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अयोध्या दीपोत्सव की तैयारियां तेज, सीएम योगी के निर्देश पर भव्य आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा

दीपोत्सव-2026

सीएम योगी के मार्गदर्शन में भव्य होगा अयोध्या का दीपोत्सव, तैयारियों पर मंथन

-दीपोत्सव-2026 की तैयारियों में जुटा प्रशासन, संतों ने दिए अहम सुझाव

-अयोध्या दीपोत्सव में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर

-संतों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों से संवरेंगी दीपोत्सव की व्यवस्थाएं

-डीएम की बैठक में दीपोत्सव की तैयारियों पर चर्चा, स्वच्छता और यातायात पर जोर

अयोध्या
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में दीपोत्सव-2026 को दिव्य, भव्य और गरिमामय बनाने के लिए अयोध्या में तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन को सुव्यवस्थित और सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों के सुझावों को शामिल कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने तुलसी उद्यान भवन में पूजनीय साधु-संतों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर दीपोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सुगम आवागमन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर भी मौजूद रहे।

वैश्विक पहचान बन चुका है अयोध्या का दीपोत्सव
बैठक में साधु-संतों ने कहा कि दीपोत्सव अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक पहचान का प्रतीक बन चुका है। इस आयोजन को देखने के लिए देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजन की भव्यता के साथ उसकी गरिमा और व्यवस्थाओं का सुचारु होना भी जरूरी है। संतों ने संत-महात्माओं के आवागमन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

दीपोत्सव के बाद भी चले स्वच्छता अभियान
साधु-संतों ने सुझाव दिया कि दीपोत्सव के दौरान ही नहीं, बल्कि आयोजन समाप्त होने के बाद भी व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाए, जिससे अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप स्वच्छ वातावरण बना रहे। प्रमुख स्थलों पर अयोध्या के दर्शनीय और धार्मिक स्थलों को दर्शाने वाले मानचित्र लगाए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा हो। इसके साथ ही दूसरे जिलों से समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं और वाहनों का आवागमन सुगम बनाने तथा आमजन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया गया।

संतों ने मुख्यमंत्री योगी के प्रति जताया आभार
साधु-संतों ने अयोध्या को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने दीपोत्सव-2026 के सफल, भव्य और गरिमामय आयोजन की मंगलकामना करते हुए जिला प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा जताया। संतों ने कहा कि दीपोत्सव अयोध्या की आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक वैभव को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

जनप्रतिनिधियों ने भी दिए सुझाव
बैठक में महापौर गिरीशपति त्रिपाठी और विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने भी अपने सुझाव रखे। उन्होंने दीपोत्सव को और अधिक भव्य एवं गरिमामय बनाने के लिए जिला प्रशासन के साथ पूर्ण सहयोग और सहभागिता सुनिश्चित करने की बात कही।

समय से पूरी हों सभी व्यवस्थाएं : डीएम
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने साधु-संतों और जनप्र
तिनिधियों के सुझावों के लिए आभार जताया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने सुझावों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और आयोजन को सुव्यवस्थित एवं सकुशल संपन्न कराने पर जोर दिया।

बैठक में स्वामी अवधेश कुमार दास (बड़ा भक्तमाल), गुरवीर सिंह सोढ़ी (ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा), महंत डॉ. भरत दास (उदासीन संगत आश्रम, रानोपाली), नंदराम दास जी महाराज (हनुमानगढ़ पट्टी), महंत रामदास (हनुमानगढ़, नाका), स्वामी अनंत पद्मनाभाचार्य (सुग्रीव किला), स्वामी सियाराम (हनुमत भवन), महंत सुरेशदास, राम लखन दास (दशरथ महल), महंत राय राम शंकर दास (प्रतिनिधि, दशरथ महल), महंत गिरीश दास (डांडिया मंदिर), महंत आशुतोष दास (कामधेनु आश्रम), शिवम दास (बेतिया मंदिर), डॉ. महेश दास, महंत हेमंत दास, महंत रामचरण दास (महंत पट्टी बसंतिया), ज्ञानी चरणजीत सिंह (गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड), महंत संदीप दास (उज्जैनिया पट्टी, हनुमानगढ़ी), राघवेंद्र दास, राघवाचार्य जी महाराज (प्रतिनिधि, रामलला सदन देवस्थान) और महंत रामशरण दास (रंग महल) सहित अन्य संत-महात्मा उपस्थित रहे।

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