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माहौल बिगाड़ने की साजिश? ताजिया के दौरान चबूतरा टूटने पर बरेली में बढ़ा तनाव

फरीदपुर (बरेली) यूपी के बरेली में माहौल खराब करने की कोशिश की गई। फतेहपुर में बहुसंख्यक आबादी के बीच ताजिया रखने के दौरान पड़ोस की दुकान का चबूतरा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसको लेकर वहां रहने वाले व्यापारियों ने हंगामा कर दिया। पुलिस ने विवाद शांत करने को अपनी ओर से मुकदमा भी दर्ज किया लेकिन व्यापारी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने गिरफ्तारी न होने तक ताजिया न निकलने देने की बात कही है। फरीदपुर के मोहल्ला साहूकारा में बहुसंख्यक आबादी के बीच उत्तम अग्रवाल के घर के सामने रात में ताजिया रखने की कई वर्ष पुरानी परंपरा है। कभी इसको लेकर कोई विवाद भी नहीं हुआ। मगर शनिवार रात करीब साढ़े तीन बजे यहां ताजिया रखने के दौरान मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पड़ोस के व्यापारी दीपक अग्रवाल का चबूतरा हथौड़े से क्षतिग्रस्त कर दिया। आरोप है कि उनकी दुकान के शटर को भी तोड़ने की कोशिश की गई। रविवार सुबह वहां रहने वाले व्यापारियों ने चबूतरा टूटा देखा तो वे लोग आक्रोशित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो उसमें चबूतरा तोड़ने वाले सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। बेवजह चबूतरा तोड़कर माहौल खराब करने की कोशिश की गई है। पुलिस ने व्यापारियों को समझाने की कोशिश कर अपनी ओर से मुकदमा दर्ज कर एक महिला को हिरासत में ले लिया। मगर व्यापारी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक ताजिया नहीं उठने देंगे। मौके पर मौजूद पुलिस कर रही है वार्ता घटना की सूचना पर सीओ संदीप सिंह और इंस्पेक्टर राधेश्याम फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे हैं। दोनों पक्षों के लोगों से वार्ता कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है कि त्योहार को सकुशल संपन्न कराया जा सके।  

शहडोल में आफत की बारिश, जिला अस्पताल और रेलवे स्टेशन तक डूबे पानी में

शहडोल रात से शुरू हुई बारिश रविवार की सुबह अभी तक जारी है। स्थिति यह है की नदी नाले उफान पर है और शहर के रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल, सड़कों और घरों में पानी भर गया है। गलियों में पानी का बहाव तेजी से चल रहा है। जो मकान निचले इलाके में है वहां पानी भर गया है और लोग घरों से पानी निकालने में जुटे हुए हैं। हालत यह है कि जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है । शहडोल कलेक्टर ने नाकाबंदी करवा दी है नदी जहां से गुजरती है वहां के पुल और रपटों पर आना-जाना रोक दिया गया है। इस तरह से ग्रामीण क्षेत्र का शहर से पूरी तरह से संपर्क टूट चुका है। भारी बारिश ने स्थिति को बहुत ही दुष्कर बना दिया है। हालत यह है कि एक ही स्पीड में कई घंटे से बरसात हो रही है लोग अपने घरों में हैं। जिन घरों में पानी भरा हुआ है वहां के लोग पूरा परिवार पानी निकालने में जुटा हुआ है। बारिश को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए शहडोल जिला मुख्यालय के अधिकांश निचले इलाकों में पानी का सैलाब देखा जा रहा है ।लोग नहीं समझ पा रहे हैं कि क्या किया जाए। शहडोल शहर में बरसात के पहले नगर पालिका को ड्रेनेज सिस्टम ठीक करना था और बरसात के पानी की निकासी का व्यवस्था करनी थी, लेकिन इस तरह के कोई इंतजाम नहीं किए गए। यही कारण है कि अब पानी का यह सैलाब लोगों के घरों में घुस रहा है। कई इलाकों में घरों में घुस गया पानी आज रविवार का दिन है और छुट्टी का दिन है लोग अपने घरों में है लेकिन उनका समय घरों में घुसे पानी को निकालने में बीत रहा है। जिला अस्पताल के कई वार्डों में पानी भर गया है। पांडव नगर के शासकीय आवासों में भी पानी का भराव देखा जा रहा है। शहर के मुख्य मार्ग जलमग्न हो गए हैं और आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। पिछले कई सालों में इस तरह की बरसात जुलाई के महीने में देखी जा रही है। बारिश से शहडोल शहर के आलीशान कॉलोनियों में भी घुटने तक पानी भरा, स्वास्तिक ग्रीन वैली, एमआर सिटी, राज रेजिडेंसी में लोगों के घरों में घुसा बारिश का पानी,पार्किंग में खड़ी कार और दुपहिया वाहन डूबे। 

मोर्ने मोर्कल ने देरी से पारी घोषित करने के फैसले को लेकर तोड़ी चुप्पी, इंग्लैंड के बैजबॉल से डरा भारत?

नई दिल्ली मोर्ने मोर्कल ने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट के चौथे दिन देर से पारी घोषित करने के भारत के फैसले का बचाव किया है और कहा है कि वे इंग्लैंड और बाजबॉल के बारे में चिंतित नहीं थे। भारत ने अपनी दूसरी पारी में 427 रन बनाए, जिसमें शुभमन गिल ने 161 रन बनाए और रवींद्र जडेजा और ऋषभ पंत ने शानदार अर्धशतक जड़े। पहली पारी में 180 रनों की बड़त के साथ भारत ने मेजबानों के सामने जीत के लिए 608 रनों का टारगेट रखा है। इस स्कोर का पीछा करते हुए इंग्लैंड 72 के स्कोर पर तीन विकेट गंवा चुका है। मैच के पांचवें और आखिरी दिन मेजबानों को जीत के लिए 536 रनों की दरकार है और उनके हाथों में 7 विकेट शेष है। जब भारत ने पारी घोषित की तो कई फैंस और क्रिकेट पंडितों को लगा कि शुभमन गिल ने थोड़ी देरी कर दी है। टेस्ट क्रिकेट में जहां आज तक 418 रनों से बड़ा टारगेट चेज नहीं हुआ वहां भारत ने ज्यादा समय तक बैटिंग कर हार को गेम से बाहर करने की कोशिश की, जिस वजह से इंग्लैंड को चौथे दिन 16 ही ओवर बैटिंग करने का मौका मिला। अगर भारत पारी जल्दी घोषित कर देता तो इंग्लैंड को वह अधिक ओवर खिला सकता था। चौथे दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मोर्केल ने कहा कि टीम ने पारी घोषित करने के बारे में बात की थी, लेकिन उन्हें लगा कि यह अभी भी बल्लेबाजी के लिए एक अच्छा विकेट है। भारत के गेंदबाजी कोच ने कहा कि टीम अच्छी स्थिति में पहुंचना चाहती थी क्योंकि मौसम उनके नियंत्रण से बाहर था। मोर्केल ने कहा, "यह एक अच्छा सवाल है। हमने इस बारे में दिन भर बहुत बात की। लेकिन मुझे लगता है कि हम देखते हैं कि यह अभी भी एक अच्छा विकेट है। हमारे खिलाड़ी भी अंत में 4 या 5 रन प्रति ओवर की दर से काफी आराम से बल्लेबाजी कर रहे थे। अतिरिक्त दिन होने के कारण, मेरा मतलब है, मौसम, आप वास्तव में इसे नियंत्रित नहीं कर सकते। यह हमें बल्लेबाजी में एक आरामदायक स्थिति में लाने के लिए था, और फिर, जाहिर है, आज रात, उनके पास 20 से अधिक ओवर थे और उम्मीद है कि ग्रे आसमान होगा, और दो या तीन विकेट मिलेंगे, और हमने वह हासिल कर लिया, जो हमारे लिए एक बोनस है।" उन्होंने आगे कहा, “तो हां, कल सुबह का पहला घंटा बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है। हमने आज सुबह देखा कि, आप जानते हैं, अगर आप सही क्षेत्र में गेंद डालते हैं, तो थोड़ी सहायता मिलती है और हां, हमें कल इस पर पूरी तरह से ध्यान देने की आवश्यकता है।”  

इंग्लैंड की टीम क्या एजबेस्टन टेस्ट अब ड्रॉ कराने के लिए खेलेगी?, कोच बोले- हम इतने मूर्ख नहीं है कि…

नई दिल्ली बैजबॉल अंदाज में क्रिकेट खेलने वाली इंग्लैंड की टीम क्या एजबेस्टन टेस्ट अब ड्रॉ कराने के लिए खेलेगी? इंग्लैंड के बल्लेबाजी कोच मार्कस ट्रेस्कोथिक ने ड्रॉ खेलने की संभावना से यह इनकार नहीं किया कि वह इतने मूर्ख नहीं है कि सिर्फ हार और जीत के लिए खेले। उनका कहना है कि टेस्ट मैच में तीन रिजल्ट निकल सकते हैं। अगर जीत ना मिल रही हो तो टीम ड्रॉ लिए जा सकती है। बता दें, भारत ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 608 रनों का टारगेट रखा है। इंग्लिश टीम इस स्कोर का पीछा करते हुए 72 के स्कोर पर तीन विकेट गंवा चुकी है। पांचवें और आखिरी दिन मेजबानों को जीत के लिए 536 रनों की दरकार है। चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद इंग्लैंड के बैटिंग कोच मार्कस ट्रेस्कोथिक ने कहा, "मुझे लगता है कि जब भी परिस्थिति चुनौतीपूर्ण होती है, तो निश्चित रूप से ऐसा होता है। मुझे लगता है, अगर आप उस पॉइंट पर पहुंच जाते हैं जहां आप खेल को ड्रॉ कर सकते हैं, तो निश्चित रूप से। हम इतने मूर्ख नहीं हैं कि यह समझें कि आपको बस जीतना है या हारना है, आपके द्वारा खेले जाने वाले हर खेल में 3 परिणाम संभव हैं। लेकिन हमने अपने समय में कुछ ऐसी चीजें की हैं जो हमने पहले की तुलना में अलग हैं, इसलिए हम देखेंगे कि क्या होता है।" इसके अलावा, ट्रेस्कोथिक ने खुलासा किया कि वे ड्रेसिंग रूम में ड्रॉ पर चर्चा नहीं करते हैं, लेकिन उन्होंने बताया कि कुछ खिलाड़ी खेल के साथ अच्छी तरह से तालमेल बिठा लेते हैं और खेल की स्थिति के अनुसार अपनी योजना बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि हम इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। यह उस तरह का चेंज रूम नहीं है, जैसा कि हम हैं, लेकिन हम इतने भोले नहीं हैं कि यह जान सकें कि यह एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण स्कोर है। क्या आप बस अपने बंकर में चले जाते हैं और बस उसे खोद देते हैं और आप जानते हैं कि कुछ खिलाड़ी ऐसा कर सकते हैं। आप वास्तव में नहीं जानते कि यह व्यक्ति ही है जो खेल के अनुकूल हो सकता है और समझ सकता है कि क्या हो रहा है, लेकिन आपको पता है कि आपको हमारे चेंजिंग रूम को समझना होगा। हमने जो अतीत में किया है, उसके संदर्भ में यह एक अलग तरह की संस्कृति है।"  

भीषण सड़क हादसा : कंटेनर और ट्रक की टक्कर, कंटेनर के केबिन में बुरी तरह फंस गया था ड्राइवर का शव, डेढ घंटे की मशक्कत के बाद निकला

छतरपुर-बक्सवाहा रविवार सुबह करीब 5 बजे बक्सवाहा थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे में एक ड्राइवर की जान चली गई। गढ़ोई और भड़ाटोर के बीच स्थित ड्राइवर ढाबे के सामने तेज रफ्तार कंटेनर और आइशर ट्रक की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई, जिसमें कंटेनर के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। ड्राइवर की पहचान लाखन सिंह (46 वर्ष) पिता बलदेव सिंह ठाकुर, निवासी थाना सोजना, जिला ललितपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। हादसे के बाद उसका शव बुरी तरह केबिन में फंस गया था। प्रत्यक्षदर्शी प्रत्यक्षदर्शी बाबू सिंह लोधी, नीरज लोधी और संदीप यादव ने टक्कर की आवाज सुनते ही घटना स्थल पर पहुंचकर तत्काल पुलिस को सूचना दी और बचाव में जुट गए। जब शव निकालने में असफलता मिली तो दिनेश यादव की जेसीबी मशीन मौके पर बुलाई गई। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कंटेनर चालक के शव को बाहर निकाला गया और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बकस्वाहा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आइशर चालक हादसे के बाद फरार हादसे में शामिल कंटेनर (यूपी 94Aटी 0179) दमोह-जबलपुर मार्ग से बकस्वाहा की ओर आ रहा था, जबकि आईसर (एमपी 06जी 3672) छतरपुर की ओर से हीरापुर मार्ग से गुजर रहा था। ढाबे के पास हुई सीधी भिड़ंत में कंटेनर चकनाचूर हो गया। इस भीषण टक्कर के बाद आईसर का चालक और क्लीनर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। थाना बक्सवाहा एसआई महेश पांडे ने बताया कि हादसे में कंटेनर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। आइशर ड्राइवर और क्लीनर की तलाश की जा रही है, मामला दर्ज कर जांच जारी है।

दुकानदारों से ऑनलाइन ठगी, फर्जी रसीद दिखाकर हो रहा फ्रॉड

बिलासपुर ऑनलाइन पेमेंट लेने वाले दुकानदारों को अब और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि ठगों ने ऑनआइन ठगी का एक नया तरीका इजात कर लिया है। जिसमें ठग ऑनलाइन पेमेंट की नकली रसीद दिखाकर व्यापारियों को ठग रहे हैं। बिलासपुर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। जिसके बाद व्यापारियों ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज करायी है। बिलासपुर में दुकान में खरीदी के बाद फोन पे से फर्जी पेमेंट की रसीद दिखाकर कई व्यापारियों से ठगी का मामला सामने आया है। एक ही व्यापारी के तीन रिश्तेदारों की दुकान से इस तरह की ठगी का मामला सामाने आने के बाद व्यापारियों को इसकी जानकारी हुई। जब व्यापारियों ने अन्य व्यापारियों से बातचीत की तब पता चला कि मेडिकल स्टोर, किराने की दुकान समेत अन्य दुकानों में इस तरह ठगी की जा रही है। व्यापारियों ने ठगी की शिकायत सरकंडा थाने में की है। साथ ही संदेही की तस्वीर पुलिस को सौंप दी है। इसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। व्यापारियों को बना रहे शिकार सरकंडा क्षेत्र के मोपका स्थित राधा विहार में रहने वाले संतराम साहू व्यवसायी हैं। उनकी बहतराई रोड प्रथम अस्पताल के पास किराने की दुकान है। व्यवसायी ने बताया कि 9 जून की रात करीब 8 बजे उनकी दुकान पर एक व्यक्ति पर आया। उसने घरेलू सामान की खरीदारी की। इसका बिल एक हजार 639 रुपये बना। उसने ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कही। साथ ही उसने दुकान में लगे पेटीएम के स्कैनर को अपने मोबाइल से स्कैन किया। स्कैन करते ही उनके संस्थान का नाम आ गया। इसके बाद उसने बिल की रकम डालकर पेमेंट किया। कुछ देर बाद उसने पेमेंट की रसीद दुकान संचालक को दिखाया। उनके साउंड बाक्स में पेमेंट का एनाउंस नहीं हुआ था। दुकान संचालक ने बैंक सर्वर डाउन होने की बात सोचकर उसे जाने दिया। रकम बड़ा होने के कारण उन्होंने रात में स्टेटमेंट चेक किया। दूसरे दिन भी उनके एकाउंट में पेमेंट नहीं आया। तब उन्होंने अपने परिचित से बात की। इसमें पता चला कि कई दुकानों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। व्यापारी ने इसकी शिकायत सरकंडा थाने में की है। ऑनलाइन पेमेंट लेते समय रहे सावधान पुलिस ने बताया कि मोबाइल पर किसी दुकान पर फर्जी पेमेंट की स्क्रीनशाट दिखाकर ठगी के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामले में सावधानी जरूरी है। इस तरह के मामले में व्यापारियों के पास किसी तरह के ट्रांजेक्शन का कोई रसीद नहीं रहती। इसके कारण ठगी करने वालों तक पहुंचना कठिन होता है। इस तरह की ठगी से बचने के लिए सतर्कता रखना जरूरी है। जब तक उनके मोबाइल पर ट्रांजेक्शन की रसीद नहीं आती, तब तक सामान नहीं देना चाहिए। अगर बैंक की कोई समस्या या अन्य परेशानी हो तो व्यक्ति दूसरे दिन दुकान आकर सामान ले जा सकता है। वहीं, अगर ठगी हो जाए तो व्यापारी उस व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकते। व्यापारियों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान सावधान रहने की जरूरत है।  

डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक, विमान ने प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में कर दी घुसपैठ

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। न्यू जर्सी स्थित राष्ट्रपति के निजी गोल्फ कोर्स के ऊपर एक विमान के उड़ने से सीक्रेट सर्विस में हड़कंप मच गया। इसके बाद तुरंत उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) ने लड़ाकू विमान भेजकर विमान को खदेड़ा। NORAD ने इस घटना की जानकारी दी है। जिस दौरान यह घटना हुई, उस समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप स्वतंत्रता दिवस के बाद वीकेंड मनाने के लिए गोल्फ कोर्स में मौजूद थे। NORAD ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि 5 जुलाई को 2025 को बेंडमिस्टर, न्यू जर्सी के ऊपर एक विमान ने अस्थायी उड़ान प्रतिबंध का उल्लंघन किया, जिसे इंटरसेप्ट किया गया। इसमें विमानों के पायलटों से उड़ान से पहले संघीय विमानन प्रशासन से जारी किए अलर्ट को देखने को कहा गया है। उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड उत्तरी अमेरिका की रक्षा के लिए एयरोस्पेस चेतावनी, एयरोस्पेस नियंत्रण और समुद्री चेतावनी का संचालन करता है। शनिवार दोपहर हवाई क्षेत्र में घुसा विमान NORAD के बयान के अनुसार, नागरिक विमान ने शनिवार 5 जुलाई को स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:40 बजे (भारतीय समयानुसार रविवार 12:10 सुबह) से ठीक पहले अस्थायी उड़ान प्रतिबंध क्षेत्र में उड़ गया। उसे लड़ाकू जेट द्वारा सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि यह प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र का दिन का चौथा उल्लंघन था, और बाद में एक और उल्लंघन हुआ। एफ-16 लड़ाकू विमान ने खदेड़ा हालांकि, NORAD ने यह जानकारी नहीं दी कि घुसपैठिए विमान को खदेड़ने के लिए किस फाइटर जेट का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन द न्यूयॉर्क पोस्ट सहित कई आउटलेट्स ने बताया कि यह एक F-16 लड़ाकू विमान था। फरवरी में भी, NORAD ने फ्लोरिडा में ट्रम्प के मार-ए-लागो रिसॉर्ट के ऊपर हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के जवाब में तीन F-16 को उड़ाया था।

पूर्व मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ के सरकारी बंगले में तय समय से ज्यादा दिन रुकने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र

नई दिल्ली पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ का सरकारी बंगले में ज्यादा दिन तक रुकना अब विवाद का कारण बन गया है। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि 5, कृष्णा मेनन मार्ग स्थित बंगला तुरंत खाली करवाया जाए। यह बंगला देश के मुख्य न्यायाधीश का आधिकारिक निवास है। चंद्रचूड़ नवंबर 2024 में रिटायर हुए थे, लेकिन अब तक वहीं रह रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक जुलाई को केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि देश के पूर्व मुख्य न्यायधीश चंद्रचूड़ तय समय से ज्यादा दिन बंगले में रह रहे हैं। नियम के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद पूर्व मुख्य न्यायधीश को छह महीने तक टाइप-सात बंगले में रह सकते हैं। लेकिन चंद्रचूड़ टाइप-आठ बंगले में आठ महीने से रह रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। इस मुद्दे पर क्या बोले चंद्रचूड़ इस मुद्दे पर चंद्रचूड़ ने कहा कि यह देरी उनके पारिवारिक कारणों की वजह से हुई। उन्होंने बताया कि उनकी दो बेटियों को विशेष देखभाल की जरूरत है और उनके लिए उपयुक्त घर ढूंढना आसान नहीं था। सरकार ने उन्हें किराए पर दूसरा घर दिया है, जिसकी मरम्मत चल रही है। मरम्मत पूरी होते ही वह शिफ्ट हो जाएंगे। इन दो मुख्य न्यायाधीश ने नहीं लिया बंगला दिलचस्प बात यह है कि चंद्रचूड़ के रिटायरमेंट के बाद दो मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना और वर्तमान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कृष्णा मेनन मार्ग स्थित बंगला लेने से इनकार कर दिया। दोनों ने अपने पुराने आवास में ही रहना पसंद किया। इसी वजह से चंद्रचूड़ को बंगले में अतिरिक्त समय मिलने में आसानी हुई। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने दी थी सीमित मोहलत सुप्रीम कोर्ट की तरफ से चंद्रचूड़ को पहले ही अप्रैल 2025 तक बंगला रखने की अनुमति दी गई थी। बाद में मई 2025 तक मौखिक रूप से मोहलत भी मिली। लेकिन अब वह समय भी बीत चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब और इंतजार नहीं किया जा सकता क्योंकि कई जजों को आवास की जरूरत है। चंद्रचूड़ बोले- जिम्मेदारियों का एहसास है चंद्रचूड़ ने कहा कि उन्हें पूरी तरह से अपनी जिम्मेदारियों का एहसास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कुछ ही दिनों में बंगला छोड़ देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले कई पूर्व मुख्य न्यायाधीश को भी परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त समय दिया गया है। वह यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट प्रशासन के साथ पहले ही साझा कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट की साख पर सवाल यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में ऐसा कम ही देखा गया है जब अदालत को अपने आधिकारिक निवास को खाली कराने के लिए केंद्र सरकार को लिखित रूप से कहना पड़े। आमतौर पर ऐसे मामलों में अंदरखाने समाधान निकाल लिया जाता है। लेकिन मौजूदा हालात में अदालत को सख्त कदम उठाना पड़ा, जिससे यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है।

मुख्यमंत्री नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के 03 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में हुए शामिल

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  राजधानी रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय आधारभूत/उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी है। यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले की तस्वीर बदल सकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोक कल्याण की भावना से जनता की सेवा करने वालों को जनता स्वयं आगे बढ़ाती है। अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने भी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत पंच के रूप में की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगा। 10 वर्ष की आयु में पिताजी के स्वर्गवास के बाद मेरे कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। मेरा पूरा जीवन संघर्ष में बीता। मैं सरपंच भी बनूंगा, यह मैंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन जनता का आशीर्वाद मिला, जिससे विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुछ कर गुजरने के लिए संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति होती है। जनहित में कार्य करने की सोच से अकेला व्यक्ति भी बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे जिन प्रेरणादायी लोगों के जनसेवा के कार्यों को निकट से देखने का अवसर मिला, उनमें ओडिशा के डॉ. अच्युत सामंत और नानाजी देशमुख का उल्लेख करना चाहूंगा। अभावों में पले-बढ़े डॉ. अच्युत सामंत ने आजीवन जनता की सेवा का संकल्प लिया और भुवनेश्वर में एक बड़ा शिक्षण संस्थान स्थापित किया। इस संस्थान में वे लगभग 25 हजार जनजातीय बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसी तरह, चित्रकूट में नानाजी देशमुख ने दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के माध्यम से 500 गांवों को गोद लेकर उनके सर्वांगीण विकास का कार्य किया। वर्ष 2006-07 में जब मैं वहां गया, तब मुझे पता चला कि अब तक 80 गांवों को उन्होंने आत्मनिर्भर बना दिया है। इन गांवों में हर परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्य किया गया। ये उदाहरण हमें यह बताते हैं कि एक व्यक्ति भी कितना बड़ा परिवर्तन ला सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यहां 44 प्रतिशत भूभाग पर वन हैं। यहां की मिट्टी उर्वरा है और किसान मेहनतकश हैं। छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा था, जिसे हम समाप्त कर रहे हैं। जो नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, उनके लिए हमने एक उत्कृष्ट पुनर्वास नीति बनाई है। जल्द ही राज्य नक्सलमुक्त होगा और बस्तर में सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर संभाग के मुलेर ग्राम का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के आदिवासियों को राशन के लिए 25 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता था, जिसमें तीन दिन लगते थे। कल्पना की जा सकती है कि यह इलाका विकास में कितना पीछे था। हमने मुलेर को अलग पंचायत बनाने का निर्णय लिया और वहां राशन दुकान खोली। जब मैं वहां गया, तो लोगों की खुशी उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों से कहा कि गांवों का विकास किए बिना हम विकसित छत्तीसगढ़ नहीं बना सकते। प्रशिक्षण के इस समय का पूरा लाभ उठाएं। यह सदैव ध्यान रखें कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें। प्रवास और निरीक्षण से प्रशासनिक कसावट आती है और विकास कार्यों को गति मिलती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में बेहतर कार्य करने के लिए स्वयं को पूरी तरह तैयार करें। पंचायती राज से जुड़े कानूनी प्रावधानों की गहन जानकारी रखें। गांव की उन्नति के लिए केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि अन्य संभावनाओं पर भी सतत विचार करें। दुग्ध उत्पादन जैसे कार्यों से गांव की आर्थिक उन्नति सुनिश्चित होती है। गांव में आर्थिक समृद्धि आने से युवाओं को नई दिशा मिलती है और वे व्यसनों से दूर रहते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आप ग्राम पंचायत के कार्य स्वरूप पर भी चिंतन करें। पंचायती राज संस्था से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को भलीभांति समझें, ताकि आप जनता के हित में बेहतर कार्य कर सकें। पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े सभी स्तर के एक लाख सत्तर हजार लोगों को यहां प्रशिक्षित किया जाएगा। आज आप सभी से इसकी शुरुआत हो रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पेसा : पंचायत उपबंध एवं छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध मार्गदर्शिका, पंचमन पत्रिका तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों हेतु पठन सामग्री का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के प्रांगण में मौलश्री पौधे का रोपण भी किया। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह, सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संचालक पी. सी. मिश्रा उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री साव बोले – वृक्षारोपण पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक

पीएम आवास के 50 हजार हितग्राहियों के परिसर में एक लाख से अधिक पौधेरोपित गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में किया गया दर्ज रायपुर, हर आंगन में हरियाली लाने ‘‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’’ वृक्षारोपण महाअभियान के तहत जिले में पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने के लिए अभिनव पहल की गई। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के 50 हजार हितग्राहियों के निवास परिसरों में 01 लाख से अधिक पौधे रोपे गए। इस अनूठे और भावनात्मक अभियान के माध्यम से ना केवल हरियाली बढ़ाने का प्रयास हुआ, बल्कि मातृत्व के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया गया। इस अभिनव पहल को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इस महाअभियान का जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम मुंगेली विकासखंड के ग्राम लोहड़िया रामपुर स्थित महात्मा गांधी आक्सीजोन परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने आम के पौधे का रोपण कर जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पाण्डेय, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, वनमंडलाधिकारी श्री अभिनव कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय ने भी पौध-रोपण किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर, मुंगेली एसडीएम श्रीमती पार्वती पटेल सहित संबंधित अधिकारी, जनद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पलता पदमिनी मोहले और गणमान्य नागरिक श्री दीनानाथ केशरवानी मौजूद रहे। श्रीमती सोनल शर्मा ने जिला प्रशासन की इस उपलब्धि के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र प्रदान कर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि प्रकृति से भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक है। जिले में इस वृक्षारोपण अभियान के तहत एक लाख से ज्यादा पौधे का रोपण कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया है, जिससे यह गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गया है, इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों का जीवन स्वस्थ और सुखद हो, इसके लिए पौधे लगाना अति आवश्यक है। वृक्षारोपण का यह क्रम टूटना नहीं चाहिए, पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने घटते जलस्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए जल संरक्षण के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने और वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने रामपुर में सी.सी. रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपए की घोषणा की। विधायक श्री मोहले ने वृक्षारोपण अभियान के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने के लिए जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य किसी भी क्षेत्र में नया कीर्तिमान रचने का प्रयास किया जा रहा है और इसी कड़ी में पीएम आवास हितग्राहियो के घरों में वृक्षारोपण महाभियान को गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वृक्ष परोपकार एवं पुण्य का प्रतीक होता है, पर्यावरण सरंक्षण के लिए हम सभी को पौधारोपण करना चाहिए। वनमंडलाधिकारी ने कहा कि दुनिया के समक्ष जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, जल संकट जैसी चुनौतियां हैं, इससे बचने के लिए एक पेड़ लगाना आवश्यक है, जैसे बूंद-बूंद पानी से समुद्र बनता है, वैसे एक-एक पेड़ से ही पर्यावरण संरक्षित होगा और हरीतिमा बढ़ेगी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने पर्यावरण को बचाने वृक्षारोपण पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन में योगदान देने वालों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। जिला पंचायत सीईओ ने कार्यक्रम के सफल कार्यक्रम के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य श्री उमाशंकर साहू, श्री पवन पाण्डेय, अन्य जनप्रतिनिधिगण, स्व सहायता समूह की दीदी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।