samacharsecretary.com

राज्यपाल डेका से रेड क्रॉस जिला शाखा महासमुंद के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की

रायपुर, राज्यपाल एवं पदेन अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी (राज्य शाखा, रायपुर) रमेन डेका गत दिवस पिथौरा आगमन पर कलेक्टर एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा महासमुंद के अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में रेड क्रॉस जिला शाखा महासमुंद के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर जिला शाखा के सभापति संदीप दीवान, रेड क्रॉस जिला प्रबंध समिति के सदस्य राजेश्वर खरे, जिला संगठक एवं राज्य प्रतिनिधि डॉ. अशोक गिरि गोस्वामी एवं प्रतिनिधि मंडल  ने राज्यपाल  से मुलाकात कर जिले में रेड क्रॉस द्वारा संचालित विभिन्न मानवीय और सामाजिक सेवा गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल डेका ने रेड क्रॉस सोसाइटी की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि समाज में मानवीय सहायता एवं आपातकालीन सेवा कार्यों में रेड क्रॉस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिले में चल रही गतिविधियों को विस्तार देने और अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किए। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी का प्रमुख उद्देश्य आपदा प्रबंधन, रक्तदान प्रोत्साहन, प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य जागरूकता, गरीबों एवं जरूरतमंदों की सहायता और मानवीय सेवा के कार्यों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करना है। जिले में इन कार्यों को सतत रूप से संचालित किया जा रहा है। इस अवसर पर तेजलाल देवांगन, दिनेश कुमार साहू (रेडक्रॉस प्रशिक्षक एवं जू.रे.क्रॉ. सचिव, पिथौरा), शासकीय कन्या शाला, पिथौरा से रेडक्रॉस काउंसलर्स ज्योति पटेल एवं विमला नायक, वालेंटियर्स मोनिका निषाद, प्रिया साहू, मुस्कान यादव, कसिस सिन्हा, तथा शासकीय आर.के. स्कूल, पिथौरा से वालेंटियर्स ओम मिर्धा, दिवाकर निषाद, मुस्कान यादव, सुजल बाग शामिल थे।  

हिमाचल प्रदेश में आज फिर भारी बारिश की चेतावनी, मंडी, कांगड़ा और सिरमौर में रेड अलर्ट जारी

शिमला हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक बार फिर बादल फटने से तबाही मची है। चौहारघाटी सिल्हबुधानी के कोरतंग में देर रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है, लेकिन जानमाल को नुकसान नहीं है। बीते सोमवार की रात मंडी में कई जगह बादल फटने से हुई तबाही के जख्मों के बीच हिमाचल में रविवार को फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने मंडी, कांगड़ा और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। सात जिलों ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और सोलन के लिए ऑरेंज अलर्ट है। जबकि कांगड़ा, चंबा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिले के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 7-8 जुलाई को पूरे प्रदेश में ऑरेंज और 9 जुलाई को येलो अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार को कांगड़ा समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। इसी बीच, नादौन और कांगड़ा में दो शव मिले हैं। नादौन में ब्यास नदी के किनारे बटाली क्षेत्र में मिले शव की पहचान मंडी के पंगलियुर (सैंज) निवासी 30 वर्षीय इंद्रदेव के रूप में हुई है। एक और शव की शिनाख्त होने के बाद मंडी जिले में प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या 18 हो गई है। बारिश के चलते चारों फ्लाइटें रद्द शनिवार सुबह बारिश के चलते दिल्ली और चंडीगढ़ से कोई भी फ्लाइट गगल एयरपोर्ट नहीं पहुंची। चारों फ्लाइटें रद्द रहीं। इसमें इंडिगो की एक दिल्ली और एक चंडीगढ़ से फ्लाइट। वहीं, स्पाइस जेट की दो फ्लाइटें दिल्ली से नहीं आई।  प्रदेश में अभी 239 सड़कें बंद उधर, बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश में अभी 239 सड़कें, 258 ट्रांसफॉर्मर व 289 पेयजल स्कीमें ठप हैं। सर्वाधिक 176 सड़कें मंडी जिले में अवरुद्ध हैं। इनमें सराज में 85 सड़कें बंद हैं। प्रदेश में मानसून सीजन में अब तक 72 लोगों की जान गई है। 566.87 करोड़ का नुकसान आंका जा चुका है। सरकार किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार: सुक्खू मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मौसम विभाग ने रविवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि मंडी जिले में आपदा प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है।  शनिवार को शिमला में मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि प्रभावितों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए हैं। वह स्वयं लगातार जिला प्रशासन से संपर्क में हैं। जहां सड़कें टूटी हैं, वहां खच्चरों पर खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है।   कुछ सड़कें बहाल कर दी गई हैं, जिससे राहत कार्यों में तेजी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रभावितों को हर महीने 5,000 रुपये मासिक किराया देने का फैसला लिया है।   उन्होंने सराज क्षेत्र के लोगों से आग्रह किया है कि जिनके मकान सुरक्षित हैं, वे अतिरिक्त कमरों को प्रभावित परिवारों को किराये पर देने के लिए आगे आएं। मंडी जिले के आपदा प्रभावित परिवारों को अब तक 1,317 खाद्य सामग्री किट वितरित कर दी गई है।   थुनाग में दूरसंचार सेवाएं बहाल, कई इलाकों में बांटा गया राशन वहीं, आपदा प्रभावित मंडी के सराज, थुनाग समेत अन्य जगह शनिवार को भी सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस-प्रशासन का राहत व बचाव अभियान जारी रहा। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के 250 जवान तैनात किए गए हैं।  प्रभावित क्षेत्रों में दो हेलिकाप्टरों से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। सराज क्षेत्र में अब राहत और बचाव कार्यों में तेजी आई है। सेना के जवान दलदल भरे रास्तों में मोर्चा संभाले हुए हैं। थुनाग में दूरसंचार सेवाएं बहाल हो गई हैं। कुछ जगहों में बिजली सुविधा भी मिलना शुरू हो गई। थुनाग के साथ जंजैहली में राशन भी पहुंचना शुरू हो गया है। गर्भवती को पैदल, पालकी और गाड़ी से पहुंचाया करसोग मंडी जंजैहली मार्ग को थुनाग होकर लंबाथाच तक बहाल कर लिया गया है। राशन किट रैनगलू तक पहुंचाई जा रही हैं। शनिवार को दो गर्भवती महिलाओं को जंजैहली से पैदल व गाड़ी से करसोग पहुंचाया गया है। करीब आठ से दस किमी पालकी में बिठाकर सफर तय किया। मंडी के सराज में बादल फटने से सेब की फसल को नुकसान पहुंचा है। इस बारे में बात करते हुए दिनेश नाम के एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि बहुत नुकसान हुआ है। हमने बगीचे में एक हजार पौधे लगाए थे, जो भी नष्ट हो गए। इस साल कुछ पौधे 25 साल पुराने थे, और हमने अन्य छोटे पौधे भी लगाए थे, लेकिन वे खत्म हो गए। हमारा परिवार सुरक्षित और स्वस्थ है। सब कुछ ठीक है, और जानवर भी सुरक्षित हैं।

तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का 90 वा जन्मदिन, प्रधानमंत्री मोदी ने दीं शुभकामनाएं

शिमला तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा आज 90 साल के हो गए हैं। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। मोदी ने दलाई लामा को ‘प्यार, करुणा, धैर्य और नैतिक अनुशासन’ का प्रतीक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की। पीएम मोदी ने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की तरफ से वो दलाई लामा को शुभकामनाएं देते हैं। दलाई लामा का जन्मदिन भारत में भी बड़े धूमधाम से मनाया गया। रविवार सुबह हिमाचल प्रदेश के शिमला के पास स्थित डोरजिडक मठ में तिब्बती बौद्ध भिक्षुओं ने उनके लिए विशेष प्रार्थना की। इससे एक दिन पहले धर्मशाला में एक बड़ा कार्यक्रम हुआ, जिसमें बीजेपी नेता विजय जॉली और जेडीयू नेता राजीव रंजन (ललन) सिंह सहित कई प्रमुख भारतीय नेताओं ने हिस्सा लिया। धर्मशाला में ही दलाई लामा का मुख्य निवास भी है। बचपन में ही पहचान ली गई थी दलाई लामा की महानता दलाई लामा का असली नाम तेनजिन ग्यात्सो है। उनका जन्म छह जुलाई 1935 को तिब्बत के ताक्सर गांव में हुआ था। महज दो साल की उम्र में ही उन्हें तिब्बत के 13वें दलाई लामा का पुनर्जन्म माना गया। इसके बाद 1939 में उन्हें ल्हासा लाया गया और 22 फरवरी 1940 को उन्हें तिब्बत के सर्वोच्च नेता के रूप में स्थापित किया गया। छह साल की उम्र में उन्होंने बौद्ध शिक्षा ग्रहण करनी शुरू कर दी थी। क्या होता है दलाई लामा? जानिए आसान भाषा में ‘दलाई लामा’ एक मंगोलियाई शब्द है, जिसका मतलब होता है- ‘ज्ञान का महासागर’। तिब्बती बौद्ध परंपरा के मुताबिक, दलाई लामा करुणा के बोधिसत्व (बुद्ध के समान जागरूक प्राणी) के अवतार होते हैं। मान्यता है कि ये लोग अपने स्वयं के मोक्ष को टाल देते हैं ताकि दूसरों की सेवा कर सकें। दलाई लामा तिब्बत के सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक नेता होते हैं। चीन के हमले के बाद भारत आए थे दलाई लामा साल 1950 में जब चीन ने तिब्बत पर हमला किया, तब दलाई लामा को राजनीतिक जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। मार्च 1959 में जब तिब्बत में राष्ट्रीय विद्रोह को कुचल दिया गया, तब दलाई लामा को 80 हजार से ज्यादा तिब्बती शरणार्थियों के साथ भारत में शरण लेनी पड़ी। तब से लेकर अब तक दलाई लामा भारत में ही हैं और शांति, प्रेम और करुणा के संदेश को पूरी दुनिया में फैला रहे हैं। दशकों से शांति और सहनशीलता का संदेश दे रहे हैं दलाई लामा दलाई लामा को पूरी दुनिया में शांति, सहनशीलता और मानवता का प्रतीक माना जाता है। वो धर्म, जाति और राजनीति से ऊपर उठकर मानवता की बात करते हैं। भारत में रहते हुए भी उन्होंने कभी चीन विरोधी राजनीति नहीं की, बल्कि हमेशा संवाद और शांति का रास्ता अपनाने की अपील की है। उनका मानना है कि दुनिया में सबसे ज्यादा जरूरत प्यार, करुणा और धैर्य की है। यही वजह है कि उनका सम्मान हर धर्म और देश में होता है।

रियो डी जेनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे पीएम मोदी

ब्राजील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील पहुंच चुके हैं। ब्राजील पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। पीएम मोदी राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा के निमंत्रण पर ब्राजील की यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री रियो डी जेनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, उसके बाद राजकीय यात्रा पर जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यह ब्राजील की चौथी यात्रा है। पीएम मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। ब्राजील की राजकीय यात्रा के लिए प्रधानमंत्री ब्रासीलिया जाएंगे, जहां वे राष्ट्रपति लूला के साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य और लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित आपसी हितों के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को व्यापक बनाने पर द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। पीएम मोदी की ब्राजील की यात्रा को लेकर प्रवासी भारतीयों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की निदेशक ज्योति किरण ने कहा कि प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के चौथी बार ब्राजील आगमन को लेकर भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य कार्तिक ने कहा कि मैं हैदराबाद से हूं और पिछले 16 वर्षों से ब्राजील में रह रहा हूं। हम प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए बहुत उत्साहित हैं। रियो डी जेनेरियो में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय की सदस्य पूजा ने कहा कि मैं गुजरात से हूं और पिछले तीन वर्षों से ब्राजील में रह रही हूं। मैं उनसे यानी पीएम मोदी से मिलने के लिए बहुत उत्साहित हूं। प्रधानमंत्री मोदी की ब्राजील यात्रा पर शक्ति ग्रुप के चेयरमैन और एमडी श्रेयांस गोयल ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से हमें ब्रिक्स देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और जानकारी साझा करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ब्राजील इथेनॉल का एक प्रमुख खिलाड़ी है। साल 2005 में हमने पहली बार ब्राजील से भारत में इथेनॉल आयात किया था। लेकिन आज हम ऐसे मुकाम पर खड़े हैं, जहां अगले कुछ वर्षों में हम भारत से इथेनॉल निर्यात करेंगे।  

बर्मिंघम में ऐतिहासिक जीत पर भारत की नजर

 बर्मिंघम भारत और इंग्लैंड के बीच बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है। आज मुकाबले का पांचवां और आखिरी दिन है। इंग्लैंड को 608 रन का अंसभव सा लक्ष्य देने के बाद भारत की बर्मिंघम में ऐतिहासिक जीत पर नजर है। टीम इंडिया ने यहां आज तक कोई टेस्ट नहीं जीता है। रविवार को मेजबान इंग्लैंड को जीत के लिए 536 रन जबकि भारत को सात विकेट की जरूरत है। टेस्ट क्रिकेट इतिहास में कभी 418 रनों से ज्यादा का टारगेट चेज नहीं हुआ है। ऐसे में इंग्लैंड टीम मैच ड्रॉ कराने की रणनीति भी आजमा सकती है। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों के सामने मुकाबला ड्रॉ करना आसान नहीं होगा। चौथे दिन स्टंप्स तक इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 72 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, जिसमें दो विकेट आकाशदीप और एक विकेट मोहम्मद सिराज ने लिया। जैक क्रॉली का खाता नहीं खुला। बेन डकेट ने 25 और जो रूट ने 6 रन बनाए। इससे पहले, भारत ने कप्तान शुभमन गिल (161) के शानदार शतक के बाद दूसरी पारी 427/6 के स्कोर पर घोषित की। भारत के 587 रन के जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 407 रन पर सिमटी थी। भारत को पहली पारी के आधार पर 180 रनों की बढ़त मिली थी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सभी वर्गों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। बगैर सर्वे, बगैर तैयारी, आरक्षण देने की बात करके फैलाए गए भ्रम के कारण यह मामला कोर्ट में लंबित रहा। आरक्षण के संबंध में तथ्यात्मक आंकड़ों के आधार पर विधानसभा में बिल प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार 14 प्रतिशत आरक्षण से शेष बचे लोगों को आरक्षण का लाभ दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। ऐसे विद्यार्थी जो न्यायालयीन प्रक्रिया के कारण ज्वाइनिंग नहीं दे पाए, उनको ज्वाइन कराने के भी प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अधिकारियों- कर्मचारियों की पदोन्नति के लंबित प्रकरणों का निराकरण किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर जातिगत जनगणना की प्रक्रिया भी आरंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समन्वय भवन में मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए।  

बीएसएनएल ने यात्रा सिम को खास अमरनाथ यात्रियों के लिए किया पेश

नई दिल्ली BSNL एक के बाद एक कमाल के प्लान लॉन्च कर रहा है। इस बार बीएसएनएल ने एक खास सिम पेश किया है जिसका नाम है यात्रा सिम। दरअसल यह खास अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए लांच किया गया है। इसकी कीमत मात्र 196 रुपये रखी गई है जिसमें 15 दिन की वैलेडिटी भी मिलेगी। BSNL का दावा है कि उनका यह सिम अमरनाथ यात्रा के रूट पर अच्छा 4G नेटवर्क देगा। चलिए इस नए सिम और इसके फायदों के बारे में और डिटेल में जानते हैं। क्या है यात्रा सिम? यात्रा सिम को खास अमरनाथ यात्रियों के लिए पेश किया गया है। भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से इस सिम की कीमत 196 रुपये रखी गई है। ये सिम खास उव लोगों के लिए है जो अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं और यात्रा के दौरान अपने परिवार, दोस्तों या काम से जुड़े लोगों से जुड़े रहना चाहते हैं। BSNL का कहना है कि यह सिम मजबूत मोबाइल नेटवर्क देगा ताकि यात्रियों को सिग्नल की परेशानी न हो। इसके साथ ही BSNL अपने नेटवर्क को 4G में अपग्रेड भी कर रहा है और इसमें स्वदेसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। यात्रा सिम के फायदे और कीमत BSNL की यात्रा सिम की कीमत 196 रुपये है। यह सिम 15 दिन की वैलिडिटी के साथ आती है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि अमरनाथ यात्रा के रूट पर यह सिम मजबूत नेटवर्क कनेक्टिविटी देगा, ताकि यात्रियों को सिग्नल की कोई दिक्कत न हो। इस सिम को आप BSNL के कैंप से खरीद सकते हैं जो लक्ष्मणपुर, भगवती नगर, चंदरकोट, पहलगाम, बालटाल जैसी जगहों पर लगाए जाएंगे। फिलहाल BSNL की ओर से इसके बारे में और ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। पहले कब आया यात्रा सिम जैसा प्लान 2021 में BSNL का एक 197 रुपये वाला प्लान आया था जिसमें भी 15 दिन की वैलिडिटी मिलती थी। हालांकि रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह दोनों प्लान एक जैसे नहीं होने वाले हैं। अगर आप अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं, तो ये सिम आपके लिए एक बढ़िया ऑप्शन हो सकता है ताकि आप अपने परिवार और दोस्तों से जुड़े रह सकें। वैसे तो एयरटेल, जियो और Vi जैसी दूसरी कंपनियां भी इस रूप पर नेटवर्क देने की कोशिश करती हैं, लेकिन BSNL की यह सिम खासतौर पर अमरनाथ यात्रा के लिए ही लॉन्च की गई है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि अमरनाथ रूट पर BSNL का सिग्नल सबसे स्ट्रांग रहेगा। बता दें कि 38 दिनों की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो चुकी है। इस यात्रा में लाखों शिव भक्त हिस्सा लेने वाले हैं।

बरेली में 20 प्रतिशत तक बढ़ेंगे जमीन के रेट , एक अगस्त से नया डीएम सर्किट रेट प्रभावी

बरेली बरेली जिले की जमीनों की कीमतों में इजाफा होने वाला है। डीएम सर्किल रेट की दरों के पुनर्निधारण का काम शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि पिछली दरों की अपेक्षा इस बार सर्किल रेट 20 प्रतिशत तक महंगा हो जाएगा। दरों के पुनर्निधारण के लिए टाइम-लाइन भी जारी हो गई है। शुक्रवार को एडीएम राजस्व एवं वित्त ने उप निबंधकों के साथ बैठक भी कर ली है। नए सर्किल रेट को एक अगस्त से प्रभावी किया जाना है। एडीएम राजस्व एवं वित्त संतोष कुमार सिंह के चेंबर में हुई बैठक में सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी) तेज सिंह यादव और उप निबंधकों के बीच में सर्किल रेट बढ़ाने के संबंध में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। बताया कि कौन-कौन से गाटे आबादी के 200 मीटर के दायरे में हैं। इस संबंध में तहसीलों से रिपोर्ट मांगी गई है, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। एडीएम ने बताया कि इस बार तय हुआ है कि छह से 12 मीटर और इससे अधिक चौड़ाई वाली सड़कों के आसपास की जमीनों को सर्किल रेट वृद्धि की श्रेणी में लाया जा रहा है। विकसित एवं विकासशील क्षेत्रों को भी चिह्नित कर वहां की जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की योजना बनी है। जून में कम हुए बैनामे बैठक में उप निबंधकों ने बताया कि लक्ष्य के हिसाब से जून महीने में सदर तहसील में स्टांप शुल्क से आय में गिरावट आई है। बैनामे कम संख्या में हुए हैं। जबकि, शहरी क्षेत्र में 80 और ग्रामीण क्षेत्र में 20 प्रतिशत स्टांप शुल्क की आय का लक्ष्य है। इसका एक कारण बीडीए की तरफ से निजी भू-स्वामियों की जमीनों के नक्शे न स्वीकृत किए जाने की बात सामने आई है। उप निबंधकों ने कहा कि बीडीए अपने प्लाटों को बेचने के चक्कर में निजी भूमियों के नक्शे पास नहीं कर रहा है। सर्किल रेट के संबंध में जारी समय-सारिणी संशोधन के लिए प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण 15 जुलाई को होगा। संशोधित दर सूची के प्रस्ताव का प्रकाशन 16 जुलाई को किया जाएगा। फिर 22 जुलाई तक आपत्ति एवं सुझाव मांगे जाएंगे। इनके निस्तारण के उपरांत एक अगस्त से जिले में नया डीएम सर्किल रेट प्रभावी हो जाएगा।  

आरएएस के बाद अब अन्य सेवाओं से IAS बनने की प्रक्रिया शुरू, 23 और 24 जुलाई को होंगे इंटरव्यू

जयपुर राजस्थान में अन्य सेवाओं के अफसरों के लिए आईएएस में विशेष चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद राजस्थान को 4 आईएएस और मिल जाएंगे। यूपीएससी की अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन को लेकर चयन समिति की बैठक 23 और 24 जुलाई को होगी। चयन समिति की इस बैठक के लिए केन्द्र में संयुक्त सचिव स्तर तक के दो आईएएस नामित किए जाएंगे। बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत भी शामिल होंगे। पूर्व आईएएस वीनू गुप्ता की अध्यक्षता वाली स्क्रूटनी कमेटी ने पिछले साल ही प्रदेश की अन्य सेवाओं के 20 अफसरों के नाम इंटरव्यू के लिए तय कर दिए थे। अब चयन समिति की बैठक में इन अफसरों के इंटरव्यू होंगे, जिसके बाद 20 में से 4 नाम फाइनल होंगे। 23 जुलाई को जिन अफसरों के इंटरव्यू होने वाले हैं उनमें- लेखा सेवा से नरेश कुमार गोयल, सांख्यिकी सेवा से नीतीश शर्मा, जल संसाधन सेवा से अनिल अंबेश, सहकारिता सेवा से भोमाराम, पीएचईडी से भूपेंद्र सिंह देथा,परिवहन सेवा से धर्मेंद्र कुमार, कृषि विपणन से केशर सिंह, सांख्यिकी सेवा से मुकेश मीणा, नरेंद्र कुमार मेघनानी व अमिता शर्मा शामिल हैं। 24 जुलाई को चिकित्सा सेवा से डॉ. पूनम प्रसाद, परिवहन सेवा से प्रवीणा चारण, कृषि सेवा से राजेन्द्र सिंह, विधि सेवा से रमजान अली, कृषि सेवा से राशिद खान, पीडब्ल्यूडी सेवा से संगीत कुमार, सहकारिता सेवा से शुधोधन उज्ज्वल, कॉलेज शिक्षा से श्यामसुंदर ज्यानी, लेखा सेवा से सुरेश वर्मा, आईटी व संचार सेवा से योगेंद्र कुमार जैन के इंटरव्यू लिए जाएंगे।

काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन को लेकर तैयारियों को अंतिम दिया जा रहा रूप, एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना

वाराणसी सावन में श्रद्धालुओं को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार, नंदू फारिया, सिल्को गली, ढुंढिराज और सरस्वती फाटक से प्रवेश दिया जाएगा। गंगा में बाढ़ की वजह से ललिता घाट से श्रद्धालुओं का प्रवेश अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है। दर्शन के लिए आने वाले वृद्ध, अशक्त, दिव्यांगजन और बच्चों के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक निशुल्क ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा। सावन में श्री काशी विश्वनाथ धाम में एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्री काशी विश्वनाथ धाम में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने बताया कि इस बार सावन में बाबा के दरबार में कोई भी वीआईपी या वीवीआईपी नहीं होगा। सावन भर प्रोटोकॉल दर्शन नहीं होंगे। इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। दर्शन के लिए सभी श्रद्धालु कतार में लगकर ही आएंगे। कोई श्रद्धालु दलालों के झांसे में न आए। यदि कोई व्यक्ति विशेष दर्शन के नाम पर रुपये मांगता है या अपनी दुकान से प्रसाद लेने पर दर्शन में सहायता का दावा करता है, तो वह आपको ठगने का प्रयास कर रहा है। इसकी जानकारी निकटतम पुलिस या फिर मंदिर के कर्मी को दी जा सकती है। उधर, मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे खाली पेट कतार में न लगें। पहले सोमवार को चल प्रतिमा, तो दूसरे सोमवार गौरी-शंकर शृंगार इस सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं। हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ के अलग-अलग शृंगार किए जाएंगे। 14 जुलाई को पहले सोमवार को चल प्रतिमा शृंगार, दूसरे सोमवार (21 जुलाई) को गौरी-शंकर (शंकर-पार्वती) शृंगार, तीसरे सोमवार (28 जुलाई) को अर्धनारीश्वर शृंगार और चौथे व अंतिम सोमवार (चार अगस्त) को रुद्राक्ष शृंगार होगा। वहीं, नौ अगस्त को पूर्णिमा पर झूला शृंगार होगा। मंडलायुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी के सहयोग से धाम परिसर और शहर के अलग-अलग स्थानों पर बाबा विश्वनाथ की आरती और शृंगार के डिजिटल दर्शन की व्यवस्था की गई है। साथ ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी दर्शन की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की जाएगी। व्यवस्था प्रबंधन के लिए संपूर्ण धाम में केंद्रीयकृत लोक सूचना प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) और आवश्यक स्थानों पर स्थानीय लोक सूचना प्रणाली (लोकल पब्लिक एड्रेस सिस्टम) की व्यवस्था रहेगी। मंडलायुक्त ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुल पांच स्थानों पर चिकित्सकीय टीम की तैनाती की जाएगी। हेल्थ डेस्क पर तीन पाली में डॉक्टरों की ड्यूटी लगेगी। प्रत्येक पाली में दो डॉक्टरों की टीम रहेगी। मंदिर में दो एंबुलेंस रहेगी। इनमें एक एंबुलेंस में एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा होगी, जो किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तत्पर रहेगी। छह स्थानों पर खोया-पाया केंद्र मंडलायुक्त ने बताया कि विश्वनाथ धाम में छह स्थानों पर खोया-पाया केंद्र की स्थापना की जाएगी। इसमें मंदिर प्रांगण, शंकराचार्य चौक, गेट नंबर एक (गंगा निकास द्वार), गेट नंबर दो (सरस्वती फाटक), गेट नंबर चार (मुख्य प्रवेश मार्ग) और ललिता घाट पर बने खोया पाया केंद्र पर भीड़ में अपने परिवार से बिछड़े लोग सहायता प्राप्त कर सकेंगे।   पेयजल काउंटर की रहेगी सुविधा मंडलायुक्त के मुताबिक, धाम में समय-समय पर ग्लूकोज/ओआरएस घोल, सूक्ष्म जलपान, बिस्किट, टॉफी, चॉकलेट आदि का वितरण किया जाएगा। इससे वृद्ध और बच्चों को सहूलियत मिलेगी। अतिरिक्त पेयजल काउंटर और गुड़ की व्यवस्था भी रहेगी।