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जिम्मेदार पर्यटन के लिए पर्यावरण जागरूकता जरूरी, केंद्रीय सचिव कुमार ने दिया बड़ा संदेश

पर्यटकों को संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने के लिए उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक करना आवश्यक- केंद्रीय सचिव कुमार मध्यप्रदेश का लक्ष्य सतत एवं संरक्षण आधारित पर्यटन मॉडल विकसित करना- प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में वन्यजीव, समुदाय और सतत पर्यटन पर हुआ पैनल डिस्कशन वन्यजीव पर्यटन के संरक्षण के साथ समुदायों की समृद्धि पर जोर भोपाल  मध्यप्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 के दूसरे दिन कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 'भारत के वन्य क्षेत्रों का जीवंत परिदृश्य : मध्यप्रदेश में वन्यजीव, समुदाय और सतत पर्यटन' विषय पर पैनल चर्चा हुई। सत्र में केंद्रीय सचिव पर्यटन भुवनेश कुमार ने अपने विचार रखें। पैनल में सीईओ मध्यप्रदेश ईको-टूरिज्म विकास बोर्ड एल. कृष्णमूर्ति, सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी., महाप्रबंधक, सीजीएच अर्थ एक्सपीरियंस होटल्स डेविड राजू, निदेशक, एंड बियॉन्ड एशिया टोबी सिंक्लेयर, संस्थापक एवं सीईओ, ग्राम स्टे पारीक्षित सिंह और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर शिवांग मेहता शामिल रहे। सत्र का संचालन वैक्सपोल होटल्स एंड रिसॉर्ट्स की संस्थापक एवं निदेशक तथा एटोआई वुमन्स कलेक्टिव की चेयरपर्सन सुआकांक्षा गर्ग ने किया। वन्यजीव पर्यटन में स्थानीय समुदाय के साथ जुड़ाव जरूरी- केंद्रीय सचिव कुमार केंद्रीय सचिव कुमार ने कहा कि वन्यजीव पर्यटन में स्थानीय समुदायों के साथ जुड़ाव बेहद महत्वपूर्ण है। "स्थानीय समुदाय के साथ चलें और उनसे जुड़ें" की भावना के साथ ही सतत पर्यटन का उद्देश्य पूरा हो सकता है। मध्यप्रदेश में वन प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है, और कूनो में हुआ चीता संरक्षण इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है। वन्यजीव पर्यटन को केवल वन्यजीव देखने तक सीमित न रखकर विविध प्राकृतिक अनुभवों से जोड़ने की आवश्यकता है। चंबल में डॉल्फिन, गांधीसागर क्षेत्र की जैव विविधता, गिद्ध संरक्षण तथा गिद्धों के प्रजनन स्थलों के आसपास पूर्णिमा की रात नौका विहार जैसे अनूठे अनुभव मध्यप्रदेश के वन्यजीव पर्यटन को नया आयाम दे सकते हैं। केंद्रीय सचिव कुमार ने कहा कि पर्यटन की सफलता केवल पर्यटकों की संख्या से तय नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह देखा जाना चाहिए कि पर्यटन से स्थानीय समुदाय और प्रकृति को कितना लाभ मिल रहा है। पर्यटकों को संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने के लिए उन्हें पर्यटन और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। साथ ही स्थानीय समुदायों को पर्यटकों के साथ बेहतर संवाद और आतिथ्य के लिए प्रशिक्षित किया जाए, ताकि पर्यटन से होने वाला आर्थिक लाभ स्थानीय स्तर तक पहुंच सके। पर्यटकों की सुरक्षा के साथ गाइड एवं वाहन चालकों के प्रशिक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी है महत्वपूर्ण- एल. कृष्णमूर्ति मध्यप्रदेश ईको-टूरिज्म विकास बोर्ड के सीईओ एल. कृष्णमूर्ति ने कहा कि आने वाले समय में पर्यटन तकनीक और बेहतर संवाद के साथ आगे बढ़ेगा। वन्यजीव पर्यटन केवल भ्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटक विशिष्ट और यादगार अनुभव के लिए आते हैं। मध्यप्रदेश में कान्हा के साथ रातापानी, सतपुड़ा, संजय और वीरांगना दुर्गावती बाघ अभयारण्य जैसे क्षेत्रों को भी वन्यजीव पर्यटन के लिए विकसित किया जा रहा है। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा के साथ गाइड एवं वाहन चालकों के प्रशिक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। मध्यप्रदेश का लक्ष्य 'सतत एवं संरक्षण आधारित पर्यटन मॉडल' विकसित करना- प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. सचिव पर्यटन एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वन एवं वन्यजीव प्रबंधन के क्षेत्र में प्रभावी कार्य किया है। हाल ही में भारत में जन्मी चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया है, जो देश में चीता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। चीतों को मध्यप्रदेश के पर्यावरण में ढलने में समय लगा, लेकिन अब संरक्षण के प्रयास सफल होते दिख रहे हैं। इन संरक्षण प्रयासों को पर्यटन के नए और जिम्मेदार अनुभवों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रातापानी को नए बाघ अभयारण्य के रूप में विकसित किया जाना प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। चंबल में गिद्धों के प्रजनन स्थलों के आसपास पूर्णिमा की चांदनी में नौका विहार जैसे विशिष्ट अनुभव पर्यटकों को प्रकृति और वन्यजीवों के करीब लाने के साथ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का लक्ष्य ऐसा सतत एवं संरक्षण आधारित पर्यटन मॉडल विकसित करना है, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता हो और स्थानीय समुदायों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर मिलें। वन्यजीव पर्यटन में विविध अनुभव और प्रशिक्षित गाइड जरूरी निदेशक एंड बियॉन्ड एशिया टोबी सिंक्लेयर  ने कहा कि वन्यजीव पर्यटन अब केवल बाघ देखने तक सीमित नहीं रहा। जंगल, प्रकृति, पक्षी, अन्य वन्यजीव और स्थानीय जीवन के अनुभवों को भी पर्यटन का हिस्सा बनाना होगा। इसके लिए प्रशिक्षित कहानीकारों की आवश्यकता है, ताकि पर्यटक किसी स्थान को केवल देखें नहीं, बल्कि उसे समझें और महसूस भी करें। महाप्रबंधक, सीजीएच अर्थ एक्सपीरियंस होटल्स डेविड राजू ने कहा कि छोटे-छोटे अनुभव ही किसी गंतव्य को खास बनाते हैं। सफारी और वाहन के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ गाइडों के ज्ञान और प्रशिक्षण पर ध्यान देना जरूरी है। प्रशिक्षित गाइड पर्यटकों को जंगल, वन्यजीव और स्थानीय पारिस्थितिकी की बेहतर जानकारी देकर उनका अनुभव अधिक ज्ञानवर्धक और यादगार बना सकते हैं। पैनल चर्चा में संरक्षण आधारित और समुदाय-केंद्रित वन्यजीव पर्यटन पर जोर दिया गया। साथ ही कहा गया कि कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, पन्ना और माधव सहित प्रदेश के वन क्षेत्रों में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। पर्यटन का विकास पर्यटकों की संख्या बढ़ाने से ज्यादा प्रकृति संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को प्राथमिकता देकर किया जाना चाहिए। स्थानीय रोजगार, प्रशिक्षित गाइड, होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक अनुभवों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, राजा वड़िंग का इस्तीफा; नए अध्यक्ष की रेस में सिंगला

लुधियाना पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने राजा वड़िंग को फोन किया। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की।. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने राजा वड़िंग से कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनानी है, तो उन्हें प्रधान पद से इस्तीफा देना होगा। इसके बाद वड़िंग इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गए। पार्टी जल्द ही पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला को नया प्रधान घोषित कर सकती है। हालांकि, प्रधान पद की दौड़ में सिंगला के अलावा परगट सिंह, सुख सरकारिया, राणा गुरजीत, सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान विजयइंदर सिंगला को दिल्ली बुलाकर उनके साथ बैठक कर चुका है। उन्हें 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी का पूरा प्लान भी समझाया गया है। दो अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन नए प्रधान के नाम का ऐलान हो सकता है। इसी प्लान के तहत सचिन पायलट ने यूथ और पार्टी प्रधानों को दिल्ली बुलाया था। उन्होंने साफ कहा था कि गुटबाजी में शामिल पाए जाने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वड़िंग से इस्तीफा लेने का फैसला किया गया, ताकि नेतृत्व परिवर्तन के दौरान पार्टी में दोबारा गुटबाजी न बढ़े। वहीं, चरणजीत सिंह चन्नी गुट राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाने की मांग पर अड़ा हुआ। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि अब नाराजगी दूर हो चुकी है, सब मिलकर काम करेंगे। किसे कब, कहां पर नियुक्त करना है, हाईकमान तय करेगा। पंजाब लिए क्या सचिन पायलट का प्लान….     सेंट्रल पावर सिस्टम: पंजाब कांग्रेस में अब तक नेता दो प्रमुख धड़ों चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच बंटे हुए थे। पायलट ने सबसे पहले इस भ्रम को दूर किया कि पंजाब में फैसला लेने का अधिकार किसी गुट के पास है। उन्होंने राज्य के सभी वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्षों और यूथ विंग के प्रभारियों को साफ संदेश दिया कि पंजाब कांग्रेस की पूरी पावर और निर्णय क्षमता अब सीधे केंद्रीय प्रभारी यानी सचिन पायलट के पास है।     चन्नी-वड़िंग से पावर छीनकर सीधे कार्यकर्ताओं से जुड़ाव: पायलट ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को चन्नी या वड़िंग को रिपोर्ट करने के बजाय सीधे उनके संपर्क में रहने का निर्देश दिया। इसके नतीजे तुरंत दिखने लगे; पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने अपने आकाओं के चक्कर काटने छोड़कर सीधे पायलट की कोर टीम और दिल्ली दरबार में अपनी रिपोर्टिंग शुरू कर दी है। इससे स्थानीय क्षत्रपों का एकाधिकार और दबाव बनाने की राजनीति पूरी तरह धराशायी हो गई।     ‘सिफारिश कल्चर’ खत्म और 'मेरिट बेस्ड' टिकट: गुटबाजी का सबसे बड़ा कारण चुनाव के समय अपने चहेतों को टिकट दिलाना होता था। सचिन पायलट ने चन्नी और वड़िंग दोनों गुटों से जुड़े नेताओं को कड़ा संदेश दिया कि आने वाले चुनावों में किसी भी बड़े नेता की 'सिफारिश' पर टिकट नहीं बांटी जाएगी। टिकट आवंटन का एकमात्र पैमाना 'मेरिट', सर्वे रिपोर्ट और धरातल पर नेता की छवि होगी। इस घोषणा ने गुटबाजी के सरगनाओं के पर काट दिए हैं।     प्रधान और यूथ नेताओं को दिल्ली तलब: संगठनात्मक रीस्ट्रक्चरिंग के तहत सचिन पायलट ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के नेताओं, जिला प्रधानों और यूथ कांग्रेस के शीर्ष पदाधिकारियों को दिल्ली तलब किया। बंद कमरे में हुई बैठकों में पायलट ने पंजाब के हालात पर सख्त रुख अपनाया और साफ कर दिया कि संगठन में अनुशासनहीनता और गुटबाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।     वड़िंग को अध्यक्ष पद से हटाने का बेस बनाया: सचिन पायलट का मानना है कि किसी भी एक गुट का व्यक्ति यदि संगठन के शीर्ष पद पर रहेगा, तो दूसरा धड़ा हमेशा खुद को उपेक्षित महसूस करेगा। यही कारण है कि राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाकर एक निष्पक्ष, सर्वस्वीकार्य और नए चेहरे को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपने का खाका तैयार कर लिया गया है। इस संबंध में पायलट ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दी है।

‘हर हिन्दू को जागना होगा’: टी.राजा ने राष्ट्र निर्माण पर जोर, छिंदवाड़ा में दिए विवादित बयान

छिंदवाड़ा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर  शहर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बजरंग दल द्वारा ‘हिंदू गर्जना रैली’ निकाली गई, जिसके बाद एक धर्मसभा का आयोजन हुआ। सभा में तेलंगाना के गोशामहल से विधायक टी. राजा सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शिवाजी-संभाजी के पराक्रम का किया उल्लेख अपने संबोधन में टी. राजा सिंह ने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी के शौर्य और बलिदान का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना समय की आवश्यकता है। उनके संबोधन के दौरान उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक समर्थन जताया।  टी. राजा ने कहा- कई नेता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह की भाषा और प्रतीकों का इस्तेमाल करते हैं। अपने ऊपर हुए हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- अगर कोई मेरी जान लेना चाहता है तो पूरी तरह ले, लेकिन बच गया तो सख्त जवाब देंगे। उन्होंने “नो केस, नो FIR” की मांग भी रखी और कहा कि अगर सरकार उनकी मांगें मानती है तो उनके बजरंगी 10-10 बांग्लादेशियों का सिर काटेंगे भाजपा विधायक ने कहा- कि उनका कभी राज आया तो वह एक आतंकी का सिर काटने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देंगे। सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता की अपील विधायक ने गौ संरक्षण, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर जागरूकता की आवश्यकता बताई। उन्होंने परिवारों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को देने की बात कही। अपने संबोधन में उन्होंने कुछ समकालीन राजनीतिक मुद्दों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लेकर अपनी राय भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतिहास को संतुलित और तथ्यों के आधार पर समझने की आवश्यकता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा आयोजन कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मंच पर विश्व हिंदू परिषद के अरविंद प्रताप सिंह और जिला संयोजक नरेंद्र पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभा से पूर्व विभिन्न शिक्षण संस्थानों की छात्राओं ने देशभक्ति और वीरता पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। अपने संबोधन के अंतिम भाग में विधायक ने जनसंख्या संतुलन और भविष्य की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए समाज से एकजुट होकर सकारात्मक दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। टी. राजा बोले- राजनीति कीचड़, मैं खुद फंस चुका धर्मसभा को संबोधित करते हुए टी. राजा सिंह ने कहा कि राजनीति कीचड़ की तरह है, जिसमें मैं खुद फंस चुका हूं। अपने बच्चों को इसमें नहीं फंसाना चाहता। उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों को धर्म के लिए समर्पित करने की शिक्षा देंगे। इस दौरान उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज का जिक्र करते हुए धार्मिक समर्पण की बात कही। ओवैसी बंधुओं पर बोले- वे हमेशा मेरी चिंता करते हैं सभा के दौरान टी. राजा सिंह ने AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने खुद को उनका “जीजा” बताते हुए कहा कि ओवैसी बंधु हमेशा उनकी चिंता करते हैं। टीपू सुल्तान को नायक बताने वाले बयान पर राजा ने कहा कि टीपू सुल्तान ने सिर्फ अपनी सल्तनत बचाने के लिए युद्ध लड़े। वह टीपू सुल्तान नहीं टीपू शैतान है। सीएम मोहन यादव को हिंदुओं का समर्थन है राजा सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर कहा कि उन्हें “दूसरों के वोट” की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हिंदुओं का समर्थन उनके साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के टुकड़े करने की सोच रखने वालों को सुविधाएं देना बंद किया जाना चाहिए। मंदिर से शुरू होकर दशहरा मैदान तक पहुंची रैली इससे पहले रैली दादा धूनी वाले दादा मंदिर से शुरू हुई। बड़ी संख्या में लोग भगवा ध्वज और पट्टियां लिए शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रैली दशहरा मैदान पहुंची, जहां धर्मसभा आयोजित की गई। अंत में लोगों को देश रक्षा की शपथ दिलाई गई। हिंदुओं के हित में काम करने वाले नेताओं को चुनने की अपील भी की गई। ओवैसी बंधुओं पर साधा निशाना ओवैसी बंधुओं और टीपू सुल्तान पर बयान अपने भाषण के दौरान टी. राजा सिंह ने असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। टीपू सुल्तान को लेकर दिए गए बयानों पर उन्होंने असहमति जताई और उन्हें हिन्दू विरोधी बताया। इसके साथ ही उन्होंने हिन्दुओं को सतर्क और जागने की सलाह दी। 

राजा भैया की पत्नी और बेटियां वोटर लिस्ट से नदारद, CM योगी ने चुनाव आयोग को भेजी शिकायत

 प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा में मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. चुनाव आयोग द्वारा कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह और उनकी दोनों बेटियों, राघवी कुमारी व विजय राजेश्वरी कुमारी के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं.  यह कार्रवाई हाल ही में संपन्न हुई है, जिसके विरोध में भानवी सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. उन्होंने प्रशासनिक दबाव और पक्षपात का आरोप लगाते हुए इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. भानवी सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए अपना गुस्सा जाहिर करते हुए 2003 और 2025 की वोटर लिस्ट के सबूत पेश किए हैं. उन्होंने बताया कि साल 2025 की सूची में उनका नाम मतदान केंद्र संख्या 87, बेंती के वार्ड नंबर 15 में दर्ज था. लेकिन नई अंतरिम सूची से उनका और उनकी बेटियों का नाम अचानक गायब कर दिया गया. भानवी का कहना है कि वह 2003 से लगातार कुंडा की वोटर रही हैं, ऐसे में नाम हटाना समझ से परे है. सत्ता और आयोग तक पहुंची शिकायत इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है. भानवी सिंह ने इसे 'खुला पक्षपात' करार देते हुए अधिकारियों पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सभी दस्तावेजी सबूत संलग्न किए हैं और मांग की है कि उनके संवैधानिक अधिकार को बहाल किया जाए. कुंडा के सियासी गलियारों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.  

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय की अदालत ने 3 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड के तीन आरोपियों को शिलॉन्ग (Shillong Court) की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मुख्य तीन आरोपियों आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी की गुरुवार को हिरासत खत्म हो रही थी. इस वजह से शिलॉन्ग पुलिस ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोर्ट में पेश किया. वहीं, राजा रघुवंशी की हत्या के मास्टरमाइंड सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाह की हिरासत शुक्रवार को खत्म होगी, फिर पुलिस उन्हें भी कोर्ट में पेश करेगी. लोक अभियोजक तुषार चंदा ने बताया, 'अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी है।' चौहान, राजपूत और कुर्मी मध्यप्रदेश के निवासी हैं। हत्या की साजिश रचने की आरोपी रघुवंशी की पत्नी सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाह भी न्यायिक हिरासत में हैं। राजा रघुवंशी ने 11 मई को इंदौर में सोनम से शादी की और 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय आए थे। वह 23 मई को शिलांग से लगभग 65 किलोमीटर दूर सोहरा में लापता हो गए थे। दो जून को उनका क्षत-विक्षत शव एक झरने के पास खाई में मिला। इंदौर के तीन अन्य लोगों एक प्रॉपर्टी डीलर, एक फ्लैट मालिक और एक सुरक्षा गार्ड को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन पर जांच में बाधा डालने और इंदौर के उस फ्लैट में सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप लगे हैं जहां सोनम तथा उसका प्रेमी राज कुशवाह राजा रघुवंशी की हत्या के बाद ठहरे थे।

राजा रघुवंशी मर्डर केस में असम पुलिस ने राजा की मौसेरी बहन सृष्टि रघुवंशी के खिलाफ केस दर्ज किया

इंदौर  इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने नया दावा किया है। विपिन का कहना है कि जब मेघालय पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, तब उन्हें बताया गया कि सोनम के पास से दो मंगलसूत्र मिले हैं।  हो सकता है जब सोनम राजा की मौत के बाद इंदौर में रुकी थी, तब उसने और राज कुशवाह ने शादी कर ली हो और ये दूसरा मंगलसूत्र उसी का हो सकता है। सोनम और राजा की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी। वे 21 मई को हनीमून के लिए असम के गुवाहाटी से होते हुए मेघालय पहुंचे थे। 23 मई को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा में नोंगरियाट गांव से लापता हो गए थे। राजा का क्षत-विक्षत शव 2 जून को वेइसाडोंग फॉल्स के पास एक घाटी में मिला था। सोनम 9 जून को यूपी के गाजीपुर में मिली थी। पुलिस को सौंपे सोनम को दिए गहनों के फोटो विपिन ने बताया कि पुलिस को सोनम के पास से पांच जोड़ी बिछुड़ी और पायजेब भी मिले हैं। ये गहने उनके परिवार ने नहीं दिए थे, यानी ये सोनम के पास पहले से रहे होंगे या किसी और ने दिए होंगे। उन्होंने कहा कि ये सब चीजें पुलिस की जांच में मदद कर सकती हैं। विपिन रघुवंशी ने बताया कि जब पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, तब उन्होंने सोनम को दिए गए सभी गहनों के फोटो पुलिस को दे दिए थे। उन्होंने बताया कि सोनम को रानी हार, छोटा हार, अंगूठी, टीका, चूड़ियां और चेन जैसी ज्वेलरी दी गई थी। राजा की बहन सृष्टि पर असम में FIR इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस में असम पुलिस ने राजा की मौसेरी बहन सृष्टि रघुवंशी के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले में एक पुराने वीडियो को आधार बनाया गया है। इसमें सृष्टि ने दावा किया था कि राजा की हत्या असम में नरबलि के तहत की गई है। मामले में कामाख्या मंदिर के पुजारी सरू डोलोई हिमाद्रि का कहना है कि जब भी कामाख्या मंदिर के आसपास कोई हत्या का मामला होता है तो मंदिर में मानव बलि का मुद्दा उठाया जाता है। इस तरह के आरोपों से यहां के लोगों की भावनाएं भी आहत होती हैं। पुजारी का कहना है कि राजा की नरबलि का दावा धार्मिक भावनाएं भड़काने और क्षेत्रीय तनाव पैदा करने वाला है। पुलिस ने राजा की बहन सृष्टि रघुवंशी पर BNS की धारा 196 (2), 299, 302 के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, राजा के भाई विपिन ने कहा कि इस मामले में हमें कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, नरबलि की आशंका राजा की मां उमा और भाई विपिन भी जता चुके हैं। सोनम के भाई पर आरोप लगाया, कहा- वह उसे बचा रहा विपिन ने सोनम के भाई गोविंद पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गोविंद अब मीडिया में कह रहा है कि वह राखी से पहले जाकर सोनम से मिलेगा। साथ ही वह पुलिस पर भरोसा नहीं जता रहा है। विपिन ने बताया कि शुरुआत में गोविंद ने परिवार से कहा था कि वह राजा को न्याय दिलाएगा और सोनम को फांसी तक पहुंचाएगा। वह राजा के अंतिम कार्यक्रमों में बिना बुलाए आया था, लेकिन अब वह सोनम के लिए वकील करने की तैयारी में है। इसलिए हमें लगता है कि गोविंद ने हमारे साथ धोखा किया और हमारी भावनाओं से खेला है। असम पुलिस ने सृष्टि रघुवंशी पर दर्ज किया केस इधर, असम पुलिस ने राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़े एक पुराने वीडियो को लेकर उसकी मौसेरी बहन सृष्टि रघुवंशी के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस वीडियो में सृष्टि ने दावा किया था कि राजा की हत्या असम में नरबलि के तहत की गई है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी धार्मिक भावनाएं भड़काने और क्षेत्रीय तनाव पैदा करने वाली है। सृष्टि ने सोशल मीडिया पर मांगी माफी राजा के लापता होने से लेकर शव बरामद होने तक सृष्टि सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रही थी और मदद की गुहार लगाती रही। इसी दौरान उसने एक वीडियो में नरबलि जैसा बयान दिया, जो अब विवाद में आ गया है। मामले के तूल पकड़ने के बाद सृष्टि ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा कि उसने यह बयान भावुक होकर दिया था। उसका उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। परिवार बोला- असम जाकर भी माफी मांगेंगे सृष्टि के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि सृष्टि पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुकी है। अगर जरूरत पड़ी, तो वे असम जाकर भी अपनी बात स्पष्ट करेंगे।

राजा हत्याकांड: सभी आरोपियों से हो चुकी है कई राउंड की पूछताछ, अब तक साफ नहीं हुआ राजा की हत्या का मकसद

इंदौर  पूरे देश में चर्चा का विषय बने इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में पुलिस जांच जारी है। इस बीच, राजा रघुवंशी के परिवार ने मांग की है कि हत्या का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हुआ है, इसलिए सोनम रघुवंशी का नार्को टेस्ट हो चाहिए। राजा रघुवंशी का भाई विपिन ने मीडिया से चर्चा में कहा कि हमने पुलिस से कई बार नार्को टेस्ट की मांग की है, लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम हाई कोर्ट का रुख करेंगे। दुल्हन को चढ़ाये थे 17 लाख के आभूषण इस बीच, सोमवार को पुनः राजा रघुवंशी का भाई विपिन क्राइम ब्रांच पहुंचा। एसआइटी ने उनसे सोनम के लिए बनवाए आभूषण की लिस्ट मांगी। विपिन ने कहा कि हमने दुल्हन को करीब 17 लाख के आभूषण चढ़ाये थे। उसके फोटो भी पुलिस को दिए हैं। विपिन ने पुनः नार्को टेस्ट की मांग की। मेघालय आने वाले पर्यटकों को अब गाइड रखना अनिवार्य शिलांग से खबर है कि पर्यटकों की सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से मेघालय में अधिकारियों ने पूर्व खासी हिल्स जिले में आगंतुकों के लिए गाइड रखना अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश इंदौर के व्यापारी राजा रघुवंशी की हत्या के एक महीने बाद आया है, जिसकी योजना उनकी पत्नी ने राज्य के सोहरा क्षेत्र में अपने हनीमून के दौरान बनाई थी। पूर्वी खासी पवर्तीय जिले की उपायुक्त रोसेटा एम कुरबाह ने एक आदेश में कहा कि सुरक्षा कारणों को देखते हुए, अब सभी पर्यटकों के लिए क्षेत्र में पर्वतारोहण के दौरान पंजीकृत गाइड की सेवाएं लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अनिवार्य गाइड सेवाएं न केवल आगंतुकों के लिए बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी, बल्कि इससे अलग-थलग क्षेत्रों में खो जाने, चोट लगने या आपराधिक गतिविधियों का शिकार होने जैसी घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया है। पर्यटन अधिकारियों ने कहा कि आदेश का सख्ती से पालन किया जाएगा तथा उल्लंघन करने वालों को जुर्माना भरना पड़ सकता है या उन्हें विभिन्न मार्गों पर जाने से रोका जा सकता है। प्रशासन ने निर्देश को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अधिक प्रशिक्षित गाइड तैनात करने तथा स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर काम करने की भी योजना बनाई है।