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दशहरे पर अनोखा पुतला दहन: मुजफ्फरनगर में ‘कॉकरोच’ का नाम बदलकर किया भ्रष्टाचार

मुजफ्फरनगर/सहारनपुर
मुजफ्फरनगर में इस बार दशहरा पर नुमाइश मैदान में दशानन रावण के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच का पुतला भी फूंकने की तैयारी थी। इसके लिए रावण दहन के पारंपरिक आयोजन के बीच कॉकरोच का प्रतीकात्मक पुतला भी बनवाया गया था। नुमाइश मैदान में रखे गए इन पुतलों की जानकारी पुलिस-प्रशासन को लगी तो टीम ने आयोजकों से बात की इसके बाद रामलीला कमेटी ने पुतले का नाम बदलकर भ्रष्टाचार कर दिया। उधर, सहारनपुर में अभिजीत दीपके का पुतला दहन करने की तैयारी है।

आज दशहरा पर जिले-जिले मुहल्ले-मुहल्ले रावण दहन की तैयारी की गई है। बड़े-छोटे तमाम पुतले बनाए गए हैं। मुजफ्फरनगर नुमाइश मैदान में 60, 55 और 50 फुट ऊंचे रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले तैयार किए गए हैं। इनके साथ एक 30 फुट ऊंचा पुतला भी बनाया गया जिस पर कॉकरोच लिखा गया। ऋषिकेश से आए कारीगरों ने इन पुतलों को तैयार किया है।

सोशल मीडिया पर वायरल फोटो से ऐक्शन में पुलिस
सोमवार की दोपहर लगभग दो बजे लगे इन पुतलों की फोटो और खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। सूचना पुलिस तक पहुंची तो एक टीम ने आयोजकों से बात की। एसएसपी सूरज कुमार राय ने कहा कि यह धार्मिक आयोजन है इसमें राजनीतिक बातें नहीं होनी चाहिए। इसके बाद रात करीब 8.30 बजे आयोजकों ने स्वयं ही पुतले से कॉकरोच नाम हटाकर नाम भ्रष्टाचार लिख दिया।

पुलिस का दावा, आयोजकों ने खुद बदल लिया नाम
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई थी। उसके बाद उन्होंने उन्होंने स्वयं ही पुतले का नाम बदल दिया। श्रीराम सेवा दल के कोऑर्डिनेटर विशाल डूमडा ने बताया कि विजयादशमी पर इससे पहले भी कोविड महामारी, भ्रष्टाचार और आतंकवाद जैसी समस्याओं के प्रतीकात्मक पुतलों का दहन किया जा चुका है। हालांकि, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का नाम सीधे तौर पर लेने से आयोजक मंडल परहेज कर रहा है।

सहारनपुर में जातिवाद कानून और अभिजीत दीपके का पुतला फूंकने की तैयारी
उधर, सहारनपुर में राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ ने दशहरे पर पर कथित ‘जातिवाद कानून’ का पुतला जलाने का ऐलान किया है। संगठन की योजना के अनुसार, कार्यकर्ता हकीकतनगर स्थित रामलीला मैदान से पैदल मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट तिराहे तक पहुंचेंगे, जहां पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं, गोविंदनगर में आयोजित दशहरा महोत्सव के दौरान अभिजीत दीपके का पुतला दहन करने की भी तैयारी है। इन घोषणाओं से इस बार दशहरे के आयोजन में परंपरा के साथ विरोध प्रदर्शन भी चर्चा का विषय बन गया है।

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