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नाम बदलकर नाबालिग से बढ़ाई नजदीकी, घर में घुसकर किया दुष्कर्म

 रतलाम 
 औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय हिंदू किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपित ने किशोरी से पहचान छिपाकर संपर्क बढ़ाया था। उसने अपना नाम तन्नु बताकर किशोरी से बातचीत शुरू की।

करीब एक महीने तक पीछा करने और फोन पर बातचीत के बाद एक नवंबर को वह किशोरी के घर पहुंच गया। उस समय किशोरी घर में अकेली थी। आरोप है कि आरोपित ने जबरन घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के शोर मचाने पर पहुंचे भाई और पड़ोसियों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार किया। सोमवार को उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस को दी शिकायत में किशोरी ने बताया कि करीब एक महीने पहले वह जामफल के खेत में काम करने जाती थी। इस दौरान एक युवक वहां आता-जाता था और उसका पीछा करता था। रास्ते में रोककर उसने बातचीत करने और मिलने की इच्छा जताई। किशोरी ने उसे पीछा करने से मना किया, लेकिन वह लगातार संपर्क करने की कोशिश करता रहा। युवक ने अपना नाम तन्नु बताकर मोबाइल नंबर दिया। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी। युवक उसे मिलने के लिए बुलाता था, लेकिन वह उससे मिलने नहीं जाती थी।

शोर सुनकर पहुंचे भाई और पड़ोसी
शिकायत के अनुसार, एक नवंबर को दोपहर करीब 12:30 बजे युवक ने फोन कर किशोरी को मिलने बुलाया। उसके नहीं जाने पर वह कुछ देर बाद घर पहुंच गया। किशोरी को अकेला पाकर वह अंदर घुसा और दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उसने किशोरी के साथ जबरदस्ती की और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। किशोरी की आवाज सुनकर उसका भाई घर के पीछे वाले दरवाजे से अंदर पहुंचा। भाई को देखकर युवक भागने लगा, लेकिन भाई और पड़ोसियों ने उसे पकड़ लिया।

पूछताछ में सामने आई असली पहचान
पकड़े जाने पर युवक ने अपना नाम तनवीर पुत्र रफीक अब्बासी निवासी बिरियाखेड़ी बताया। इसके बाद किशोरी ने स्वजन के साथ औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी अमित कोरी के अनुसार, आरोपित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। दो नवंबर को आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

 

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