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MP अतिथि शिक्षकों को अलर्ट: 18 जुलाई से ई-अटेंडेंस नहीं तो मानदेय भी नहीं

भोपाल  मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों से जुड़ी जरुरी खबर सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों के लिए “हमारे शिक्षक” ऐप पर ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य किया है, लेकिन कई शिक्षक इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश जारी किए हैं कि 18 जुलाई, 2025 से जो अतिथि शिक्षक ई-अटेंडेंस नहीं लगाएंगे, उन्हें गैरहाजिर माना जाएगा और उनका मानदेय रोका जाएगा।  ई-अटेंडेंस के चौंकाने वाले आंकड़े विभाग ने सभी जिलों में अतिथि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस की स्थिति की समीक्षा की तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। किसी भी जिले में 50 प्रतिशत से अधिक ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं हुई है। कई जिलों में यह आंकड़ा मात्र 10 से 20 प्रतिशत के बीच है, जबकि अनूपपुर जिले में ई-अटेंडेंस शून्य प्रतिशत रहा। स्कूल शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि “हमारे शिक्षक” ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना अब अनिवार्य है।  "हमारे शिक्षक" ऐप से अनिवार्य की गई उपस्थिति स्कूल शिक्षा विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र से गेस्ट टीचर्स की अटेंडेंस मोबाइल ऐप "हमारे शिक्षक" के जरिए दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब शिक्षक की उपस्थिति सिर्फ ऐप के माध्यम से ही मान्य मानी जाएगी। हालांकि, अभी तक कई गेस्ट टीचर्स इस आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। इस पर लोक शिक्षण आयुक्त ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि लगभग 80% अतिथि शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की है, जो कि बहुत ही निराशाजनक है। 18 जुलाई से अटेंडेंस नहीं तो वेतन नहीं मध्यप्रदेश में गेस्ट टीचर्स के लिए शुरू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था जुलाई माह के पहले पंद्रह दिनों में बुरी तरह विफल साबित हुई है। अब स्कूल शिक्षा विभाग ने इसको लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिलों शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 18 जुलाई से जिन अतिथि शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति (ई-अटेंडेंस) ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से दर्ज नहीं होगी, उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा और उनका मानदेय भी रोका जाएगा।” ई-अटेंडेंस नहीं लगाई तो रुकेगा मानदेय विभाग ने साफ कहा है कि सभी गेस्ट टीचर्स को सूचना दी जाए कि अगर वे "हमारे शिक्षक" ऐप से अटेंडेंस दर्ज नहीं करते हैं, तो उन्हें गैरहाजिर माना जाएगा और उनका मानदेय नहीं मिलेगा। यह ई-अटेंडेंस की व्यवस्था 1 जुलाई 2025 से शुरू की गई है। लेकिन पहले 15 दिन की समीक्षा में सामने आया कि 80% से ज्यादा गेस्ट टीचर्स ने ऐप से अटेंडेंस नहीं लगाई है। गेस्ट टीचर्स की ई-अटेंडेंस की रिपोर्ट जारी शिक्षा विभाग ने हमारे शिक्षक’ ऐप से अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों को अब अनुपस्थित मानते हुए वेतन न देने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के गेस्ट टीचर्स की ई-अटेंडेंस पर आधारित रिपोर्ट जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि इसे सख्ती से लागू किया जाए। वहीं, अतिथि शिक्षक संघ ने आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें अवकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक वे ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे। गेस्ट टीचर्स ने नहीं लगाई ई-अटेंडेंस दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र से गेस्ट टीचर्स की उपस्थिति मोबाइल ऐप ‘हमारे शिक्षक’ के माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक अब तक इस निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं। इस लापरवाही पर लोक शिक्षण आयुक्त ने गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगभग 80% गेस्ट टीचर्स ने ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की है, जो कि अत्यंत चिंताजनक और निराशाजनक स्थिति है।” शिक्षकों का एक वर्ग इस व्यवस्था का कर रहा विरोध विभाग का कहना है कि यह कदम शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, शिक्षकों का एक वर्ग इस व्यवस्था का विरोध कर रहा है, उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या और ऐप की तकनीकी खामियों के कारण यह प्रणाली अव्यवहारिक है। इस सख्ती के बाद अब देखना होगा कि अतिथि शिक्षक इस नियम का पालन करते हैं या विरोध और तेज होता है। डिंडोरी जिले में 50 प्रतिशत से ज्यादा उपस्थिति शिक्षा विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश के 55 जिलों में से केवल डिंडोरी ऐसा जिला है जहां अपेक्षाकृत बेहतर ई-अटेंडेंस दर्ज की गई है। यहां 57% गेस्ट टीचर्स ने ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज की। इसके बाद झाबुआ में 48%, खरगोन में 45%, तथा नरसिंहपुर और शहडोल में 44-44% गेस्ट टीचर्स की अटेंडेंस दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, अनूपपुर जिला सबसे पीछे रहा, जहां 17 गेस्ट टीचर्स में से किसी ने भी एक भी दिन उपस्थिति दर्ज नहीं की। इसी तरह निवाड़ी और अलीराजपुर में मात्र 7-7% और मऊगंज और हरदा में 8-8% अटेंडेंस ही रिकॉर्ड की गई है। यह आंकड़े ई-अटेंडेंस व्यवस्था की जमीनी स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा करते हैं। "जब तक अवकाश की सुविधा नहीं मिलेगी, नहीं लगाएंगे ई-अटेंडेंस" अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील परिहार ने स्कूल शिक्षा विभाग की ई-अटेंडेंस अनिवार्यता पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पिछले 17 सालों में अतिथि शिक्षकों को एक भी अवकाश की सुविधा नहीं दी गई है, जबकि अतिथि विद्वानों को यह सुविधा उपलब्ध है। परिहार ने कहा, हमारे पास न तो दुर्घटना बीमा है और न ही महिला शिक्षकों को प्रसूति अवकाश मिलता है। कई अतिथि शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें मात्र ₹10,000 मानदेय मिलता है और वे पिछले चार महीनों से बेरोजगार हैं। कई के पास स्मार्टफोन तक नहीं हैं, ऐसे में वे ई-अटेंडेंस कैसे लगाएं?

MP अतिथि शिक्षकों को अलर्ट: 18 जुलाई से ई-अटेंडेंस नहीं तो मानदेय भी नहीं

भोपाल  मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों से जुड़ी जरुरी खबर सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों के लिए “हमारे शिक्षक” ऐप पर ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य किया है, लेकिन कई शिक्षक इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश जारी किए हैं कि 18 जुलाई, 2025 से जो अतिथि शिक्षक ई-अटेंडेंस नहीं लगाएंगे, उन्हें गैरहाजिर माना जाएगा और उनका मानदेय रोका जाएगा।  ई-अटेंडेंस के चौंकाने वाले आंकड़े विभाग ने सभी जिलों में अतिथि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस की स्थिति की समीक्षा की तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। किसी भी जिले में 50 प्रतिशत से अधिक ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं हुई है। कई जिलों में यह आंकड़ा मात्र 10 से 20 प्रतिशत के बीच है, जबकि अनूपपुर जिले में ई-अटेंडेंस शून्य प्रतिशत रहा। स्कूल शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि “हमारे शिक्षक” ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना अब अनिवार्य है।  "हमारे शिक्षक" ऐप से अनिवार्य की गई उपस्थिति स्कूल शिक्षा विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र से गेस्ट टीचर्स की अटेंडेंस मोबाइल ऐप "हमारे शिक्षक" के जरिए दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब शिक्षक की उपस्थिति सिर्फ ऐप के माध्यम से ही मान्य मानी जाएगी। हालांकि, अभी तक कई गेस्ट टीचर्स इस आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। इस पर लोक शिक्षण आयुक्त ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि लगभग 80% अतिथि शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की है, जो कि बहुत ही निराशाजनक है। 18 जुलाई से अटेंडेंस नहीं तो वेतन नहीं मध्यप्रदेश में गेस्ट टीचर्स के लिए शुरू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था जुलाई माह के पहले पंद्रह दिनों में बुरी तरह विफल साबित हुई है। अब स्कूल शिक्षा विभाग ने इसको लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिलों शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 18 जुलाई से जिन अतिथि शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति (ई-अटेंडेंस) ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से दर्ज नहीं होगी, उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा और उनका मानदेय भी रोका जाएगा।” ई-अटेंडेंस नहीं लगाई तो रुकेगा मानदेय विभाग ने साफ कहा है कि सभी गेस्ट टीचर्स को सूचना दी जाए कि अगर वे "हमारे शिक्षक" ऐप से अटेंडेंस दर्ज नहीं करते हैं, तो उन्हें गैरहाजिर माना जाएगा और उनका मानदेय नहीं मिलेगा। यह ई-अटेंडेंस की व्यवस्था 1 जुलाई 2025 से शुरू की गई है। लेकिन पहले 15 दिन की समीक्षा में सामने आया कि 80% से ज्यादा गेस्ट टीचर्स ने ऐप से अटेंडेंस नहीं लगाई है। गेस्ट टीचर्स की ई-अटेंडेंस की रिपोर्ट जारी शिक्षा विभाग ने हमारे शिक्षक’ ऐप से अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों को अब अनुपस्थित मानते हुए वेतन न देने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के गेस्ट टीचर्स की ई-अटेंडेंस पर आधारित रिपोर्ट जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि इसे सख्ती से लागू किया जाए। वहीं, अतिथि शिक्षक संघ ने आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें अवकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक वे ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे। गेस्ट टीचर्स ने नहीं लगाई ई-अटेंडेंस दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र से गेस्ट टीचर्स की उपस्थिति मोबाइल ऐप ‘हमारे शिक्षक’ के माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक अब तक इस निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं। इस लापरवाही पर लोक शिक्षण आयुक्त ने गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगभग 80% गेस्ट टीचर्स ने ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की है, जो कि अत्यंत चिंताजनक और निराशाजनक स्थिति है।” शिक्षकों का एक वर्ग इस व्यवस्था का कर रहा विरोध विभाग का कहना है कि यह कदम शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, शिक्षकों का एक वर्ग इस व्यवस्था का विरोध कर रहा है, उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या और ऐप की तकनीकी खामियों के कारण यह प्रणाली अव्यवहारिक है। इस सख्ती के बाद अब देखना होगा कि अतिथि शिक्षक इस नियम का पालन करते हैं या विरोध और तेज होता है। डिंडोरी जिले में 50 प्रतिशत से ज्यादा उपस्थिति शिक्षा विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश के 55 जिलों में से केवल डिंडोरी ऐसा जिला है जहां अपेक्षाकृत बेहतर ई-अटेंडेंस दर्ज की गई है। यहां 57% गेस्ट टीचर्स ने ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज की। इसके बाद झाबुआ में 48%, खरगोन में 45%, तथा नरसिंहपुर और शहडोल में 44-44% गेस्ट टीचर्स की अटेंडेंस दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, अनूपपुर जिला सबसे पीछे रहा, जहां 17 गेस्ट टीचर्स में से किसी ने भी एक भी दिन उपस्थिति दर्ज नहीं की। इसी तरह निवाड़ी और अलीराजपुर में मात्र 7-7% और मऊगंज और हरदा में 8-8% अटेंडेंस ही रिकॉर्ड की गई है। यह आंकड़े ई-अटेंडेंस व्यवस्था की जमीनी स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा करते हैं। "जब तक अवकाश की सुविधा नहीं मिलेगी, नहीं लगाएंगे ई-अटेंडेंस" अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील परिहार ने स्कूल शिक्षा विभाग की ई-अटेंडेंस अनिवार्यता पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पिछले 17 सालों में अतिथि शिक्षकों को एक भी अवकाश की सुविधा नहीं दी गई है, जबकि अतिथि विद्वानों को यह सुविधा उपलब्ध है। परिहार ने कहा, हमारे पास न तो दुर्घटना बीमा है और न ही महिला शिक्षकों को प्रसूति अवकाश मिलता है। कई अतिथि शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें मात्र ₹10,000 मानदेय मिलता है और वे पिछले चार महीनों से बेरोजगार हैं। कई के पास स्मार्टफोन तक नहीं हैं, ऐसे में वे ई-अटेंडेंस कैसे लगाएं?

भगदड़ कांड में RCB फंसी, कर्नाटक सरकार ने क्रिमिनल केस चलाने की मंजूरी दी

बेंगलुरु  बेंगलुरु भगदड़ मामले में कर्नाटक सरकार ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के खिलाफ आपराधिक मामले दायर करने की मंजूरी दे दी है. ये फैसला मंत्रिमंडल की बैठक में जस्टिस माइकल डी'कुन्हा आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने के बाद लिया गया है. आयोग की इस रिपोर्ट में कई अनियमितताओं और गड़बड़ियों का खुलासा किया गया है, जिसके आधार पर ये कार्रवाई की जा रही है. जस्टिस माइकल डी'कुन्हा की अध्यक्षता में गठित आयोग ने आरसीबी और केएससीए से जुड़े विभिन्न मुद्दों की गहन जांच की थी. इस जांच में वित्तीय अनियमितताओं, प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी और अन्य गंभीर उल्लंघनों के सबूत सामने आए. आयोग की रिपोर्ट में इन संगठनों द्वारा नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध गतिविधियों का उल्लेख किया गया है, जिसे मंत्रिमंडल ने गंभीरता से लिया. मंत्रिमंडल की बैठक में इस रिपोर्ट को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया और इसके आधार पर आरसीबी और केएससीए के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने का फैसला लिया गया है. ये कदम खेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. RCB की लापरवाही पर सवाल ट्रिब्यूनल ने आईपीएल फ्रेंचाइजी RCB की कड़ी आलोचना की, क्योंकि उन्होंने पुलिस की मंजूरी के बिना अपनी जीत के जश्न की घोषणा की थी, जिसके बाद भारी भीड़ उमड़ी और ये हादसा हुआ. ट्रिब्यूनल ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास कुमार विकास की निलंबन आदेश को रद्द करते हुए कहा कि RCB ने अचानक सोशल मीडिया पर जश्न की घोषणा की, जिसके कारण लगभग तीन से पांच लाख लोग जमा हो गए.ट्रिब्यूनल ने कहा, ‘पहली नजर में ऐसा लगता है कि RCB तीन से पांच लाख लोगों के जमा होने के लिए जिम्मेदार है. RCB ने पुलिस से उचित अनुमति या सहमति नहीं ली. अचानक, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया और इसके बाद भीड़ जमा हो गई.’ सरकार को झटका, आपराधिक मामला दर्ज ट्रिब्यूनल का ये फैसला कर्नाटक सरकार के लिए भी एक बड़ा झटका है. कर्नाटक सरकार ने इस हादसे के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया था. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पहले खुफिया विभाग की आलोचना करते हुए कहा था, ‘अगर खुफिया विभाग समय पर और सटीक जानकारी नहीं दे सकता, तो इसका क्या फायदा?’ RCB अधिकारियों, KSCA और डीएनए एंटरटेनमेंट के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. कई इवेंट मैनेजर्स को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें अंतरिम जमानत दे दी गई. इस बीच, कर्नाटक हाईकोर्ट इस हादसे की सुनवाई कर रहा है. 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 29वें मुख्य न्यायाधिपति की शपथ लेने पर न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका अनुभव, न्याय के प्रति प्रतिबद्धता, दूरदृष्टि और अनुशासन निश्चित ही भारतीय न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि सचदेवा अपने कार्यकाल में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, मौलिक अधिकारों की प्रतिष्ठा और शीघ्र एवं निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें तथा न्याय एवं संविधान की गरिमा को नई दिशा दें, यही शुभकामनाएं हैं। 

निवेशकों के लिए खुशखबरी! Nifty में जबरदस्त उछाल की संभावना

मुंबई  भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन और अनुकूल नीतिगत वातावरण के चलते शेयर बाजार में आने वाले महीनों में मजबूती देखने को मिल सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, निफ्टी 2025 के अंत तक 26,300 से 27,500 की रेंज में रह सकता है। मार्च में बने निचले स्तर से बाजार में तेजी का रुझान देखा जा रहा है और 26,300 का स्तर एक महत्वपूर्ण अवरोध हो सकता है। यदि इसमें ब्रेकआउट होता है, तो निफ्टी 27,500 तक जा सकता है। बर्नस्टीन के प्रबंध निदेशक और भारतीय शोध प्रमुख वेणुगोपाल गैरे ने निखिल अरेला के साथ लिखे नोट में कहा है, यह सीधे ही उस स्तर तक नहीं जाएगा। हमें अगले कदम से पहले इसके कुछ मजबूती लेने की उम्मीद है। सेक्टर के नजरिए से हम कुछ दांव यूटिलिटी से स्टेपल की ओर कर रहे हैं और थोड़े समय के लिए रणनीतिक रूप से ज्यादा वेटेज की ओर बढ़ रहे हैं। रणनीति के तौर पर उन्होंने यूटिलिटी सेक्टर को इक्वल वेट कर दिया है। वित्तीय, टेलिकॉम और डिस्क्रिशनरी उनके ओवरवेट सेक्टर बने हुए हैं। आर्थिक संकेतक बर्नस्टीन ने आगाह किया कि इस बात के संकेत बढ़ रहे हैं कि आ​र्थिक रफ्तार नरम हो रही है और यह नियमित रूप से आने वाले हाल के संकेतकों में दिखता भी है। औद्योगिक गतिविधियों में नरमी लग रही है क्योंकि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक मई में नौ महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया और कोर सेक्टर में भी इसी तरह की गिरावट देखी गई। अप्रैल-मई में बिजली की मांग और तेल व गैस उत्पादन में नरमी आई है जबकि यात्री वाहनों की बिक्री सुस्त बनी हुई है। हवाई यातायात की वृद्धि भी नरमी के संकेत दे रही है। ऋण वृद्धि में भी नरमी आई है। हालांकि, कुछ मजबूत रुझान भी हैं। इस्पात और कोयला उत्पादन ने हाल के औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। सीमेंट भी मज़बूत है। इसे आंशिक रूप से पेटकोक की बढ़ती खपत से सहारा मिला है। उपभोक्ता मोर्चे की बात करें तो एफएमसीजी और खुदरा क्षेत्र की कई उपभोक्ता कंपनियों ने वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के बारे में सकारात्मक टिप्पणियां की हैं और उन्होंने बिक्री वृद्धि में तिमाही आधार पर सुधार की बात कही है। पिछले कुछ हफ़्तों में बिजली की मांग में तेजी आई है। इन कारकों पर रहेगी नजर रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष की दूसरी छमाही में कुछ प्रमुख वैश्विक और घरेलू घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। इनमें शामिल हैं:     अमेरिका की टैरिफ नीतियों पर स्पष्टता और उसका वैश्विक व्यापार पर प्रभाव     हिंद-प्रशांत और मध्य पूर्व क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव का समाधान     यूके-भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की प्रगति     अमेरिका में महंगाई के रुझान        

प्रियंका-निक का बीच डे रोमांस वायरल, वीडियो के साथ लिखा दिल छूने वाला मैसेज

मुंबई   प्रियंका चोपड़ा जोनास न केवल एक ग्लोबल स्टार हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनकी मौजूदगी काफी खास और दिल को छू लेने वाली होती है। वे अपने चाहने वालों से जुड़े रहने के लिए सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। अपनी प्रोफेशनल जिंदगी के साथ-साथ पर्सनल लाइफ की भी खूबसूरत झलकियां फैंस के साथ साझा करती हैं। इस बीच प्रियंका ने अपने पति निक जोनास के लिए अपना प्यार जाहिर किया, उन्होंने निक के साथ एक बेहद खास वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया।  वीडियो में दोनों समुद्र किनारे प्यार भरे पल बिताते दिख रहे हैं। वीडियो में पहले निक बीच पर अकेले खड़े हैं और नीचे की ओर लिखा है- 'विदआउट हर' यानी 'उसके बिना,' और साथ में एक उदास इमोजी भी है। लुक की बात करें तो उन्होंने ब्लैक स्लीवलेस टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने हुए हैं और रेड कलर की कैप भी पहन रखी है। इस वीडियो के बैकग्राउंड म्यूजिक में उनके बैंड 'जोनास ब्रदर्स' का नया गाना 'आई कान्ट लूज' प्ले हो रहा है। जैसे ही गाने की बीट तेज होती है, प्रियंका दौड़ते हुए निक के पास आती हैं और उन्हें कसकर गले लगाती हैं। इस दौरान स्क्रीन पर लिखा आता है- 'विद हर!' यानी 'उसके साथ,' और आगे हैप्पी इमोजी भी होते हैं।इस रोमांटिक वीडियो को निक ने पहले अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था, जिसे प्रियंका ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर री-शेयर किया और कैप्शन में लिखा, 'माइन,' यानी 'आप मेरे हो।' वहीं पॉप सिंगर निक ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा था, 'मैं आपको खोना नहीं चाहता।' प्रियंका और निक ने मई 2018 में एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था और उसी साल अगस्त में उन्होंने सगाई कर ली। दिसंबर 2018 में, उन्होंने जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में शादी की। दोनों ने अपनी-अपनी संस्कृति का सम्मान करते हुए शादी की। पहले हिंदू रिवाजों के अनुसार शादी हुई और दूसरी बार क्रिश्चियन रिवाजों के अनुसार शादी की। इस कपल ने 2022 में सरोगेसी के जरिए अपनी पहली बेटी मालती मेरी चोपड़ा जोनास का स्वागत किया।

क्रांति गौड़ की गेंदबाज़ी में बुमराह जैसी धार, टीम में धमाकेदार एंट्री

साउथैम्पटन  क्रांति गौड़ ने  साउथैम्पटन के रोज बाउल में खेले गए पहले एकदिवसीय मैच में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान कर दिया। अपने सिर्फ दूसरे ODI मैच में खेलते हुए, 21 वर्षीय क्रांति ने एमी जोन्स और खतरनाक टैमी ब्यूमोंट को आउट किया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। क्रांति ने शुरुआती स्पेल में 5 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट लिए। क्रांति गौड़ को 2025 में WPL में यूपी वॉरियर्ज ने 10 लाख में खरीदा था। क्रांति गौड़ का कमाल टीम इंडिया के लिए अमनजोत कौर के बाद क्रांति गौड़ ने दूसरे छोर से नई गेंद संभाली। उन्हें शुरुआत में लय में आने में थोड़ा समय लगा। उन्होंने लगातार तीन वाइड गेंदें फेंकी। लेकिन उन्होंने जल्दी ही लय पकड़ ली। उन्होंने एमी जोन्स को बोल्ड कर दिया। एमी जोन्स आठ गेंदों में सिर्फ एक रन बना पाईं। उनका स्टंप उखड़ गया। यह क्रांति का वनडे में पहला विकेट था। क्रांति की ये गेंद इतनी खतरनाक थी कि जोन्स को हवा तक नहीं लगी। अमनजीत की ये गेंद टप्पा खाने के बाद काफी अंदर आई थी। अगले ओवर में भी कमाल अपने दूसरे ओवर में क्रांति ने टैमी ब्यूमोंट को आउट किया। टैमी ब्यूमोंट महिला वनडे में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं। उनसे आगे सिर्फ मेग लैनिंग (15) और सूजी बेट्स (13) हैं। चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर, क्रांति की गेंद ब्यूमोंट के पैड पर लगी। अंपायर ने अपील को ठुकरा दिया। भारत ने रिव्यू लेने का फैसला किया। डीआरएस से पता चला कि गेंद लाइन में पिच हुई थी और स्टंप्स पर लगती। इसलिए अंपायर का फैसला बदल दिया गया। ब्यूमोंट सिर्फ पांच रन बनाकर आउट हो गईं। महिला प्रीमियर लीग में किया था कमाल क्रांति गौड़ 2025 महिला प्रीमियर लीग (WPL) के दौरान चर्चा में आईं। उन्हें यूपी वॉरियर्ज ने नीलामी में 10 लाख रुपये में खरीदा था। इस युवा तेज गेंदबाज ने अपनी गति और आक्रामकता से सबको प्रभावित किया। उन्होंने 8 मैचों में 9.45 की इकोनॉमी रेट से 6 विकेट लिए। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने चार ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट लिए। बाद में उन्होंने श्रीलंका में त्रिकोणीय वनडे सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया।  

जापान ओपन में भारत की चुनौती कमजोर, अब अनुपमा पर टिकी निगाह

नई दिल्ली  भारतीय बैडमिंटन फैंस को तगड़ा झटका लगा है. जापान ओपन से भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी तथा चिराग शेट्टी की जोड़ी दूसरे दौर के अपने-अपने मैचों में हारकर बाहर हो गई है. इससे पहले  पहले राउंड का अपना मैच हारकर पीवी सिंधु भी बाहर हो गई थीं.अब बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट, जापान ओपन में केवल एकमात्र भारतीय शटलर अनुपमा उपाध्याय ही बची हैं. लक्ष्य सेन जापानी खिलाड़ी से हराकर हुए बाहर गुरुवार को लक्ष्य सेन को अपने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान के कोडाई नाराओका से सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा. नाराओका ने लक्ष्य सेन को 19-21, 11-21 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली जबकि लक्ष्य को टूर्नामेंट से बाहर करा रास्ता दिखा दिया. इससे पहले बुधवार को लक्ष्य सेन ने चीन के वांग झेंग जिंग को 21-11, 21-18 से हराकर दूसरे राउंड में जगह बनाई थी. सात्विक-चिराग को प्री-क्वार्टर फाइनल में मिली हार इसके अलावा जापान ओपन मेंस डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को चीन की जोड़ी लियांग वेई केंग और वांग चांग के हाथों सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ गया. इसके साथ ही भारतीय जोड़ी का सफर खत्म हो गया जबकि चीनी जोड़ी क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई. सात्विक-चिराग को वेई केंग और चांग के हाथों 22-24, 14-21 से हार मिली. सात्विक और चिराग ने बुधवार को दक्षिण कोरिया के कांग मिन ह्युक और की डोंग जू को 42 मिनट में 21-18, 21-10 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया. आपको बता दें कि टूर्नामेंट में बुधवार को भी भारत को बड़ा झटका लगा था. तब एचएस प्रणय और पीवी सिंधु जैसे प्रमुख खिलाड़ी पहले ही दौर से ही बाहर हो गए थे. अब भारतीय फैंस के सारी उम्मीदें अनुपमा उपाध्याय के ऊपर टिकी हुई हैं. अनुपमा आज महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में चीन की वांग ज़ी यी से भिड़ेंगी. उनके पास आज इस प्री क्वार्टर फाइनल मैच को जीतकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की करने का मौका होगा. उनके मैच पर सभी की निगाहें रहेंगी क्योंकि वो एकमात्र भारतीय शटलर हैं, जो भारत की उम्मीदों को टूर्नामेंट में जिंदा रखे हुईं हैं.

सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: होटल जाने की बात पर महिला की मंशा पर उठाए सवाल

नई दिल्ली  शादी के झूठा वादा कर बलात्कार से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की की अग्रिम जमानत बरकरार रखी है। वहीं, आरोप लगाने वाली महिला को लताड़ लगाई है। शीर्ष न्यायालय ने महिला के विवाहेतर संबंध पर सवाल उठाए हैं। महिला ने याचिका दाखिल कर आरोपी की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, याचिका पर जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने महिला को चेताया है कि विवाहित होते हुए पति के अलावा किसी और शख्स से संबंध बनाए जाने के चलते उसपर भी मुकदमा चलाया जा सकता है। साथ ही कहा है कि उसने विवाह के बाहर रिश्ता बनाकर अपराध किया है। महिला की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील ने कहा कि शख्स महिला के साथ शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाता रहा। इसपर कोर्ट ने महिला से कहा, 'आप एक शादीशुदा महिला हैं और आपके दो बच्चे हैं। आप मेच्योर हैं और आप समझते हैं कि जो रिश्ता आप बनाने जा रहे हैं वह शादी के बाहर बना रहे हैं।' वकील ने यह भी कहा कि शख्स ने महिला को शारीरिक संबंध बनाने के लिए कई बार होटल बुलाया था। कोर्ट ने कहा, 'आप उसके अनुरोध पर बार-बार होटल क्यों गए थे? आप अच्छी तरह से जानते हैं कि आपने भी शादी के बाहर शारीरिक संबंध रखकर अपराध किया है।' पूरा केस समझें महिला और आरोपी शख्स की मुलाकात साल 2016 में सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। तब से ही दोनों रिलेशन में हैं। महिला के आरोप थे कि उसने साथी के दबाव में आकर पति से तलाक लिया था, जिसपर फैमिली कोर्ट ने भी 6 मार्च को मुहर लगा दी थी। तलाक के तुरंत बाद महिला ने उससे शादी करने के लिए कहा, तो उसने मना कर दिया। इस बात से खफा होकर महिला ने बिहार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाए कि शख्स ने उसके साथ शादी का झूठा वादा कर यौन उत्पीड़न किया है। बाद में जब मामला कोर्ट पहुंचा, तो पटना हाईकोर्ट ने शख्स को जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने पाया था कि महिला के तलाक के बाद से ही दोनों किसी शारीरिक गतिविधियों में नहीं रहे हैं।  

अंधेरे से उजाले की ओर: पूवर्ती गांव के अर्जुन की उड़ान

रायपुर नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अंचल का एक नाम जो आज उम्मीद और बदलाव की मिसाल बनकर उभरा है – वह है माडवी अर्जुन। सुकमा जिले के अति-दुर्गम और माओवादी हिंसा से वर्षों त्रस्त रहे पूवर्ती गांव के इस बालक ने जवाहर नवोदय विद्यालय, पेंटा (दोरनापाल) में छठवीं कक्षा में चयन पाकर इतिहास रच दिया है। यह केवल एक छात्र की जीत नहीं, बल्कि उस उम्मीद का संकेत है जो अब बस्तर के कोने-कोने में अंकुरित हो रही है।  माडवी अर्जुन जिस पूवर्ती गांव का रहने वाला है , दरअसल वह नक्सलियों के कमांडर हिड़मा का पैतृक गांव है। एक दौर था, जब  पूवर्ती नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। यहाँ माओवादी जन अदालत लगाकर आतंक और ग्रामीणों भाग्य का फैसला सुनाते थे। अब वही पूवर्ती गांव,  शिक्षा और विकास के नए सूरज की किरणें देख रहा है। अर्जुन की इस उपलब्धि ने यह दिखा दिया है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, अगर अवसर और मार्गदर्शन मिले तो सफलता जरूर मिलती है। अर्जुन वर्तमान में बालक आश्रम सिलगेर में पढ़ाई कर रहा था। उसके घर में न बिजली है, न पक्की छत। उसके माता-पिता खेती और मजदूरी कर किसी तरह घर चलाते हैं। फिर भी, अर्जुन ने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मेहनत और आश्रम शिक्षकों के समर्पण से यह उपलब्धि अर्जित की। बीते डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान ने बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में परिवर्तन की नींव रखी है। पूवर्ती जैसे क्षेत्र जहां पहले सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं, अब वहां सड़क निर्माण, सुरक्षा बलों के कैंप, गुरुकुल विद्यालय, स्वास्थ्य सेवाएं और उचित मूल्य दुकानें शुरू हो चुकी हैं। पूवर्ती में अब बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षा बलों की देखरेख में चल रहे  गुरुकुल ने एक प्रेरणादायी माहौल देना शुरू किया है। अर्जुन की सफलता इसी सतत प्रयास की पहली बड़ी उपलब्धि है। जिला कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने कहा कि पूवर्ती जैसे दुर्गम और माओवाद प्रभावित गांव से नवोदय विद्यालय में चयन, न केवल अर्जुन की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत है। हम हर बच्चे को आगे बढ़ाने का मौका देना चाहते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि माडवी अर्जुन की सफलता छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। यह उस नव-छत्तीसगढ़ की झलक है, जहाँ अंधेरे की जगह अब उजाले की बातें हो रही हैं। पूवर्ती जैसे गांव से राष्ट्रीय स्तर के नवोदय स्कूल  तक का सफर दर्शाता है कि हमने जो बीज शिक्षा, सुरक्षा और विकास का बोया है, वह अब फल देने लगा है। अर्जुन को मेरी ओर से ढेरों बधाई और शुभकामनाएं। अब पूवर्ती क्षेत्र से केवल एक अर्जुन नहीं, हजारों अर्जुन निकलेंगे और छत्तीसगढ़ के भविष्य को संवारेंगे। राज्य सरकार हर बच्चे के सपनों को पंख देने के लिए कटिबद्ध है। माडवी अर्जुन की यह यात्रा केवल एक छात्र की कहानी नहीं, बल्कि यह उस बदलाव की दास्तान है, जिसे बस्तर जी रहा है। नक्सलवाद की दीवारें अब दरक रही हैं और शिक्षा की रोशनी बस्तर के घर-आंगनों में फैल रही है।बदलते बस्तर की यह शुरुआत है। अब अर्जुनों की कतार लगेगी और पूवर्ती जैसे गांव विकास की नई इबारत लिखेंगे।