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साध्वी के भेष में 90 लाख की ठगी, नर्मदापुरम में पुलिस ने रचाया जाल और की गिरफ्तारी

 नर्मदापुरम  90 लाख रुपये की धोखाधड़ी और अदालत को गुमराह करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहीं साध्वी लक्ष्मी दास (असली नाम रीना रघुवंशी) को छिंदवाड़ा पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी नर्मदापुरम जिले के चंद्रकलां गांव से की गई, जहां साध्वी धार्मिक अनुष्ठान के बहाने छिपकर रह रही थी। पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि साध्वी लक्ष्मी दास गांव में मौजूद है। जैसे ही पुलिस टीम वहां पहुंची, साध्वी को गिरफ्तारी की भनक लग गई और उसने टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर वहां से भागने की कोशिश की। इसके बाद वह पास ही की नदी पार कर एक अन्य गांव में छिप गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नाव की मदद से पीछा कर उसे चारों ओर से घेर लिया और हिरासत में ले लिया। साध्वी लक्ष्मी दास छिंदवाड़ा जिले के चांद क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध रामजानकी मंदिर, लोनीकलां से जुड़े 90 लाख रुपये के गबन के मामले में वांछित थीं। यह रकम मंदिर के पूर्व महंत स्व. कनक बिहारी दास द्वारा घोषित एक करोड़ रुपये की दान राशि का हिस्सा थी, जो उनकी मृत्यु के बाद रहस्यमय ढंग से बैंक खाते से निकाल ली गई। खास बात यह रही कि जिस बैंक खाते से यह राशि निकाली गई, उसमें कोई नॉमिनी नहीं था। पुलिस जांच में यह सामने आया कि इस धोखाधड़ी में साध्वी लक्ष्मी दास के साथ एक बैंक मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध है। गिरफ्तारी से बचने के लिए साध्वी ने पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन दोनों जगह से उसे कोई राहत नहीं मिली। 19 मई को हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट कहा था कि उसने तथ्य छुपाए और अदालत को गुमराह करने की कोशिश की। बाद में सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) भी साध्वी ने खुद ही वापस ले ली थी, जिसके बाद से वह फरार चल रही थी। अब छिंदवाड़ा पुलिस की स्पेशल टीम उसे हिरासत में लेकर वापस लौट चुकी है और मंगलवार को साध्वी को अदालत में पेश किया जाएगा। पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की जाएगी कि 90 लाख रुपये की रकम कहां और कैसे खर्च की गई। साथ ही पुलिस बैंक अधिकारियों की भूमिका और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की जांच भी करेगी। माना जा रहा है कि यह मामला अब और भी गंभीर मोड़ ले सकता है, क्योंकि इसमें मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई अन्य वित्तीय दस्तावेज और लेनदेन की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। 

उन्नाव में धमाका बना काल, बस्ती में गड्ढे में मिली तीन बच्चों की लाशें – इलाके में सनसनी

उन्नाव  यूपी के उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र के पारा गांव के बाहर मंगलवार सुबह पटाखा बनाते समय अचानक हुए विस्फोट में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौरावां थाना पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पारा गांव के बाहर पटाखा बनाने का काम लंबे समय से किया जा रहा था। इसी गांव निवासी नफीस पुत्र रज्जन के नाम से जारी पटाखा लाइसेंस अंतर्गत पटाखा निर्माण किया जाता था। पारा गांव के रहने वाले शिवचरण (55) पुत्र विजय सुबह पटाखा बना रहा है। इसी दरमियान विस्फोट होने से चपेट में आए शिव चरण की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उधर, बस्ती जिले के पुराने बस्ती थानाक्षेत्र के लोहरौली गांव में मंगलवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गांव के पास एक ईंट भट्टे के गड्ढे में तीन बच्चों की लाश उतराती मिली। घटनास्थल के पास खून के निशान भी देखे गए। मौके पर पहुंचे परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। घटना की सूचना पर एसपी अभिनंदन, एएसपी, सीओ सिटी के साथ पुरानी बस्ती पुलिस मौके पर पहुंच गई। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए। एसपी ने बताया कि गड्ढा करीब सात फीट गहरा है। इसी में डूबने के कारण तीनों लड़कों की मौत हुई है। शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले है। अब तक की जांच में डूबने से मौत की बात सामने आई है।

8000 स्व-सहायता समूह की दीदियों ने 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर रचा नया कीर्तिमान

स्वच्छता में महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल 8000 दीदियों का कमाल: 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर बनाया स्वच्छता का नया कीर्तिमान प्लास्टिक मुक्त भारत की ओर कदम: 8000 दीदियों ने इकट्ठा किए 1150 किलो कचरे, बना रिकॉर्ड 8000 स्व-सहायता समूह की दीदियों ने 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर रचा नया कीर्तिमान एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के कुशल नेतृत्व और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में जिले की लगभग 8000 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं (दीदियों) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एक ही दिन में 1150 किलो एकल उपयोगी प्लास्टिक अपशिष्ट का एकत्रीकरण कर स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय सोच को साकार किया है। यह अनूठा अभियान सिर्फ प्लास्टिक संग्रहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांव-गांव में स्वच्छता की अलख जगाने, जागरूकता बढ़ाने और सतत विकास के उद्देश्य को धरातल पर उतारने का माध्यम भी बना। प्लास्टिक: आधुनिकता का वरदान या प्रकृति का अभिशाप? आज जहां प्लास्टिक ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, वहीं इसके असंगठित और अत्यधिक उपयोग से जल, वायु और भूमि प्रदूषण के साथ-साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी कारण बनता जा रहा है। पशु-पक्षियों और समुद्री जीवों पर इसका घातक प्रभाव पड़ रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए स्वच्छाग्रहियों ने इसे जन आंदोलन का रूप दिया। बच्चों ने भी निभाई अपनी जिम्मेदारी, 844 किलो प्लास्टिक किया एकत्र इस अभियान की शुरुआत में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने 844 किलो प्लास्टिक एकत्र कर उदाहरण प्रस्तुत किया। बच्चों ने रैली, पोस्टर मेकिंग और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। ग्राम पंचायतें और जनप्रतिनिधि भी बने स्वच्छता सहभागी ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं सामाजिक संगठनों ने अभियान को जनांदोलन का रूप देने में सक्रिय सहयोग किया। कई गांवों में स्वच्छता रैली, नारा लेखन, और जनजागरण गतिविधियों का आयोजन कर “प्लास्टिक मुक्त ग्राम” का संकल्प लिया गया। 4R मॉडल से प्लास्टिक प्रबंधन की दिशा में एक ठोस कदम अभियान में 4R सिद्धांत  Reduce  (कम करना),  Reuse (पुनः उपयोग),  Recycle (पुनर्चक्रण), Recover (पुनर्प्राप्त करना) को अपनाया गया। अब तक छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं के माध्यम से कुल 2000 किलो प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्र किया गया है, जिसे प्लास्टिक प्रबंधन इकाई में भेजा जाएगा। इससे अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित होंगे। अब जिले में प्लास्टिक से भी बनेगी सड़कें जिले के नगर पालिका, नगर पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों से एकत्रित प्लास्टिक को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ( PMGSY ) के अंतर्गत सड़क निर्माण में प्रयोग करने की योजना है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।

पाकिस्तान की लीग पर सवाल: क्या पॉइंट्स की लड़ाई ने WCL की साख गिराई?

नई दिल्ली वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) 2025 पाकिस्तानी टीम की हरकत से मजाक सा बनकर रह गई है। लीग भी कम जिम्मेदार नहीं दिख रही। वह खुद ही अपनी भद्द पिटवाती दिख रही। कोई मैच है तो उसका परिणाम तो होगा ही- किसी की जीत, किसी की हार या टाई या फिर अनिर्णित। अगर मैच रद्द हो तब भी उसके नियम तो होंगे ही कि उसके पॉइंट्स का क्या होगा। लेकिन यह लीग तो वाकई कमाल की है। मैच रद्द होने के 2-3 दिन बाद तक नहीं पता कि पॉइंट्स का क्या हुआ? एक टीम उछल-उछलकर कहती फिर रही- हमें तो दोनों पॉइंट चाहिए, दोनों पॉइंट चाहिए। हम पॉइंट नहीं बांटेंगे। गली क्रिकेट के बच्चे भी ऐसा नहीं करते होंगे।   पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में इंडिया चैंपियंस बनाम पाकिस्तान चैंपियंस के मैच को लेकर सोशल मीडिया पर आक्रोश दिखा। उसके बाद भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ियों ने मैच खेलने से इनकार कर दिया। नतीजा ये हुआ कि आयोजकों ने रविवार को बर्मिंघम के एजबेस्टन में होने वाले मैच को रद्द कर दिया। भारतीय टीम के खिलाड़ी शिखर धवन की माने तो उन्होंने 11 मई को ही आयोजकों से साफ कर दिया था कि वह पाकिस्तान के साथ हरगिज मैच नहीं खेलेंगे। पाकिस्तानी टीम की दलील है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार है क्योंकि वही पीछे हटी। लिहाजा दोनों अंक उसे मिलेंगे। अंकों पर लेकर ऊहापोह और अनिश्चितता WCL का ही मजाक उड़ा रही है। एक ऐसी लीग जिसे इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड की मंजूरी प्राप्त है। कुछ तो नियम होंगे? मैच रद्द हुआ तो अंक बंटने के नियम तो होंगे? अगर किसी मैच के रद्द होने के लिए कोई टीम जिम्मेदार है तो उस स्थिति में भी तो नियम होंगे? अगर नियम पाकिस्तान की दलीलों के पक्ष में हैं तो उसे दो अंक मिलने चाहिए। लेकिन अनिश्चिता से तो डब्लूसीएल की भद्द ही पिट रही है। जो जानकारी आ रही है, उसके हिसाब से WCL ने स्पष्ट किया है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार नहीं है। तब अंक वितरण में तो कोई पेच ही नहीं रहा। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में WCL के एक सूत्र ने कहा है कि मैच रद्द होने के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है। सूत्र ने कहा, 'WCL ने इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड को बता दिया है कि बतौर आयोजक वे मैच कराने में समर्थ नहीं हैं। इंडिया चैंपियंस टीम की गलती नहीं है। पाकिस्तान चैंपियंस टीम पॉइंट शेयर करने की इच्छुक नहीं है क्योंकि उनका कहना है कि मैच से पीछे भारत हटा, वे नहीं।'  

पाकिस्तान की लीग पर सवाल: क्या पॉइंट्स की लड़ाई ने WCL की साख गिराई?

नई दिल्ली वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) 2025 पाकिस्तानी टीम की हरकत से मजाक सा बनकर रह गई है। लीग भी कम जिम्मेदार नहीं दिख रही। वह खुद ही अपनी भद्द पिटवाती दिख रही। कोई मैच है तो उसका परिणाम तो होगा ही- किसी की जीत, किसी की हार या टाई या फिर अनिर्णित। अगर मैच रद्द हो तब भी उसके नियम तो होंगे ही कि उसके पॉइंट्स का क्या होगा। लेकिन यह लीग तो वाकई कमाल की है। मैच रद्द होने के 2-3 दिन बाद तक नहीं पता कि पॉइंट्स का क्या हुआ? एक टीम उछल-उछलकर कहती फिर रही- हमें तो दोनों पॉइंट चाहिए, दोनों पॉइंट चाहिए। हम पॉइंट नहीं बांटेंगे। गली क्रिकेट के बच्चे भी ऐसा नहीं करते होंगे।   पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में इंडिया चैंपियंस बनाम पाकिस्तान चैंपियंस के मैच को लेकर सोशल मीडिया पर आक्रोश दिखा। उसके बाद भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ियों ने मैच खेलने से इनकार कर दिया। नतीजा ये हुआ कि आयोजकों ने रविवार को बर्मिंघम के एजबेस्टन में होने वाले मैच को रद्द कर दिया। भारतीय टीम के खिलाड़ी शिखर धवन की माने तो उन्होंने 11 मई को ही आयोजकों से साफ कर दिया था कि वह पाकिस्तान के साथ हरगिज मैच नहीं खेलेंगे। पाकिस्तानी टीम की दलील है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार है क्योंकि वही पीछे हटी। लिहाजा दोनों अंक उसे मिलेंगे। अंकों पर लेकर ऊहापोह और अनिश्चितता WCL का ही मजाक उड़ा रही है। एक ऐसी लीग जिसे इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड की मंजूरी प्राप्त है। कुछ तो नियम होंगे? मैच रद्द हुआ तो अंक बंटने के नियम तो होंगे? अगर किसी मैच के रद्द होने के लिए कोई टीम जिम्मेदार है तो उस स्थिति में भी तो नियम होंगे? अगर नियम पाकिस्तान की दलीलों के पक्ष में हैं तो उसे दो अंक मिलने चाहिए। लेकिन अनिश्चिता से तो डब्लूसीएल की भद्द ही पिट रही है। जो जानकारी आ रही है, उसके हिसाब से WCL ने स्पष्ट किया है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार नहीं है। तब अंक वितरण में तो कोई पेच ही नहीं रहा। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में WCL के एक सूत्र ने कहा है कि मैच रद्द होने के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है। सूत्र ने कहा, 'WCL ने इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड को बता दिया है कि बतौर आयोजक वे मैच कराने में समर्थ नहीं हैं। इंडिया चैंपियंस टीम की गलती नहीं है। पाकिस्तान चैंपियंस टीम पॉइंट शेयर करने की इच्छुक नहीं है क्योंकि उनका कहना है कि मैच से पीछे भारत हटा, वे नहीं।'  

मैनचेस्टर में आज तक नहीं जीता भारत, क्या इस बार दिखेगा नया इरादा?

नई दिल्ली पिछले मैच में हार और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल हो जाने के बावजूद भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में मजबूत इरादे से उतरेगी। भारतीय टीम श्रृंखला में वापसी करने और ओल्ड ट्रैफर्ड में पहली बार जीत हासिल करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी। भारत को हालांकि अभी तक आजमाए गए अपने फॉर्मूले से हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। लीड्स में पहले टेस्ट के बाद भारत ने अंतिम एकादश में तीन ऑलराउंडरों को शामिल किया था। इनमें नीतीश रेड्डी भी शामिल थे, जो घुटने की चोट के कारण अब श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे दो स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर की मौजूदगी में भारत के पास आठवें नंबर तक बल्लेबाज़ी करने की गुंजाइश थी। मैनचेस्टर में ऐसा शायद न हो, जहां भारतीय टीम अभी तक जीत हासिल नहीं कर पाई है। भारत ने यहां अभी तक नौ मैच खेले हैं जिनमें से चार में उसे पराजय का सामना करना पड़ा जबकि बाकी पांच मैच ड्रॉ रहे। इंग्लैंड वर्तमान श्रृंखला में अभी 2-1 से आगे चल रहा है और अगर भारत को पांच मैच की इस श्रृंखला को जीवंत बनाए रखना है तो उसे यहां हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच खेलने वाले शार्दुल ठाकुर को रेड्डी की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है लेकिन उनका बल्लेबाजी में उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है। अगर उन्हें टीम में लिया जाता है तो उन्हें गेंदबाज़ी में भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना होगा क्योंकि रेड्डी ने लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट में महत्वपूर्ण अवसरों पर विकेट लिए थे। भारत लीड्स के संयोजन को फिर से आजमा सकता है, जहां उसके पास जडेजा के रूप में केवल एक स्पिनर था और छठे नंबर तक विशेषज्ञ बल्लेबाज थे, जिसमें करुण नायर और साई सुदर्शन दोनों अंतिम एकादश में थे। इसके अलावा नए तेज़ गेंदबाज़ अंशुल कंबोज और प्रसिद्ध कृष्णा भी अंतिम एकादश में जगह बनाने के दावेदार हैं। अगर आकाश दीप कमर की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाते हैं, तो इनमें से कोई भी उनकी जगह ले सकता है। आकाश दीप की तरह, कंबोज भी अच्छी सीम मूवमेंट पैदा कर सकते हैं। वह भारत ए के इंग्लैंड दौरे का भी हिस्सा थे और इस तरह से यहां की परिस्थितियों से कुछ हद तक वाकिफ हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का अंतिम एकादश में जगह बनाना तय है। लॉर्ड्स में श्रृंखला में पहली बार भारतीय बल्लेबाज नहीं चल पाए थे और और अगर भारत को श्रृंखला में वापसी करनी है तो कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई वाली बल्लेबाजी लाइन-अप को फिर से अच्छा प्रदर्शन करना होगा। गिल तीसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे लेकिन इसके बावजूद श्रृंखला में उनके नाम पर 600 से अधिक रन दर्ज हैं। भारत के लिए उनका बड़ा स्कोर काफी मायने रखता है। जोफ्रा आर्चर ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी सफल वापसी में यशस्वी जायसवाल को दो बार आउट किया और यह बाएं हाथ का बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाज की अतिरिक्त गति से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होगा। गिल ने भले ही श्रृंखला में भारत की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए हैं लेकिन वह के एल राहुल हैं जो अधिक विश्वसनीय बल्लेबाज नजर आए। भारत को फिर से उनसे ठोस प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। मैच से पहले भारत के अभ्यास सत्र को देखकर लगता है कि ऋषभ पंत अपनी उंगली की चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं और हमेशा की तरह अपनी दोहरी जिम्मेदारी निभाएंगे। अगर नायर को एक और मौका मिलता है, तो वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए बेताब होंगे। लगातार चार अर्धशतक लगाने वाले जडेजा मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं लेकिन उन्हें गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के अन्य स्थानों की तुलना में भारत को मैनचेस्टर में कम खेलने का मौका मिला है। उसने यहां अपना आखिरी टेस्ट मैच 2014 में खेला था। इस मैदान पर भारत की तरफ से आखिरी शतक सचिन तेंदुलकर ने 1990 में लगाया था। भारत की निगाह जहां श्रृंखला बराबर करने पर टिकी हैं वहीं इंग्लैंड अजेय बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगा। जैसा कि आमतौर पर होता है, बेन स्टोक्स ने मैच से पहले अपनी अंतिम एकादश चुनी और उनकी टीम में एकमात्र बदलाव चोटिल शोएब बशीर की जगह लियाम डॉसन को शामिल करना है। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने इंग्लैंड के लिए अपना आखिरी मैच जुलाई 2017 में खेला था। मैनचेस्टर में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है और मैच के पांचों दिन हल्की वर्षा होने का अनुमान है। इससे तेज गेंदबाजों को फायदा मिल सकता है। टीमें इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज। इंग्लैंड की टीम: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर।  

मैनचेस्टर में आज तक नहीं जीता भारत, क्या इस बार दिखेगा नया इरादा?

नई दिल्ली पिछले मैच में हार और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल हो जाने के बावजूद भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में मजबूत इरादे से उतरेगी। भारतीय टीम श्रृंखला में वापसी करने और ओल्ड ट्रैफर्ड में पहली बार जीत हासिल करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी। भारत को हालांकि अभी तक आजमाए गए अपने फॉर्मूले से हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। लीड्स में पहले टेस्ट के बाद भारत ने अंतिम एकादश में तीन ऑलराउंडरों को शामिल किया था। इनमें नीतीश रेड्डी भी शामिल थे, जो घुटने की चोट के कारण अब श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे दो स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर की मौजूदगी में भारत के पास आठवें नंबर तक बल्लेबाज़ी करने की गुंजाइश थी। मैनचेस्टर में ऐसा शायद न हो, जहां भारतीय टीम अभी तक जीत हासिल नहीं कर पाई है। भारत ने यहां अभी तक नौ मैच खेले हैं जिनमें से चार में उसे पराजय का सामना करना पड़ा जबकि बाकी पांच मैच ड्रॉ रहे। इंग्लैंड वर्तमान श्रृंखला में अभी 2-1 से आगे चल रहा है और अगर भारत को पांच मैच की इस श्रृंखला को जीवंत बनाए रखना है तो उसे यहां हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच खेलने वाले शार्दुल ठाकुर को रेड्डी की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है लेकिन उनका बल्लेबाजी में उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है। अगर उन्हें टीम में लिया जाता है तो उन्हें गेंदबाज़ी में भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना होगा क्योंकि रेड्डी ने लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट में महत्वपूर्ण अवसरों पर विकेट लिए थे। भारत लीड्स के संयोजन को फिर से आजमा सकता है, जहां उसके पास जडेजा के रूप में केवल एक स्पिनर था और छठे नंबर तक विशेषज्ञ बल्लेबाज थे, जिसमें करुण नायर और साई सुदर्शन दोनों अंतिम एकादश में थे। इसके अलावा नए तेज़ गेंदबाज़ अंशुल कंबोज और प्रसिद्ध कृष्णा भी अंतिम एकादश में जगह बनाने के दावेदार हैं। अगर आकाश दीप कमर की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाते हैं, तो इनमें से कोई भी उनकी जगह ले सकता है। आकाश दीप की तरह, कंबोज भी अच्छी सीम मूवमेंट पैदा कर सकते हैं। वह भारत ए के इंग्लैंड दौरे का भी हिस्सा थे और इस तरह से यहां की परिस्थितियों से कुछ हद तक वाकिफ हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का अंतिम एकादश में जगह बनाना तय है। लॉर्ड्स में श्रृंखला में पहली बार भारतीय बल्लेबाज नहीं चल पाए थे और और अगर भारत को श्रृंखला में वापसी करनी है तो कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई वाली बल्लेबाजी लाइन-अप को फिर से अच्छा प्रदर्शन करना होगा। गिल तीसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे लेकिन इसके बावजूद श्रृंखला में उनके नाम पर 600 से अधिक रन दर्ज हैं। भारत के लिए उनका बड़ा स्कोर काफी मायने रखता है। जोफ्रा आर्चर ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी सफल वापसी में यशस्वी जायसवाल को दो बार आउट किया और यह बाएं हाथ का बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाज की अतिरिक्त गति से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होगा। गिल ने भले ही श्रृंखला में भारत की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए हैं लेकिन वह के एल राहुल हैं जो अधिक विश्वसनीय बल्लेबाज नजर आए। भारत को फिर से उनसे ठोस प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। मैच से पहले भारत के अभ्यास सत्र को देखकर लगता है कि ऋषभ पंत अपनी उंगली की चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं और हमेशा की तरह अपनी दोहरी जिम्मेदारी निभाएंगे। अगर नायर को एक और मौका मिलता है, तो वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए बेताब होंगे। लगातार चार अर्धशतक लगाने वाले जडेजा मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं लेकिन उन्हें गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के अन्य स्थानों की तुलना में भारत को मैनचेस्टर में कम खेलने का मौका मिला है। उसने यहां अपना आखिरी टेस्ट मैच 2014 में खेला था। इस मैदान पर भारत की तरफ से आखिरी शतक सचिन तेंदुलकर ने 1990 में लगाया था। भारत की निगाह जहां श्रृंखला बराबर करने पर टिकी हैं वहीं इंग्लैंड अजेय बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगा। जैसा कि आमतौर पर होता है, बेन स्टोक्स ने मैच से पहले अपनी अंतिम एकादश चुनी और उनकी टीम में एकमात्र बदलाव चोटिल शोएब बशीर की जगह लियाम डॉसन को शामिल करना है। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने इंग्लैंड के लिए अपना आखिरी मैच जुलाई 2017 में खेला था। मैनचेस्टर में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है और मैच के पांचों दिन हल्की वर्षा होने का अनुमान है। इससे तेज गेंदबाजों को फायदा मिल सकता है। टीमें इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज। इंग्लैंड की टीम: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर।  

बाबा महाकाल की शरण में उपमुख्यमंत्री शुक्ल, जनकल्याण की कामना की

उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने किए बाबा महाकाल के दर्शन और लोककल्याण की प्रार्थना की उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने बाबा महाकाल के किए दर्शन, की प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना बाबा महाकाल की शरण में उपमुख्यमंत्री शुक्ल, जनकल्याण की कामना की श्रावण के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की भव्य सवारी में हुए शामिल उज्जैन  पवित्र श्रावण माह के दूसरे सोमवार को उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री शुक्ल और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल बाबा महाकाल की परंपरागत सवारी में श्रद्धा एवं भक्ति भाव से शामिल हुए। भगवान महाकाल की पालकी जैसे ही महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण से निकली पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि उज्जैन की धरती पर बाबा महाकाल का दर्शन परम सौभाग्य की बात है। श्रावण का यह पावन पर्व हमें भक्ति, सेवा और आत्मिक शुद्धता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का आधार है। यह आध्यात्मिक शांति, सामाजिक एकता और संस्कारों की चेतना को सशक्त करते हैं। उल्लेखनीय है कि श्रावण सोमवार को भगवान महाकाल की परंपरागत सवारी नगर भ्रमण पर निकलती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस अवसर पर नगर को भव्य रूप से सजाया गया था और चारों ओर धार्मिक उल्लास का वातावरण था। सवारी में प्रशासन एवं महाकाल मंदिर समिति के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।  

राजौरी में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, जलभराव के चलते स्कूलों में छुट्टी

जम्मू जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जहां एक ओर बारिश से जगह-जगह भूस्खलन (Jammu Kashmir Flood) हो रहा है तो वहीं, राजौरी में लगातार बारिश के बाद धरहाली और सकतोह नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राजौरी जिला प्रशासन ने आज जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने की घोषणा की है। अगले 72 घंटे मुश्किल भरे होंगे आईएमडी ने अगले 72 घंटों में जम्मू संभाग और उधमपुर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। जिसमें जनता को बाढ़/भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई। सहायता के लिए प्रशासन ने कुछ नंबर भी जारी किए हैं। डीईओसी: 01992-272727, 01992-272728। पीसीआर: 01992-276915 | ईआरएसएस: 112 पर संपर्क कर सकते हैं। जम्मू में भूस्खलन में पुलिस अधिकारी घायल अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को एक पुलिस अधिकारी अपनी निजी कार के जम्मू के पास बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आने से घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रोबेशनरी डीएसपी सांबा में अपनी तैनाती स्थल जा रहे थे, तभी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगरोटा इलाके में बान टोल प्लाजा के पास एक सुरंग के बाहर भूस्खलन से उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि अधिकारी को बचा लिया गया और अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई गई है।  सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं क्योंकि लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अभी तक किसी के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नालियां जाम रहने से जलभराव की समस्या इस बीच, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) राजौरी के पीर पंजाल क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में सड़क निर्माण कार्य कर रहा है ताकि संपर्क में सुधार हो और कोटरंका, समोट और बुधल जैसे बाजार क्षेत्रों में जलभराव को कम किया जा सके। बीआरओ के एक इंजीनियर संजय शर्मा ने कहा, “जहाँ भी जलभराव की समस्या है, खासकर बाज़ार वाले इलाकों में, हम कंक्रीट के फुटपाथ बना रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “बाज़ार में नालियाँ अक्सर जाम रहती थीं, जिससे सड़कों पर पानी भर जाता था। अब हमने उन इलाकों को कंक्रीट के फुटपाथों से ढक दिया है और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी कर रहे हैं।” भूस्खलन में दो लोगों की मौत शर्मा ने आगे कहा कि इस पहल का उद्देश्य सुगम यात्रा सुनिश्चित करना और नियमित रखरखाव के साथ सड़क सुरक्षा बनाए रखना है। इसके अलावा, पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में, सोमवार को चंबा ज़िले में बारिश के कारण हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के दौरान एक घर पर एक पत्थर गिर गया। पटवारी अश्वनी ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “बारिश के कारण कल रात भूस्खलन हुआ। परिणामस्वरूप, एक घर पर एक बड़ा पत्थर गिर गया और इस घटना में दो लोगों की दुखद मौत हो गई। पुलिस की मदद से उनके शव मलबे से निकाले गए और चंबा अस्पताल ले जाया गया। सरकार ने पीड़ितों को तत्काल राहत भी प्रदान की। वर्तमान में, हम क्षेत्र में खतरे का आकलन कर रहे हैं और नुकसान पर एक रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।”  

गर्व की बात: चतरू चौधरी ने वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास

बालोतरा  पश्चिम राजस्थान के सरहदी बालोतरा जिले के छोटे से गांव लापला की बेटी चतरू ने वो कर दिखाया है जो बड़े-बड़े शहरों के खिलाड़ी भी नहीं कर पाते है. चतरू का सपना बड़ा था, लेकिन हालात नहीं. पिता एक साधारण किसान हैं. बेटी की खेल प्रतिभा को देखकर उन्होंने कर्ज लिया और हरहाल में बेटी को आगे बढ़ाने की ठानी. अब चतरू ने भी समाज की सोच से लड़ते हुए अमेरिका में गोल्ड मेडल जीतकर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है बल्कि गांव और जिले का भी नाम रोशन किया है. चतरू के गांववालों ने खूब ताने दिए. कुछ ने तो कहा  “लड़की होकर क्या कर लेगी?” लेकिन पिता ने हार नहीं मानी और चतरू ने भी दिन-रात मेहनत जारी रखी. सीमित संसाधनों, आर्थिक परेशानियों और सामाजिक दवाब के बीच पली-बढ़ी चतरू ने अमेरिका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का परचम लहराया है. गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत रेत के दरिया के बीच कच्ची झोपड़ी से निकलकर सात समंदर पार अमेरिका में गोल्ड जीतने का कीर्तिमान रचने वाली पुलिस कांस्टेबल चतरू का वतन वापसी पर जोरदार स्वागत किया गया. विश्व मंच पर राजस्थान पुलिस के चमके सितारों में थार की बेटी के शामिल होने से हर थार का बाशिंदा उसे आशीर्वाद और बधाई देता नजर आया. उत्साही लोगों ने डीजे बजाया और चतरू चौधरी को फूल मालाओं से लाद दिया. अमेरिका के अलबामा में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में भाग लेने के लिए बीते दिनों राजस्थान पुलिस का दल अमेरिका पहुंचा था. इस दल में बायतु के छोटे से गांव लापला के किसान की बेटी चतरू चौधरी के प्रदर्शन पर पूरे मरुधरा की निगाहें थी. चतरू ने अपने प्रदर्शन से किसी भी थार वासी को निराश नहीं किया है. चतरू ने 11 किलोमीटर और 21 किलोमीटर रिले रेस में गोल्ड मैडल जीता है. वहीं 400 मीटर और 800 मीटर में उसने कांस्य पदक जीता है. वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में राजस्थान पुलिस के जाँबाजो की इस स्वर्णिम जीत के बाद पूरे राज्य में खुशी का माहौल है. राजस्थान पुलिस ने 29 पदक अर्जित किए है जिनमे 17 स्वर्ण पदक, 5 रजत पदक और 7 कांस्य पदक जीते है. कर्ज लेकर पिता ने करवाई तैयारी राजस्थान पुलिस की कचनार चौधरी, राजबाला और चतरू ने खाकी का नाम रोशन किया है.  वतन वापसी पर लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए चतरू ने बताया कि पिता ने कर्ज लेकर खेल की तैयारी करवाई और उसने भी पिता का मान रखते हुए अमेरिका में गोल्ड जीता है. वह बताती है कि गांव में न तो कोई खेल मैदान है और न ही संसाधन. ऐसे में गांव की प्रतिभाओं को उचित मंच नहीं मिल पाता है, जिससे वह अपनी प्रतिभा को नही निखार पाती है.