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नए बारदानों की खरीदी अटकी, पुराने बारदानों से होगी धान खरीदी

राजनांदगांव.

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी आगामी नवंबर माह से होना है। लेकिन यहां नए बारदाने का टेंडर प्रक्रिया अब तक नही हो पाया है। पता चला है कि जिले से टेंडर प्रक्रिया को शासन ने बजट नही होने का हवाला देकर टाल दिया है। जिसके चलते प्रशासन के पास अब पीडीएस और मिलरों से पुराना बारदाने के भरोसे खरीदी की जाएगी। लेकिन यह भी पर्याप्त नही है। हालांकि अफसरों का कहना है कि, राज्य स्तर से टेंडर किया गया है। जिसके बाद विभिन्न चरणों में बारदाना भेजा जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार, पिछले साल जिले में 62 लाख 53504 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। जिसके हिसाब से जिले में 1 करोड़ 56 लाख 33760 नग बारदाने की जरूरत पडेगी। वर्तमान में मार्कफेड के पास वर्ष 2025-26 को सिर्फ 4200 गठान बारदाना (21 लाख नग) बारदाना है। वहीं शासन स्तर से 12600 (63 लाख नग) गठान बारदाना अतिरिक्त भेजा गया है। वही करीब छह लाख 80 हजार नग बारदाने पीडीएस के प्राप्त हुए है। इस तरह मार्कफेड के पास वर्ष 2026-27 की खरीदी के लिए सिर्फ 90 लाख बारदान उपलब्ध है। मिलरो ने नहीं दिया बारदाना मार्कफेड से प्राप्त जानकारी अनुसार पिछले साल कस्टम मिलिंग के एवज में उपार्जन केन्द्रों से धान उठाया गया था। इस बारदाने को वापस करना था, लेकिन मिलरो ने इसे मार्कफेड को वापस नही किया है। ऐसे में मिलरों से बारदाना जमा कराए जाने की तैयारी है। इसके आलावा पीडीएस से भी बारदाने लिए जा रहे है। उल्लेखनीय है कि, राजनांदगांव जिले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से संबद्ध 96 सहकारी समितियों के माध्यम से धान खरीदी की व्यवस्था की जाती है। इसके लिए पुराने बारदानों के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों और राइस मिलरों से बारदाने जुटाने की तैयारी है।

पीडीएस दुकानों और राइस मिलरों से जुटेंगे बारदाने
बताया गया कि धान खरीदी के लिए बारदानों की जरूरत पूरी करने मार्कफेड अलग- अलग स्रोतों से खाली बोरों की व्यवस्था कर रहा है। पीडीएस दुकानों से खाली होने वाले बारदानों और राइस मिलरों के पास उपलब्ध बोरों का इस्तेमाल करने की तैयारी है। इधर उपार्जन केन्द्रों में कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने धान खरीदी केंद्रों में बारदाने, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, बिजली, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने खरीदी शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया है।

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