गरज रहा है. वे लगातार शानदार पारियां खेलकर चयनकर्ताओं के दरवाजे पर एक बार फिर से दस्तक दे रहे हैं.
दमदार प्रदर्शन के बावजूद रिंकू सिंह को टीम इंडिया से नजरअंदाज किए जाने पर सोशल मीडिया पर फैन्स का गुस्सा फूट पड़ा है. जिम्बाब्वे टी20 सीरीज के बाद से ही रिंकू नेशनल टीम से बाहर चल रहे हैं और उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए भी नहीं चुना गया, जिससे क्रिकेट फैन्स बेहद खफा हैं.
रिंकू सिंह ने रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में अपने लाजवाब प्रदर्शन से तहलका मचा रखा है. उन्होंने बिहार के खिलाफ शानदार 112 रन बनाए थे और उसके बाद गोवा के खिलाफ नाबाद 118 रनों की बेहतरीन पारी खेली.
गोवा के खिलाफ मुकाबले में उत्तर प्रदेश की टीम शुरुआती झटकों के बाद लड़खड़ा गई थी. महज 33 रन पर 3 विकेट गिर चुके थे. तब रिंकू संकटमोचक बनकर क्रीज पर डटे रहे. उन्होंने अपनी नाबाद शतकीय पारी के दौरान 11 चौके और 2 छक्के लगाते हुए टीम को 200 रन के पार पहुंचाया.
फर्स्ट क्लास में ऐसा रहा है रिंकू सिंह का रिकॉर्ड
फर्स्ट क्लास क्रिकेट की बात करें तो रिंकू सिंह ने 54 मैचों की 77 पारियों में 59.52 की बेहतरीन औसत से कुल 3869 रन बनाए हैं, जिसमें उनके नाम 10 शतक और 23 अर्धशतक दर्ज हैं. वहीं लिस्ट ए में खेले गए 70 मैचों में उन्होंने 52.56 की शानदार औसत से 2418 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 21 अर्धशतक शामिल हैं.
भारत के लिए बनाए हैं 702 रन
भारत के लिए खेले गए 48 टी20 मैचों में उनका स्ट्राइक रेट 156.34 का रहा है और उन्होंने 702 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 69 रन रहा है. भारत के लिए रिंकू सिंह ने अपना आखिरी टी20 मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे के मैदान पर खेला था. इस मुकाबले में उन्होंने 25 रन बनाए थे.
इतने शानदा आंकड़ों के बावजूद रिंकू सिंह को लगातार नजरअंदाज किए जाने से फैन्स काफी निराश हैं. सोशल मीडिया पर लोग बीसीसीआई और चयनकर्ताओं से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार रन बनाने वाले इस धाकड़ बल्लेबाज को मौका क्यों नहीं मिल रहा है?
क्यों नहीं मिल रहा मौका?
दरअसल, नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों के पास बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी अपनी काबिलियत साबित करने का मौका रहता है. टी20 फॉर्मेट में ऑलराउंडरों की मांग हमेशा अधिक रही है. यह एक वजह हो सकती है जिसके लिए चयनकर्ता रिंकू सिंह पर दोबारा भरोसा नहीं जता पा रहे हैं.





