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केसरी हनुमान मंदिर पर प्रशासन की कार्रवाई, तिलक मार्केट में आस्था बनाम सुरक्षा का मुद्दा गरमाया

छिंदवाड़ा 
 शहर के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध केसरी नंदन हनुमान मंदिर को जिला प्रशासन से मिले एक नोटिस से बवाल मच गया है. यहां दीवारों पर मान्यता के नारियल हटाने के नोटिस से मंदिर प्रबंधन और भक्तों में खासी नराजागी देखी जा रही है. वहीं एसडीएम सुधीर कुमार जैन ने नारियल की मालाओं में आग लगने का खतरा बताते हुए इन्हें हटाने का 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। 

हजारों की संख्या में लटके हुए हैं नारियल
छिंदवाड़ा में बाल रूप में विराजमान भगवान हनुमान का केसरी नंदन हनुमान मंदिर कई मायनों में प्रसिद्ध है. यहां वर्षों से मन्नत की परंपरा चली आ रही है, जिसमें भक्तगण मन्नतों के नारियल मंदिर में चढ़ाते हैं, जिन्हें बाद में गुच्छों में लटका दिया जाता है. लगातार मंदिर में नारियल चढ़ाने और उतारने का सिलसिला चलता रहता है, जिससे यहां हजारों की तादाद में नारियस एकत्रित हो गए हैं. मंदिर में ये बड़ी संख्या में लटके हुए दिखते हैं, और एसडीएम सुधीर कुमार ने 4 जून को इसी पर आपत्ति जताते हुए नोटिस भेजा है, जिसपर सोमवार को मंदिर प्रबंधन की प्रतिक्रिया सामने आई है। 

एसडीएम के नोटिस में क्या लिखा
कार्यालय अनुविभागीय दंडाधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा मंदिर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और ट्रस्ट को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें कहा गया, '' मंदिर परिसर की दीवारों पर टंगे नारियलों को हटाकर सुरक्षित स्थान पर रख दें क्योंकि मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और पूजन में अगरबत्ती, धूप बत्ती और आरती का उपयोग किया जाता है. मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निगम के लिए अलग-अलग मार्ग नहीं हैं, पास ही घनी आबादी क्षेत्र है. ऐसे में मंदिर की दीवारों पर बड़ी संख्या में नारियल टांगे होने से आगजनी की संभावना बनी रहती है, जिससे जन हानी भी हो सकती है. इन मालाओं को हटाकर अन्य सुरक्षित स्थान पर आस्था पूर्वक रखा जावे और 7 दिनों के अंदर कार्रवाई पूरी कार्यालय को सूचित किया जाए। 

पुजारी ने कहा- लोगों की आस्था से जुड़ा है मामला
एसडीएम ने नोटिस मिलने के बाद केसरी नंदन हनुमान मंदिर के उपाध्यक्ष अनिल मालवी ने ईटीवी भारत से कहा, '' एसडीएम कार्यालय द्वारा एक नोटिस प्राप्त हुआ है, जिसमें यहां दीवारों पर कई सालों से सैकड़ों हजारों की संख्या में टंगे हुए नारियलों को हटाने का आदेश दिया गया है. लेकिन हम यहां से नारियल हटाकर रखेंगे कहां? ये भक्तों की आस्था का सवाल है. हमारे पास इन्हें रखने की कोई जगह नहीं है. हम इन्हें नहीं हटा पाएंगे। 

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