samacharsecretary.com

954 किमी का सफर, फिर भी नहीं बच पाए टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस के आरोपी

मुंबई
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस ने कोटा से तीन आरोपियों को पकड़ा है।डीसीपी राजतिलक रौशन ने बताया कि पुलिस हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत जांच कर रही है और घटना के पीछे की साजिश का पता लगाने में जुटी है।

अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर की गई फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस ने आरोपियों को राजस्थान के कोटा से पकड़ लिया है। मुंबई पुलिस के डीसीपी राजतिलक रौशन ने बताया कि घटना के बाद आरोपियों की तलाश के लिए 20 टीमें बनाई गई थीं। जांच में पता चला कि आरोपी ट्रेन से राजस्थान की ओर जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने कोटा में उन्हें पकड़ लिया। मामले की जांच हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत की जा रही है। घटना के वक्त मौके पर मौजूद तीन लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।  

टाइगर श्रॉफ को पहले नहीं मिली थी कोई धमकी
डीसीपी राजतिलक रौशन ने बताया कि पुलिस के पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है, जिससे यह पता चले कि फायरिंग की घटना से पहले टाइगर श्रॉफ को कोई धमकी मिली थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस घटना के पीछे की बड़ी साजिश का पता लगाया जाएगा। पुलिस इस तरह के मामलों में तय नियमों और सुप्रीम कोर्ट समेत अदालतों के पुराने आदेशों के मुताबिक कार्रवाई कर रही है।

हरियाणा और बिहार के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में फिलहाल तीन आरोपी पकड़े गए हैं। इनमें से दो हरियाणा के रहने वाले हैं, जबकि एक आरोपी बिहार का है। पुलिस ने साफ किया है कि तीनों में से कोई भी नाबालिग नहीं है। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फायरिंग के पीछे किसका हाथ था और इसके पीछे क्या वजह थी।

कोटा कैसे पहुंचे आरोपी?
डीसीपी राजतिलक रौशन ने बताया कि टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने के बाद तीनों आरोपी बाइक से अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे, वहां से लोकल ट्रेन पकड़कर बोरीवली गए और फिर कैब से सूरत पहुंचे। उन्होंने आगे का सफर स्टेट ट्रांसपोर्ट बस से करने की योजना बनाई थी, लेकिन रास्ता समझ न आने के कारण वे सूरत रेलवे स्टेशन पहुंच गए और वहां से कोटा जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here