samacharsecretary.com

इंडिया ने रच दिया 93 साल में पहली बार टेस्ट क्रिकेट में यह इतिहास, एक मैच में 1000 रन बनाने वाली बनी पांचवी टीम

एजबेस्टन में भारत बनाम इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया ने कुछ ऐसा कर दिखाया, जो पिछले 93 सालों में कभी नहीं हुआ था। शुभमन गिल की शानदार पारी की बदौलत भारत ने इस मैच में दोनों पारियों को मिलाकर 1000 से ज्यादा रन बना दिए। इससे पहले टेस्ट इतिहास में सिर्फ चार ही टीमों ने ऐसा कारनामा किया है। एजबेस्टन भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का दूसरा मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 336 रनों से जीत हासिल की. मुकाबले में इंग्लैंड को जीत के लिए 608 रनों का टारगेट मिला था, जिसका पीछा करते हुए उसकी पूरी टीम पांचवें दिन के दूसरे सेशन में 271 रनों पर ऑलआउट हो गई. इंग्लैंड की दूसरी पारी में आकाश दीप ने 6 विकेट झटके. शुभमन गिल की कप्तान में ये भारत की पहली जीत रही. शुभमन ने इस मैच में 269 और 161 रन बनाए थे. इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है. सीरीज का तीसरा मुकाबला 10 जुलाई से लॉर्ड्स में खेला जाएगा. विदेश में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत, 58 साल का सूखा खत्म देखा जाए तो भारत ने पहली बार बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर टेस्ट जीत हासिल की है. इससे पहले जो उसने इस मैदान पर 8 टेस्ट मैच खेले थे, उसमें से सात में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था. जबकि एक मुकाबला ड्रॉ पर छूटा. भारतीय टीम ने इस मैदान पर पहला टेस्ट जुलाई 1967 में खेला था, जिसमें उसे 132 रनों से पराजय का मुंह देखना पड़ा था. अब भारत ने 58 साल का सूखा खत्म किया है. भारत की विदेशी जमीन पर ये रनों के लिहाज से सबसे बड़ी टेस्ट जीत भी रही. इससे पहले 2019 में एंटीगा टेस्ट में भारत ने वेस्टइंडीज को 318 रनों से हराया था. बता दें कि भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी 427/6 के स्कोर पर घोषित की थी. मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 587 और इंग्लैंड ने अपनी पहली इनिंग्स में 407 रन बनाए. पहली पारी के आधार पर भारत को 180 रनों की बड़ी लीड मिली थी. इंग्लैंड की ऐसी रही दूसरी पारी विशाल टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और उसने 50 रनों तक अपने तीन विकेट गंवा दिए. जैक क्राउली (0) को मोहम्मद सिराज ने आउट किया. वहीं बेन डकेट (25) और जो रूट (6) को आकाश दीप ने चलता किया. इसके बाद ओली पोप और हैरी ब्रूक ने चौथे दिन (5 जुलाई) के खेल में इंग्लैंड को कोई और नुकसान नहीं होने दिया था. पांचवें दिन जब बारिश के खलल के बाद मुकाबला शुरू हुआ तो आकाश दीप ने भारत को जल्द ही सफलता दिला दी. आकाश ने सेट बल्लेबाज ओली पोप को बोल्ड कर दिया, जो 24 रन बना पाए. फिर आकाश ने हैरी ब्रूक (23 रन) को आउट करके भारत को पांचवीं सफलता दिला दी. ब्रूक के आउट होने के बाद बेन स्टोक्स और जेमी स्मिथ ने छठे विकेट के लिए 70 रनों की साझेदारी करके इंग्लैंड को संभालने की कोशिश की. वॉशिंगटन सुंदर ने लंच से ठीक पहले बेन स्टोक्स (33 रन) को आउट करके इस पार्टनरशिप को तोड़ा. लंच के बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने क्रिस वोक्स (7) को आउट किया. वहीं आकाश दीप ने जेमी स्मिथ को आउट करके पारी में पांच विकेट हॉल पूरे किए. आकाश ने पहली बारी टेस्ट पारी में 5 विकेट झटके हैं. स्मिथ ने 99 गेंदों पर 88 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और चार छक्के शामिल रहे. जोश टंग (2) नौवें विकेट के रूप में आउट हुए और उन्हें रवींद्र जडेजा ने चलता किया. वहीं ब्रायडन कार्स (38) को आउट करके आकाश ने भारत को जीत दिला दी. आकाश ने मैच में कुल 10 विकेट झटके. टेस्ट इतिहास में एक मैच में सबसे ज्यादा टीम टोटल (दोनों पारियों को मिलाकर):     इंग्लैंड – 1121 रन बनाम वेस्टइंडीज, किंग्स्टन, 1930     पाकिस्तान – 1078 रन बनाम भारत, फैसलाबाद, 2006     ऑस्ट्रेलिया – 1028 रन बनाम इंग्लैंड, द ओवल, 1934     भारत – 1014 रन बनाम इंग्लैंड, एजबेस्टन, 2025*     ऑस्ट्रेलिया – 1013 रन बनाम वेस्टइंडीज, सिडनी, 1969     दक्षिण अफ्रीका – 1011 रन बनाम इंग्लैंड, डरबन, 1939 अगर शुभमन गिल की बात करें, तो उन्होंने इस मैच में दो शतक जमाकर (269 और 161) अकेले ही 430 रन बना दिए। उनकी शानदार बल्लेबाजी ने भारत को इस ऐतिहासिक माइलस्टोन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। जीत के हीरो  शुभमन गिल- बर्मिंघम में ऐतिहासिक जीत में भारतीय टीम के लिए कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. कप्तान शुभमन गिल ने मैच की दोनों पारी में सेंचुरी लगाई. गिल ने पहली पारी में 269 रन बनाए और दूसरी पारी में 161 रन बनाए. आकाश दीप- आकाश दीप को सीरीज के पहले टेस्ट मैच में मौका नहीं मिला था. दूसरे मैच में आकाश दीप जसप्रीत बुमराह की जगह पर गए. आकाश दीप ने मैच में बुमराह की कमी खलने नहीं दी. आकाशदीप ने पहली पारी में 4 विकेट लिए और दूसरी पारी में 6 विकेट लिए. बर्मिंघम टेस्ट में जीत में आकाश दीप का बड़ा रोल रहा. मोहम्मद सिराज– आकाशदीप के अलावा बाकी बॉलर्स ने भी शानदार बॉलिंग की. मोहम्मद सिराज इस समय भारतीय टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं. दूसरे मैच की पहली पारी में मोहम्मद सिराज ने आकाश दीप के साथ मिलकर शानदार बॉलिंग की. मोहम्मद सिराज ने पहली पारी में पांच विकेट लिए. रविन्द्र जडेजा- पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन न करने की वजह से ऑलराउंडर रविन्द्र जडेजा की काफी आलोचना हुई थी. बर्मिंघम में रविन्द्र जडेजा ने जीत में अहम रोल निभाया. दोनों पारियों में जडेजा ने गिल के साथ अच्छी पार्टनरशिप की. रविन्द्र जडेजा ने दोनों पारियों में फिफ्टी जड़ी. बॉलिंग में रविन्द्र जडेजा को इस मैच में 1 विकेट मिला. सधी बॉलिंग से जडेजा ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव जरूर बनाया. भारत ने तोड़ा 21 साल पुराना रिकॉर्ड भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड की धरती पर इतिहास रचते हुए 21 साल पुराना … Read more

प्रदेश में अब तक 255.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज, बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 427.4 मि.मी. वर्षा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 255.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 427.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 84.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 228.4 मि.मी., सूरजपुर में 272.4 मि.मी., जशपुर में 393.9 मि.मी., कोरिया में 336.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 242.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 418.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 202.0 मि.मी., गरियाबंद में 211.5 मि.मी., महासमुंद में 199.5 मि.मी. और धमतरी में 193.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 188.4 मि.मी., मुंगेली में 222.8 मि.मी., रायगढ़ में 417.1 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 297.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 323.0 मि.मी., सक्ती में 298.8 मि.मी. कोरबा में 325.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 238.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 121.2 मि.मी., कबीरधाम में 143.9 मि.मी., राजनांदगांव में 109.2 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 295.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 132.8 मि.मी., बालोद में 171.5 मि.मी. और बस्तर जिले में 394.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 229.3 मि.मी., कांकेर में 266.4 मि.मी., नारायणपुर में 267.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 368.2 मि.मी. और सुकमा में 179.1 मि.मी. और बीजपुर जिले में 398.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

Mivi ने अपने नए AI बड्स किए लॉन्च, इंसानों की तरह ही कर सकते हैं बात

नई दिल्ली Mivi ने अपने नए AI बड्स लॉन्च किए हैं, जो तकनीक और संगीत का एक अनूठा संगम हैं। कंपनी का दावा है कि ये बड्स जबरदस्त साउंड के साथ AI संग बातचीत का एक्सपीरियंस भी देते हैं। इन बड्स की खासियल है कि यह यूजर्स के साथ न सिर्फ इंसानों की तरह बात कर सकते हैं बल्कि उनकी कई कामों में मदद भी कर सकते हैं। Mivi की ओर से Mivi AI Buds नाम से नए इयरबड्स मार्केट में उतारे हैं। कंपनी का दावा है कि Mivi AI Buds शानदार आवाज के साथ-साथ कमाल के AI एक्सपीरियंस के साथ आते हैं। इन बड्स की खासियत है कि यह अपने यूजर के साथ इंसानों की तरह ही बात कर सकते हैं। इन मेड इन इंडिया बड्स की मदद से बिना किसी स्क्रीन से AI को एक्सेस किया जा सकता है। Mivi AI Buds की कीमत Mivi AI Buds को 6,999 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया गया है। इन्हें फ्लिपकार्ट* और Mivi की ऑफिशियल वेबसाइट www.Mivi.in पर खरीदा जा सकता है। चलिए इन बड्स के बारे में डिटेल में जानते हैं। मिवी AI बड्स की खासियत Mivi AI Buds किसी भी आम बड्स से काफी अलग हैं। इसका सीधा सा कारण हैं इनमें मौजूद AI फीचर। इतना ही नहीं कंपनी का कहना है कि इनमें मौजूद AI भी आम AI से काफी अलग है। ये बड्स आपकी बातों को याद रखते हैं, आपकी पसंद को समझते हैं और इंसानों की तरह जवाब देते हैं। आप इनसे नौकरी के इंटरव्यू की तैयारी, खाना बनाने की टिप्स या किसी भी सवाल का जवाब ले सकते हैं। ये 8 भारतीय भाषाओं जैसे कि हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, कन्नड़, मलयालम और गुजराती में यूजर से बात कर सकते हैं। इनके बारे में कंपनी के को-फाउंडर मिधुला देवभक्तुनी का कहना है कि “मिवी AI बड्स के साथ हम एक नया प्रोडक्ट नहीं, बल्कि AI के साथ बातचीत का नया तरीका ला रहे हैं। यह भारत के लिए गर्व का पल है। ये बड्स स्मार्ट और सेंसटिव हैं। हम इस बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “भारत सरकार के 2000 करोड़ रुपये के AI निवेश के साथ, Mivi का यह प्रोडक्ट भारत को दुनिया में AI का बड़ा खिलाड़ी बनाता है।” Mivi AI Buds के फीचर्स Mivi के इन नए ईयरबड्स के फीचर्स की बात करें, तो यह एक नए डिजाइन के साथ आते हैं जो कि कान में आरामदायक और स्टाइलिश महसूस होता है। इनके AI को एक्टिवेट करने के लिए यूजर को बड्स पहनने के बाद “Hi Mivi” कहकर बात शुरू करनी होगी। इन बड्स की सेटिंग्स को Mivi AI App के जरिए बदला जा सकता है। यहां से आप अपने AI की आवाज को अपनी पसंद के मुताबिक सेट कर सकते हैं। इतना ही नहीं मिवी AI में कई खास अवतार हैं, जो अलग-अलग कामों में मदद करते हैं। इनमें पहला है गुरु अवतार जो किसी भी सवाल का आसान जवाब देता है, जैसे अंतरिक्ष, इतिहास या रोजमर्रा की बातें। इसके अलावा इंटरव्यूअर अवतार जो कि इंटरव्यू की तैयारी में मदद करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है। इसके शेफ अवतार और वेलनेस कोच अवतार भी खास हैं जो खाना बनाने में स्टेप बाय स्टेप मदद करने के साथ तनाव या खुशी में आपकी बात सुनता है और बिना जजमेंट के सपोर्ट करता है। इन सबके अलावा इसका एक न्यूज रिपोर्टर अवतार भी आता है। इसकी मदद से आप आपनी पसंद की खबरें, जैसे खेल या विश्व समाचार, आसान भाषा में सुन सकते हैं। Mivi AI Buds के स्पेसिफिकेशन Mivi AI Buds हाई-रेज ऑडियो और LDAC को सपोर्ट करते हैं। इनकी मदद से आप लॉसलेस म्यूजिक का भी आनंद ले पाएंगे। यह 3D साउंड और स्पैटियल ऑडियो जैसी म्यूजिक के अनुभव को खास बनाने वाली टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं। इसमें ANC के लिए क्वाड माइक दिए गए हैं और यह 40 घंटे की बैटरी लाइफ के साथ आते हैं।

यंग इंडिया के तत्वाधान में मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन

रायपुर विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर दिव्यांगजनों को रोजगार देने के उद्देश्य से यंग इंडिया के तत्वाधान में मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन करने जा रहा है. यह कैंप 7 जुलाई को शासकीय आईटीआई सड्डू रायपुर में लगेगा. विशेष रोजगार अधिकारी डॉ. शारदा वर्मा ने बताया कि प्लेसमेंट कैंप सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगा. प्लेसमेंट कैंप में 20 विभिन्न निजी क्षेत्र की राइस मिल, पेट्रोल पम्प, स्पंज आयरन, वेयर हाऊस आदि प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा दिव्यांगजनों की भर्ती की जाएगी. इनका कार्यक्षेत्र उरला, सिलतरा और रायपुर शहर होगा. विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपए तक का मासिक वेतनमान दिया जाएगा. इसके अतिरिक्त दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए रोजगार संबंधी परामर्श, पंजीयन और मार्गदर्शन की भी व्यवस्था की गई है. इस अवसर का लाभ उठाने के लिए रायपुर जिले सहित आसपास के 18 से 40 वर्ष तक के योग्य दिव्यांगजन भाग ले सकते हैं. अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा. इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए दिव्यांगजन कार्यालय के दूरभाष नंबर 0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं.

डीजीपी नियुक्ति के बाद प्रशासनिक हलचल तेज, पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल की तैयारी

जयपुर राजस्थान में डीजीपी पद पर आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार शर्मा की नियुक्ति के बाद अब पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार जल्द ही वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं और तबादलों की सूची को अंतिम रूप दे सकती है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नव नियुक्त डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के बीच संभावित बैठक के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल राज्य में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक सहित कई शीर्ष पद खाली हैं। एसीबी प्रमुख का पद लंबे समय से रिक्त है। इसके अलावा आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अन्य पदों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, जबकि 12 नवआरक्षित आईपीएस अधिकारी हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और पांच अधिकारी अवकाश पर हैं। ऐसे में विभाग में कार्यभार संतुलन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार तैयार कर रही तबादला सूची राज्य सरकार रिक्त पदों को भरने और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है। बताया जा रहा है कि सूची में अधिकारियों की विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर नई जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा। इस फेरबदल के जरिए प्रशासनिक स्थायित्व और दक्षता को मजबूती देने की योजना बनाई गई है। नए डीजीपी से नई उम्मीदें डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस महकमे में बदलाव को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उनके कार्यशैली को लेकर पुलिस विभाग सहित राजनीतिक गलियारों में भी उत्सुकता है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल विभाग को नई दिशा देगा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मददगार साबित होगा। विभाग के भीतर पारदर्शी और योग्यता आधारित तबादले की मांग भी उठ रही है। ऐसे में सरकार से तेज़ और सटीक निर्णय की अपेक्षा की जा रही है। संभावित तबादला सूची पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं, जो राजस्थान पुलिस के भविष्य की दिशा और दशा तय कर सकती है।  

राजस्थान में बारिश का कहर जारी, सवाई माधोपुर में बाढ़ जैसे हालात

जयपुर राजस्थान में मानसून का दौर लगातार जारी है। सोमवार को भी प्रदेश के 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटे में सवाई माधोपुर, टोंक, सीकर, नागौर, जयपुर, अजमेर समेत कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा बारिश सवाई माधोपुर में प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में दर्ज की गई, जहां 214 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा सवाई माधोपुर शहर में 124 मिमी, बौंली में 130 मिमी, मित्रपुरा में 50 मिमी, खंडार और मलारना डूंगर क्षेत्र में 44 मिमी बारिश दर्ज की गई। चौथ का बरवाड़ा में जलभराव के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। यहां तक कि कलेक्ट्रेट ऑफिस में भी पानी भर गया। राजधानी जयपुर सहित अन्य जिलों में भी तेज बारिश जयपुर, सीकर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, झुंझुनूं सहित अन्य जिलों में 1 से 2 इंच तक वर्षा हुई। बीसलपुर बांध, जो जयपुर को पानी सप्लाई करता है, उसका जलस्तर बढ़कर 313.74 मीटर हो गया है और त्रिवेणी नदी से लगातार पानी की आवक हो रही है। राज्य में अब तक सामान्य से 137 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। 1 जून से 4 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 70.5 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 167.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

सीजीपीएससी और व्यावसायिक परीक्षा मंडल की सभी भर्ती परीक्षाओं में आवेदकों को करवाना होगा आधार कार्ड से ई-केवाईसी

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) और व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापमं) की तरफ से होने वाली भर्ती परीक्षाओं के लिए अब आधार कार्ड के जरिए ई-केवाईसी करवान अनिवार्य होगा। राज्य शासन की तरफ से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। बता दें कि परीक्षाओं में होने वाले फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। प्रदेश में सीजीपीएससी और व्यापमं ही सबसे ज्यादा भर्ती परीक्षाएं करवाते हैं। भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन करने के समय ही अभ्यर्थी को आधार कार्ड के माध्यम से ई-केवाईसी करवान होगा। परीक्षा केंद्र में आधार कार्ड से मिलान होने के बाद ही अभ्यर्थी को परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। परीक्षाओं में कई बार अभ्यर्थी की जगह दूसरा व्यक्ति बैठकर परीक्षा देता है। ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। इंजीनियरिंग और मेडिकल के लिए होने वाली जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं में यह व्यवस्था लागू है। इसमें फर्जीवाड़ा होने की संभावनाएं बिल्कुल नहीं रहती है। आवेदन करने के समय ई-केवाईसी करने से अभ्यर्थी का पूरा डेटा पीएससी और व्यापमं के पास पहुंच जाएगा। परीक्षा केंद्रों में थंब लगवाकर पूरी जानकारी का होगा मिलान परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थी से थंब लगवाया जाएगा। थंब लगाते ही अभ्यर्थी का पूरा डेटा दिख जाएगा। इसमें अभ्यर्थी की फोटो भी दिखेगी, साथ ही पूरा डिटेल रहेगा। जिससे अभ्यर्थी की पहचान की जा सकेगी। डेटा मिलान के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने दिया जाएगा। बता दें कि, राज्य की प्रमुख प्रशासनिक सेवाओं में भर्ती के लिए सीजीपीएससी की ओर से हर साल परीक्षा आयोजिक करवाई जाती है। जो कि 3 चरणों में आयोजित होती है। प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू। तीनों चरणों की परीक्षा पास करने के बाद अभ्यार्थी राज्य सेवा में एसडीएम और डीएसपी सहित अन्य पद पर नियुक्त होता है।

राजस्थान में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में राहत, टेंडर के बाद वित्तीय स्वीकृति के लिए नहीं भेजना होगा प्रस्ताव

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार आमजन को भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सुशासन देने के लिए कृत संकल्पित है। विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक त्वरित रूप से पहुंचे, इसके लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। इसी नीति के तहत मुख्यमंत्री के निर्देश पर विकास कार्यों में तेजी लाने तथा प्रक्रिया में लगने वाले समय को न्यूनतम करने के लिए राज्य में अब नई व्यवस्था लागू की गई है। टेंडर के बाद प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए कार्यकारी विभाग द्वारा वित्त विभाग को फाइल भेजने की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। गत सरकार के समय शुरू हुई इस प्रक्रिया के कारण विकास कार्यों के शुरू होने में अनावश्यक विलंब हो रहा था। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य में यह नई व्यवस्था लागू की गई है। विकास कार्यों की घोषणा कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने में जानबूझ कर देरी करने की नीयत से गत सरकार के समय व्यवस्था की गई कि कार्यकारी विभाग जब कार्य की स्वीकृति के प्रस्ताव के साथ वित्त विभाग को भिजवाता था, तब वित्त विभाग इस स्वीकृति के बजाय कार्य की केवल सैद्धांतिक स्वीकृति देता था। इसके बाद प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए संबंधित कार्यकारी विभाग को प्रस्ताव पुनः वित्त विभाग को भेजना पड़ता था। इस दोहरी प्रक्रिया में 15 से 30 दिन का अतिरिक्त समय लग रहा था। इससे एक ओर विकास कार्य की लागत बढ़ रही थी, वहीं दूसरी ओर आमजन को इनका समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा इस व्यवस्था में सुधार के निर्देशानुसार प्रक्रिया में संशोधन कर इसे प्रभावी बना दिया गया है। अब कार्यकारी विभाग से प्राप्त प्रस्ताव वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत होते ही निविदा उपरान्त कार्यादेश जारी करने के लिए कार्यकारी विभाग को ही सक्षम बना दिया गया है। कार्यकारी विभाग निविदा के उपरांत कार्यादेश राशि के आधार पर प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृत राशि को स्वयं ही पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। अतः प्रक्रिया के दूसरे चरण में पत्रावली वित्त विभाग को प्रेषित करने की आवश्यकता नही रहेगी। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से विकास कार्यों में तेजी आएगी और निर्धारित समय सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ विकास कार्य करवाने का राज्य सरकार का संकल्प धरातल पर साकार हो सकेगा।

आज ईरान-इजरायल जंग के बाद पहली बार ट्रंप से मिलेंगे नेतन्याहू, ईरान के मुद्दे पर भी होगी बात

वाशिंगटन   इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे. इस अहम बैठक में गाज़ा में युद्धविराम की कोशिशों और ईरान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये मुलाकात ट्रंप की मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने की कोशिशों का हिस्सा है. रॉयटर्स के मुताबिक सीनियर सलाहकार और सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ (CSIS) की मिडिल ईस्ट डायरेक्टर मोना याकूबियन ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप गाज़ा में सीजफायर को प्राथमिकता दे रहे हैं और ये मुद्दा दोनों नेताओं की मीटिंग में सबसे ऊपर रहेगा. उन्होंने कहा कि ट्रंप कई दिनों से इस दिशा में संकेत दे रहे हैं. इधर, हमास ने भी अमेरिका द्वारा प्रस्तावित सीजफायर प्लान पर सकारात्मक रुख दिखाया है और बातचीत के लिए तैयार होने की बात कही है. इस योजना में बंधकों की रिहाई और संघर्ष समाप्त करने को लेकर बातचीत का प्रस्ताव है. ईरान के मुद्दे पर भी होगी बात ट्रंप ने यह भी कहा कि वह नेतन्याहू के साथ ईरान पर भी चर्चा करेंगे. मोना याकूबियन के अनुसार ट्रंप और नेतन्याहू दोनों ईरान को लेकर एक जैसे विचार रखते हैं और पहले भी मिलकर सैन्य कार्रवाई कर चुके हैं. ऐसे में यह संभावना है कि दोनों नेता मिलकर आगे की रणनीति पर एकजुट रुख अपनाएंगे. इन नेताओं से करेंगे मुलाकात इस दौरे में नेतन्याहू अमेरिका के अन्य शीर्ष अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे, जिनमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, ट्रंप के पश्चिम एशिया दूत स्टीव विटकॉफ और वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक शामिल हैं. क्यों अहम है नेतन्याहू की यात्रा? मोना याकूबियन ने कहा कि नेतन्याहू की यह यात्रा न केवल ईरान में की गई सैन्य कार्रवाई की सफलता को दिखाएगी, बल्कि गाज़ा में संभावित युद्धविराम की दिशा में भी एक कदम मानी जाएगी. यह ट्रंप के लिए भी अहम है, क्योंकि इससे वे अमेरिका में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ खुद को 'शांति स्थापित करने वाले नेता' के रूप में पेश कर पाएंगे. वे लंबे समय से मिडिल ईस्ट में बड़े राजनयिक समझौते कराने की कोशिश कर रहे हैं. इस मुलाकात को लेकर अब पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं, जिसमें दोनों नेता क्षेत्रीय शांति और रणनीतिक साझेदारी पर नई राह तय कर सकते हैं. 

यात्रियों के लिए जरूरी सूचना: कांवड़ यात्रा में पश्चिम यूपी के रूट में बदलाव, 10 जुलाई से डायवर्जन लागू

सहारनपुर यूपी में कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ में आ गया है। इसके तहत पश्चिम यूपी में सुरक्षा की व्यू रचना तैयार कर ली है। सहारनपुर में जिलाधिकारी और एसएसपी ने पैदल मार्च किया। दोनों अधिकारियों ने खामियां मिलने पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। इसके साथ ही दस जुलाई से रूट डायवर्जन प्लान भी लागू हो जाएगा। शनिवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल और एसएसपी आशीष तिवारी ने घंटाघर से नेहरू मार्केट, श्रीराम चौक, चौकी सराय, शहीदगंज बाजार, दाल मंडी पुल, अरबी मदरसा सहित अनेक इलाकों में पुलिस-फोर्स के साथ पैदल मार्च किया। दोनों अधिकारियों ने मुहर्रम के तहत चल रहे जुलूस के मार्ग भी देखे। इसके साथ ही घंटाघर पर अंबाला रोड और देहरादून रोड (कांवड़ मार्ग) की व्यवस्था देखी। जिलाधिकारी और एसएसपी ने अधीनस्थों को खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। वहीं, कांवड़ मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। एसएसपी आशीष तिवारी ने डायल 112 पर तैनात पुलिसकर्मियों की बैठक ली। एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा कि सूचना मिलते ही तत्काल प्रभाव से पुलिस मौके पर पहुंचे। अंतिम चरण में डायवर्जन थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के काली नदी से सरसावा बाईपास कांवड़ मार्ग है। यहां पर डाक कांवड़ सबसे अधिक गुजरती हैं, इसलिए सभी वाहनों को प्रतिबंध किया जाएगा। आटो, ई-रिक्शा, बाइक को भी बंद किया जाएगा। इनके जाने के लिए घंटाघर चौक, आंबेड़कर चौक, दर्पण तिराहे वाले रास्ते खुल रहेंगे। कांवड़ यात्रा मार्ग पर क्रास करने वाले बिंदु आंबेडकर चौक, घंटाघर और दर्पण तिराहा बस स्टैंड की व्यवस्था – 11 जुलाई से 24 जुलाई तक देहरादून रोडवेज बस स्टैंड से हरिद्वार, देहरादून, मेरठ, दिल्ली जाने वाली बसें कांशीराम अस्थायी बस स्टैंड से संचालित होंगी, जिन्हें दिल्ली रोड से चुनहेटी कट से बाईपास होते हुए चलाया जाएगा। – 11 जुलाई से 24 जुलाई तक हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, गंगोह, नकुड़ जाने वाली रोडवेज बसें मानकमऊ बस स्टैंड से कुम्हारहेड़ा कट से बाईपास होते हुए संचालित होंगी। कांवड़ यात्र के दौरान यह रहेगी यातायात व्यवस्था – सहारनपुर से गाजियाबाद, दिल्ली जाने वाले वाहन अंबाला-देहरादून बाईपास से संचालित होकर सरसावा चौकी, शाहजहांपुर, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत होकर जाएंगे। इसी मार्ग से वापसी होगी। – सहारनपुर से दिल्ली, गाजियाबाद जाने वाली हल्के वाहन गागलहेड़ी, नागल, देवबंद, रोहाना कलां होकर चलेंगे। – सहारनपुर से मुजफ्फरनगर की तरफ जाने वाले हल्के वाहनों को सहारनपुर बाईपास से कोलकी कट, नागल, रोहाना कलां से होकर निकाला जाएगा। – सहारनपुर से यमुनानगर, अंबाला जाने वाले भारी वाहनों को बाईपास से सरसावा चौकी, शाहजहांपुर, यमुनानगर से निकाला जाएगा। इसी मार्ग से वापस होंगे। – सहारनपुर से हरिद्वार जाने वाले भारी वाहन 11 से 17 जुलाई तक सहारनपुर बाईपास से गागलहेड़ी, छुटमलपुर, भगवानपुर, रुड़की होकर जाएंगे। इसके बाद भारी वाहन 18 से 24 जुलाई तक सहारनपुर बाईपास से गागलहेड़ी, छुटमलपुर, चौकी मोहंड, आशारोड़ी चौकी, देहरादून, हरिद्वार निकलेंगे। इसी मार्ग से वापस होंगे। – सहारनपुर से देहरादून जाने वाले भारी वाहन देहरादून बाईपास (देहरादून-अंबाला हाईवे) से गागलहेड़ी, छुटमलपुर, मोहंड चौकी, आशारोड़ी चौकी होकर जाएंगे। – सहारनपुर से शामली की ओर जाने वाले भारी वाहन रामपुर मनिहारान, नानौता, जलालाबाद होकर जाएंगे। हल्के वाहन भी इसी मार्ग से चलेंगे। – यमुनानगर की ओर से आने वाले वाहन शाहजहांपुर से चिलकाना मोड, दुमझेड़ा, बेहट, कलसिया, मुजफ्फराबाद, छुटमलपुर होते हुए भगवानपुर उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करेंगे। इसी मार्ग से वापसी होंगे।