चंडीगढ़.
पंजाब के स्पेशल डीजीपी रैंक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की भाभी अमरीन राय और भतीजा आकाशदीप अब अपराध की दुनिया में कदम रख चुके हैं। अमरीन राय को चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया तो आकाशदीप की मोहाली में पांच करोड़ रंगदारी के लिए कारोबारी के घर फायरिंग केस में गिरफ्तारी हुई है।
एक रसूखदार परिवार की बहू और उसके बेटे को अपराध की दुनिया में पहुंचाने के पीछे का कारण जमीन की लड़ाई और गैंगस्टर्स से कनेक्शन सामने आया है। अमरीन ने जमीन विवाद की वजह से चिन्नी की हत्या के लिए गैंगस्टर लक्की पटियाल को सुपारी दी थी। यहां तक कि वह अपने ससुर त्रिलोक सिंह राय को भी मरवाना चाहती थी। ससुर की हत्या के लिए भी सुपारी देने की कोशिश की थी। पुलिस को दिए अमरीन के कबूलनामे और चिन्नी की हत्या करने वाले शूटर राजन उर्फ पीयूष पहलवान के बयान में भी इसका जिक्र है। शूटर राजन ने पुलिस को बताया कि अमरीन ने लक्की पटियाल से कहा था कि या तो चिन्नी को मरवा दे या फिर उसके ससुर को। अमरीन का अपने ससुर के साथ जमीन-जायदाद को लेकर विवाद चल रहा था। अमरीन ने भी पुलिस को बताया कि उसके ससुर कहते थे कि प्राॅपर्टी उन्होंने बनाई है और जब तक जिंदा हैं, किसी को नहीं देंगे। वर्ष 2024 में ससुर ने जीरकपुर में रमाडा होटल के पास डेढ़ एकड़ जमीन 34-35 करोड़ रुपये में बेची थी।
दोनों बेटों को नौ-नौ करोड़ रुपये दिए गए। अमरीन ने अपने पति के हिस्से के नौ करोड़ रुपये से मुल्लांपुर में साढ़े आठ एकड़ जमीन खरीदी गई थी। उसको यह जमीन चिन्नी ने दिलवाई थी। बाद में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर दोनों में विवाद हो गया। उसे इतना पता लग चुका था कि चिन्नी ने उसे मुल्लांपुर वाली जमीन मार्केट रेट से कहीं महंगे दाम पर बेची थी। चिन्नी ने उसके साथ पहले ही बड़ा धोखा कर दिया था। उधर, चिन्नी ने अमरीन के ससुर त्रिलोक सिंह से संपर्क किया और उन्हें बातों में फंसा लिया। अमरीन के ससुर ने उस पर यह जमीन वापस चिन्नी को ही बेचने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। अब अमरीन को डर था कि यह जमीन उसके हाथ से निकल जाएगी। अमरीन ने चिन्नी और अपने ससुर दोनों को रास्ते से हटाने के लिए गैंगस्टर लक्की पटियाल से संपर्क किया। हर्षप्रीत सिंह उर्फ हर्ष सोहाणा ने इंटरनेट मीडिया के जरिए राजन उर्फ पीयूष पहलवान से बात की। उसी ने डब्बा काॅल के जरिए स्पीकर ऑन कर लक्की पटियाल की अमरीन से बात करवाई। इस तरह राजन ने लक्की और अमरीन के बीच हुई बातचीत सुन ली थी। 18 मार्च को लक्की पटियाल ने राजन और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह को भेजकर सेक्टर-9 की जिम के बाहर चिन्नी की हत्या करवा दी। वारदात के अगले दिन पंजाब पुलिस ने दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था।
आकाशदीप लाॅरेंस गैंग के शूटर मॉड्यूल में पकड़ा गया
अमरीन राय जेल में बंद है और अब उनका बेटा आकाशदीप भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह लाॅरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर मॉड्यूल में पकड़ा गया है। उसने अपने तीन साथियों सहित मोहाली में पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के बाद कारोबारी के घर फायरिंग की। पुलिस ने उनके कब्जे से पांच पिस्तौल और 12 कारतूस बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चिन्नी हत्याकांड और मोहाली में सक्रिय लाॅरेंस गैंग के रंगदारी नेटवर्क के बीच संभावित कनेक्शन की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस मॉड्यूल की सबसे अहम कड़ी चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल तक पहुंची है। पुलिस के मुताबिक, लाॅरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बलौंगी निवासी रविंदर सिंह उर्फ काली जेल में बंद होने के बावजूद इस नेटवर्क के लगातार संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि काली जेल में बैठकर पूरे गैंग को ऑपरेट करता था। मोहाली पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। इसके बाद उससे नेटवर्क के संचालन, शूटरों को निर्देश देने और जेल से बाहर बैठे सदस्यों के साथ संपर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी।
विदेश में बैठे कुलवीर सिद्धू से कनेक्शन
जांच में विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू का नाम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित कुलवीर सिंह सिद्धू के संपर्क में थे। उससे पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में कुलवीर सिद्धू का नाम सामने आने की बात कही जाती रही है।





