नई दिल्ली
फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 12 जून से हो रही है. भारत में फुटबॉल के इस महाकुंभ को लेकर फैंस में गजब का उत्साह है. फैंस का यह उत्साह तब और चरम पर पहुंच गया, जब अंतिम समय में हुए एक समझौते के बाद जी (Zee) ने भारत में मैचों के लाइव प्रसारण राइट्स मिलने का ऐलान किया. हालांकि, इसके बावजूद भारतीय फुटबॉल फैंस को इस बात की कसक जरूर रहती है कि आखिर उनकी नेशनल टीम फीफा विश्व कप में क्यों नहीं खेलती? इसके पीछे कई वजहें हैं, लेकिन फैंस के लिए एक खुशखबरी यह है कि फीफा विश्व कप में बेशक भारतीय टीम हिस्सा नहीं ले रही है, लेकिन इस बार भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग टीमों से खेलते हुए नजर आ सकते हैं।
फीफा विश्व कप 2026 में इस बार कुल 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं. हालांकि, भारत में फ्रांस, अर्जेंटीना, ब्राजील और स्पेन जैसी चुनिंदा यूरोपीय व लैटिन अमेरिकी टीमों के समर्थक ज्यादा हैं. इस लिस्ट में अगर आप कतर जैसी टीम का नाम लेंगे, तो भारत में गिने-चुने लोग ही उसके सपोर्टर मिलेंगे. लेकिन इस बार भारत में खासकर मलयाली लोग कतर को जरूर सपोर्ट करेंगे. दरअसल, कतर की टीम में केरल का एक खिलाड़ी शामिल है, जिनका नाम तहसीन जमशीद है. तहसीन का जन्म दोहा में, कन्नूर जिले के रहने वाले मलयाली माता-पिता के यहां हुआ था।
शशि थरूर भी तहसीन को लेकर हैं उत्साहित
19 साल के विंगर तहसीन को विश्व कप के लिए कतर की प्रारंभिक टीम में शामिल किया गया था. अब केरल के फैंस को उम्मीद है कि तहसीन को संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए अंतिम टीम में भी जगह मिलेगी. यही वजह है कि कतर की टीम में तहसीन के नाम की चर्चा से लोगों में उत्साह भर गया है. तहसीन को फीफा विश्व कप में खेलते हुए देखने के लिए तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर भी उत्सुक हैं. बता दें कि तहसीन के पिता भी पूर्व फुटबॉलर रहे हैं और वह कतर के लिए अंडर-17 और अंडर-19 स्तर पर खेल चुके हैं।
न्यूजीलैंड के लिए मैदान पर उतरेंगे सरप्रीत सिंह
तहसीन के अलावा सरप्रीत सिंह पर भी फुटबॉल फैंस की नजरें होंगी. 27 साल के सरप्रीत न्यूजीलैंड के लिए एक अटैकिंग मिडफील्डर के रूप में खेलेंगे. सरप्रीत का परिवार पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखता है. वह 2018 से न्यूजीलैंड की सीनियर टीम के लिए खेल रहे हैं और अब तक तीन गोल दाग चुके हैं।
सैमुअल मुतुसामी कांगो के लिए खेलेंगे
तमिल मूल के खिलाड़ी सैमुअल मुतुसामी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की टीम में शामिल हैं. सैमुअल की मां कांगो की हैं, जबकि उनके पिता तमिल मूल के इंडो-गुआराडेलूपियन हैं. पेरिस में जन्मे 29 वर्षीय डिफेंसिव मिडफील्डर ने 2019 में कांगो के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. बता दें कि 2006 के बाद यह पहला विश्व कप होगा, जिसमें कोई भारतीय मूल का खिलाड़ी दिखाई देगा. आखिरी बार विकास धोरासू फ्रांस के लिए खेले थे. इसके अलावा भारतीय मूल के निशान वेलुपिल्ले ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल हैं. विंगर के रूप में वाले निशान के पिता तमिलनाडु से जुड़े एक मलेशियाई नागरिक हैं, जबकि उनकी मां एक एंग्लो-इंडियन हैं।





