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पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश टीटीपी के निशाने पर, भारत की सीमाओं पर बढ़ी निगरानी

ढाका पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) लंबे समय से आतंक मचा रहा है। कई आतंकी घटनाओं में तहरीक-ए-तालिबान का नाम सामने आ चुका है। अब पाकिस्तान के बाद यह आतंकी संगठन बांग्लादेश में अपनी उपस्थिति को बढ़ा रहा है, जिसकी वजह से भारत के सामने भी नई टेंशन खड़ी हो गई है। दरअसल, इन दिनों टीटीपी बांग्लादेश में आतंक फैलाने के लिए नए लड़ाकों की भर्ती में लगा हुआ है। पाकिस्तान के साथ-साथ भारत बांग्लादेश के साथ भी अपनी सीमा को साझा करता है और अगर दोनों पड़ोसी देशों में टीटीपी भविष्य में आतंकी घटनाओं को अंजाम देता है तो इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है। भारत की सुरक्षा के लिए भी टीटीपी खतरा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में कम से कम दो टीटीपी के रिक्रूटर्स के बांग्लादेश से अफगानिस्तान वाया पाकिस्तान जाने के सबूत मिले हैं। इसमें से एक का अप्रैल महीने में पाकिस्तानी सेना ने एनकाउंटर भी कर दिया। पिछले महीने जून में मलेशिया ने भी 36 बांग्लादेशी नागरिकों को आतंकियों से संपर्क रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद बांग्लादेश में टीटीपी के पैर पसारने की अटकलें तेज होने लगीं। मूल रूप से टीटीपी पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बॉर्डर से ऑपरेट करता है और वहीं से पाकिस्तान में धमाकों को अंजाम देता है। अब बांग्लादेश में भी पैर पसारने की कोशिश में लगा हुआ है। पिछले साल अगस्त महीने में शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद बांग्लादेश में उग्रवाद बढ़ा है। जुलाई में ही बांग्लादेश की एंटी टेरिरिज्म यूनिट ने दो लोगों जिनके नाम शमीम महफूज और मोहम्मद फोजल को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि दोनों के संपर्क टीटीपी से थे। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के अनुसार, बांग्लादेशी अधिकारी खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए जा रहे अभियानों के जरिए इस खतरे को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। बांग्लादेश पुलिस द्वारा 2017 में स्थापित एटीयू, उन्नत खुफिया रणनीतियों का उपयोग करके ऐसे खतरों को लक्षित करता है। ये गिरफ्तारियां बांग्लादेशी डिजिटल आउटलेट द डिसेंट की मई में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद हुई हैं, जिसमें खुलासा हुआ था कि कम से कम आठ बांग्लादेशी नागरिक वर्तमान में अफगानिस्तान में टीटीपी के सदस्य के रूप में सक्रिय हैं।  

सोनी सब के शो ‘इत्ती सी खुशी’ का प्रोमो रिलीज

मुंबई, सोनी सब के शो 'इत्ती सी खुशी' का प्रोमो रिलीज हो गया है। सोनी सब एक नई संवेदनशील कहानी ‘इत्ती सी खुशी’ लेकर आ रहा है।इस शो का नया प्रोमो काफी चर्चा में है, जो एक ऐसी बेटी की शांत लेकिन सशक्त ताकत को सलाम करता है जो अपने पांच भाई-बहनों और रंग-बिरंगे, उलझे हुए परिवार की रीढ़ बन जाती है। प्रोमो में अन्विता (सुम्बुल तौकीर खान), जो दिवेकर परिवार की धुरी है, एक अस्त-व्यस्त घर और अनकहे ज़िम्मेदारियों के बीच फंसी नज़र आती है। उसे कम उम्र में ही देखभाल करने वाले की भूमिका निभानी पड़ती है, क्योंकि उसके पिता की लापरवाही और शराब की लत के चलते घर की सारी जिम्मेदारियां उस पर आ जाती हैं। स्कूल रिपोर्ट कार्ड पर हस्ताक्षर करना हो या उस वक़्त मज़बूती से खड़ा रहना जब उसका शराबी पिता (वरुण बडोला) उनके इकलौते घर को बेच देता है। प्रोमो में दिखाया गया है कि वह सिर्फ एक अभिभावक नहीं, बल्कि अपने टूटते हुए संसार की स्थिरता बन जाती है। सुम्बुल तौकीर खान ने कहा, मैं इस शो की पहली झलक अपने प्रशंसकों के साथ साझा करने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। अन्विता एक ऐसी बेटी है जो परिवार को जोड़े रखने वाला गोंद बन जाती है। वह चुपचाप लेकिन पूरी ताकत से ज़िम्मेदारियों को उठाती है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसमें प्रेरणा पाएंगे कि कैसे अन्विता दर्द में भी ताकत ढूंढती है और दुःख में भी गरिमा बनाए रखती है।प्रोमो की शूटिंग करना एक खास अनुभव था। हमने एक मुंबई के आम मोहल्ले की जीवंतता को जीवंत किया और रजत वर्मा और वरुण सर के साथ वह अनुभव और भी यादगार बन गया।  

10 साल बाद टी20 फॉर्मेट में न्यूजीलैंड को चुनौती देगा जिम्बाब्वे, दोनों टीमें इस फॉर्मेट में एक-दूसरे को चुनौती देंगी

नई दिल्ली जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड के बीच लॉर्ड्स में 18 जुलाई को त्रिकोणीय टी20 सीरीज का तीसरा मैच खेला जाना है। करीब 10 साल बाद दोनों टीमें इस फॉर्मेट में एक-दूसरे को चुनौती देने जा रही हैं। दोनों टीमों के बीच टी20 इतिहास में अब तक कुल छह मैच खेले गए हैं, जिसमें सभी मुकाबले न्यूजीलैंड ने जीते। इस फॉर्मेट में आखिरी बार अगस्त 2015 में दोनों टीमों की भिड़ंत हुई थी। न्यूजीलैंड ने अक्टूबर 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ सात रन से जीत दर्ज की थी। इसके बाद साल 2011 में दोनों देशों के बीच दो मुकाबले खेले गए, जिसमें न्यूजीलैंड ने क्रमश: 10 विकेट और 34 रन से जीत हासिल की। इसके बाद साल 2012 में दोनों टीमें दो बार आमने-सामने आईं, जिसमें न्यूजीलैंड ने क्रमश: सात और पांच विकेट से जीत दर्ज की। दोनों देश अगस्त 2015 में आखिरी बार इस फॉर्मेट में आमने-सामने आए, जिसमें जिम्बाब्वे को 80 रन से हार झेलनी पड़ी। न्यूजीलैंड इस त्रिकोणीय सीरीज में अपना पहला मैच जीत चुकी है, जबकि जिम्बाब्वे को अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। प्वाइंट्स टेबल को देखें, तो अपना शुरुआती मुकाबला जीतकर न्यूजीलैंड की टीम शीर्ष स्थान पर है, जबकि साउथ अफ्रीका दो में से एक मैच जीतकर दूसरे पायदान पर मौजूद है। जिम्बाब्वे की टीम शुरुआती मुकाबला गंवाकर तीसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड की टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले को जीतकर प्वाइंट्स टेबल में नंबर-1 पायदान को मजबूत कर सकती है। वहीं, जिम्बाब्वे की टीम हर हाल में अपने जीत का खाता खोलना चाहेगी। त्रिकोणीय सीरीज में न्यूजीलैंड को जिम्बाब्वे के खिलाफ मजबूत टीम समझा जा रहा है, जिसके पास मिचेल सैंटनर, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉन्वे, मैट हेनरी, जेम्स नीशम, रचिन रवींद्र और ग्लेन फिलिप्स जैसे खिलाड़ी हैं, लेकिन सिकंदर रजा की कप्तानी में जिम्बाब्वे की टीम को कमतर नहीं आंका जा सकता। न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही त्रिकोणीय टी20 सीरीज का फाइनल मैच 26 जुलाई को खेला जाना है, जिसमें प्वाइंट्स टेबल की शीर्ष दो टीमों के बीच भिड़ंत देखने को मिलेगी। न्यूजीलैंड : मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉन्वे, जैकब डफी, जकरी फॉल्क्स, मिशेल हे, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, एडम मिल्ने, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, विल ओ’रूर्के, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम रॉबिन्सन, टिम सेफर्ट और ईश सोढ़ी। जिम्बाब्वे : सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेटरयान बर्ल, ट्रेवर ग्वांडु, क्लाइव मदांडे, वेस्ली मधेवेरे, टिनोटेंडा मापोसा, वेलिंग्टन मसाकाद्जा, विंसेंट मासेकेसा, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजारबानी, डायोन मायर्सरिचर्ड नगारवा, न्यूमैन न्यामुरी, और तफदजवा त्सिगा।  

अपराध पर योगी का प्रहार: 8 वर्षों में यूपी में 30,000 अपराधी गिरफ्तार

लखनऊ  योगी सरकार की मजबूत कानून व्यवस्था देश ही नहीं विदेशों में भी सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और अपराधियों पर लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। यही वजह है कि यूपी पुलिस ने वर्ष 2017 से लेकर अब तक प्रदेश में कुल 30 हजार से ज्यादा अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जबकि मुठभेड़ के दौरान 9 हजार से ज्यादा अपराधियों को पैर में गोली लगी। यूपी पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए अब तक 14 हजार से अधिक कार्रवाई की, जिससे प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस द्वारा अपराधियों की धरपकड़ के लिए 14,973 कार्रवाई की गई। इस दौरान 30,694 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस पर हमला करने वाले 9,467 अपराधियों के पैर में गोली लगी, जबकि 238 अपराधी मारे गए। प्रदेश में सबसे अधिक पश्चिम के मेरठ जोन में कार्रवाई की गई। यहां पर पुलिस ने 7,969 अपराधी गिरफ्तार किए, जबकि 2,911 घायल हुए। इसी तरह आगरा जोन में 5,529 अपराधी गिरफ्तार किए गए, जबकि 741 घायल हुए। वहीं, बरेली जोन में 4,383 अपराधी पकड़े गए और 921 घायल हुए। इसके अलावा वाराणसी जोन में 2,029 अपराधी अरेस्ट किए गए और 620 घायल हुए। डीजीपी ने बताया कि कमिश्नरेट में सबसे अधिक गौतमबुद्धनगर में 1,983 गिरफ्तार किए गए और 1,180 घायल हुए। गाजियाबाद कमिश्नरेट में 1,133 गिरफ्तार किए गए और 686 घायल हुए। इसके अलावा आगरा कमिश्नरेट में 1,060 अपराधी गिरफ्तार किए गए और 271 घायल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालते ही सबसे पहला लक्ष्य प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना और अपराधियों को नेस्तनाबूद करना रखा। उनकी स्पष्ट चेतावनी थी कि अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है। वे अपराध छोड़ दें या प्रदेश छोड़ दें। इस दिशा में उठाए गए सख्त कदमों ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। इसके लिए सीएम योगी ने न केवल पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण से सुसज्जित किया, बल्कि उनके मनोबल को भी ऊंचा किया। पिछले आठ वर्षों की सख्त नीति और अभियान का ही नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में गिना जाने लगा है।

यूक्रेनी ड्रोन से सुरक्षा के लिए रूस ने अपनाए सख्त कदम, मोबाइल-नेटवर्क बंद करने की पुष्टि

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सरकारी आवास क्रेमलिन की तरफ से यह बात कही गई है कि यूक्रेन के ड्रोन अटैक से बचने के लिए इंटरनेट बंद किया गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रेमलिन ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन से उत्पन्न खतरों से लोगों की सुरक्षा के लिए रूस में कभी-कभी मोबाइल इंटरनेट बंद करने का फैसला उचित है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव इंटरनेट आउटेज ट्रैकिंग सेवा Sboi.rf द्वारा इस हफ़्ते रूस के दर्जनों क्षेत्रों में अस्थिर इंटरनेट की सूचना दिए जाने के बाद इंटरनेट आउटेज के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। पेसकोव ने कहा कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों को रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर अधिकारी मोबाइल इंटरनेट बंद कर देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुश्मन को मात देने के लिए रणनीतिक कदम उठाने पड़ते हैं। रात भर रूस के 11 अलग-अलग इलाकों में ड्रोन हमले इस बीच, रूसी अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यूक्रेनी ड्रोनों ने रात भर रूस के 11 अलग-अलग इलाकों में हमले किए, जिनमें आवासीय इमारतों को नुकसान पहुँचा है और कई नागरिक घायल हुए हैं। इसके अलावा यूक्रेनी ड्रोनों ने हवाई अड्डों पर भी हमले किए हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वायु रक्षा बलों ने देश भर में और क्रीमिया के कब्जे वाले क्षेत्र में 122 ड्रोनों को रोककर नष्ट कर दिया। सबसे ज़्यादा संख्या में 43 ड्रोन ब्रांस्क और 38 ड्रोन कुर्स्क क्षेत्रों में मार गिराए गए। चार अपार्टमेंट क्षतिग्रस्त, कई बच्चे घायल अधिकारियों के अनुसार यूक्रेनी ड्रोन अटैक में कम से कम चार अपार्टमेंट क्षतिग्रस्त हो गए हैं।अधिकारियों के अनुसार, वोरोनिश शहर में ड्रोन के टुकड़े एक आवासीय इमारत से टकराए, जिससे तीन बच्चे घायल हो गए। 2009 और 2013 में पैदा हुए इन लड़कों के सिर में चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 2009 में पैदा हुई एक लड़की के हाथ और पैर में चोटें आईं और उसका घटनास्थल पर ही इलाज किया गया। मॉस्को में अटैक नाकाम बेलगोरोड क्षेत्र के गवर्नर व्याचेस्लाव ग्लैडकोव के अनुसार, स्मोरोडिनो गाँव में एक निजी घर पर एक ड्रोन ने विस्फोटक गिराया, जिससे एक महिला की मौत हो गई। उधर मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि वायु रक्षा बलों ने राजधानी की ओर बढ़ रहे तीन ड्रोनों को मार गिराया है। किसी भी तरह के नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।  

सलमान खान ने दर्शकों से सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म ‘निकिता रॉय’ देखने की अपील की

मुंबई,  बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने दर्शकों से सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म ‘निकिता रॉय’ देखने की अपील की है। सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म ‘निकिता रॉय’ 18 जुलाई को रिलीज के लिए तैयार है। सलमान खान ने अपने सोशल मीडिया पर ‘निकिता रॉय’ का पोस्टर शेयर किया और दर्शकों से फिल्म देखने की अपील की है। सलमान खान ने एक्स पर फिल्म निकिता रॉय का पोस्टर शेयर करते हुये कैप्शन में लिखा, सोनाक्षी देवी बनी ‘निकिता रॉय’! मुझे इस फिल्म का इंतजार है…आप भी जाकर देखो, कल रिलीज है। पूरी टीम को ऑल द बेस्ट। फिल्म ‘निकिता रॉय’ को निक्की भगनानी और विक्की भगनानी ने ‘निकी विक्की भगनानी फिल्म्स’ के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म में सोनाक्षी के अलावा अर्जुन रामपाल और परेश रावल भी नजर आने वाले हैं। इस फिल्म का निर्देशन कुश सिन्हा ने किया है।  

भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार: ACB ने पकड़ा घूसखोर पटवारी

जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ के लगातार भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज ACB की टीम ने जांजगीर-चांपा जिले के पटवारी कार्यालय में छापामार कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुतपुरा और धाराशिव गांव के प्रभारी पटवारी बाल मुकुंद राठौर को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, जांजगीर पुरानी बस्ती के रहने वाले सत्येंद्र कुमार राठौर ने एंटी करप्शन ब्यूरो से पटवारी के खिलाफ शिकायत की थी। प्रार्थी सत्येंद्र कुमार राठौर ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पुश्तैनी 4 एकड़ से अधिक जमीन पुटपुरा गांव में है, जिसका खाता बनवाने के लिए अपनी बहनों का हक छोड़ आवेदन पेश कर अपने नाम कराने के लिए डेढ़ साल से पटवारी का चक्कर काट रहा था और पटवारी उसे घुमाता रहा। पटवारी ने खाता दुरुस्त करने के एवज में 20 हजार रुपये घूस की मांग की। पटवारी के घूस मांगने और काम नहीं करने से परेशान होकर ACB से शिकायत की। सत्येंद्र राठौर की शिकायत की पुष्टि करने के बाद रेड की तैयारी की गई, और आज दोपहर 12 बजे सत्येंद्र राठौर पटवारी कार्यालय पहुंचकर पटवारी बाल मुकुंद राठौर को 20 हजार रुपये दिए। पटवारी द्वारा घूस की राशि लेने के बाद ACB की टीम ने तत्काल रेड की कार्रवाई की और पटवारी के पास से केमिकल लगे नोट बरामद किए। ACB थाना प्रभारी योगेश कुमार राठौर ने बताया कि विधिवत कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी बाल मुकुंद राठौर को हिरासत में ले लिया गया है और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

आदिवासी प्रतिनिधियों से बोले राहुल गांधी – हमारी मेहनत, उनकी माइक पर कहानी

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज (गुरुवार, 17 जुलाई को) अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस द्वारा आयोजित एक बैठक में देश भर से आए आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनके प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा की। इस दौरान छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा समेत अन्य इलाकों से आए आदिवासी नेताओं ने कहा कि उनके जल, जंगल जमीन पर हमले हो रहे हैं और भाजपा शासित राज्यों में उनकी जमीनें छीनकर अडाणी-अंबानी को दी जा रही हैं। एक आदिवासी नेता की शिकायत पर राहुल गांधी ने कहा कि काम हम करते हैं लेकिन लाउडस्पीकर वो (भाजपा वाले) चला रहे हैं क्योंकि उनके पास प्रचार तंत्र है। इस दौरान महाराष्ट्र से आए एक अन्य आदिवासी नेता ने कहा कि कांग्रेस हमारे साथ है, संविधान हमारे साथ है, कानून हमारे साथ है लेकिन जमीन पर उसे अमल में नहीं लाया गया, खासकर महाराष्ट्र में आदिवासी समुदाय उपेक्षित है। उन्होंने कहा कि अगर हमें आदिवासियों के हितों की रक्षा करनी है तो हमें एससी,एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी को भी साथ लेकर चलना होगा, तभी अपने अधिकारों की रक्षा कर सकेंगे और विकास कर सकेंगे। अन्यथा हम बंटकर रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव के बिना विकास नहीं हो सकता। आदिवासियों का फंड लैप्स हो रहा उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समुदाय के विकास के लिए आया फंड लैप्स हो जाता है या दूसरे मद में खर्च कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के लिए अनिवार्य मुफ्त शिक्षा का कानून लागू कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही आदिवासी समुदाय के अंदर व्याप्त घोर गरीबी को दूर किया जा सकता है। एक अन्य नेता ने कहा कि आदिवासी इलाकों में करीब 10 हजार स्कूलों को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूल बंद होने के बाद बच्चों को जबरन सरस्वती शिशु मंदिर भेजा जा रहे है। हमारे जंगल को हमसे छीना जा रहा छत्तीसगढ़ से आई एक महिला नेता ने कहा कि उनके यहां छोटी-बड़ी 153 कंपनियां हैं। वहां के लोगों की यही मांग है कि हम जल, जंगल, जमीन को बचाना चाहते हैं लेकिन जनप्रतिनिधि या राज्य सरकार आदिवासियों की मदद नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि उनके गांव के बगल में अडाणी के लिए जमीन अधिग्रहण किया गया है और जंगलों की कटाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासियों को खत्म करना चाहती है। हमारे जंगल को हमसे छीनना चाहती है। आदिवासी समुदाय सीधा-सादा है, इसलिए आवाज नहीं उठा पाता है। हमारे हाथ में प्रचार तंत्र नहीं: राहुल एक अन्य नेता ने जैसे ही कहा कि जब तक कांग्रेस की सरकार रही है, तब तक 100 फीसदी आदिवासी समुदाय कांग्रेस के साथ रहा है लेकिन अब वे सभी हमारी पहुंच से बाहर निकल रहे हैं। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे हाथ में प्रचार तंत्र नहीं है। उसका सिस्टम हमारे पास नहीं है। राहुल ने कहा, "प्रचार करने का सिस्टम बीजेपी और आरएसएस के हाथ में है। काम हम करते हैं, लाउडस्पीकर वो चलाते हैं।"  

इब्राहिम अली खान ने शेयर की ‘सरजमीं’ की बीटीएस तस्वीर

मुंबई,  अभिनेता इब्राहिम अली खान ने सोशल मीडिया पर अपनी आने वाली फिल्म ‘सरजमीं’ की बीटीएस तस्वीर शेयर की है। सैफ अली खान के पुत्र इब्राहिम अली खान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘सरजमीं’ को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं। कश्मीर की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म सरज़मीं ,विजय मेनन (पृथ्वीराज सुकुमारन) पर आधारित है, जो एक सम्मानित सेना अधिकारी है, जो अपने कर्तव्य और व्यक्तिगत बलिदान की अडिग भावना के लिए जाना जाता है। मीरा (काजोल), एक मजबूत मां और पत्नी के रूप में, परिवार को एक साथ रखने के लिए संघर्ष करती है। हरमन (इब्राहिम अली खान) एक युवा व्यक्ति की भूमिका में उबलती हुई तीव्रता लाता है, जो यादों और परेशान करने वाली सच्चाइयों के बीच फंस जाता है। इब्राहिम अली खान ने ‘सरजमीं’ की रिलीज से पहले फिल्म से जुड़ी कई बीटीएस तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं। कुछ तस्वीरों में इब्राहिम सेना की वर्दी पहने बंदूक चलाते दिख रहे हैं। जबकि कुछ तस्वीरें फिल्म के सेट के दौरान की हैं, जिनमें सिर्फ पेड़ और आसमान दिख रहा है। इस दौरान इब्राहिम ने कई सेल्फी भी पोस्ट की हैं और अपने अलग-अलग लुक को फ्लॉन्ट किया है। कायोज़ ईरानी द्वारा निर्देशित और धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले हीरू यश जौहर, करण जौहर, अदार पूनावाला और अपूर्व मेहता द्वारा निर्मित, यह फ़िल्म 25 जुलाई को केवल जियोहॉटस्टार पर रिलीज़ होगी।  

गायों पर टूटा मौत का पहिया: ट्रक की टक्कर से 6 की जान गई, कई की हालत गंभीर

सूरजपुर तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बैठे मवेशियों को रौंद दिया. इस हादसे में 6 गायों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं कई मवेशी घायल हुए हैं. घटना के बाद ट्रक चालक फरार हो गया. यह घटना अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर गोंदा गांव के पास हुई. पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी है. किसान सुरेश कुमार ने बताया कि सड़क किनारे 19 गाय बैठे थे. ट्रक चढ़ने से 6 गाय की मौके पर ही मौत गई. वहीं कई गाय घायल हुए हैं. घटना के बाद ट्रक चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रतापपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी है.