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अनिल अंबानी की रिलायंस कम्‍युनिकेशन कंपनी के लोन अकाउंट को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने तगड़ा झटका दिया

मुंबई   उद्योगपति अनिल अंबानी की रिलायंस कम्‍युनिकेशन कंपनी के लोन अकाउंट को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने तगड़ा झटका दिया है. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने उसके लोन खाते को 'धोखाधड़ी' कैटेगरी में डाल दिया. गौर करें तो स्‍टॉक एक्‍सचेंज फाइलिंग में Reliance Communications कंपनी ने कहा कि SBI ने अगस्‍त 2016 से क्रेडिट सुविधाओं के संबंध में रिलायंस कम्‍युनिकेशंस के खिलाफ उसके लोन खाते को 'धोखाधड़ी' कैटेगरी में डाला है. जबकि रिलायंस कम्‍युनिकेशंस दिवालियापन संहिता (IBC) के तहत दिवालियापन की कार्यवाही से गुजर रही है. रिलायंस कम्युनिकेशंस ने मंगलवार को कहा कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने उसके लोन खाते को 'धोखाधड़ी' कैटेगरी में डाल दिया है. अनिल अंबानी के वकील ने कहा कि एसबीआई द्वारा आरकॉम को 'धोखाधड़ी' करार देना आरबीआई के नियमों और अदालती आदेशों का उल्लंघन है. बता दें कि उद्योगपति अनिल अंबानी के वकीलों ने दिवालिया रिलायंस कम्युनिकेशंस के ऋण खातों को धोखाधड़ी के रूप में वर्गीकृत करने के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि इस कदम ने आरबीआई के दिशा-निर्देशों के साथ-साथ अदालत के निर्देशों का भी उल्लंघन किया है. 2 जुलाई को लिखे पत्र में वकील ने कहा कि एसबीआई का आदेश चौंकाने वाला है. और इसे एकतरफा पारित किया गया है. इसके साथ ही ये प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है. वकील ने कहा कि एसबीआई का आदेश सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट के विभिन्न निर्णयों के साथ-साथ आरबीआई के दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन है. आरकॉम ने बुधवार को स्टॉक एक्सचेंजों को भेजी गई फाइलिंग में कहा कि एसबीआई 2016 के एक मामले में कथित तौर पर फंड के डायवर्जन का हवाला देते हुए उसके ऋण खाते को धोखाधड़ी के रूप में वर्गीकृत कर रहा है. वकील ने पत्र में कहा कि एसबीआई ने कारण बताओ नोटिस (एससीएन) की अमान्यता के बारे में अंबानी के संचार का लगभग एक साल तक जवाब नहीं दिया है. इसके साथ ही बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद अपने निर्णय का आधार बनने वाली जानकारी भी प्रदान नहीं की है. वकील ने कहा कि एसबीआई ने अंबानी को अपने आरोपों के खिलाफ दलीलें पेश करने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया. गौर करें तो एसबीआई ने आरकॉम के अन्य गैर-कार्यकारी और स्वतंत्र निदेशकों को कारण बताओ नोटिस वापस ले लिया है. वकील ने कहा कि अंबानी भी गैर-कार्यकारी निदेशक थे और आरकॉम के दिन-प्रतिदिन के मामलों में शामिल नहीं थे. वकील ने कहा कि उन्हें गलत तरीके से इस श्रेणी में रखा गया है. उन्होंने कहा कि अंबानी कानूनी सलाह के मुताबिक मामले को आगे बढ़ा रहे हैं. "बैंक का 20 दिसंबर, 2023 का एससीएन 15 जुलाई, 2024 के संशोधित आरबीआई मास्टर निर्देशों से पहले जारी किया गया था. यह निर्देश उन निर्देशों को पूरी तरह से बदल देता है, जिनके तहत एससीएन जारी किया गया था. और जो अब अस्तित्व में नहीं हैं. ऐसे में बैंक को उस एससीएन को वापस लेने की जरूरत होगी. वकील ने कहा कि "इस कम्युनिकेशन के लिए बैंक की ओर से लगभग एक साल की विस्तारित चुप्पी को देखते हुए हमारे ग्राहक (अंबानी) को यह विश्वास था कि बैंक ने हमारे ग्राहक की स्थिति को स्वीकार कर लिया है. साथ ही मामले को आगे बढ़ाने का इरादा नहीं है."

दमोह : सेंट जॉन्स सीनियर स्कूल अब अभिभावकों के 6 करोड़ 25 लाख रुपए लौटाने पड़ेंगे

 दमोह  दमोह स्थित सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल को बड़ा झटका लगा है। राज्य समिति ने सेंट जॉन्स स्कूल की अपील को खारिज कर दिया है। अपील खारिज होने के बाद अब विद्यार्थियों के अभिभावकों के 6 करोड़ 25 लाख से ज्यादा रुपए लौटाने पड़ेंगे। 2 लाख रुपए की शास्ति भी जमा करनी होगी। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2017 एवं नियम 2020 के अन्तर्गत गठित जिला समिति ने स्कूल प्रशासन को दोषी पाया है। जिला प्रशासन की गठित जिला समिति ने जांच में स्कूल प्रंबधन को दोषी पाया है। इन वर्षों की अधिक फीस करनी होगी वापस जांच में पाया गया है कि सरप्लस के बाद भी सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल द्वारा सत्र 2022-23 में 2,160 विद्यार्थियों से 1 करोड़ 95 लाख 28 हजार 600 रुपए, सत्र 2023-24 में 2,179 विद्यार्थियों से 2 करोड़ 7 लाख 16 हजार 340 रुपए व सत्र 2024-25 में 2,234 विद्यार्थियों से 2 करोड़ 23 लाख 41 हजार 350 इस प्रकार वसूली गई। कुल फीस 6 करोड़ 25 लाख 86 हजार 290 रुपए अधिक वसूली गई है। जिसे जिला समिति द्वारा 30 दिवस के भीतर विद्यार्थियों या अभिभावकों के खाते में फीस वापस किए जाने का आदेश जारी किया गया है।

कलेक्टर ने की रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाईन की समीक्षा

कलेक्टर ने की रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाईन की समीक्षा    रेलवे तथा राजस्व अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें – कलेक्टर सीधी   कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाईन के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि रेलवे तथा राजस्व अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। रेलवे विभाग के अधिकारी कार्यों के प्राथमिकता क्रम को निर्धारित करते हुए राजस्व अधिकारियों के सतत संपर्क में रह कर कार्य मे प्रगति लाएं।   सीधी सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को भू-अर्जन के काम को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने लंबित रकबों के भू-अर्जन के धारा 11, 19, 21 की कार्यवाही निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जो भुगतान लंबित है उनकी कमियों को दूर करते हुए अगले एक सप्ताह में भुगतान की कार्यवाही पूर्ण करायें। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों से समन्वय बनाकर काम करने के लिए निर्देशित किया, ताकि कार्य समय सीमा में पूर्ण हो।   बैठक में उपखण्ड अधिकारी गोपद बनास नीलेश शर्मा, चुरहट शैलेष द्विवेदी, सिहावल प्रिया पाठक, उप मुख्य अभियंता निर्माण रीवा घमंडी लाल मीणा, उप मुख्य अभियंता सीधी अवलीश मीणा, सहायक कार्यकारी अभियंता निर्माण सीधी अविनाश कुमार, वरिष्ठ खंड अभियंता निर्माण सीधी गिरधर मीणा, कुलदीप शर्मा उपस्थित रहे।

अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सोपा ज्ञापन‌‌

 डिंडौरी   जिला अध्यक्ष इमरान मलिक अतिथि शिक्षक संघ डिंडोरी के द्वारा सैकड़ो अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री जी के नाम का ज्ञापन कलेक्टेट प्रांगण में तहसीलदार को सोपा गया जिसमें अध्यक्ष ने बताया कि विगत 17 सालों से अल्प मान देय पर अतिथि शिक्षक पूरी निष्ठा ईमानदारी एवं कर्तव्य परायणता से शिक्षा का दान कर देश प्रदेश के भविष्य को संवारने का काम करता आ रहा है लेकिन उसकी सेवा के अनुरूप ना तो उसको मानदेय मिलता है ना अन्य सुविधाओं का लाभ जिस प्रकार की रेगुलर शिक्षकों को मिलता है जब अतिथि शिक्षको नियुक्ति होती है तो अध्यापन कार्य के अलावा सारे अन्य विविध शैक्षणिक कार्य पर  अग्रणी भूमिका निभाते आ रहा है शासन हर वर्ष जुलाई अगस्त में विज्ञापन निकलते हैं और अप्रैल तक सत्र समाप्त होने पर उनकी सेवा समाप्त  मान ली जाती है अगले सत्र के लिए उन्हें फिर से आवेदन करना पड़ता है जिस संस्था में गत वर्ष अपनी सेवा लगातार देते आ रहे है शासन की इस विसंगतियां की ओर इंगित करते हुए जिला अध्यक्ष इमरान मलिक ने  बताया कि 2  सितंबर 2023 महापंचायत सम्मेलन को बुलाकर तात्कालिक मुख्यमंत्री के द्वारा की गई घोषणाओं को फिर से याद दिलाते हुए कहा की अपना वादा याद कीजिए जो आपने अपने चुनावी मौसमों के दौरान किया था जब से यह    परंपरा2007-08से चालू हुई है तब से अभी तक अतिथियों का शोषण लगातार होता आ रहा है इस महंगाई के दौर पर इतने अल्प मानदेय पर अतिथि शिक्षक अपनी पूरी निष्ठा समर्पण से अपने कार्य के प्रति सजग अध्यापन कराते आ रहे है और उसका परिणाम आज तक सरकार ने उसके अनुरूप नहीं दिया जिसका वह सही हकदार है जिला अध्यक्ष इमरान मलिक ने बताया गत वर्ष जनजाति कार्य विभाग का आदेश 5 जुलाई को आया था तो संस्था प्रमुख का कहना था की डी पी आई का आदेश जारी हो जाए और इस सत्र डीपी आई का आदेश पहले आया है तो कहा जा रहा है की जनजाति कार्य विभाग का आदेश आ जाने दो फिर आपकी नियुक्ति की जाएगी इस पशोपेस में आदिवासी जिलों में आदिवासी बच्चों का पाठ्यक्रम लगातार पिछड़ते जा रहा है इसका खामियाजा कौन भोगेगा जो इनको सब कुछ कहता है वह उनके बारे में कुछ नहीं सोचते हैं जब बच्चे या पीढ़ी शिक्षित नहीं होंगे तो सवाल कौन पैदा करेगा उनकी मंशा तो ऐसे ही लगती है। कि इनको साक्षर करो शिक्षित नहीं इसी के खिलाफ सैकड़ो अतिथि शिक्षकों अपनी आवाज को  बुलंद कर ज्ञापन सोपा जिसमें जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए अन्यथा समय पर नियुक्ति न होने पर आगामी आंदोलन धरना भी दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी जिला मीडिया प्रभारी वीरेंद्र कुमार गर्ग आनंद कटारिया अमरपुर ब्लॉक अध्यक्ष चंद्र किशोर हरदा निगोरी संकुलअध्यक्ष प्रकाश यादव जिला सचिव हरीश खान प्रियंका गायकवाड निरुपमा नामदेव अदिति सिंगरहा अनुपमा नामदेव अवध मरावी वीरेंद्र मिथलेश अजय गवले शाहपुरा ब्लॉक अध्यक्ष ग्रैंड कुमार दुबे वीरेंद्र कुमार दुबे सहित  सैकड़ो अतिथि शिक्षकों ने ज्ञापन सौंपा  कर जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर देशभर से 19 आईपीएस अधिकारियों को एलिजिबल, इसमें से 2 अधिकारी एमपी से भी

भोपाल. एमपी पुलिस डिपार्टमेंट में बड़ा बदलाव होने वाला है. भोपाल को जल्द ही नया पुलिस कमिश्नर मिलने वाला है. क्योंकि भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे. ऐसे में आने वाले दिनों में भोपाल को नया पुलिस कमिश्नर मिलेगा. बता दें कि पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र सेंट्रल डेपुटेशन के लिए एलिजिबल हो गए हैं. दरअसल, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए देशभर से संयुक्त सचिव स्तर के लिए 6 सीनियर आईपीएस का चयन किया गया है. जिसमें एमपी कैडर से हरिनारायण चारी मिश्र का नाम शामिल है. बताया जा रहा है कि केंद्र में IPS हरिनारायण चारी मिश्र संयुक्त सचिव या इसके समकक्ष पद की जिम्मेदारी संभालेंगे. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद भोपाल में नए पुलिस कमिश्वर की नियुक्ति होगी. केंद्र सरकार ने देशभर से चुने गए कुल 19 आईपीएस अधिकारियों को संयुक्त सचिव स्तर के पदों के लिए संभावित नियुक्तियों की सूची में शामिल किया है। एमपी कैडर के भी 2 अफसरों का नाम इस सूची में शामिल है, जिन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली भेजा जा सकता है। वो नाम हैं भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र और IPS अनुराग। दोनों अधिकारी 2003 बैच के हैं। IPS हरिनारायण चारी मिश्र कौन हैं? भोपाल के मौजूदा पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने कई बड़े और साहसिक फैसले लिए हैं। वे मूल रूप से बिहार के सीवान जिले के रघुनाथपुर गांव से ताल्लुक रखते हैं। हरिनारायण चारी मिश्र के पास कुल 92 लाख रुपए की संपत्ति है, जिसमें एक मकान और एक फ्लैट शामिल हैं। उनके कार्यकाल की सबसे चर्चित उपलब्धियों में से एक इंदौर में भू-माफिया के अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना था।  कौन हैं IPS अनुराग आईपीएस अनुराग मध्यप्रदेश कैडर के 2003 बैच के अधिकारी हैं। अनुराग अभी इंदौर ग्रामीण के पुलिस महानिरीक्षक (IG) हैं, उनके पास करीब 4.65 करोड़ रुपए की संपत्ति है। संपत्ति में चार खेती योग्य जमीनें, तीन प्लॉट और दो फ्लैट शामिल हैं। ये संपत्तियां इंदौर, भोपाल, पटना, सीहोर और दिल्ली जैसे शहरों में फैली हुई हैं। अनुराग का नाम भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की सूची में प्रमुखता से सामने आया है। भोपाल को मिलेगा नया पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद भोपाल को नया पुलिस कमिश्नर मिलेगा। माना जा रहा है कि उन्हें संयुक्त सचिव या समकक्ष पद पर केंद्र में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वे इससे पहले इंदौर के पुलिस कमिश्नर भी रह चुके हैं। साथ ही ग्वालियर, जबलपुर, बालाघाट और खंडवा में एसपी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। इंदौर में वे एसपी मऊ, एसडीओपी, और राज्यपाल के एडीसी भी रहे हैं।

महतारी वंदन योजना की 17वीं किस्त जारी, पात्र महिलाएं योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी राशि चेक कर सकती

रायपुर   छत्तीसगढ़ की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही महतारी वंदन योजना को लेकर नई अपडेट सामने आई है. बता दें कि सीएम साय सरकार ने महतारी वंदन योजना की 17वीं किस्त जारी कर दी है. बताया जा रहा है कि जुलाई महीने में 69.23 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं. जारी हुई महतारी वंदन योजना की किस्त   छत्तीसगढ़ की महिलाएं जो महतारी वंदन योजना की नई किस्त को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रही थीं, उनके लिए बड़ी अपडेट है. बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना की 17वीं किस्त जारी कर दी है. इस बार 647.66 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि योजना की पात्र महिलाओं के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है. ऐसे में महिलाएं https://mahtarivandan.cgstate.gov.in/beneficiary-application-status इस लिंक पर क्लिक कर अपनी राशि की जानकारी ले सकती हैं. हर महीने 28 तारीख को अपडेट होता है लिस्ट विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, परियोजना अधिकारी और हितग्राहियों के स्वजन की ओर से मृत्यु होने की जानकारी दी जाती है। हर महीने 28 तारीख तक हुए मृत्यु की जानकारी पोर्टल के माध्यम से संकलित करने के बाद सूची से हटाया जाता है। योजना की शरुआत में कुछ महिलाओं ने ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन किया था। इसके अलावा कुछ के आधार कार्ड 10 साल से अधिक पुराने होने के कारण निष्क्रिय थे, जिसकी वजह से नाम हटाए गए हैं। साथ ही कुछ शासकीय सेवा में होने के बाद भी योजना का लाभ ले रही थीं। शिकायत मिलने पर उनके नाम हटाकर राशि वसूली की जा रही है। संदेहास्पद हितग्राहियों को चिन्हांकित कर होल्ड फार इन्क्वायरी में डालकर भुगतान रोका गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी से महतारी वंदन योजना की शुरुआत की थी। 70 लाख 12 हजार 417 महिलाओं के खाते में 1000-1000 रुपये की पहली किस्त जारी हुई थी। 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा व परित्यक्ता को प्रतिमाह एक हजार रुपये दी जाती है। आधार कार्ड अपडेट कराने की अपील महिला व बाल विकास विभाग ने हितग्राही महिलाओं से अपील की है कि वे आधार कार्ड अपडेट कराएं, ताकि राशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। आधार कार्ड को हर 10 वर्षों में अपडेट करना अनिवार्य है। कई महिलाओं का भुगतान आधार इनएक्टिव होने के कारण निरस्त किया गया है। पंजीयन पोर्टल के दोबारा खुलने का इंतजार प्रदेश में अभी भी लाखों महिलाएं योजना से वंचित हैं, जिन्हें पंजीयन पोर्टल का दोबारा खुलने का इंतजार है। ये महिलाएं पहली बार पंजीयन पोर्टल में आवेदन करने से चूक गई थीं। कुछ ऐसी महिलाओं को भी लाभ नहीं मिल पा रहा है, जो डेढ़ वर्षों में योजना के लिए पात्र हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला बाल व विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पंजीयन पोर्टल को दोबारा खोलने की घोषणा भी कर चुकी हैं। इन महिलाओं को नहीं मिली होगी राशि   बता दें कि वे महिलाएं जिनका नाम योजना में से हटा दिया गया है, उनके पास योजना से जुड़ी सहायता राशि नहीं पहुंची होगी. ऐसी महिलाएं जिनकी मृत्यु हो गई है, फिर भी उनके नाम से पैसे जारी किए जा रहे थे या फिर वे महिलाएं जिन्होंने योजना में दोनों ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन किया है, जिनका आधार कार्ड दस साल पुराना होने की वजह से एक्टिव नहीं था. ऐसी महिलाएं जो सरकारी पद पर होने के बावजूद महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही थीं, इन सभी बहनों के नाम हटाए गए हैं. महतारी वंदन योजना जरूरी अपडेट   बता दें कि महतारी वंदन योजना के जरिए पात्र महिलाओं के खाते में सहायता राशि के तौर पर 1000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं. ऐसे में महिला और बाल विकास विभाग ने हितग्रहियों से अपील की है कि वे अपना आधार कार्ड अपडेट रखें. अपडेटेड आधार न होने से राशि भुगतान में दिक्कत आ सकती है या फिर भुगतान आधार इनएक्टिव होने की वजह से नाम हटाए भी जा सकते हैं. इसके साथ ही वे महिलाएं जो महतारी वंदन योजना में रजिस्ट्रेशन करने से चूक गई हैं या फिर वे जो इन दो सालों में योजना की पात्र बन गई हैं, उनके लिए महतारी वंदन योजना रजिस्ट्रेशन पोर्टल जल्दी खुलने की आशंका है.     

टीएनपीएल 2025: आर अश्विन का TNPL में बल्ले और गेंद से तूफानी प्रदर्शन, अकेले दम पर जिताया एलिमिनेटर

नई दिल्ली  तमिलनाडु प्रीमियर लीग यानी टीएनपीएल 2025 के प्लेऑफ्स के मैच खेले जा रहे हैं। बुधवार 2 जुलाई को एलिमिनेटर मैच में डिंडीगुल ड्रैगन्स का सामना ट्रिची ग्रैंड चोलस से हुआ। इस मुकाबले में पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन छाए रहे। डिंडीगुल ड्रैगन्स के कप्तान आर अश्विन ने पहले तो गेंद से और फिर बल्ले से कमाल का प्रदर्शन किया और अपनी टीम को जीत दिलाकर क्वालीफायर 2 का टिकट दिलाया। आर अश्विन की टीम अब फाइनल में पहुंचने से एक कदम दूर है। दरअसल, आर अश्विन ने टीएनपीएल 2025 के इस एलिमिनेटर मैच में ट्रिची ग्रैंड चोलस के खिलाफ पहले तो 4 ओवर में 28 रन देकर 3 अहम विकेट निकाले, जबकि बाद में वे ओपनिंग करने उतरे तो उन्होंने ऐसी पारी खेली, जिससे टीम जीत के करीब पहुंची, क्योंकि जब वे आउट हुए थे तो मैच लगभग खत्म हो गया था। महज 11 रन जीत के लिए और चाहिए थे। अश्विन ने 48 गेंदों में 11 चौके और 3 छक्कों की मदद से 83 रनों की पारी खेली। उनका स्ट्राइक रेट 172.92 का रहा। इस लीग में कुछ और बेहतरीन पारियां वे खेल चुके हैं। बता दें कि आर अश्विन इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद आईपीएल और इस लीग में ही एक्टिव हैं। उन्होंने आईपीएल में इस साल चेन्नई सुपर किंग्स यानी सीएसके का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन वे बल्ले और गेंद से फ्लॉप ही नजर आए। वहीं, अब इस लोकल टी20 लीग में वे छाए हुए हैं। कभी बल्ले तो कभी गेंद से कभी-कभार गेंद और बल्ले से सामने वाली टीम को पस्त कर देते हैं। वे कप्तानी भी करते हैं तो उन पर अतिरिक्त जिम्मेदारी अपनी टीम के लिए लड़ने की होती है। डिंडीगुल ड्रैगन्स को अब क्वालीफायर 2 में चेपॉक सुपर गिलीज से 4 जुलाई को भिड़ना है। इसके बाद फाइनल खेला जाएगा।  

राजा रघुवंशी मर्डर केस में असम पुलिस ने राजा की मौसेरी बहन सृष्टि रघुवंशी के खिलाफ केस दर्ज किया

इंदौर  इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने नया दावा किया है। विपिन का कहना है कि जब मेघालय पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, तब उन्हें बताया गया कि सोनम के पास से दो मंगलसूत्र मिले हैं।  हो सकता है जब सोनम राजा की मौत के बाद इंदौर में रुकी थी, तब उसने और राज कुशवाह ने शादी कर ली हो और ये दूसरा मंगलसूत्र उसी का हो सकता है। सोनम और राजा की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी। वे 21 मई को हनीमून के लिए असम के गुवाहाटी से होते हुए मेघालय पहुंचे थे। 23 मई को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा में नोंगरियाट गांव से लापता हो गए थे। राजा का क्षत-विक्षत शव 2 जून को वेइसाडोंग फॉल्स के पास एक घाटी में मिला था। सोनम 9 जून को यूपी के गाजीपुर में मिली थी। पुलिस को सौंपे सोनम को दिए गहनों के फोटो विपिन ने बताया कि पुलिस को सोनम के पास से पांच जोड़ी बिछुड़ी और पायजेब भी मिले हैं। ये गहने उनके परिवार ने नहीं दिए थे, यानी ये सोनम के पास पहले से रहे होंगे या किसी और ने दिए होंगे। उन्होंने कहा कि ये सब चीजें पुलिस की जांच में मदद कर सकती हैं। विपिन रघुवंशी ने बताया कि जब पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, तब उन्होंने सोनम को दिए गए सभी गहनों के फोटो पुलिस को दे दिए थे। उन्होंने बताया कि सोनम को रानी हार, छोटा हार, अंगूठी, टीका, चूड़ियां और चेन जैसी ज्वेलरी दी गई थी। राजा की बहन सृष्टि पर असम में FIR इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस में असम पुलिस ने राजा की मौसेरी बहन सृष्टि रघुवंशी के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले में एक पुराने वीडियो को आधार बनाया गया है। इसमें सृष्टि ने दावा किया था कि राजा की हत्या असम में नरबलि के तहत की गई है। मामले में कामाख्या मंदिर के पुजारी सरू डोलोई हिमाद्रि का कहना है कि जब भी कामाख्या मंदिर के आसपास कोई हत्या का मामला होता है तो मंदिर में मानव बलि का मुद्दा उठाया जाता है। इस तरह के आरोपों से यहां के लोगों की भावनाएं भी आहत होती हैं। पुजारी का कहना है कि राजा की नरबलि का दावा धार्मिक भावनाएं भड़काने और क्षेत्रीय तनाव पैदा करने वाला है। पुलिस ने राजा की बहन सृष्टि रघुवंशी पर BNS की धारा 196 (2), 299, 302 के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, राजा के भाई विपिन ने कहा कि इस मामले में हमें कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, नरबलि की आशंका राजा की मां उमा और भाई विपिन भी जता चुके हैं। सोनम के भाई पर आरोप लगाया, कहा- वह उसे बचा रहा विपिन ने सोनम के भाई गोविंद पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गोविंद अब मीडिया में कह रहा है कि वह राखी से पहले जाकर सोनम से मिलेगा। साथ ही वह पुलिस पर भरोसा नहीं जता रहा है। विपिन ने बताया कि शुरुआत में गोविंद ने परिवार से कहा था कि वह राजा को न्याय दिलाएगा और सोनम को फांसी तक पहुंचाएगा। वह राजा के अंतिम कार्यक्रमों में बिना बुलाए आया था, लेकिन अब वह सोनम के लिए वकील करने की तैयारी में है। इसलिए हमें लगता है कि गोविंद ने हमारे साथ धोखा किया और हमारी भावनाओं से खेला है। असम पुलिस ने सृष्टि रघुवंशी पर दर्ज किया केस इधर, असम पुलिस ने राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़े एक पुराने वीडियो को लेकर उसकी मौसेरी बहन सृष्टि रघुवंशी के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस वीडियो में सृष्टि ने दावा किया था कि राजा की हत्या असम में नरबलि के तहत की गई है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी धार्मिक भावनाएं भड़काने और क्षेत्रीय तनाव पैदा करने वाली है। सृष्टि ने सोशल मीडिया पर मांगी माफी राजा के लापता होने से लेकर शव बरामद होने तक सृष्टि सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रही थी और मदद की गुहार लगाती रही। इसी दौरान उसने एक वीडियो में नरबलि जैसा बयान दिया, जो अब विवाद में आ गया है। मामले के तूल पकड़ने के बाद सृष्टि ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा कि उसने यह बयान भावुक होकर दिया था। उसका उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। परिवार बोला- असम जाकर भी माफी मांगेंगे सृष्टि के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि सृष्टि पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुकी है। अगर जरूरत पड़ी, तो वे असम जाकर भी अपनी बात स्पष्ट करेंगे।

तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स ने मौके गंवाने का जताया अफसोस, कहा- रिव्यू के नियम बदले जाएं

नई दिल्ली इंग्लैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स ने स्वीकार किया कि दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन अंपायरों के कुछ फैसले भारत के पक्ष में जाने के बाद वह निराश हो गए थे। वोक्स अपनी शानदार लाइन और लेंथ के साथ मेजबान टीम के लिए सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए और उन्होंने पहले दिन 18 ओवर में 59 रन देकर दो विकेट लिए। वोक्स की गेंदबाजी पर इंग्लैंड ने दो रिव्यू लिए जिन पर तीसरे अंपायर का फैसला भारत के पक्ष में गया। इस तेज गेंदबाज ने इसे निराशाजनक करार दिया। वोक्स ने बुधवार को पहले दिन खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह वास्तव में निराशाजनक था। जब आप टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब होते हैं तो भावनाएं हावी हो जाती हैं। अगर ये फैसले हमारे पक्ष में होते तो दिन पूरी तरह से अलग होता, लेकिन यह टेस्ट क्रिकेट है और हम इन चीजों को आत्मसात करके आगे बढ़ते हैं। ’’ इनमें से पहला मामला सातवें ओवर में आया, जब भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 14 रन था और वोक्स ने यशस्वी जायसवाल के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की अपील की थी। दूसरा मामला 11वें ओवर में आया, जब भारत का स्कोर एक विकेट पर 21 रन था और करुण नायर भी इसी तरह के रिव्यू से बच गए। दोनों अवसरों पर डीआरएस से पता चला कि गेंद स्टंप से टकराती, लेकिन यह बांग्लादेशी अंपायर शरफुद्दौला के नॉट आउट के फैसले को पलटने के लिए पर्याप्त नहीं था। वोक्स ने कहा, ‘‘अगर यह फैसले हमारे पक्ष में जाते तो हम उनका स्कोर तीन विकेट पर 30 रन कर सकते थे और तब स्थिति पूरी तरह से भिन्न होती। यह फैसले हमारे पक्ष में भी जा सकते थे लेकिन हम इस खेल को इसी तरह से खेलते हैं।  जायसवाल ने 87 और नायर ने 31 रन बनाए, जिसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 114 रन बनाकर पारी को संभाला और स्टंप तक अपनी टीम का स्कोर पांच विकेट पर 310 रन तक पहुंचाया। हालांकि वोक्स ने माना कि डीआरएस ने क्रिकेट में निर्णय लेने की प्रक्रिया में सामान्य सुधार किया है, लेकिन उन्होंने इसमें एक विशेष बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘निर्णय समीक्षा प्रणाली ने सामान्य तौर पर अच्छे फैसले दिए हैं लेकिन मैं केवल यही कहना चाहूंगा कि यदि बल्लेबाज गेंद को छोड़ने का निर्णय लेता है और गेंद तब भी स्टंप्स पर लग रही है, तो मुझे लगता है कि उसे आउट दिया जाना चाहिए।’’  

गुरदीप कौर सुन-देख-बोल नहीं नहीं सकने वाली महिला को मिली सरकारी नौकरी ! इंदौर की गुरदीप ने रचा इतिहास

इंदौर  ‘इंदौर की हेलन केलर' के रूप में मशहूर 34 वर्षीय गुरदीप कौर वासु बोल, सुन और देख नहीं सकतीं, लेकिन ये शारीरिक बाधाएं उन्हें सरकारी सेवा में आने का सपना देखने से नहीं रोक सकीं. गुरदीप का यह सपना सामाजिक, अकादमिक और सरकारी गलियारों से होकर गुजरे उनके लम्बे संघर्ष के बाद आखिरकार पूरा हो गया है. उन्हें प्रदेश के वाणिज्यिक कर विभाग में नियुक्ति मिली है. सामाजिक न्याय कार्यकर्ताओं का दावा है कि यह देश का पहला मामला है, जब बोल, सुन और देख नहीं सकने वाली कोई महिला सरकारी सेवा में आई है. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि कक्षा 12 तक पढ़ी गुरदीप को बहुविकलांगता की श्रेणी में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के तौर पर इंदौर में वाणिज्यिक कर विभाग के एक दफ्तर में पदस्थ किया गया है. योग्यता से बनाया मुकाम विभाग की अतिरिक्त आयुक्त सपना पंकज सोलंकी ने बताया कि दिव्यांगजनों के लिए विशेष भर्ती अभियान के तहत गुरदीप का चयन उनकी योग्यता के आधार पर किया गया है. उन्होंने बताया, ‘‘गुरदीप पूरी लगन से काम सीख रही हैं. वह तय समय पर दफ्तर आती-जाती हैं.'' जाहिर है कि सरकारी सेवा में आने के लिए उनका सफर आसान नहीं था. गुरदीप की मां मनजीत कौर वासु ने अपनी बेटी की उपलब्धि पर भावुक होते हुए कहा,‘‘गुरदीप मेरे परिवार की पहली सदस्य है जो सरकारी नौकरी में आई है. मुझे कल्पना तक नहीं थी कि वह कभी इस मुकाम तक पहुंचेगी. आजकल लोग मुझे मेरे नाम से कम और गुरदीप की मम्मी के नाम से ज्यादा पहचानते हैं.'' उन्होंने बताया कि गुरदीप प्रसूति की तय तारीख से पहले पैदा हुई थीं और जटिल समस्याओं के चलते उन्हें जन्म के बाद करीब दो महीने तक एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती रखा गया था. ऐसा रहा संघर्ष मनजीत ने बताया कि उनकी बेटी पांच महीने की उम्र तक किसी भी बात पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही थी जिसके बाद उनके परिवार को पता चला कि वह बोल, सुन और देख नहीं सकती. गुरदीप के सरकारी सेवा में आने के बाद दिव्यांगों के अधिकारों के लिए काम करने वाले लोगों में खुशी का माहौल है. सामाजिक न्याय कार्यकर्ता ज्ञानेंद्र पुरोहित ने कहा, ‘‘यह देश में पहली बार हुआ है, जब बोल, सुन और देख नहीं सकने वाली कोई महिला सरकारी सेवा में आई है. यह समूचे दिव्यांग समुदाय के लिए ऐतिहासिक और प्रेरक पल है.'' उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में अन्य दिव्यांग उम्मीदवारों की तरह अंध-मूक-बधिर लोगों को भी सरकारी नौकरी में आरक्षण दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन सरकारी तंत्र को इसके अमल के लिए राजी करना बहुत मुश्किल है. पुरोहित ने कहा, ‘‘अलग-अलग तरह की दिव्यांगताओं को चुनौती दे रहे गुरदीप जैसे लोग सब कुछ कर सकते हैं. उन्हें बस एक मौका दिए जाने की जरूरत है.'' सांकेतिक भाषा की जानकार एवं गुरदीप की शिक्षिका मोनिका पुरोहित ने बताया कि गुरदीप सामने वाले व्यक्ति के हाथों और उंगलियों को दबाकर उससे संकेतों की भाषा में संवाद करती हैं जिसे 'टेक्टाइल साइन लैंग्वेज' कहा जाता है. सरकारी नौकरी पाने की खुशी से दमकती 34 वर्षीय गुरदीप ने अपने दोनों हाथ फैलाते हुए संकेतों की जुबान में कहा, ‘‘मैं बहुत ज्यादा खुश हूं.''