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पूर्व पाक ओपनर ने की मांग- पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप और ओलंपिक में भी मत खेलना, वादा करो

नई दिल्ली  डब्ल्यूसीएल यानी वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के मैच में भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से मना कर दिया था। इसके बाद बवाल छिड़ गया है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तमाम बातें हो रही हैं। पाकिस्तान परस्त आतंकवादी अक्सर भारतीय सेना और भारतीय लोगों को निशाना बनाते हैं। इसी वजह से इस लीग में खेल रहे भारतीय क्रिकेटरों ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बायकॉट कर दिया। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सलमान बट ने कहा है कि भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप और ओलंपिक गेम्स में भी खेलने से इनकार कर देना चाहिए। भारत और पाकिस्तान सिर्फ मल्टी टीम इवेंट्स में ही एकदूसरे से भिड़ते हैं। इस पर सलमान बट ने भारतीय टीम से वादा मांगा कि जब दोनों टीमें आईसीसी प्रतियोगिता में एक दूसरे के खिलाफ खेलेंगी तो वे इसी रुख को बनाए रखें। जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले की बात आती है, तो अक्सर ऐसी खबरें चर्चा में आ जाती हैं, लेकिन जब दोनों देशों के बीच अन्य खेल मुकाबले होते हैं, तो ऐसा नहीं होता। बट चाहते हैं कि ओलंपिक जैसे आयोजनों में भी भारत बनाम पाकिस्तान के खेल मुकाबलों पर रोक लगा दी जाए। सलमान बट ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "पूरी दुनिया उनके बारे में बात कर रही है – उन्होंने पूरे क्रिकेट और प्रशंसकों को क्या संदेश दिया है? आप क्या दिखाना चाह रहे हैं? आप क्या साबित करना चाह रहे हैं? अब विश्व कप में मत खेलो…किसी भी ICC टूर्नामेंट में हमारे खिलाफ मत खेलो। ये वादा करो। देखो, हम समझते हैं कि हर चीज की अपनी जगह होती है, लेकिन अब जब आप आपस में जुड़ रहे हैं, तो किसी भी स्तर या टूर्नामेंट में हमारे खिलाफ मत खेलो। ओलंपिक में भी नहीं। कृपया ऐसा करो। मुझे देखना अच्छा लगेगा। दांव बहुत ऊंचा होगा, और मैं देखूंगा कि वे उस स्तर पर कितना राष्ट्रवाद दिखा सकते हैं।" पाकिस्तान के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने आगे कहा कि उनके नजरिए से WCL का फैसला 'दबाव' भरा लग रहा था। सलमान बट ने आगे कहा, "यह कैसी मानसिकता है? मैं समझ नहीं पा रहा हूं। यह फैसला कौन ले रहा है? जिन 4-5 लोगों ने नहीं खेलने का फैसला किया, उनकी वजह से, दूसरे लोग, जिनकी शायद खेलने की मानसिकता थी, दबाव में थे।"  

ICICI लोन घोटाला: ₹64 करोड़ की डील में फंसी पूर्व CEO चंदा कोचर

मुंबई  प्राइवेट सेक्टर का दूसरा सबसे बड़ा बैंक ICICI उस वक्त सवालों से घिर गया, जब बैंक से 300 करोड़ रुपये के लोन के लिए रिश्वत की बात सामने आई. नियमों की अनदेखी और बैंकिंग अधिनियमों को ताख पर रखकर बैंक की पूर्व CEO चंदा कोचर ने वीडियोकॉन ग्रुप को 300 करोड़ रुपये के लोन जारी कर दिया.  इस लोन के बदले उन्होंने 64 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी. अब इस लोन धांधली मामले में  चंदा कोचर बुरी तरह से फंस गई हैं.  रिपोर्ट के मुताबिक  appellate tribunal ने ED की रिपोर्ट को सही माना है और वीडियोकॉन लोन घोटाला मामले में उन्हें दोषी माना है.  ट्रिब्यूनल ने 3 जुलाई को अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वीडियोकॉन को लोन देने के बदले चंदा कोचर ने 64 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी.  ईडी की दलीलों को सही मानते हुए ट्रिब्यूनल ने कहा कि सभी सबूत इस बात की गवाही दे रहे हैं कि चंदा कोचर ने अपने पति के जरिए वीडियोकॉन ग्रुप से 64 करोड़ रुपये की रिश्वत ली.आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन को जो लोन लिया वो डूब गया, जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ.  चंदा कोचर ने कैसे किया पूरा खेला   ट्रिब्यूनल ने कहा कि ED ने इस स्कैम से संबंधित जो सबूत दिए हैं, जो PMLA एक्ट की धारा 50 के तहत बयान शामिल हैं. ये बयान मान्य हैं. वीडियोकॉन को 300 करोड़ रुपये के लोन के लिए चंदा कोचर ने बैंकिंग नियमावली की अनदेखी करते हुए रिश्वत ली. रिश्वत की रकम के लिए कंपनियों के कागजातों में हेरफेर किए गए. रिश्वत की रकम नूपावर रीन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (NRPL) के जरिए रूट की गई. इस कंपनी का मालिकाना हक वीएन धूत के पास था, वो वीडियोकॉन के CMD थे, लेकिन असल में कंपनी पर पूरा कंट्रोल चंदा कोचर के पति दीपक कोचर का था.   78 करोड़ रुपये की संपत्ति होगी जब्त   ट्रिब्यूनल ने ईडी के आरोपों की सही ठहराते हुए पहले की अथॉरिटी को फटकार लगाई, जिसमें चंदा कोचर को आरोपों से राहत दिया गया था. ये भी कहा गया कि चंदा कोचर ने लोन मंजूर करने वाली कमेटी में रहते हुए बैंक के नियमों और नीतियों को अनदेखा किया. जिस दिन वीडियोकॉन को 300 करोड़ रुपये का लोन पास किया गया. अगले ही दिन  वीडियोकॉन की कंपनी SIPL ने NRPL को 64 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए.  अब उनकी संपत्ति फिर से जब्त होगी, जिसमें उनका मुंबई चर्चगेट वाला फ्लैट भी शामिल है. बता दें कि चंदा कोचर अभी जमानत पर बाहर है, लेकिन केस जारी है.  

ग्राम जाखी सतना से जल संवर्धन की नई शुरुआत

सतना सतना सांस्कृतिक एवं साहित्यिक मंच के अध्यक्ष डॉ.यू.बी.सिंह परिहार के नेतृत्व में  जल संरक्षण एवं संवर्धन गोष्ठी  ग्राम जाखी में सम्पन्न  मुख्यअतिथि  श्री रामानन्द सिंह से.नि. कार्यपालन यंत्री जल संसाधन तथा  श्री जी पी सिंह जी से.नि. संयुक्त कमिश्नर की अध्यक्षता व श्री छोटे लाल पाण्डेय , श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह,श्री जी पी चतुर्वेदी से.नि. कार्यपालन यंत्री विशिष्ट अतिथि रहे।       श्री धर्मेन्द्र प्रताप सिंह धरम के मंच संचालकत्व में मां सरस्वती जी की पूजा अर्चना पश्चात सुमधुर गीतकार श्री शैलेन्द्र सिंह परिहार शैल की वाणी  वंदना के साथ गोष्ठी प्रारंभ हुई।       डॉ यू बी सिंह परिहार जी  अपने स्वागत भाषण में कहा कि जल जमीन जंगल जानवर के प्रति अपना नजरिया सकारात्मक करना होगा।रिचार्ज वाटर के संबंध में किसानों को इसी बरसात से सोचना होगा व जितने जल की आवश्यकता है उससे अधिक खर्च न करने का संकल्प लेना होगा।जल संरक्षण हेतु अपने उद्वोधन  से ग्रामीण जनों में पानी के बचत संरक्षण व सदुपयोग की अपील किए।         मुख्यअतिथि श्री रामानन्द सिंह जी ने प्रकृति के उपादानों पर चर्चा करते हुए छिति जल पावक गगन समीरा पंच प्रकृति के अनमोल उपहारों के संरक्षण की नशीहद दिए।            गोष्ठी में श्री ओम प्रकाश अग्रवाल,ब्लाक सरपंच संघ अध्यक्ष श्री शिवेन्द्र सिंह धौरा (सरपंच वीरपुर), श्री जी पी चतुर्वेदी जलविद ,श्री जय नारायण सिंह जी पूर्व सरपंच जाखी अपने विचार साझा किए।             अध्यक्षीय उद्वोधन में श्री जी पी सिंह जी ने कहा कि इस गोष्ठी को केवल गोष्ठी तक सीमित न रखा जाए इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में परिणित किया जाकर जाखी गांव से जल संवर्धन का कार्य प्रारम्भ किया जाए। देशी अनाज की खेती पर जोर के साथ, बंद पड़े बोरबेलों को रिस्टार्ट किया जाकर जल स्तर को बेहतर बनाया जाए।    जल संवर्धन एवं संरक्षण हित काव्य गोष्ठी में शैलेन्द्र प्रताप सिंह शैल,श्री टी के सिंह परिहार बांसी रामनगर,श्री नरेंद्र प्रताप सिंह, श्री छोटे लाल पाण्डेय, श्री जी.पी सिंह,श्री अजीत सिंह परिहार कुंवर, श्री रामपाल सिंह परिहार, श्री नागेन्द्र प्रतिहार, श्री रमेश प्रताप सिंह जाख़ी,डॉ अरुण कुमार पयासी बघेली बांधव, यू बी सिंह परिहार, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह धरम, पाठक जी ने जल से जुड़ी रचनाएं पढ़कर जनमानस को प्रोत्साहित किये।                  गोष्ठी का आभार प्रदर्शन जाखी सरपंच श्री भूपेन्द्र सिंह जी ने किया। शिवेन्द्र सिंह सरपंच धौरा,श्री अवध राज सिंह, नन्हे दाहिया सरपंच लालपुर, राजन सिंह सरपंच सेमरी, सरपंच मानिकपुर,राकेश कुमार, मनीष छेदी लाल पंच एवं ग्रामीणों ने जल संवर्धन गोष्ठी में भाग लिया।

UP में ट्रैफिक चालानों की भरमार, नहीं चुकाया जुर्माना तो 60 हजार लाइसेंस होंगे रद्द

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर अब सख्ती होगी। ट्रैफिक विभाग ने 5000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के जुर्माने वसूलने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। जो लोग बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, उनकी गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द किए जाएंगे। जिन गाड़ियों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी। इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) भी रद्द किए जा सकते हैं, ताकि वे सड़कों पर ना चल सकें। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक विभाग ने 3 लाख गाड़ियों और 58,893 ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की लिस्ट ट्रांसपोर्ट विभाग को भेजी है। इन सभी के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक 1,006 ड्राइविंग लाइसेंस और 3,964 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन रद्द या सस्पेंड किए जा चुके हैं। बरेली ज़ोन में सबसे ज़्यादा ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले पाए गए हैं। यहाँ 21,000 से ज़्यादा लोगों की पहचान हुई है, जिनमें से 5,833 DL रद्द करने के लिए भेजे गए हैं और 130 RC को चिह्नित किया गया है। मेरठ ज़ोन में 1323 लोगों ने नियम तोड़े, जिनमें से 260 DL सस्पेंड कर दिए गए हैं। आगरा ज़ोन में 1585 DL सस्पेंड करने की सिफ़ारिश की गई है और 30,000 से ज़्यादा गाड़ियों के RC रद्द करने के लिए चिह्नित किए गए हैं। लखनऊ ज़ोन में 4351 गाड़ियों और 1820 DL पर कार्रवाई करने की सिफ़ारिश की गई है। इन इलाक़ों में नियमों का पालन कराने और मौतों को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) के. सत्यनारायण ने कहा कि राज्य में हज़ारों करोड़ रुपये का चालान बकाया है। यह इसलिए है क्योंकि गाड़ी मालिक और ड्राइवर बार-बार नियम तोड़ते हैं और जुर्माना नहीं भरते। उन्होंने कहा, "जिन लोगों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके RC ब्लैकलिस्ट कर दिए जाएँगे, जिससे उनकी गाड़ियाँ अवैध हो जाएँगी। ऐसे ड्राइवरों के लाइसेंस भी रद्द किए जा रहे हैं ताकि लापरवाही से गाड़ी चलाने पर रोक लगाई जा सके।" इस महीने ट्रांसपोर्ट विभाग को एक लिस्ट दी गई है, जिसमें 3,01,410 गाड़ियाँ और 58,893 लाइसेंस धारक शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई लोग चालान इसलिए नहीं भरते क्योंकि उन्हें लगता है कि अदालतें जुर्माने की रकम कम कर देंगी। 2021 में, कुल 67 लाख गाड़ियों का चालान किया गया था, जिससे 867 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था। 2024 तक, चालानों की संख्या बढ़कर 1.36 करोड़ हो गई, लेकिन वसूली सिर्फ़ 105 करोड़ रुपये ही हुई। इससे पता चलता है कि कितने ज़्यादा जुर्माने बकाया हैं। ट्रैफिक विभाग ने 20 ऐसे ज़िलों की भी पहचान की है, जहाँ ट्रैफिक नियमों का सबसे ज़्यादा उल्लंघन होता है और सड़क हादसे होते हैं। लखनऊ इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। 2024 में यहाँ 1630 सड़क हादसे हुए, जिनमें 576 लोगों की मौत हो गई और 1165 लोग घायल हो गए। ज़्यादा हादसे वाले अन्य ज़िलों में कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा, बरेली, नोएडा, हरदोई, बुलंदशहर, मथुरा, ग़ाज़ियाबाद, अलीगढ़, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, मेरठ, शाहजहाँपुर, आज़मगढ़, लखीमपुर खीरी और कुशीनगर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पूरे राज्य में एक अभियान चल रहा है, जिसमें न सिर्फ़ बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, बल्कि सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह अभियान उत्तर प्रदेश की सड़क सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। इसका मक़सद है कि लोग लापरवाही से गाड़ी न चलाएँ, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और समय पर जुर्माने की वसूली हो।  

कार्यकर्ता चलो कांग्रेस के सम्मेलन में दिल्ली: पवन पटेल

भोपाल पवन पटेल प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी भोपाल में प्रेस नोट जारी कर बताया कि राहुल गाँधी जी का मानना है की महात्मा फुले, महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू जी और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी के सपनो को साकार करने के लिए ओबीसी वर्ग के हक अधिकार की लड़ाई लड़नी होगी, कांग्रेस पार्टी हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, आज हासिए पर खड़े वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए लड़ना होगा, इसके लिए एक मजबूत और जीवंत ओबीसी आंदोलन आवश्यक है I  पवन पटेल प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग नई दिल्ली द्वारा दिनांक 25 जुलाई 2025 को ताल कटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में “कांग्रेस ओबीसी नेतृत्व का भागीदारी न्याय महासम्मेलन” का आयोजन किया गया है सामाजिक न्याय की आवाज़ मुखर करने तथा देश के बहुसंख्यक पिछड़े वर्ग को हर क्षेत्र में भागेदारी देने तथा जातिगत जनगणना की लड़ाई लड़ कर उसको अंजाम तक पहुंचने का मार्ग प्रसस्त करने वाले, आम आदमी की आवाज़, नेता विपक्ष आदरणीय राहुलगांधी जी,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आदरणीय मल्लिकार्जुन खड़गे जी तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष आदरणीय अनिल जय हिन्द यादव जी सम्मलेन को सम्बोधित करेंगे I मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष पवन पटेल ने सभी पिछड़ा वर्ग, सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले साथियो से अनुरोध किया है की अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर राहुल गाँधी जी के हाथो को मजबूत करे तथा अपने हक अधिकार के प्रति अपनी एकता का परिचय देने का कष्ट करे.

6 वर्षों से चुनावी मैदान से दूर 27 पार्टियों से जवाब तलब, आयोग ने मांगा स्पष्टीकरण

नई दिल्ली  दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 27 पंजीकृत राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इन पार्टियों को पिछले छह सालों से कोई भी चुनाव न लड़ने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निर्वाचन आयोग ने कहा, यह जनप्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन है। आगे इन पार्टियों को चुनाव आयोग की लिस्ट से हटाया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि इन पार्टियों के अध्यक्षों और महासचिवों को लिखित में जवाब देने और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने पेश होने का समय दिया गया था, लेकिन सिर्फ चार पार्टियों ने जवाब दिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एलिस वाज ने कहा कि वे 27 जुलाई तक चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज देंगे। 27 पार्टियों ने 2019 से नहीं लड़ा कोई चुनाव अधिकारी के अनुसार, चुनाव आयोग में राजनीतिक पार्टियों जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 29 के तहत रजिस्टर होती हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद वह चुनाव में भाग ले सकती हैं। इन पार्टियों को विशेष प्रकार की छूटें भी दी जाती है। जिसमें टैक्स में छूट, चुनाव चिह्न और स्टार प्रचारक जैसी सुविधाएं मिलती हैं। लेकिन दिल्ली में 27 पार्टियों ने 2019 से कोई भी चुनाव नहीं लड़ा है। राजनीतिक पार्टियों की लिस्ट से हटाया जा सकता है नोटिस में कहा गया है, पिछले छह सालों से चुनाव न लड़ने से साफ है कि पार्टी ने धारा 29A के तहत राजनीतिक पार्टी के तौर पर काम करना बंद कर दिया है। इसलिए, आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 29A के तहत इन राजनीतिक पार्टियों को लिस्ट से हटाने का प्रस्ताव रखता है। निर्वाचन आयोग द्वारा जिन पार्टियों को नोटिस भेजा गया है, वही सभी पार्टियां लोकसभा, विधानसभा और नगर निगम के चुनावों में हमेशा दिखती है लेकिन कुछ खास वोट नहीं पाती हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और उसके साथियों को 47.2 प्रतिशत वोट मिले, आप को 43.6 प्रतिशत और कांग्रेस को 6.3 प्रतिशत वोट मिले। बाकी राष्ट्रीय पार्टियों, गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलाकर सिर्फ 2.4 प्रतिशत वोट मिले। इन पार्टियों को भेजा गया नोटिस जिन पार्टियों को नोटिस भेजा गया है, उनमें भारतीय रोजगार पार्टी, जन आंदोलन मोर्चा, मानव जागृति मंच, नवयुग पार्टी, ओजस्वी पार्टी, राष्ट्रीय जन कल्याण पार्टी, जनता सरकार पार्टी, ऑल इंडिया वीमेन यूनाइटेड पार्टी और आजाद भारत कांग्रेस शामिल हैं। चुनाव अधिकारी ने पार्टियों को 18 जुलाई तक जवाब देने का समय दिया था।  

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की शिकायत, इशाक डार ने फिलेमोन के सामने सिंधु संधि पर जताई चिंता

इस्लामाबाद पाकिस्तान की ओर से सिंधु जल संधि विवाद का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाने की तैयारी हो रही है। पाक के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने इस मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष फिलेमोन यांग से मुलाकात की है। डार ने सोमवार को न्यूयॉर्क में यांग से मिलकर सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत का सिंधु जल संधि से हटने जैसे फैसले क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है। डार ने यांग से कहा कि भारत की ओर से इस संधि का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र और दुनिया की संस्थाओं को इस तरफ ध्यान देना चाहिए और भारत पर दबाव डाला जाना चाहिए। पाक मीडिया के मुताबिक, इशाक डार ने फिलेमोन यांग से अपनी बैठक में खासतौर से भारत को चर्चा का केंद्र रखा। डार ने भारत के आक्रामक रुख, ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल संधि से पाकिस्तान को हो रही परेशानी से यांग को अवगत बताया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है पाक पाकिस्तान फिलहाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है। उसे रोटेशन के आधार पर ये पद मिला है। ऐसे में उसकी कोशिश इसका फायदा भारत विरोधी रुख को बढ़ाने के लिए करने की है। पाक चाहता है कि कश्मीर और सिंधु जल संधि को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर उठाया जाए। इसके लिए पाकिस्तान की कोशिश जारी है। इशाक डार ने संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष के सामने एक बार फिर कश्मीर कैा मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पाकिस्तान की पुरानी बयानबाजी को दोहराते हुए कहा कि कश्मीर में भारत की ओर से लगातार मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। शांति से हो जाए समाधान इशाक डार ने अंतर्राष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के माध्यम से बातचीत के माध्यम से पाकिस्तान और भारत के बीच सभी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया। पहलगाम के बाद शुरू हुआ विवाद भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव की शुरुआत 22 अप्रैल के बाद हुई। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की बर्बरता से हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ कई स्तरों पर संबंध तोड़ने का फैसला लिया। भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने का निर्णय भी लिया है। ये संधि भारत-पाक में नदियों का पानी बांटती है। भारत ने इस समझौते से हटते हुए पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोकने की बात कही है। इससे पाकिस्तान में चिंता बढ़ी हुई है।

लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा

रायपुर : पूरी प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कर रहे कार्य-वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने लैलूंगा में किया 2.72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित कन्या प्राथमिक शाला भवन का हुआ लोकार्पण रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के नगर पंचायत लैलूंगा में 2 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन का लोकार्पण किया, साथ ही स्कूल परिसर में सेठ जयदयाल सिंघानिया की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने स्कूल के छात्रों को ड्रेस, पाठ्य सामग्री व श्रीफल का वितरण किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में पंजीयन कार्यालय खोलने की महत्वपूर्ण घोषणा की। जिससे यहां के लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए दूर जाने की जरूरत नही पड़ेगी और स्थानीय स्तर पर ही काम होने से समय व ऊर्जा की बचत होगी।           वित्तमंत्री चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ओपी सिंघानिया का लैलूंगा की मिट्टी से गहरा नाता है। वे इसी अंचल में जन्मे, पले-बढ़े और आज देश-प्रदेश में एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। इस क्षेत्र के लिए उनका योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन के निर्माण को अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक बताते हुए सिंघानिया फाउंडेशन को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनते ही दो साल के बकाया बोनस राशि वितरण किया। धान खरीदी की मात्रा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत किए गए, जिनमें से अधिकतर आवास मात्र डेढ़ साल में पूर्ण कर लिए गए। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित किया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए  श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, ताकि अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य आम जन को मिल सके।           वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां जल्द ही पंजीयन कार्यालय प्रारंभ किया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजन जोन, मुक्तिधाम और बायपास सड़क निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जाएगी। विद्यालय के उन्नयन के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा, ताकि यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। जब लैलूंगा का एक बेटा देश प्रदेश का ख्यातनाम सीए बन सकता है, तो यहां का हर बच्चा ऊंचाइयों को छू सकता है। हम सबका संकल्प है कि इस अंचल को समृद्ध बनाएंगे और पूरे छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में अग्रणी बनाएंगे।             पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया  एवं नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया ने वित्त मंत्री चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सदैव आमजन के सुख-दुख में सहभागी रहते हैं। जल आवर्धन योजना जैसे रुके हुए कार्यों को पुनरू प्रारंभ कराकर उन्होंने जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता दर्शाई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप लैलूंगा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है ताकि आमजन को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आगे भी क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं और मांगों को प्राथमिकता देते हुए नए विकास कार्य स्वीकृत कराए जाएंगे। जनसुविधाओं को सुलभ और सशक्त बनाने की दिशा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सिदार ने क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।  कार्यक्रम में आईएनएच न्यूज के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व गोपाल अग्रवाल, जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष कृष्णा जायसवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इन कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन वित्त मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम में 50 लाख रुपए की लागत से सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन और 42.28 लाख रुपए की लागत से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम में सीटिंग व्यवस्था का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने 40 लाख रुपए से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम उन्नयन, 20 लाख रुपए की लागत से बास्केटबॉल कोर्ट निर्माण, 5 लाख रुपए की लागत से पेंशनर भवन के पास स्नानागार, शौचालय व कक्ष निर्माण और 1.14 करोड़ से अधिक लागत से बी.टी. रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजोन, मुक्तिधाम, बायपास सड़क और अन्य विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही।

रायपुर में डेका का संदेश: रिपोर्ट से नहीं, जमीनी हकीकत से जांचें योजनाओं का क्रियान्वयन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल फील्ड रिपोर्ट पर निर्भर न रहें बल्कि निचले स्तर पर जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन देंखें।     राज्यपाल डेका ने प्रदेश के पीएम जनमन क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के कार्याे की समीक्षा की और संचालित कार्याे की जमीनी हकीकत देखने के लिए इन ग्रामों का दौरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केन्द्र द्वारा तय सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। इन वर्गाे तक मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि देना पहली प्राथमिकता है। जो योजनाएं संचालित है वे तय समय पर पूर्ण हो जाएं। पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचे इसके लिए सही एप्रोच जरूरी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। डेका ने निर्देश दिया कि सतत् विकास की प्रक्रिया मे पर्यावरण को अनदेखा न किया जाए। जो विकास के कार्य हो रहे है, उसमें पेड़ों को बचाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर गंभीर होना है। जमीनी जल स्तर और वर्षा का मापन करे और उसके अनुसार योजनाएं बनाएं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दे। सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताया और कहा कि इस क्षेत्र में जो चुनौतियां है उसका सभी मिलकर निराकरण करेंगे। बैठक मे राज्यपाल डेका ने पीएम जनमन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि आंगनबाड़ीयों में लाइवलीहुड के लिए कार्य होना चाहिए। उन्होंने राज्य में स्व सहायता समूहों के गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले स्व सहायता समूहों को राजभवन द्वारा भी पुरूस्कृत किया जाएगा। डेका ने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से नवाचार करने पर बल दिया।

सूरजपुर जिले में 61,413 महिला संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने चरण पादुका का किया वितरण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने चरण पादुका का किया वितरण सूरजपुर जिले में 61,413 महिला संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका   जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेंड़ माँ के नाम कार्यक्रम आयोजित सूरजपुर वन मंडल में इस साल 7 लाख पौधों का होगा रोपण  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आम का पौधा लगाया  रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में आज सूरजपुर वनमंडल अंतर्गत गायत्री रोपणी नमदगिरी के समीप आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की चरण पादुका योजना का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस मौके पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं को चरण पादुकाएं प्रदान करते हुए सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। चरण पादुका योजना के तहत सूरजपुर जिले में 61,413 तंेदूपत्ता संग्राहक परिवार की महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस अवसर पर आम का पौधा रोपित कर जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेड़ मां के नाम 2.0 कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। सूरजपुर वनमण्डल अंतर्गत इस साल कैम्पा, ग्रीन इंडिया मिशन, ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत 7 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। ’’किसान वृक्ष मित्र योजना’’ के तहत् हितग्राहियों के निजी भूमि पर ढाई लाख क्लोनल नीलगिरी पौधों का रोपण भी किया जायेगा। सूरजपुर जिले में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा योजना के तहत् तैयार किये गये पौधों का निःशुल्क वितरण भी ग्रामीणों को किया जा रहा है।  मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं के परेशानियों को ध्यान में रखते हुए इस योजना की शुरूआत की गई थी, ताकि तेन्दूपत्ता संग्रहण के दौरान पैरों में कांटा, कंकड़ न चुभे। पूर्ववर्ती सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया था, जिसे प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फिर से शुरू किया है। यह योजना तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ी है। उन्होंने शत-प्रतिशत संग्राहक महिलाओं को इस योजना का लाभ सुनिश्चित करने की बात कही।  प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए पेड़ पौधे लगाना बहुत जरूरी है। प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते  एवं वन विकास निगम अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने सभी को अपने-अपने माता के नाम से एक पेड़ लगाने और उसकी सुरक्षा की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणि पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल राजवाडे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्वाति सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनमत कुमार बछाड, नगरपालिका उपाध्यक्ष शैलेष कुमार अग्रवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर एस जयवर्धन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों और नागरिकों द्वारा पौधरोपण किया गया।