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खोंगापानी बस स्टॉप पर सभी बसों का ठहराव अनिवार्य, सांसद ज्योत्सना महंत की पहल से मिली बड़ी राहत

खोंगापानी बस स्टॉप पर सभी बसों का ठहराव अनिवार्य, सांसद ज्योत्सना महंत की पहल से मिली बड़ी राहत

मो. कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी

मनेन्द्रगढ़
क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जनसमस्या का समाधान आखिरकार हो गया है। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत के हस्तक्षेप के बाद खोंगापानी बस स्टॉप पर अब सभी बसों का रुकना अनिवार्य कर दिया गया है। इस फैसले से क्षेत्र के हजारों यात्रियों, विशेषकर छात्रों, कर्मचारियों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है।
हाल ही में आयोजित दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में सांसद महंत ने खोंगापानी नगर पंचायत क्षेत्र के बस स्टॉप पर बसों के नियमित ठहराव नहीं होने की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने इस मुद्दे को जनहित से जुड़ा बताते हुए अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया और यात्रियों को हो रही असुविधाओं पर गंभीर चिंता जताई।

सांसद के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला परिवहन अधिकारी कोरिया द्वारा आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार खोंगापानी के निर्धारित बस स्टॉप पर सभी स्टेज कैरिज बसों का रुकना अब अनिवार्य होगा। साथ ही यात्रियों के सुरक्षित चढ़ने-उतरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई बस ऑपरेटर या परमिट धारक इस आदेश की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इससे परिवहन व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

इस महत्वपूर्ण निर्णय से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अब उन्हें सुरक्षित, नियमित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान को लोग बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने इसे जनहित में अहम कदम बताया, वहीं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने इसे जनता की आवाज़ की जीत बताया। खोंगापानी नगर पंचायत अध्यक्ष ललिता रामा यादव ने कहा कि इस फैसले से रोजमर्रा की परेशानी समाप्त होगी। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष कासिम अंसारी ने इसे छात्रों और युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी बताया।
कुल मिलाकर, यह निर्णय न केवल आम नागरिकों को राहत देने वाला है, बल्कि क्षेत्र की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।

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