samacharsecretary.com

ठंड, बारिश और बर्फबारी का डबल अटैक, फरवरी की शुरुआत में कांपेगा उत्तर भारत, IMD की चेतावनी

नई दिल्ली

उत्तर पश्चिम और मध्य भारत को फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग या IMD ने बुधवार के ऐसा पूर्वनुमान लगाया है। मौसम विभाग ने पंजाब और दिल्ली समेत कम से कम पांच राज्यों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। खास बात है कि कड़ाके की ठंड के बीच बुधवार को कई राज्यों में बारिश भी दर्ज की गई।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Active Western Disturbance) के प्रभाव से हिमालयी इलाकों में बड़े लेवल पर बर्फबारी और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा स्थित गुरेज सेक्टर में आए बर्फीले तूफान की वजह से 100 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. मध्य प्रदेश के खरगोन में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं और चने की खड़ी फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. 

उत्तराखंड के टिहरी में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में 12 घंटों से जारी बारिश की वजह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है. मौसम विभाग ने 30 जनवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी है, जिससे आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और बिहार में घना कोहरा और शीत लहर जारी रहेगी.

राजस्थान के कोटा जिले के रामगंजमंडी में बिजली लाइनों में फैले करंट की चपेट में आने से 24 साल के युवक करणदान की मौत हो गई, जिसकी अप्रैल में शादी होनी थी.

बारिश और तेज हवा के आसार

मौसम विभाग ने बताया कि 1 फरवरी को उत्तर पश्चिम भारत, उससे सटे मैदानी इलाकों में और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में आंधी तूफान की संभावनाएं हैं। उस दौरान हवा 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती है। राजस्थान में 31 जनवरी और 1 फरवरी को बारिश के आसार हैं। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश में 1 फरवरी भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

कोहरे और शीत लहर की मार

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, जम्मू और कश्मीर, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, ओडिशा में 30 जनवरी तक सुबह और रात के समय घना कोहरा छा सकता है। ऐसा ही मौसम हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश में 31 जनवरी को रह सकता है। उप हिमालयी पशअचिम बंगाल, सिक्किम, बिहार में 30 और 31 जनवरी को घना कोहरा छा सकता है।

इधर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 31 जनवरी तक शीत लहर के आसार हैं।

गुरेज से टिहरी तक बर्फबारी का असर

हिमालय की पहाड़ियों पर कुदरत का कहर जारी है. बांदीपोरा के गुरेज में बर्फीले तूफान ने रिहाइशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जहां 100 घर इसकी चपेट में आए हैं. हालांकि, विषम परिस्थितियों के बीच भारतीय सेना वहां 'स्नो क्रिकेट लीग' आयोजित कर युवाओं का उत्साह बढ़ा रही है. 

उत्तराखंड के टिहरी में चिरबिटिया और कद्दूखाल जैसे इलाकों में बर्फबारी से लोग घरों में कैद हैं. गनीमत रही कि पांच दिनों से बंद घुत्तू–गंगी मार्ग को अब बहाल कर लिया गया है.

ओलावृष्टि से 'सफेद' हुए खेत, किसान बेहाल

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की कसरावद तहसील में अचानक आए मौसम के बदलाव ने तबाही मचा दी है. दोगावां क्षेत्र में बड़े-बड़े ओलों के गिरने से गेहूं की बालियां टूट गईं और चने की फसल पूरी तरह झड़ गई. खेतों में लहलहाती फसलें अब जमीन पर बिछी हुई हैं. पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर किसानों को तुरंत मुआवजा देने और फसलों के सर्वे की मांग उठाई है. किसानों का कहना है कि इस आपदा ने उनकी आर्थिक कमर तोड़ दी है.

कोटा में दर्दनाक हादसा…

राजस्थान के कोटा में बारिश के दौरान बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई. रामगंजमंडी के कुम्भकोट कस्बे में बिजली की लाइनों से घरों में करंट फैल गया. इसकी चपेट में आने से युवक करणदान की मौके पर ही मौत हो गई.

कितना रहेगा तापमान

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है। हालांकि, इसके दो दिन बाद 2-4 डिग्री सेल्सियस बढ़ने के आसार हैं। गुजरात में अगले 2 दिनों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। IMD का कहना है कि देश में कहीं और न्यूनतम तापमान में खास बदलाव के आसार नहीं हैं।

ठंड के बीच बौछार

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बुधवार को बारिश हुई और उत्तरी भारत में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई, जिनमें जम्मू कश्मीर भी शामिल है, जहां भारी हिमपात के कारण पहले बंद किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से बहाल कर दिया गया था।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here