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चातुर्मास आध्यात्मिक जागृति और सामाजिक समरसता का पर्व है: राज्यपाल

जयपुर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि चातुर्मास आत्मशुद्धि, संयम और सामाजिक सद्भाव का विशेष काल है, जिसमें साधु-संत एक स्थान पर ठहरकर साधना, ध्यान और तपस्या करते हैं तथा समाज को नैतिक मूल्यों की शिक्षा देते हैं। राज्यपाल श्री बागडे मंगलवार को आध्यात्मिक चातुर्मास महोत्सव समिति भीलवाड़ा के तत्वावधान में सुभाष नगर स्थित जैन स्थानक में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आमजन को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि जैन धर्म जीवदया, अहिंसा और आत्मशुद्धि का प्रतीक है तथा चातुर्मास के माध्यम से इन मूल्यों को जनमानस तक पहुँचाया जाता है। उन्होंने कहा कि सच्चा साधु वही है जो समाज के कल्याण के लिए कार्य करता है और दूसरों के हित में किया गया कार्य ही सच्ची सिद्धि है। यह परंपरा भगवान महावीर के काल से चली आ रही है, जिसका उद्देश्य समाज में नैतिक जागरूकता और आध्यात्मिक चेतना जागृत करना है। राज्यपाल श्री बागडे ने कहा कि चातुर्मास के दौरान दिए जाने वाले प्रवचन व्यक्ति के अंतर्मन को जागृत करते हैं और समाज में सकारात्मक सोच का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को मिटाने के अनेक प्रयास इतिहास में हुए, लेकिन इसकी गहराई और मूल्यों के कारण यह संस्कृति आज भी अक्षुण्ण बनी हुई है। राज्यपाल ने नवीन शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति बच्चों के बौद्धिक और शारीरिक विकास के साथ-साथ उनके नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन पर बल देती है। उन्होंने कहा कि नवीन शिक्षा नीति के माध्यम से ऐसे शिक्षाविद तैयार होंगे, जो आधुनिक ज्ञान के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत को भी आत्मसात करेंगे। राज्यपाल श्री बागड़े ने मंच पर विराजित जैन साध्वियों से आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके द्वारा समाज को दिए जा रहे आध्यात्मिक मार्गदर्शन की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय महापरिषद की बैठक में दिए निर्देश

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में साइबर और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर केंद्रित पाठ्यक्रम आरंभ किए जाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम आरंभ होंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय महापरिषद की बैठक में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार साइबर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित पाठ्यक्रम आरंभ किए जाएं साथ ही विश्वविद्यालय, मीडिया के क्षेत्र में एडवांस्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में अपनी पहचान बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं के संप्रेषण और उनकी प्रभावशीलता के सर्वेक्षण संबंधी गतिविधियां भी विश्वविद्यालय में आरंभ करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विश्वविद्यालय की महापरिषद की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित महापरिषद के सदस्यगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के रीवा और खंडवा परिसरों में रोजगार परक पाठ्यक्रम संचालित करने संबंधी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम आरंभ करने को स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति के बाद एम.ए. (जर्नलिज्म एंड क्रिएटिव एंड राइटिंग), एम.ए. (मास कम्युनिकेशन), एम.ए.( एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस), एम.एससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) और एम.एसी.ए. के एक वर्षीय पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जाएंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के पी.एचडी. अधिनियम को यू.जी.सी. पीएचडी अधिनियम 2022 के अनुसार अद्यतन कर इस आधार पर पी. एचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा परिसर के सभागार का नाम लाल बलदेव सिंह सभागार रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। महापरिषद ने वित्त विभाग के 14 अगस्त 2023 के आदेश अनुसार चतुर्थ समयमान उच्चतर वेतन मान को विश्वविद्यालय में लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृत किया। विश्वविद्यालय में फेस डिटेक्शन मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था पर भी सहमति प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के नवीन मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग विषय का व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिए प्रिंटिंग प्रेस व लैब तथा पैकेजिंग लैब की स्थापना का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। बैठक में अन्य कार्यालयीन तथा प्रबंधकीय विषयों पर भी निर्णय लिए गए।  

ट्रांजिट हाउस, फ़्लोटिंग प्लेटफ़ॉर्म और अत्याधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान बनेगा- : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मछुआरों की सुरक्षा और समृद्धि सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मछुआरों की सुरक्षा निगरानी के लिये हाईटेक ड्रोन और जीपीएस प्रणाली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ट्रांजिट हाउस, फ़्लोटिंग प्लेटफ़ॉर्म और अत्याधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान बनेगा- : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मछुआरों की सुरक्षा और समृद्धि सरकार की प्राथमिकता है। उनकी सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कंट्रोल कमांड सेंटर और ट्रांजिट हाउस जैसी पहल की जा रही हैं। राज्य के बड़े जलाशयों में मछुआरों की सुरक्षा और मत्स्य बीज संचयन की निगरानी के लिये आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तहत देश के सबसे बड़े जलाशयों में शामिल इंदिरा सागर में ड्रोन, जीपीएस और सीसीटीवी युक्त आधुनिक कमांड कंट्रोल रूम की स्थापना की जा रही है। आपात स्थिति में इस प्रणाली से मछुआरों को शीघ्र सहायता पहुंचाई जा सकेगी। ये पहल ब्रीडिंग ग्राउंड के चिन्हांकन के साथ मत्स्य आखेट पर निगरानी को और ज़्यादा आसान, सुलभ और प्रभावशाली बनाएगी। कमांड कंट्रोल रूम की मदद से मुख्यालय स्तर से ही 24X7 निगरानी संभव हो सकेगी। ड्रोन के माध्यम से जल क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग और जीपीएस सिस्टम से नावों की ट्रैकिंग की जा सकेगी और आपात स्थिति में मछुआरों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। मछुआरों के लिए बनेंगे ट्रांजिट हाउस और फ़्लोटिंग प्लेटफ़ॉर्म मत्स्य महासंघ के जलाशयों में कार्यरत मछुआरों को कई बार 15 दिन से लेकर एक महीने तक खुले टापुओं या जलाशय के किनारों पर अपनी नावों में रात्रि विश्राम करना पड़ता है। वर्षा ऋतु में टापुओं का जलस्तर बढ़ जाता है, ऐसे में मछुआरों को जलीय जीव-जंतुओं से जान-माल की हानि की आशंका बनी रहती है। मछुआरों को इससे बचाने के लिए महासंघ ने गांधी सागर और इंदिरा सागर के टापुओं पर 5 ट्रांजिट हाउस और जल के मध्य 2 फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। मछुआरों के लिए इसमें आपातकालीन स्थिति में भोजन निर्माण, सोलर मोबाइल चार्जिंग और बायो टॉयलेट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। राज्य सरकार की यह पहल मछुआरों की सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाएगी, साथ ही जल आधारित संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन और मत्स्य उत्पादन की वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आधुनिक तकनीक के समावेश से अब राज्य में मत्स्याखेट और मछलीपालन नए आयाम स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं। भोपाल में बनेगा आधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान राज्य में मॉडर्न एक्वाकल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अहम पहल की जा रही है। केन्द्र सरकार की फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट फंड योजना के तहत भोपाल में 5 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। इस संस्थान में केज कल्चर, बायोफ्लॉक, रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम, मछलियों की हाइजेनिक हैंडलिंग, फिश प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वैल्यूएडिशन जैसे विषयों पर मछुआ समुदाय को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मछुआरों को इससे वैश्विक मानकों के अनुरूप मछली पालन तकनीक की जानकारी और व्यावसायिक दक्षता प्राप्त होगी।  

मुंबई की सड़कों पर मराठी को लेकर हंगामा, भीड़ के गुस्से से मंत्री को बचना पड़ा

मुंबई राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना में मराठी विरोध के नाम पर नई जान आ गई है। सालों से कमजोर पड़ा यह संगठन मराठी के नाम पर खुद को मजबूत करने में जुटा है और इसी बहाने उसने मंगलवार को मीरा रोड पर अपनी ताकत दिखाई। मनसे के ऐलान पर उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के कार्य़कर्ता भी सड़कों पर उतरे। इसके अलावा कई और मराठी संगठनों ने भी इसका समर्थन किया। इसके कारण बड़ी संख्या में लोग जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह से ही मीरा भायंदर में पुलिस का सख्त पहरा था और मनसे के कार्य़कर्ताओं को पकड़ कर हिरासत में लिया जा रहा था। इससे गुस्सा और भड़क गया। पुलिस-प्रशासन की ओर से तमाम बंदिशों के बाद भी हजारों लोग मराठी अस्मिता के नाम पर सड़कों पर उतरे। इन लोगों का कहना था कि आखिर जब प्रवासी व्यापारियों को प्रदर्शन करने की अनुमति दी जा सकती है तो फिर हमें मौका क्यों नहीं। यह पूरा मामला उस घटना के बाद से शुरू हुआ, जिसमें मनसे एक नेता अविनाश जाधव और उनके साथियों ने फूड स्टॉल के मालिक को पीट डाला था। इन लोगों ने उन्हें मराठी न बोलने पर मारा था। इस मामले में अविनाश जाधव को सोमवार को शाम को हिरासत में ले लिया गया था। वहीं व्यापारियों ने प्रदर्शन किया था। मनसे के लोगों का कहना था कि पुलिस व्यापारियों के दबाव में है और मराठियों को उनकी ही धरती पर परेशान किया जा रहा है। मनसे ने इसी घटना के विरोध में ठाणे जिले के मीरा भायंदर इलाके में महाराष्ट्र एकीकरण समिति के बैनर तले रैली के आयोजन का ऐलान किया था। बता दें कि इस रैली में हिस्सा लेने के लिए एकनाथ शिंदे सेना के नेता प्रताप सरनाइक भी पहुंचे, लेकिन उन्हें दौड़ा लिया गया और उन पर बोतलें फेंकी गईं। वह यहां के स्थानीय विधायक भी हैं। उन पर हमले से राजनीति और गरमा गई है। रैली को ही रोकने का जब विरोध हुआ तो फडणवीस ने खुद सामने आकर सफाई दी। फडणवीस ने कहा, 'रैली आयोजित करने का कोई विरोध नहीं है। जिस मार्ग के लिए अनुमति मांगी गई थी उसके लिए मंजूरी देना मुश्किल था। पुलिस ने उनसे मार्ग बदलने का अनुरोध किया, लेकिन आयोजक एक खास मार्ग पर रैली आयोजित करने पर अड़े रहे।’ उन्होंने कहा, 'इससे यातायात बाधित हो सकता है या भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसी स्थिति में पुलिस समझाने और वैकल्पिक मार्ग देने की कोशिश करती है। हम लोकतंत्र में हैं, हर किसी को रैली करने का अधिकार है। अगर वे उचित मार्ग के लिए अनुमति मांगते हैं, तो हम आज और कल भी अनुमति देंगे। एक अन्य संगठन ने पुलिस द्वारा अनुमोदित मार्ग से रैली निकाली, लेकिन ये लोग एक खास मार्ग पर अड़े रहे। देश पर हमलों के दौरान मराठी लोगों ने देश की चिंता की और स्वार्थी नहीं बने रहे। मराठी लोगों की सोच सतही नहीं हो सकती।'  

पाकिस्तानी क्रिकेटर मुश्ताक की भारत वापसी की ख्वाहिश, बोले – जन्मस्थान को फिर से देखना है

जूनागढ़ गुजरात के जूनागढ़ का एक बच्चा। 6 साल की उम्र में पाकिस्तान चला गया। वहां बड़ा क्रिकेटर बना। कप्तान भी रहा। ब्रिटेन में रह रहे मुश्ताक मोहम्मद की अपने जन्मस्थान जूनागढ़ को देखने की हसरत अब भी अधूरी है। एजबेस्टन टेस्ट में वह स्टेडियम में अपनी टाई पर भारत का तिरंगा लगाकर पहुंचे थे। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मुश्ताक मोहम्मद भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन टेस्ट के चौथे दिन ऐसी टाई पहनकर आए, जिस पर भारतीय ध्वज बना हुआ था। उस देश का तिरंगा लगा हुआ था जिसे उन्होंने छह साल की उम्र में छोड़ दिया था और उनकी दिली इच्छा एक बार फिर से भारत आने की है।   इस 81 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर का जन्म गुजरात के जूनागढ़ में हुआ था। वह अभी बर्मिंघम में रहते हैं और वहां रहकर खुश हैं लेकिन एक बार फिर से उस स्थान पर जाना चाहते हैं जहां उनका जन्म हुआ था। मुश्ताक जब क्रिकेट खेला करते थे तब दो बार भारत आए थे। वह पहली बार 1961 में टेस्ट श्रृंखला खेलने के लिए और फिर 1978 में अहमदाबाद में दिलीप सरदेसाई लाभार्थ मैच के लिए भारत आए थे। दोनों ही मौकों पर वह जूनागढ़ जाना चाहते थे, जो एक पूर्व रियासत थी, जहां से वह छह साल की उम्र में कराची चले गए थे। हालांकि अपने व्यस्त कार्यक्रम के कारण वह जूनागढ़ नहीं जा सके थे और दशकों बाद भी यह उनकी अधूरी इच्छा बनी हुई है। वह अब बर्मिंघम में बस गए हैं, लेकिन पाकिस्तानी होने के कारण उनके लिए भारतीय वीजा प्राप्त करना जटिल है और कुछ वर्ष पहले यहां भारतीय उच्चायोग के चक्कर लगाते हुुए उन्हें इसका अनुभव हुआ। वह अपने पुराने मित्र बिशन सिंह बेदी की बेटी की शादी में शामिल होना चाहते थे लेकिन उन्हें समय पर वीजा नहीं मिला। मुश्ताक ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं उस जगह जाना पसंद करूंगा जहां मैं पैदा हुआ। जूनागढ़ जाने के सबसे करीब मैं तब गया था जब मैंने अहमदाबाद में दिलीप सरदेसाई के लिए मैच खेला था। मैं जूनागढ़ के लिए ट्रेन ले सकता था, लेकिन कार्यक्रम बहुत व्यस्त था।’’ पंद्रह साल की उम्र में पदार्पण करने के बाद पाकिस्तान के लिए 57 टेस्ट मैच खेलने वाले पूर्व ऑलराउंडर ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से उसके बाद मैं कभी भारत नहीं जा पाया।’’ मुश्ताक ने भाषा के माध्यम से गुजरात से जुड़ाव बनाए रखा है। वह गुजराती भाषा को अच्छी तरह समझते हैं लेकिन वह उसे बोल या पढ़ नहीं सकते। मुश्ताक अपने अच्छे मित्र बिशन सिंह बेदी के बारे में बात करते हुए भावुक हो गए, जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर ने आज तक बेदी को श्रेय दिया है कि उन्होंने उन्हें लेग स्पिनर बनाया, जब कोई और उनकी गेंदबाजी को गंभीरता से नहीं लेता था। मुश्ताक ने टेस्ट मैचों में 79 विकेट लिए और 3543 रन बनाए। उन्होंने कहा, ‘‘बिशन मजाकिया इंसान थे। उन्हें क्रिकेट से प्यार था। हमने नॉर्थम्पटनशर में छह साल तक साथ खेले। हमारे परिवारों में एक-दूसरे के लिए बहुत प्यार था। मैं हाल ही में लंदन में बेदी परिवार से मिला। ज़हीर अब्बास भी वहां थे। मैं उनके साथ बिताए गए दिनों को नहीं भूल सकता। उन्हें खोना बहुत दुखद है, बस यादें रह जाती हैं।’’ मुश्ताक अन्य भारतीय क्रिकेटरों के भी अच्छे मित्र थे, जिनमें सुनील गावस्कर (जिनसे उनकी मुलाकात एजबेस्टन टेस्ट के दौरान हुई थी) और कपिल देव शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘गावस्कर मेरे समय के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ कई शतक बनाए और वह भी बिना हेलमेट के। यह अविश्वसनीय था।" मुश्ताक ने इसके साथ ही कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक देश भारत से खेलना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारतीय क्रिकेट शीर्ष पर है। हर कोई स्पष्ट कारणों (वित्तीय) के चलते भारत के साथ खेलना चाहता है। एक बात जो मेरे दिल के करीब है, वह है भारत का पाकिस्तान के साथ उनके देशों में खेलना।’’ मुश्ताक ने कहा, ‘‘यह सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता है। वे एक दूसरे के खिलाफ नहीं खेलते और दुख की बात है कि इसका क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं है।" मुश्ताक मौजूदा भारतीय खिलाड़ियों में ऋषभ पंत, शुभमन गिल और विराट कोहली के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऋषभ पंत भारत के शाहिद अफरीदी हैं, बल्कि जब उनके हाथ में बल्ला होता है तो वह अफरीदी से भी बेहतर होते हैं। हम आईपीएल भी बड़े चाव से देखते हैं।‘‘ मुश्ताक ने कहा, ‘‘कोहली अभी और दो साल खेल सकते थे। उन्हें टेस्ट टीम के साथ बने रहना चाहिए था। पता नहीं उन्होंने क्यों संन्यास लिया।’’  

धौलपुर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक विविधताओं से समृद्ध धरती पर विज्ञान और नवाचार की एक नई दिशा जुड़ी

जयपुर धौलपुर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक विविधताओं से समृद्ध धरती पर  विज्ञान और नवाचार की एक नई दिशा जुड़ गई है। केन्द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री  डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को धौलपुर जिला मुख्यालय पर सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय परिसर स्थित सूचना केंद्र में राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान के सहयोग से स्थापित धौलपुर विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने विज्ञान केंद्र का अवलोकन किया तथा वहाँ उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न विज्ञान प्रयोगों, मॉडल को न केवल सराहा बल्कि विज्ञान के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझने, समझाने और उन्हें दैनिक जीवन से जोड़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पार्क में 'एक पेड़ माँ के नाम अभियान' में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी जागरूकता का संदेश दिया। इस कार्यक्रम के बाद टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह नवाचार और विज्ञान का युग है। केन्द्र सरकार द्वारा आकांक्षी जिलों में विज्ञान केंद्रों की स्थापना उसी सोच का विस्तार है। इससे देश के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में भी वैज्ञानिक चेतना का विस्तार हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत अब वैज्ञानिक नवाचारों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। चंद्रयान-3 मिशन के तहत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचना हो या ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का स्थानीय अनुभव, नवीनतम तकनीक और पुरातन ज्ञान परम्परा के समन्वय से नवाचार कर समाधान करना हो, भारत ने वैश्विक मंच पर विज्ञान के क्षेत्र में अपनी दृढ़ उपस्थिति दर्ज करवाई है। इस दौरान विद्यार्थियों ने केंद्रीय मंत्री से संवाद करते हुए विज्ञान में रुचि, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की।  विद्यार्थियों ने इसे अपने लिए अत्यंत लाभकारी बताया और कहा कि अब विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे उसे स्वयं प्रयोग कर सीख सकेंगे और समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे। छात्राओं ने सुझाव दिए कि राज्य के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार विज्ञान केंद्रों की स्थापना की जाए। जिला प्रभारी मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा विज्ञान की जानकारी जब बच्चों के पास पहुँचती है तो वह केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती, वह उनके जीवन के निर्णयों में झलकने लगती है। यह विज्ञान केंद्र हमारे युवाओं को तकनीकी और डिजिटल युग के साथ तालमेल बिठाने में सहायक सिद्ध होगा। कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रतिरक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. देवाशीष मोहंती, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश एच. गोखले तथा राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. विजय शंकर शर्मा ने विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों और उपलब्धियों की जानकारी दी।  जिला कलक्टर श्री श्रीनिधि बी. टी. ने सभी गणमान्य अतिथियों और वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह विज्ञान केंद्र धौलपुर के लिए केवल एक संरचना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक चेतना की उड़ान का रन वे है। अब धौलपुर की पहचान सिर्फ बीहड़ों तक सीमित नहीं रहेगी,  यह जिला प्राकृतिक पर्यटन, वैज्ञानिक सोच और सतत् विकास की नई इबारत लिखेगा। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक श्री सुमित मेहरड़ा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ए. एन. सोमनाथ, पूर्व विधायकगण सुखराम कोली और गिर्राज सिंह मलिंगा, रानी सिलौटिया, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री हरिराम मीणा,  श्री राजवीर सिंह राजावत, इंदु जाटव, डॉ. शिवचरण कुशवाह, नीरजा शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि,  शिक्षक, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- अगर कांग्रेस को प्रदर्शन करना है तो चुपचाप करे, वे यह नाटक नौटंकी क्यों कर रहे हैं?

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को प्रदर्शन करना है तो चुपचाप करे, वे यह नाटक नौटंकी क्यों कर रहे हैं? मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर अशोकनगर के मुंगावली थाने में एक व्यक्ति को गलतबयानी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले का जिक्र करते हुए विश्वास सारंग ने कहा, “कांग्रेस चोरी और फिर सीनाजोरी की कहावत को सही साबित कर रही है। एक तरफ उन्होंने अपनी राजनीति को चमकाने के लिए संविधान का माखौल उठाया और दूसरी तरफ उन्होंने एक भोले-भाले व्यक्ति का अपमान किया। उसने खुद कहा है कि उसे बाइक का लालच देकर इस तरह की बयानबाजी कराई गई।” उन्होंने कहा, “जीतू पटवारी ने उस व्यक्ति के मान का हनन किया और अब वे इस मुद्दे को लेकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर वे संविधान के पालन की बात करते हैं तो उन्हें चुपचाप जाकर गिरफ्तारी देनी चाहिए। मैं पूछता हूं कि वे यह नौटंकी क्यों कर रहे हैं? उन्हें सार्वजनिक रूप से उस व्यक्ति से माफी मांगनी चाहिए, जिसके मान को ठेस पहुंचाई गई। इससे बड़ा अपमान उसका नहीं हो सकता है।” मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के सरकार में आने के दावे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “वे कहते हैं कि कुछ दिनों बाद हमारी सरकार आ जाएगी और यही दावा कमलनाथ ने भी किया था, लेकिन वे दहाई में रह गए। मैं इतना ही कहूंगा कि अगर वे (कांग्रेस) इस तरह के दावे करेंगे तो इकाई में पहुंच जाएंगे। जनता इस तरह की दादागिरी और बदमाशी को स्वीकार नहीं करेगी।” इससे पहले, मध्य प्रदेश प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एफआईआर दर्ज होने पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा, “मुद्दा मेरे या हमारे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर का नहीं है। मुद्दा एक पीड़ित व्यक्ति का है। उसने 50 जगह शिकायत की, अलग-अलग वीडियो दिए और 300 किलोमीटर पैदल चलकर न्याय मांगने के बावजूद मेरे पास पहुंचा। मैंने विपक्ष के तौर पर अपना कर्तव्य ईमानदारी से निभाया। सरकार को इस व्यक्ति का दर्द समझना चाहिए था और अपराधी, आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन क्योंकि आरोपी एक विधायक का रिश्तेदार, परिवार का सदस्य और सत्ताधारी पार्टी का कार्यकर्ता था, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बजाय, जिसने दर्द सुना, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की।” मध्य प्रदेश सरकार जेल भेजेगी, तो जाएंगे : जीतू पटवारी कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को अशोकनगर में गिरफ्तारी देने जा रहे हैं और उन्होंने ऐलान किया है कि अगर सरकार उन्हें जेल भेजेगी तो वह जेल जाने को तैयार हैं। पिछले दिनों कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ अशोकनगर के मुंगावली में प्रकरण दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को बरगला कर और प्रलोभन देकर गलत बयानी कराई। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक विद्वेष करार देते हुए विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। उसी क्रम में मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष सहित कांग्रेस के तमाम नेता गिरफ्तारी देने अशोकनगर जा रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि एक व्यक्ति जिसे मानव मल खिलाया गया था, उसने कई जगह शिकायत की मगर प्रशासन और पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मजबूरन वह व्यक्ति मुलाकात करने अशोकनगर से ओरछा पहुंचा और उसने हकीकत बयान की। बाद में प्रशासन ने उस पर दबाव डालकर एक शपथ पत्र ले लिया और प्रकरण दर्ज कर लिया। यह पूरी तरह अवैधानिक है और कांग्रेस लगातार पीड़ितों की लड़ाई लड़ती रही है, लड़ती रहेगी और अब गिरफ्तारी भी हम देने जा रहे हैं। अगर पुलिस प्रशासन जेल भेजता है, तो जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी का कहना है आज सभी कांग्रेस नेता अशोकनगर आम जनता की लड़ाई लड़ने जा रहे है, जनता ने हमे विपक्ष का दायित्व दिया है। उनकी समस्याएं को लेकर हम लगातार लड़ते है, जो वादे जनता से भाजपा ने चुनाव में किए है उन्हें पूरा कराने के लिए सरकार से लगातार मांग करते हैं। हम विपक्ष की सकारात्मक भूमिका निभा रहे है। हमारी आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है, सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होने प्रशासन द्वारा प्रदर्शन को लेकर उठाए गए कदमों पर कहा, “जिस नियम के तहत अनुमति दी है उसी हिसाब से प्रदर्शन करेंगे। अगर हमें जेल में डालना है तो सरकार हमें जेल में डाल दे।” मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर विधानसभा में विधेयक लाने का वादा किया है, जिसका जिक्र करते हुए पटवारी ने कहा कि ओबीसी आरक्षण पर मुख्यमंत्री का बयान बेहद गलत है। सरकार ओबीसी के युवाओं के साथ अन्याय कर रही है। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि हम नए नियम बना रहे हैं, जबकि नियम बने हुए हैं। अगर उसमें सुधार करना है तो करो, पर देखने में आ रहा है कि सरकार कोर्ट में वकील खड़े करके ओबीसी आरक्षण लागू नहीं करना चाहती है।   

खाद-बीज के वितरण के लिए पर्याप्त भंडारण रखें, अब तीन माह का राशन 31 जुलाई तक मिलेगा-सीईओ

महासमुंद : जिला पंचायत सीईओ ने ली समय सीमा की बैठक सीईओ ने बारिश को देखते हुए राहत एवं बचाव दल को सतर्क रहने के निर्देश खाद-बीज के वितरण के लिए पर्याप्त भंडारण रखें, अब तीन माह का राशन 31 जुलाई तक मिलेगा-सीईओ महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार आज जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक लेकर जिले के विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू एवं रविराज ठाकुर एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। सीईओ एस. आलोक ने वर्षा ऋतु के चलते जिले में संभावित बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति को लेकर निर्देश दिए कि जिले के निचले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए, जहाँ जलभराव या बाढ़ की संभावना अधिक है। इन क्षेत्रों की सूची तैयार कर राहत एवं बचाव दल तैनात किए जाएं। जिला प्रशासन द्वारा पंचायतों और नगरीय निकायों को निर्देशित किया गया है कि जल निकासी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया जाए तथा नालियों की समय पर सफाई सुनिश्चित हो। वर्षा के कारण कई स्थानों पर गंदे पानी का जमाव होने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। गंदे पानी के सेवन से डायरिया, टाइफाइड, हैजा, पीलिया जैसी बीमारियाँ फैल सकती हैं। मौसम को देखते हुए डायरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों के लिए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि उबालकर या फिल्टर किए हुए पानी का ही सेवन करें। जिला आपदा प्रबंधन समिति को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपात की स्थिति में जिला कंट्रोल रूम से दूरभाष क्रमांक 07723-223505 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने बारिश सर्पदंश की संभावित खतरों को देखते हुए सभी उप स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटी वेनम वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ आलोक ने जिले में मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कार्य एजेंसियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों को त्वरित कार्य करने के निर्देश दिए हैं तथा प्रगति की नियमित रूप से जानकारी देने कहा गया। उन्होंने पीएम स्कूलों में मरम्मत एवं निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए हितग्राहियों द्वारा किए गए पंजीयन का विभिन्न विभागों द्वारा आगामी एक सप्ताह के भीतर निराकरण करने कहा गया है। मोर गांव मोर पानी अभियान अंतर्गत डबरी निर्माण और जनभागीदारी से सोख्ता गड्ढा निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। अभी तक लगभग 04 हजार सोख्ता गड्ढा और 103 इंजेक्शन वेल के माध्यम से जल संचयन का कार्य किया गया है।   सीईओ आलोक ने खाद-बीज वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक है। वर्तमान में 18520 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। इसका समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। निजी दुकानों में नियमित निरीक्षण करने के निर्देश एसडीएम को दिए गए। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को तीन माह का एकमुश्त राशन सुरक्षित तरीके से वितरित किया जाए। खाद्य अधिकारी ने बताया कि राशन वितरण का कार्य अब 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। सड़कों में बैठे मवेशियों के उचित व्यवस्थापन के निर्देश दिए हैं और सीएमओ को एवं ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत सचिवों को मुख्य मार्ग से मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए। बैठक में सभी कार्यालय प्रमुखों को ई-ऑफिस के माध्यम से पत्राचार एवं शासकीय कार्यां को संचालन करने के निर्देश दिए इस संबंध में बैठक के दौरान ही हैंड्स ऑन ट्रेनिंग दिए। पीएम जनमन, स्वामित्व योजना, भू-अर्जन, नक्शा अपडेशन, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। राजस्व एवं खनिज विभाग को अवैध रेत उत्खनन, भण्डारण एवं परिवहन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। 

जंग में भारी जनहानि का दावा, ईरान ने बताए 1060 मौतें लेकिन सैन्य नुकसान पर साधी चुप्पी

दुबई ईरान की सरकार ने इजरायल के साथ युद्ध में मरने वाले लोगों की नई संख्या जारी करते हुए बताया कि इसमें कम से कम 1,060 लोग मारे गए हैं। साथ ही, उसने चेतावनी दी है कि यह संख्या बढ़ सकती है। ईरान के ‘फाउंडेशन ऑफ मार्टर एंड वेटरंस अफेयर्स’ के प्रमुख सईद ओहादी ने सोमवार देर रात ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक साक्षात्कार में मृतकों की संख्या के बारे में जानकारी दी। ओहादी ने चेतावनी दी कि कुछ लोग जिस तरह से गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उसे देखते हुए मरने वालों की संख्या 1,100 तक पहुंच सकती है। ईरान ने युद्ध के दौरान इजरायल की 12 दिनों की बमबारी के प्रभावों को कम करके दिखाया, जबकि इन हमलों ने उसकी वायु रक्षा प्रणाली को तबाह कर दिया है। युद्ध विराम लागू होने के बाद से ईरान धीरे-धीरे विनाश की व्यापकता को स्वीकार कर रहा है। हालांकि, ईरान ने अब तक यह नहीं बताया है कि उसकी सेना को कितना नुकसान पहुंचा है। वाशिंगटन स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समूह ने कहा कि 436 नागरिक और सुरक्षाबलों के 435 सदस्यों समेत 1,190 लोग मारे गए हैं। हमलों में 4,475 लोग घायल भी हुए हैं। 12 दिनों तक चला था संघर्ष बता दें कि पिछले महीने 13 जून को, इजरायल ने ईरान पर बड़ा हमला बोल दिया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष छिड़ गया था। इस दौरान इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों, बैलिस्टिक मिसाइल स्थलों, इसके शीर्ष जनरलों के आवासों और दो दर्जन से अधिक परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया। बाद में अमेरिका भी इस संघर्ष में कूद पड़ा और उसने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर 30,000 पाउंड के बंकर बस्टर बम गिराए। 12 दिनों के संघर्ष के बाद इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हो गया था।  

धमतरी : जिले में अब तक 275 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

धमतरी जिले में एक जून से अब तक 275.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख शाखा से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में अब तक सर्वाधिक औसत वर्षा 343 मि.मी. कुकरेल तहसील और सबसे कम 150.1 मि.मी. औसत वर्षा मगरलोड तहसील में दर्ज की गई है। इसी तरह धमतरी तहसील में 342.9 मि.मी., नगरी तहसील में 323.4 मि.मी., बेलरगांव तहसील में 267.5 मि.मी., कुरूद तहसील में 250.4 मि.मी. और भखारा तहसील में 248.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले में आज की औसत वर्षा 41.5 मि.मी. दर्ज की गई है। इसमें धमतरी तहसील में 59 मि.मी., कुरूद तहसील में 58.9 मि.मी., मगरलोड में 26.3 मि.मी., नगरी में 10.6 मि.मी., भखारा में 42 मि.मी., कुकरेल तहसील में 60 मि.मी. और बेलरगांव तहसील में 33.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है।