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टोल प्लाजा पर गड़बड़ी रोकने के लिए बड़ा अभियान, 380 धर्मकांटों की जांच; 79 पर कार्रवाई

जयपुर
 उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा तथा टोल प्लाजा पर संभावित अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उपभोक्ता मामले विभाग के विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ द्वारा 21 एवं 22 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पूरे राज्य में 380 धर्मकांटों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से बिना वैध सत्यापन के संचालित पाए गए 79 धर्मकांटों को जब्त किया गया। अभियान के तहत प्रदेशभर में कुल ₹10,95,000 का जुर्माना लगाया गया।

भंडारेज टोल प्लाजा, दौसा पर बड़ी कार्रवाई
अभियान के दौरान दौसा जिले के भंडारेज टोल प्लाजा पर बिना वैध सत्यापन के संचालित धर्मकांटे पाए जाने पर विभाग ने सख्त कार्रवाई की। यहां 16 धर्मकांटों को जब्त कर लिया गया ताकि बिना सत्यापन की तौल प्रणाली के माध्यम से आगे किसी भी प्रकार की संभावित अनियमितता को रोका जा सके।

बिना सत्यापन के धर्मकांटे से उपभोक्ताओं को कैसे हो सकता है आर्थिक नुकसान
टोल प्लाजा पर भारी वाहनों से लिए जाने वाले टोल शुल्क का निर्धारण कई बार वाहन के वजन एवं संबंधित टोल नियमों के आधार पर किया जाता है। ऐसे में यदि तौल उपकरण का वैध सत्यापन नहीं हुआ है तो उसकी माप की शुद्धता सुनिश्चित नहीं मानी जा सकती। गलत तौल के कारण वाहन का वजन वास्तविक वजन से अधिक दर्ज होने पर वाहन स्वामी से निर्धारित शुल्क से अधिक टोल वसूले जाने की आशंका रहती है। इसके अतिरिक्त, गलत तौल से परिवहन लागत, मालभाड़े और अन्य वजन-आधारित भुगतानों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इसी प्रकार की संभावित अनियमितताओं को रोकने, तौल में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं एवं वाहन स्वामियों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए विभाग द्वारा यह विशेष अभियान चलाया गया।

विभाग की स्पष्ट चेतावनी
विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ ने स्पष्ट किया है कि सभी धर्मकांटों एवं तौल उपकरणों का नियमानुसार वैध सत्यापन कराया जाना आवश्यक है। बिना वैध सत्यापन के तौल उपकरणों का उपयोग करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विभाग द्वारा आगे भी निरीक्षण अभियान जारी रखकर तौल में शुद्धता, पारदर्शिता और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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