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सीएम फडणवीस का तंज: ठाकरे भाइयों की रैली में नहीं दिखा जोश, बल्कि शोक का माहौल था

मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक बड़ी हलचल देखने को मिली। महाराष्ट्र में करीब दो दशक बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक मंच पर दिखे। दोनों ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला। इस संयुक्त रैली के बाद सीएम फडणवीस की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।  सीएम ने कहा कि संयुक्त रैली में उद्धव ठाकरे ने ‘‘रुदाली’’ जैसा भाषण दिया। जानकारी दें कि रुदाली वे महिलाएं होती हैं, जो शोक प्रकट करने के लिए आती हैं। इन महिलाओं को अंतिम संस्कार के दौरान सार्वजनिक रूप से शोक व्यक्त करने के लिए रखा जाता है।   'ये जीत की रैली नहीं, शोक का नजारा' महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने कहा कि भले की उद्धव ठाकरे इस रैली को जीत का जश्न करार दे रहे हों, लेकिन ये रैली शोक का नजारा रही। इसके साथ ही सीएम फडणवीस ने एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे को दोनों ठाकरे चचेरे भाइयों को फिर से मिलाने का श्रेय देने के लिए धन्यवाद दिया। दरअसल, शनिवार को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने शनिवार को राज्य के स्कूलों में कक्षा 1 से तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को शामिल करने संबंधी सरकार द्वारा पहले जारी किए गए दो सरकारी आदेशों को वापस लेने का जश्न मनाने के लिए मुंबई में एक विजय रैली में सार्वजनिक मंच साझा किया। इस दौरान मंच से भाषण देते हुए राज ठाकरे ने मजाकिया अंदाज में फडणवीस को दोनों चचेरे भाइयों को एक साथ लाने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि ये बाल ठाकरे भी नहीं कर सके थे। सीएम फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना ठाकरे ब्रदर्स की इस संयुक्त रैली के बाद सीएम फडणवीस की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे मुझे आशीर्वाद दे रहे होंगे। मुझे बताया गया था कि यह एक 'विजय' रैली होनी थी, लेकिन यह एक 'रुदाली' भाषण निकला। फडणवीस ने कहा कि इस कार्यक्रम में मराठी के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला गया और (उद्धव द्वारा दिया गया) भाषण इस बात पर केंद्रित था कि उनकी सरकार कैसे गिराई गई और वे कैसे सत्ता हासिल कर सकते हैं। आगे कहा कि यह रैली विजय उत्सव नहीं बल्कि 'रुदाली' दर्शन थी।  

7 जुलाई को कांग्रेस की सभा, बैज ने बोले – किसान, जवान और संविधान पर केंद्र और राज्य की सरकार लगातार कर रही प्रहार

रायपुर कांग्रेस की 7 जुलाई को होने वाली किसान, जवान, संविधान सभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के के साथ महासचिव केसी वेणुगोपाल भी शामिल होंगे. आयोजन में 25 हजार से अधिक कार्यकर्ता, किसान और जवान की भागीदारी होगी. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सभा के जरिए बिगुल फूंकने की बात कहते हुए कहा कि “किसान, जवान और संविधान” पर केंद्र और राज्य की सरकार लगातार प्रहार कर रही है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सभा की जानकारी देने राजीव भवन में कांग्रेस के प्रदेश सह-प्रभारी और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मीडिया से रू-ब-रू हुए. इस दौरान उन्होंने सभा को देश के लिए एक मील का पत्थर बताया है. उन्होंने कहा कि सभा का उद्देश्य प्रदेश की कानून व्यवस्था, महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ते अपराध, किसानों के लिए DAP और खाद की कमी, नक्सलवाद उन्मूलन के ख़िलाफ़ लड़ाई के नाम पर निर्दोष आदिवासियों को मारने के साथ लचर बिजली व्यवस्था, छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को बेचने, 10 हजार स्कूलों को बंद करने, अवैध शराब बिक्री और नई शराब दुकान खोलने के खिलाफ आवाज उठाना है. दीपक बैज ने कहा कि आयोजन की तैयारी में प्रदेश प्रभारी के साथ तमाम वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी जुटे हुए हैं. इस ऐतिहासिक जनसभा के बाद छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं, किसानों और जवानों को एक नई ताकत और ऊर्जा मिलेगी. इस सभा के जरिए कांग्रेस पार्टी एक बिगुल फूंकने जा रही है.

डी.ए.पी. की कमी को पूरा करने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी पहल

रायपुर, राज्य में खरीफ सीजन 2025 के दौरान विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने समय रहते न सिर्फ इसकी ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की बल्कि रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रख रही है, जिसके चलते राज्य में रासायनिक उर्वरकों के भण्डरण एवं उठाव की स्थिति बेहतर बनी हुई है। डी.ए.पी. की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एन.पी.के., सुपर फास्फेट और नेनो डी.ए.पी. जैसे वैकल्पिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर किसानों के हितों का ध्यान रखा है। छत्तीसगढ़ में अब तक विभिन्न प्रकार के 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण कर लिया गया है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सकें।  छत्तीसगढ़ राज्य में खरीफ 2025 में पूर्व में कुल 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित था। इसमें यूरिया 7.12 लाख, डी.ए.पी. 3.10 लाख, एन.पी.के. 1.80 लाख, पोटाश 60 हजार तथा सुपर फास्फेट 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में कुल 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। डीएपी की आपूर्ति में कमी के चलते उर्वरक वितरण के लक्ष्य को संशोधित कर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों जैसे- एनपीके, एसएसपी के लक्ष्य में 4.62 लाख मीट्रिक टन की उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिसके चलते खरीफ सीजन 2025 में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की वितरण का लक्ष्य 17.18 लाख मीट्रिक टन हो गया है। राज्य में अब तक 5.63 लाख मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण एवं 3.76 लाख मीट्रिक टन का वितरण किया गया है। किसानों को अभी 1.86 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हेतु उपलब्ध है। यहां यह उल्लेखनीय है कि यूरिया का उपयोग धान फसल में तीन बार किया जाता है। पहली बार बुवाई अथवा रोपाई के समय कुल अनुशंसित मात्रा का 30 प्रतिशत, दूसरी बार 3 से 4 सप्ताह बाद कन्से निकलने के समय एवं तीसरी बार 7 से 8 सप्ताह बाद गभौट अवस्था में किया जाता है। इस प्रकार यूरिया का उपयोग बुवाई से लेकर सितंबर तक विभिन्न अवस्थाओं में किया जाना है, जिसके अनुरूप राज्य में यूरिया की चरणबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। डी.ए.पी. के आयात में राष्ट्रीय स्तर पर कमी को देखते हुए राज्य शासन ने समय रहते वैकल्पिक उर्वरकों की दिशा में ठोस पहल की है, जिसके चलते एन.पी.के. को लक्ष्य बढ़ाकर 4.90 लाख तथा सुपर फास्फेट का 3.53 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया। वर्तमान में एन.पी.के. 11 हजार एवं सुपर फास्फेट 54 हजार मीट्रिक टन, लक्ष्य से अधिक भंडारित है, जिससे 23 हजार 600 मीट्रिक टन डी.ए.पी. में उपलब्ध फॉस्फेट तत्व की पूर्ति होगी। छत्तीसगढ़ राज्य को चालू माह जुलाई में आपूर्ति प्लान के अनुसार कुल 2.33 लाख मी. टन उर्वरक मिलेगी। जिसमें यूरिया 1.25 लाख, डी.ए.पी. 48,850, एन.पी.के. 34,380, पोटाश 10 हजार एवं सुपर फास्फेट 76 हजार मी. टन शामिल हैं। जुलाई के अंत तक डी.ए.पी. का कुल भंडारण 1.95 लाख मी. टन तक होने की उम्मीद है। राज्य में डी.ए.पी. की कमी से बचाव हेतु 25 हजार मी. टन सुपर फास्फेट एवं 40 हजार मी. टन एन.पी.के. के अतिरिक्त भंडारण का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, नैनो डी.ए.पी. उर्वरक को बढ़ावा देने हेतु सहकारी क्षेत्र में एक लाख बाटल का भंडारण किया जा रहा है, जिससे 25 हजार मीट्रिक टन पारंपरिक डी.ए.पी. की आवश्यकता की पूर्ति होगी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अप्रैल माह से ही वैकल्पिक उर्वरकों के प्रचार-प्रसार हेतु पोस्टर पैम्फलेट तैयार कर समस्त सहकारी समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों में प्रदर्शित किए गए डीएपी, उर्वरक के स्थान पर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। इसी कड़ी में कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान एन.पी.के, सुपर फास्फेट एवं नेनो डी.ए.पी. के वैज्ञानिक उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुशल प्रबंधन कर खरीफ 2025 में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है।

पाकिस्तान का बड़ा यू-टर्न! हाफिज और मसूद को भारत को सौंपने पर बोले बिलावल भुट्टो

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा है कि उनके देश को विश्वास बहाली के उपाय के रूप में 'जांच के दायरे में आए व्यक्तियों' को भारत को प्रत्यर्पित करने में कोई आपत्ति नहीं है बशर्ते नई दिल्ली इस प्रक्रिया में सहयोग करने की इच्छा दिखाए। 'डॉन अखबार' की खबर के अनुसार, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल ने शुक्रवार को अल जजीरा के साथ एक साक्षात्कार में यह टिप्पणी की। खबर में कहा गया कि लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) प्रमुख हाफिज सईद और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) प्रमुख मसूद अजहर को संभावित समझौते और सद्भावनापूर्ण रुख के तहत भारत को प्रत्यर्पित करने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए बिलावल ने यह टिप्पणी की। बिलावल ने कहा, ''पाकिस्तान के साथ एक व्यापक वार्ता के हिस्से के रूप में, जहां आतंकवाद उन मुद्दों में से एक है जिन पर हम चर्चा करते हैं, मुझे यकीन है कि पाकिस्तान इनमें से किसी भी चीज का विरोध नहीं करेगा।'' राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक प्राधिकरण (नैक्टा) के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद दोनों को पाकिस्तान ने प्रतिबंधित कर रखा है, जबकि 26/11 मुंबई आतंकी हमले का मुख्य षड्यंत्रकारी हाफिज सईद वर्तमान में आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए 33 साल की सजा काट रहा है। इसी तरह संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित अजहर को भी नैक्टा ने प्रतिबंधित कर रखा है। बिलावल ने कहा कि इन 'व्यक्तियों' के खिलाफ मुकदमे वाले मामले पाकिस्तान से संबंधित थे, जैसे कि आतंकवादी गतिविधियों का वित्तपोषण। हालांकि, उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के लिए उन पर मुकदमा चलाना मुश्किल था क्योंकि दिल्ली की ओर से बुनियादी चीजों का 'अनुपालन' नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ''भारत कुछ बुनियादी चीजों का पालन करने से इनकार कर रहा है जिसकी दोषसिद्धि के लिए आवश्यकता होती है। यह महत्वपूर्ण है … इन अदालतों में सबूत पेश करना, लोगों को भारत से गवाही देने के लिए आना, जो भी जवाबी आरोप लगेंगे उन्हें सहन करना।'' बिलावल ने कहा, ''अगर भारत इस प्रक्रिया में सहयोग करने को तैयार है, तो मुझे यकीन है कि किसी भी 'जांच के दायरे में आए व्यक्ति' को प्रत्यर्पित करने में कोई बाधा नहीं आएगी।'' उन्होंने आतंकवादियों को पकड़ने के भारत के संकल्प पर भी चिंता व्यक्त की और इसे 'नई असामान्यता' करार दिया। उन्होंने कहा, ''यह पाकिस्तान के हितों की पूर्ति नहीं करता है, और यह भारत के हितों की भी पूर्ति नहीं करता है।'' सईद और अजहर के ठिकानों के बारे में पूछे जाने पर बिलावल ने कहा कि सईद जेल में है, जबकि इस्लामाबाद का मानना है कि अजहर अफगानिस्तान में है।  

एक देश एक विधान राष्ट्रीय कार्यक्रम रवीन्द्र भवन में आज, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे शामिल

भोपाल राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक अखण्डता के प्रणेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें जन्म-दिवस पर 6 जुलाई को शाम 6 बजे अंजनी सभागार रवीन्द्र भवन में एक देश एक विधान राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। “एक देश दो विधान, एक देश दो प्रधान नहीं चलेगा‘’ अपने इस युगांतरकारी विचार से भारत की एकता की बुनियाद को अटल मजबूती देने वाले डॉ. मुखर्जी के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में वैचारिक सत्र होगा। साथ ही लघु फिल्म का प्रदर्शन और एक प्रदर्शनी भी लगायी जायेगी।  

इस्राइल-गाजा संघर्ष जारी, 47 की जान गई; हमास 60 दिन के युद्धविराम को तैयार

गाजा  गाजा की सड़कों पर आज फिर मातम पसरा है। भूख मिटाने के लिए कतार में खड़े फलस्तीनियों पर इस्राइल ने एक बार फिर हवाई हमला किया। इस हमले में 47 जानें चली गईं। मीडिया रिपोर्ट की माने तो इस हमले के साथ ही अस्पतालों में चीख-पूकार मची हुई है और दवाएं कम पड़ रही हैं। हालांकि, इसी बीच हमास ने 60 दिन के युद्धविराम पर सहमति जताकर एक उम्मीद की किरण जगाई है। इस्राइल और हमास के बीच लगभग दो साल से चल रहे संघर्ष में गाजा के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को भी हुए इस्राइली हवाई हमलों में कम से कम 47 फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हमले उस समय हुए जब लोग खाना पाने के लिए कतार में खड़े थे। अस्पतालों में घायलों की भरमार है और इलाज के संसाधन कम पड़ रहे हैं। बता दें कि इस्राइल की ओर से ये हमला उस समय हुआ जब हमास ने एक 60 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव पर बातचीत शुरू करने की सहमति दी है। इसका मकसद गाजा में राहत सामग्री पहुंचाना और आगे चलकर स्थायी संघर्षविराम की दिशा में कदम बढ़ाना है। हमास के सहयोगी संगठन इस्लामिक जिहाद ने भी इस प्रस्ताव को समर्थन दिया है। साथ ही स्थायी शांति के लिए गारंटी की मांग की है। युद्धविराम को लेकर वार्ता में लगातार प्रगति मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने 60 दिन की सीजफायर योजना पर सकारात्मक जवाब दिया है। हमास की ओर से जारी बयान में बताया गया कि वे तुरंत बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि इस बीच इस्राइल पहले ही अमेरिका द्वारा प्रस्तावित इस योजना को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर चुका है। डोनाल्ड ट्रंप ने क्या बोला? वहीं इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उम्मीद जताई है कि अगले सप्ताह तक युद्धविराम का समझौता हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमें इसे अब खत्म करना होगा। साथ ही ट्रंप ने हमास को चेतावनी देते हुए कहा, "अगर उन्होंने इस प्रस्ताव को नहीं माना, तो हालात और बिगड़ेंगे। युद्धविराम प्रस्ताव में क्या-क्या है? प्रस्ताव के तहत हमास पहले चरण में 10 इस्राइली बंधकों को रिहा करेगा, जिनमें से 8 जीवित और 18 मृत घोषित किए गए हैं। इसके बदले में कुछ फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई होगी और इस्राइली सेना उत्तरी गाजा के कुछ हिस्सों से हटेगी। इसके बाद दोनों पक्ष स्थायी संघर्षविराम पर बातचीत शुरू करेंगे। इस्राइल की रणनीति में बदलाव अब तक इस्राइल प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू हमास के सैन्य ढांचे को पूरी तरह खत्म करने की बात कहते रहे हैं। लेकिन हाल ही में ईरान के साथ हुए 12 दिन के संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद उन्होंने अपना रुख नरम किया है। शनिवार रात वे अपने कैबिनेट के साथ इस युद्धविराम प्रस्ताव पर बैठक करने जा रहे हैं, फिर सोमवार को वे वॉशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात करेंगे। बड़े मानवीय संकट के बीच मध्यस्थता पर जोर वहीं कतर, मिस्र और अमेरिका युद्धविराम के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं। नई योजना के तहत अमेरिका ने भरोसा दिलाया है कि वह इस्राइल को बातचीत के लिए मजबूती से जोड़े रखेगा। साथ ही गाजा में मानवीय राहत भेजने के लिए पारंपरिक रास्तों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। अगर प्रस्ताव पर सहमति बनती है, तो यह 21 महीने से चल रहे इस भयानक युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। अब तक का सबसे बड़ा मानवीय संकट गौरतलब है कि सात अक्तूबर 2023 को इस्राइल पर हमास के हमले के साथ शुरू हुआ संघर्ष ने गाजा में की स्थिति डमाडोल कर दी। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 57,338 लोगों की मौत हो चुकी है और 1.35 लाख से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस्राइल में 7 अक्तूबर, 2023 को हमास के हमलों में 1,139 लोगों की जान गई थी और 200 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया था। 

मिड डे मील में लापरवाही: छिपकली मिलने से तीन बच्चों की हालत बिगड़ी, मचा हड़कंप

शहडोल जिले के ब्यौहारी विकासखंड की शासकीय माध्यमिक विद्यालय चरका में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां मध्यान भोजन खाने के बाद बच्चों बीमार हो गए हैं,जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वजनों का कहना है कि उनके बच्चों की थाली में छिपकली मिली थी। शुरुआत में जिन बच्चों ने भोजन खाया उनकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ ने अस्पताल में उल्टियां शुरू कर दी, और कुछ बच्चे घर पहुंचने के बाद बीमार पड़े,जिसमें तीन का इलाज सिविल अस्पताल ब्यौहारी में जारी है। शुक्रवार को मध्यान भोजन में यह गड़बड़ी सामने आई है। बीएमओ निशांत सिंह परिहार ने कहा तीनों बच्चों की उम्र 12 और 13 वर्ष के बीच है। जब इन बच्चों को अस्पताल लाया गया था तो उनकी हालत गम्भीर थी, बच्चे उल्टियां कर रहे थे, जिन्हें भर्ती कर उपचार किया गया, अब इनकी हालत बेहतर है।आब्जरवेशन के लिए उन्हें अस्पताल में अभी भर्ती रखा गया है। उन्होंने बताया कि बच्चों के परिजनों का कहना था कि स्कूल में मध्यान्‍‍‍हह भोजन में छिपकली गिर गई थी और खाना खाने के बाद ही इनकी तबीयत बिगड़ी है।बीएमओ के अनुसार पूनम साहू पिता हनुमानदीन,नेहा सेन पिता महेश सेन, आशियाना साहू पिता राम जी साहू का अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।   पिता ने रो-रोकर बताई घटना नेहा सेन के पिता महेश सेन जब अपनी बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे तो उनकी बच्ची की हालत काफी नाजुक थी। डाॅक्टर ने तत्काल नेहा को भर्ती करउपचार किया, जिसके बाद उसकी हालत बेहतर हुई। वहीं नेहा के पिता ने एक बयान भी दिया है, उन्होंने कहा कि नेहा ने ठीक होने के बाद बताया कि स्कूल में मध्यान भोजन में छिपकली गिर गई थी,और नेहा की ही थाली में वह मिली थी, जिसे बताते हुए महेश रोते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी लापरवाही है।गांव के सरपंच बनवारी सिंह ने कहा कि वह स्व सहायता समूह द्वारा लापरवाही बरती गई है, जो गंभीर है, बड़ी घटना हो सकती थी, हम इस मामले पर पंचायत में एक बैठक करेंगे।

KYC नहीं करवाया तो ब्लॉक हो जाएंगे गैस कनेक्शन, 3.28 लाख से अधिक बाकि

रायपुर छत्तीसगढ़ में गैस उपभोक्ताओं के लिए सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए केवाईसी सत्यापन के बावजूद अब तक 3.28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर के लिए जरूरी दस्तावेज सत्यापन नहीं कराया है। ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन अब ब्लाक किए जा रहे हैं। सरकार और गैस एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जो उपभोक्ता समय-सीमा में सत्यापन नहीं कराते, उन्हें फर्जी कनेक्शन की श्रेणी में माना जाएगा और उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा। सरकार की ओर से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सामान्य घरेलू उपभोक्ता, और एपीएल/बीपीएल कार्डधारियों को कई बार गैस कनेक्शन के लिए सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने अभी तक ऐसा नहीं किया है। अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश अनवेरिफाइड उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्रों से हैं, जिन्हें सूचना या सुविधा नहीं मिल पाई।गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर सत्यापन करें, लेकिन इसमें धीमी प्रगति हो रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि सत्यापन से बचने वाले उपभोक्ताओं में बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेजों के जरिए गैस कनेक्शन लेने वाले लोग हो सकते हैं। इसलिए सत्यापन न करवाने वालों का कनेक्शन फर्जी मानते हुए ब्लाक किया जा रहा है। अब ऐसे उपभोक्ता आनलाइन बुकिंग भी नहीं कर सकेंगे। कई उपभोक्ता गैस एजेंसियों में शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें पहले केवाईसी पूर्ण करने को कहा जा रहा है, तभी उन्हें सिलेंडर मिलेगा। 11 लाख में से 3.28 लाख उपभोक्ता बिना सत्यापन के बता दें कि जिले में तीनों कंपनियों के कुल 11 लाख 435 उपभोक्ता हैं, जिनमें से अब तक केवल 7 लाख 71 हजार 551 उपभोक्ताओं ने ही केवाईसी पूरी की है। जबकि 3 लाख 28 हजार 884 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने बार-बार चेतावनी के बावजूद सत्यापन नहीं कराया है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन प्राप्त कर चुके हैं। जिले में उज्ज्वला योजना के 7.75 लाख से अधिक लाभार्थी हैं, लेकिन इनमें से 2.31 लाख से ज्यादा ने अब तक केवाईसी नहीं कराई है। गैस कनेक्शन के लिए यह जरूरी दस्तावेज गैस एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि उपभोक्ताओं को गैस कार्ड और आधार कार्ड के साथ एजेंसी जाना होगा। एजेंसी में उनकी फिंगरप्रिंट, आई-स्कैन और ताजा फोटो लिया जाएगा। जिस व्यक्ति के नाम पर गैस कनेक्शन दर्ज है, उसे स्वयं ही एजेंसी पहुंचकर केवाईसी कराना अनिवार्य है। इसे लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के नियंत्रक भूपेंद्र मिश्र ने कहा कि शासन की ओर से केवाईसी नहीं कराने वाले के कनेक्शन को ब्लाक किया जा रहा है। जब तक जाकर केवाईसी नहीं कराएंगे तब तक फिर से गैस बुक नहीं करा सकेंगे।

लोकतंत्र को लेकर भारत की मजबूत आस्था, संतुष्टि में दुनिया में दूसरे नंबर पर भारतीय

नई दिल्ली  भारतीय लोगों का अपनी लोकतांत्रिक प्रणाली के मामले में भरोसा लगातार बढ़ रहा है। भारत ने हाल ही में अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी उल्लेखनीय प्रगति की है, जो भारतीय नागरिकों की अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था में बढ़ते विश्वास के अनुरूप है। इस सर्वेक्षण के अनुसार, भारतीय लोग दुनिया में अपने लोकतंत्र से संतुष्टि के मामले में दूसरे नंबर पर हैं। प्यू रिसर्च सेंटर के हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, भारत अपने लोकतंत्र से संतुष्टि के मामले में दुनिया भर में दूसरे स्थान पर है, जो स्वीडन (75 प्रतिशत) के ठीक पीछे 74 प्रतिशत के साथ खड़ा है। यह उपलब्धि 23 देशों के सर्वेक्षण में हासिल की गई है, जहां औसतन 58 प्रतिशत लोग अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था से असंतुष्ट हैं। यह आंकड़ा भारत की प्रगति और जनता के विश्वास को दर्शाता है जो देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में स्थापित करता है। इस सर्वे के अनुसार 15 देशों में आधे से अधिक लोग अपने देश की लोकतांत्रिक प्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं। 2017 से लगातार किए जा रहे प्यू रिसर्च के सर्वेक्षणों में यह स्पष्ट हुआ है कि उच्च आय वाले देशों जैसे कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, इटली, जापान, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में लोकतंत्र के प्रति असंतोष 64 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि संतुष्टि महज 35 प्रतिशत है। इसके विपरीत, भारत में 74 प्रतिशत लोग अपने लोकतंत्र के कामकाज से खुश हैं, जो यह दर्शाता है कि देश की जनता अपनी सरकार और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास रखती है। यह विश्वास आर्थिक प्रगति और सामाजिक स्थिरता से भी जुड़ा है, क्योंकि सर्वेक्षण बताते हैं कि जहां अर्थव्यवस्था मजबूत है, वहां लोकतंत्र के प्रति संतुष्टि भी अधिक है। भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। कई चीजें इस बात को प्रभावित कर सकती हैं कि लोग अपने लोकतंत्र के काम करने के तरीके से कितने संतुष्ट हैं, लेकिन आर्थिक धारणाएं एक महत्वपूर्ण कारक हैं। जिन देशों में जनता का एक बड़ा हिस्सा कहता है कि अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है, वहां आम तौर पर ऐसे लोग भी होते हैं जो अपने लोकतंत्र से संतुष्ट होते हैं। सर्वेक्षण में यह भी उभरकर सामने आया है कि कोविड-19 महामारी के बाद कई देशों में लोकतंत्र के प्रति संतुष्टि में गिरावट आई है, लेकिन भारत में यह स्तर बरकरार रहा। 2017 में जहां दुनिया के बड़े देशों में 49 प्रतिशत लोग अपनी लोकतांत्रिक प्रणाली से संतुष्ट थे, वहीं आज 74 प्रतिशत का आंकड़ा भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली में सुधार और जनता की भागीदारी को दर्शाता है। यह संतुष्टि देश के युवाओं, जो आबादी का बड़ा हिस्सा हैं, और आर्थिक विकास में उनकी भूमिका से भी प्रेरित है। इस मामले में इंडोनेशिया (66 प्रतिशत) और ऑस्ट्रेलिया (61 प्रतिशत) जैसे देशों के साथ तुलना में, भारत का प्रदर्शन उल्लेखनीय है, जबकि ग्रीस (19 प्रतिशत) और जापान (24 प्रतिशत) जैसे देश लोकतंत्र के प्रति असंतोष से जूझ रहे हैं। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि लोग लोकतांत्रिक मूल्यों से दूर हो रहे हैं। शोध बताता है कि दुनिया भर के लोग लोकतंत्र को अच्छा मानते हैं। हालांकि, कई लोग राजनीतिक अभिजात वर्ग से निराश हैं या उन्हें लगता है कि सरकार में उनके विचारों का सही प्रतिनिधित्व नहीं किया जाता है। वहीं, दुनिया में अपने लोकतंत्र से सर्वाधिक संतुष्ट लोगों में स्वीडन और भारत के बाद इंडोनेशिया (66 प्रतिशत), ऑस्ट्रेलिया (61 प्रतिशत) और जर्मनी (61 प्रतिशत) के नाम आते है। एशिया-प्रशांत के पांच देशों (ऑस्ट्रेलिया, भारत, इंडोनेशिया, जापान और दक्षिण कोरिया) में भी लोगों की राय काफी अलग-अलग है। भारत इस क्षेत्र में भी टॉप पर है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- ईश्वर की कृपा और संतों के आशीर्वाद से प्रदेश समृद्ध एवं खुशहाल

भोपाल धर्म सनातन की ध्वजा लेकर देश को आगे बढ़ाने का कार्य हमारे देश के संत कर रहे हैं और ईश्वर की कृपा तथा संतों के आशीर्वाद से देश और प्रदेश समृद्ध एवं खुशहाल बन रहे हैं। उक्त विचार उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने सागर में आयोजित संत श्री रविशंकर रावतपुरा सरकार के जन्मोत्सव कार्यक्रम में व्यक्त किए। इस अवसर पर संत श्री रविशंकर जी महाराज, संत श्री आनंद ब्रह्मचारी, संत श्री रामलखन महाराज, संत श्री सुदर्शन दास जी, विधायक श्री प्रदीप लारिया, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरासिंह राजपूत, श्री श्याम तिवारी, श्रीमती रानी कुशवाहा, श्री गौरव सिरोठिया सहित बड़ी संख्या में संत समुदाय, जनप्रतिनिधि एवं भक्तगण उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि तन, मन और जीवन को समर्पित करने वाला व्यक्ति ही संत बन सकता है, और यही कार्य हमारे संत श्री रविशंकर महाराज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म सनातन की ध्वजा लेकर देश और प्रदेश को समृद्ध बनाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि रावतपुरा सरकार का संकल्प है कि 11 सदाशिव शंकर जी की मूर्तियाँ स्थापित की जाएंगी, जिनमें से सागर में 75 फीट ऊँची सदाशिव की मूर्ति का लोकार्पण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तेरा तुझको अर्पण, मेरा क्या लागे की भावना की तर्ज पर ही सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि संतों की वाणी पर कोई तर्क नहीं किया जा सकता; उनकी वाणी को श्रद्धा से ग्रहण कर उसे आगे बढ़ाने का कार्य किया जाना चाहिए। रावतपुरा सरकार द्वारा देशभर में 200 स्थानों पर शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण की संस्थाएँ संचालित की जा रही हैं। शिक्षा की संस्थाएँ खोलकर गरीबों को शिक्षित करने का कार्य कर समाज को नई दिशा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में संत-महात्माओं का वास है, इसलिए हमारा प्रदेश सुखी और समृद्ध है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रावतपुरा सरकार ने हमें दो मंत्र दिए हैं, जिन पर मैं चल रहा हूँ। पहला, मंदिरों को बेहतर बनाएं और दूसरा यदि कोई व्यक्ति आपके समक्ष अपनी समस्या लेकर आए, तो उसका कार्य तत्काल करें। इससे हमें आत्मिक शांति मिलती है। ग्रामीण विकास मंत्री श्री पहलाद पटेल ने कहा कि आध्यात्मिक मार्ग, तपस्या और तप का मार्ग होता है, जिस पर चलना अत्यंत कठिन होता है। जो व्यक्ति इस मार्ग पर चलता है, वही महात्मा बनता है, क्योंकि तपस्या और तप से नई ऊर्जा प्राप्त होती है। इस ऊर्जा के सामने माया भी टिक नहीं पाती। उन्होंने बताया कि वर्ष 1990 में हम रावतपुरा सरकार के चरणों में पहुँचे और लगभग 10 से 11 वर्षों तक उनके आशीर्वाद और तपस्या का लाभ प्राप्त किया। उनकी तपस्या से मिली अनुशासन और ऊर्जा की सीख से आज मैं देश और प्रदेश की सेवा कर पा रहा हूँ। उन्होंने कहा कि मौन साधना भी एक बड़ी तपस्या होती है, और यह रावतपुरा सरकार में विद्यमान है। उन्होंने कहा कि गुरु ने अपने शिष्यों को नियमों की पुस्तिका प्रदान की है, और सभी को उसी पुस्तिका के अनुसार भक्ति करनी चाहिए तथा नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी भक्ति स्वार्थ या लाभ की नहीं होनी चाहिए, बल्कि श्रद्धा और समर्पण की होनी चाहिए।  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि श्रद्धा, भक्ति और आस्था का महाकुंभ है रावतपुरा सरकार का जन्मोत्सव, प्रकटोत्सव। उन्होंने कहा कि इस महाकुंभ में रावतपुरा सरकार द्वारा जो 75 फीट ऊँची भगवान शंकर की मूर्ति स्थापित की गई है, उससे सागर की माताओं, बहनों और श्रद्धालुओं को मकरोनिया-खुरई रोड के साथ-साथ शहर के मध्य भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि रावतपुरा सरकार के व्यक्तित्व में सज्जनता, निर्मलता, धैर्य और दया भाव कूट-कूटकर भरे हैं। वे निरंतर धर्म, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रावतपुरा सरकार ने वेदांती को एक तीर्थ स्थल बना दिया है, जहाँ मथुरा, काशी और वृंदावन का अनुभव वेदांती धाम में प्राप्त होता है। रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि रावतपुरा सरकार धाम में जो कार्य हुए हैं, वे यूरोप और अमेरिका से भी श्रेष्ठ हैं। उन्होंने कहा कि धर्म की बात तो सभी करते हैं, पर यदि हम सभी धर्मों के साथ सेवा और भक्ति का मार्ग अपनाएं तो भारत निश्चित ही विश्वगुरु बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि रावतपुरा सरकार चिकित्सा, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वेदांती में सदाशिव की मूर्ति की स्थापना से भक्ति और पर्यटन का एक नया अध्याय प्रारंभ होगा। सरकार के भीतर अलौकिक ईश्वरीय ज्ञान विद्यमान है। विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 25 वर्षों से हमें रावतपुरा सरकार का आशीर्वाद प्राप्त है, और उसी आशीर्वाद से हम नई ऊर्जा के साथ क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का तप, तपस्या और ज्ञान हम सभी को नई ऊर्जा प्रदान करता है। स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में महाराज जी द्वारा निरंतर सेवा का कार्य किया जा रहा है। संत हमारी आत्मा को प्रकाश देने का कार्य करते हैं। महाराज जी के चरणों में नमन करते हुए हम यही कामना करते हैं कि उनकी कृपा और आशीर्वाद सदैव बना रहे। उन्होंने कहा कि यदि किसी के जीवन में संत नहीं हैं, तो वह जीवन व्यर्थ है, क्योंकि बिना संत के जीवन में मार्गदर्शन नहीं मिलता। हमें संतों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मात्र 9 वर्ष की आयु में रावतपुरा सरकार ने त्याग और साधना का मार्ग चुनते हुए धर्म, देश और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। विधायक श्री शैलेन्द्र जैन ने कहा कि रावतपुरा सरकार ने मुझे बिना माँगे सब कुछ प्रदान किया है, और वे इसी प्रकार सभी को सब कुछ प्रदान करते हैं। श्री जैन ने कहा कि रावतपुरा सरकार की तपस्या अद्भुत और अनुकरणीय है। उनमें सरलता, सौम्यता और विलक्षण व्यक्तित्व का खजाना है। वे प्रेरणा के पुंज हैं। उनकी प्रेरणा पर चलकर … Read more