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पाकिस्तान में मानसून की मार, जनजीवन अस्त-व्यस्त, बाढ़ को लेकर रेड अलर्ट

नई दिल्ली पाकिस्तान में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने कई क्षेत्रों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। ये चेतावनी ऐसे समय में जारी की गई है जब 5 से 8 अगस्त तक पाकिस्तान के ऊपरी और मध्य भागों में तीव्र मानसून के प्रभाव की आशंका है। इसके अलावा उत्तरी पाकिस्तान पर मानसूनी धाराओं और पश्चिमी द्रोणिका के प्रभाव से भारी बारिश होने की संभावना है। भारी बारिश के कारण पाकिस्तान में बाढ़ का अलर्ट भारी बारिश की वजह से सिंधु, चिनाब और रावी सहित पाकिस्तान की सभी प्रमुख नदियों में जल स्तर बढ़ने की संभावना है, जबकि रावी और चिनाब की सहायक नदियों में बाढ़ की संभावना जताई गई है। दूसरी तरफ, तरबेला, गुड्डू और सुक्कुर बैराज में बाढ़ फिलहाल निम्न स्तर पर है, लेकिन लगातार बारिश चश्मा और ताउंसा को भी निम्न बाढ़ स्तर की ओर धकेल सकती है। इसके अलावा, नौशेरा में काबुल नदी, स्वात नदी और पंजकोरा और उनसे जुड़ी धाराओं और नालों में लगातार बारिश के कारण जल स्तर में वृद्धि देखी जा सकती है। बारिश से बढ़ सकता है बाधों का जल स्तर मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में, हुंजा, शिगर और घांचे जिलों में जलधाराओं के नेटवर्क में पानी का प्रवाह सहायक नदियों के साथ संभावित बाढ़ का कारण बन सकता है। साथ ही बांधों में मौजूदा भंडारण से संकेत मिलता है कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तरबेला जलाशय 94% पर है और भारी बारिश के कारण इसका जल स्तर बढ़ने की संभावना है। एनडीएमए लोगों के सतर्क रहने की चेतावनी दी एनडीएमए ने नदियों और नालों के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है, क्योंकि रात में भारी बारिश के कारण अचानक जल स्तर बढ़ सकता है। बारिश के कारण अबतक कितना नुकसान? एनडीएमए की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 26 जून से अब तक मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण 140 बच्चों सहित कम से कम 299 लोगों की जान चली गई और 715 अन्य घायल हो गए। रिपोर्ट की मानें तो बारिश के कारण होने वाली घटनाओं में 715 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 239 बच्चे, 204 महिलाएं और 272 पुरुष शामिल हैं। अबतक, अचानक आई बाढ़ और भारी बारिश के कारण कुल 1,676 घर क्षतिग्रस्त हो गए और 428 जानवर मारे गए। इस बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में व्यापक विनाश हुआ है और स्थानीय समुदायों को भारी नुकसान पहुंचा है।

मलेरिया एवं एनीमिया उन्मूलन अभियानों के सफल क्रियान्वयन के लिए विभागीय प्रयासों के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता भी जरूरी: स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर, प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को दंतेवाड़ा  जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक की शुरुआत में उन्होंने मलेरिया मुक्त अभियान पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बस्तर संभाग में मलेरिया नियंत्रण के प्रयासों को और अधिक सघन एवं क्षेत्रीय डाटा आधारित बनाना जरूरी है। मंत्री ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के लिए छोटी-छोटी बातों पर भी गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि यही सतर्कताएं मिलकर बड़े परिणाम देती हैं। मंत्री श्री जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि डीडीटी का छिड़काव स्कूलों, आंगनवाडि़यों, आश्रम शालाओं एवं पोटाकेबिनों में मिशन मोड में किया जाए, ताकि मलेरिया की रोकथाम प्रभावी ढंग से हो सके। साथ ही, सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे मच्छरदानी के उपयोग को लेकर अधिक से अधिक जन जागरूकता फैलाएं। बैठक के दौरान मंत्री ने पारंपरिक उपायों की चर्चा करते हुए कहा कि गांवों में नीम की पत्तियों और गोबर के कंडे जलाकर मच्छरों को भगाने की परंपरा रही है, जिसे भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने इन उपायों को भी समुदाय में पुनर्जीवित करने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री ने चिरायु कार्यक्रम के संदर्भ में कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मैदानी चिकित्सा कर्मचारियों कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता का सही उपयोग सुनिश्चित करें। सभी स्वास्थ्य अभियानों में अन्य विभाग के समन्वय के साथ-साथ अधिकारियों जनप्रतिनिधियों आमजनों की भागीदारी भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि बस्तर जैसे अंचल में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदाय किया जाना एक सही मायने में स्वयं के लिए उपलब्धि है। चूंकि चिकित्सकीय पेशा  को ईश्वरीय दर्जा दिया जाता है। अतः इसी सिद्धांत को सर्वोपरि रख कर हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम उत्तम से उत्तम जनसेवा कर इसे सार्थक बनाये। फिर चाहे वह राज्य एवं केन्द्र सरकार की मलेरिया, एनीमिया, क्षय रोग, उन्मूलन योजना, मातृ शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, आरोग्य मेला जैसे अभियान हो हर अभियान को मिशन मोड में पूरा करें। ताकि स्वास्थ्य संबंधित गुणवत्ता सेवा में हमारा प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी हो। बैठक में स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया एवं आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला द्वारा बस्तर संभाग के कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा जिलों में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रदर्शन पर समीक्षा करते हुए मंत्री जी को अवगत कराया गया। ये जानकारी दी गई कि राज्य शासन द्वारा स्वास्थ्य संबंधी सभी कार्यक्रमों की क्रियान्वयन की लगातार मॉनिटरिंग की जाती है साथ ही इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की समस्याओं दिक्कतों पर तुरंत कार्यवाही की जाती है। इस दौरान कहा गया कि शासन का उद्देश्य है कि मलेरिया को पूरी तरह समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य अमला पूरी सक्रियता के साथ कार्य करे।   मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं फील्ड में जाकर मलेरिया अभियान की निगरानी करें। आरडी किट से जांच के दौरान यदि कोई व्यक्ति मलेरिया पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे दवा की पूरी खुराक दी जाए। साथ ही मितानिनों द्वारा दी गई दवाओं का रैफर जमा किया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि मरीज ने दवा पूरी कर ली है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “मलेरिया से किसी भी स्थिति में मृत्यु नहीं होनी चाहिए। इस दौरान बैठक में अध्यक्ष सीजीएमएससी श्री दीपक महस्के, विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, कलेक्टर कुणाल दादावत, संचालक महामारी नियंत्रण श्री एसके पाम्भोेई, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा तथा स्वास्थ्य एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

CM योगी का बड़ा एक्शन प्लान: मंडलवार संवाद से खत्म होगी अफसरशाही की मनमानी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में जनप्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के बीच लगातार बढ़ रही खटपट अब सरकार के लिए सिरदर्द बन गई है। विधायकों और मंत्रियों की शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मंडलवार संवाद' नामक नई पहल की शुरुआत की है। इस पहल के जरिए जनप्रतिनिधियों और अफसरों को एक मंच पर लाकर समन्वय स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। पिछले कुछ महीनों में कई मंत्री और विधायक अधिकारियों की मनमानी और असहयोग रवैये के खिलाफ खुलकर सामने आए हैं। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला जैसे कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जताई है। दो साल से चल रहा था विवाद, अब सामने आए खुलकर आरोप सूत्रों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से विधायकों और अधिकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। अब, 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए ये विवाद सतह पर आ गया है। भाजपा के एक विधायक का कहना है, “हम जनता के प्रति जवाबदेह हैं, लेकिन अधिकारी हमारी बात सुनने को तैयार नहीं।” अधिकारियों की सफाई: जनप्रतिनिधि डालते हैं अनुचित दबाव दूसरी ओर, सचिवालय कर्मचारी संघ के सदस्य और कई अधिकारी यह कहते नजर आ रहे हैं कि जनप्रतिनिधि अक्सर नियमों से परे जाकर दबाव बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने पहले ही अधिकारियों से कहा था कि वे बेवजह के दबाव में आए बिना काम करें। CM ने दी कड़ी हिदायतें, डीएम-एसडीएम के हुए तबादले सीएम योगी ने मंत्रियों और विधायकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलों में अफसरों के तबादले किए हैं। मंत्री प्रतिभा शुक्ला के अनुसार, “योगी जी ने हमारी बात सुनी और संबंधित अफसरों को बदला गया। उम्मीद है अब चीजें सुधरेंगी।” अधिकारियों ने फोन उठाना हंद कर दिया…ऊर्जा मंत्री खुलेआम जता चुके हैं नाराजगी गौरतलब है कि हाल ही में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अपने कार्यालय के एक्स अकाउंट पर लिखा था- 'अधिकारियों ने फोन उठाना पूरी तरह से बंद कर दिया है। स्थिति पहले से ही खराब थी, और अब यह और भी बदतर हो गई है।' शर्मा ने अपनी बात रखने के लिए बिजली उपभोक्ता और विभाग के एक अधिकारी के बीच बातचीत का एक ऑडियो क्लिप अपलोड किया। मंत्री गोपाल गुप्‍ता नंदी ने CM योगी को लिखी थी चिट्ठी वहीं बुनियादी ढांचा और उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र वायरल हो गया था। इसमें उन्होंने अपने विभाग के अधिकारियों पर दो वर्षों से अधिक समय से निर्देशों का पालन नहीं करने के साथ-साथ मनमाने ढंग से काम करने और कुछ के प्रति तरजीही व्यवहार दिखाने का आरोप लगाया था।

कल प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में आएंगे 1500 रूपये

राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में होगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत् गुरूवार 07 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से प्रदेश की 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार 823 लाड़ली बहनों के खातों में 1 हजार 859 करोड़ 1 लाख 32 हजार 350 रूपये की राशि का अंतरण करेंगे। इस बार लाड़ली बहनों को नियमित किश्त 1250 रूपये के अतिरिक्त रक्षाबंधन के शगुन के रूप में 250 रूपये भी दिये जाएंगे। इस प्रकार प्रत्येक लाड़ली बहना को रक्षाबंधन के पूर्व 1500 रूपये मिलेंगे। लाड़ली बहना योजना वर्ष 2023 से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार और पारिवारिक निर्णयों में उनकी भूमिका को मजबूत करना है। योजना की पात्र महिलाएं (21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्याक्ता महिलाएं) को प्रतिमाह 1250 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना में वित्त वर्ष 2025-26 में जुलाई 2025 तक 6198.88 करोड़ की राशि का व्यय किया गया है। 28 लाख से अधिक बहनों को 43.90 करोड़ रूपये की सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहगढ़ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के एलपीजी कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं और गैर श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत लाड़ली बहनों और विशेष पिछड़ी जनजाति की आर्थिक सहायता योजना अंतर्गत पंजीकृत महिलाओं को गैस रिफिल की राशि भी प्रदाय करेंगे। योजना के तहत् मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 लाख से अधिक बहनों को गैस सिलेण्डर रिफिलिंग के लिये 43.90 करोड़ रूपये की सहायता राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहगढ़ में होने वाले रोड-शो में भी शामिल होंगे।  

एनटीपीसी में सुरक्षा पर सवाल: हादसे में मजदूर की मौत, चार की हालत नाजुक

बिलासपुर सीपत स्थित एनटीपीसी प्लांट में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 5 मजदुर गंभीर रुप से घायल हो गए है। हादसे के बाद सभी मजदुरों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई है। हादसे के बाद एनटीपीसी में अपना तफरी का माहौल बन गया था। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। मामला सीपत थाना क्षेत्र का है। शुरूआती जानकारी के मुताबिक, प्लांट के यूनिट-5 में चल रहे एनुअल मेंटेनेंस कार्य के दौरान प्री-एयर हीटर प्लेटफॉर्म अचानक टूट गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर नीचे गिर पड़े। इस हादसे में कुल 5 मजदूर घायल हुए हैं। इनमें से 3 मजदूरों का इलाज एनटीपीसी के अस्पताल में जारी है, जबकि गंभीर रूप से घायल 2 मजदूरों को बिलासपुर के सिम्स अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान इनमें से एक मजदूर श्याम साहू की मौत हो गई, जो सीपत के पोड़ी इलाके का रहने वाला था। हादसे की वजह और मेंटेनेंस में हुई लापरवाही की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने इस हादसे पर गहरी नाराज़गी जताई है और एनटीपीसी प्रबंधन से जवाब मांगा है। कई घंटे बीत जाने के बाद भी NTPC प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही घायलों और मृतकों की संख्या को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने आई है।

क्या ट्रंप की नीति से अमेरिका खुद फंसेगा जाल में? भारत नहीं, खुद पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) की सदस्य शामिका रवि ने कहा है कि अमेरिका की तरफ से टैरिफ में किसी भी तरह की वृद्धि का बोझ कम आया वाले अमेरिकी परिवारों पर पड़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि भारत एक अच्छा व्यापारिक साझेदार नहीं रहा। उन्होंने एलान किया कि वह अगले 24 घंटों में भारत पर टैरिफ में काफी वृद्धि करेंगे। ट्रंप का टैरिफ वास्तव में वैश्विक बाजारों में उपलब्ध सस्ते सामानों पर एक कर है, जिसका बोझ कम आय वाले अमेरिकी परिवारों पर पड़ेगा। रवि ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'ये टैरिफ अंतत: कम आय वाले अमेरिकी परिवारों से वहां की सरकार को हस्तांतरित होते हैं।'   भारत पर 25 फीसदी टैरिफ एक अगस्त को ट्रंप ने पारस्परिक टैरिफ दरों में संशोधन शीर्षक से एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें भारत के लिए 25 प्रतिशत की भारी वृद्धि सहित पांच दर्जन से अधिक देशों के लिए टैरिफ बढ़ा दिया गया था। हालांकि, कार्यकारी आदेश में उस जुर्माने का उल्लेख नहीं था, जो ट्रंप ने कहा था कि भारत को रूसी सैन्य उपकरण और ऊर्जा की खरीद के कारण चुकाना होगा। पिछले हफ्ते, ट्रंप ने भारत और रूस के घनिष्ठ संबंधों पर तीखा हमला करते हुए दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मृत बताया था। इस टिप्पणी ने नई दिल्ली को यह कहने के लिए प्रेरित किया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है भारत की जीडीपी पर नहीं पड़ेगा असर     उद्योग संगठन पीएचडीसीसीआई के एक अध्ययन के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर घोषित 25 प्रतिशत टैरिफ का देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर प्रभाव नगण्य रहेगा। संगठन ने कहा कि इसकी वजह यह है कि इससे अमेरिका को केवल 8.1 अरब डॉलर का निर्यात प्रभावित होगा। अमेरिका द्वारा घोषित टैरिफ गुरुवार से प्रभावी होने की संभावना है।     पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) द्वारा जारी इस शोध पत्र में अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए कई उपायों की भी सिफारिश की गई है। पीएचडीसीसीआई के प्रेसिडेंट हेमंत जैन ने कहा, 'हमारा विश्लेषण दर्शाता है कि अमेरिका द्वारा भारत पर घोषित 25 प्रतिशत टैरिफ के परिणामस्वरूप भारत के कुल वैश्विक व्यापारिक निर्यात पर केवल 1.87 प्रतिशत और भारत के सकल घरेलू उत्पाद पर बहुत मामूली 0.19 प्रतिशत का प्रभाव पड़ेगा।'     अध्ययन में कहा गया है कि 2024-25 में भारत ने अमेरिका को 86.5 अरब डॉलर (भारत के कुल वैश्विक निर्यात का 1.87 प्रतिशत) का निर्यात किया था और जिस तरह के टैरिफ का एलान किया गया है, उससे 8.1 अरब डॉलर का निर्यात प्रभावित होगा। टैरिफ का असर जिन सेक्टर के निर्यात पर पड़ेगा, उसमें इंजीनियरिंग सामान पर 1.8 अरब डॉलर का, रत्न एवं आभूषण पर 93.2 करोड़ डॉलर का और सिले-सिलाए कपड़ों पर 50 करोड़ डॉलर का असर पड़ेगा।  

उत्तर प्रदेश में कानून का खौफ: योगी सरकार ने 15,000+ अपराधियों को भेजा जेल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में आपरेशन कन्विक्शन के तहत पिछले एक वर्ष में गंभीर अपराध हत्या, डकैती, लूट, अपहरण और पॉक्सो एक्ट में 15 हजार से अधिक अपराधियों को कठोर सजा दिलायी गयी है। इस दौरान गंभीर अपराध के 47 हजार से अधिक मामले चिन्हित किये गये। इनमें से कोर्ट द्वारा 19 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण कर अपराधियों को सजा दी गयी। प्रदेशभर में ऑपरेशन कन्विक्शन पुलिस महानिदेशक अभियोजन दीपेश जुनेजा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए प्रदेशभर में ऑपरेशन कन्विक्शन चलाया जा रहा है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पिछले एक वर्ष में हत्या, डकैती, लूट, अपहरण, पॉक्सो एक्ट, बलात्कार और चोरी जैसे गंभीर 47,149 अपराध के मामलों को चिन्हित किया गया। इनमें से कोर्ट द्वारा 19,584 मामलों का निर्णय करते हुए 15,641 अपराधियों को सजा सुनायी गयी। आंकड़ों पर एक नजर :- हत्या के 9,942 मामलों में से 4,137 का निर्णय हुआ, जिनमें से 3,411 अपराधियों को सजा मिली और 726 दोषमुक्त हुए। सजा दर 82.45 प्रतिशत है। पॉक्सो एक्ट/बलात्कार के 27,074 मामलों में 9,140 का निपटारा हुआ, जिसमें से 6,075 को सजा और 3065 दोषमुक्त हुए। सजा दर 66.46 प्रतिशत है। डकैती के 461 मामलों में 203 का निर्णय हुआ, जिनमें से 174 को सजा मिली और 29 बरी हुए। सजा दर 85.71 प्रतिशत है। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान से अपराधियों में कानून का भय ऑपरेशन कन्विक्शन को प्रभावी बनाने के लिए ई-प्रॉसीक्यूशन पोर्टल और केस ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। वर्चुअल कोर्ट सुनवाई जैसे नवाचारों को अपनाया गया है। जिला स्तर पर अभियोजन अधिकारियों को प्रशिक्षित कर मामलों की त्वरित समीक्षा करवाई जा रही है। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान से अपराधियों में कानून का भय पैदा हुआ है और संगठित गिरोहों का नेटवर्क कमजोर हुआ है। कई मामलों में अपराध की प्रवृत्तियों में कमी आई है। यह अभियान प्रदेश में कानून के शासन की पुनर्स्थापना का प्रतीक बन चुका है।  

बिहार वोटर विवाद: शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को लगाई फटकार, मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को चुनाव आयोग (ईसी) को निर्देश दिया है कि वह बिहार के ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए करीब 65 लाख मतदाताओं की पूरी जानकारी 9 अगस्त तक पेश करे। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह जानकारी उन राजनीतिक दलों के साथ-साथ एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) नाम की एनजीओ को भी दी जाए, जिसने इस मुद्दे पर याचिका दाखिल की है। क्या है मामला? चुनाव आयोग ने बिहार में 24 जून को 'विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर)' शुरू किया था। इसके तहत 1 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई, जिसमें 7.24 करोड़ मतदाता दिखाए गए। लेकिन इसमें से 65 लाख से अधिक वोटरों के नाम हटा दिए गए। चुनाव आयोग का कहना है कि ये लोग या तो मर चुके हैं, दूसरी जगह स्थायी रूप से चले गए हैं, या दो जगहों पर नाम था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ? जस्टिस सूर्यकांत, उज्जल भुयान और एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने चुनाव आयोग से कहा, 'हमें हर उस वोटर की जानकारी चाहिए जिसका नाम हटाया गया है। ये देखें कि किस आधार पर नाम हटे हैं।' वहीं एनजीओ की तरफ से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि, 'राजनीतिक पार्टियों को हटाए गए वोटरों की लिस्ट दी गई है, लेकिन इसमें यह नहीं बताया गया कि कौन मरा है, कौन शिफ्ट हुआ है, या किसका नाम गलत तरीके से हटा।' कोर्ट ने चुनाव आयोग को कहा कि वह 9 अगस्त तक जवाब दाखिल करे, ताकि 12-13 अगस्त को इस मामले पर पूरी सुनवाई हो सके। एडीआर की याचिका में क्या मांग की गई? एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने मांग की है कि 65 लाख हटाए गए नामों की पूरी सूची प्रकाशित की जाए। हर नाम के साथ यह भी बताया जाए कि उसे क्यों हटाया गया, मौत, स्थायी स्थानांतरण या कोई अन्य वजह। चुनाव आयोग ने कोर्ट में क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने हलफनामा देकर कहा, 'हम वोटर लिस्ट को साफ करने का काम कर रहे हैं। हमारा मकसद है कि अपात्र लोग हटें और केवल सही लोग वोटर लिस्ट में रहें।' एसआईआर के दौरान आयोग ने क्या दिया आंकड़ा इसमें मौत की वजह से करीब 22.34 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। वहीं स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए करीब 36.28 लाख मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची से हटाए घए हैं। वहीं जिन मतदाताओं के नाम दो जगहों पर थे उनकी संख्या करीब 7.01 लाख है। सुप्रीम कोर्ट ने की पहले क्या की थी टिप्पणी इससे पहले 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए तो वह तुरंत हस्तक्षेप करेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि आधार कार्ड और वोटर आईडी को गंभीरता से मान्य दस्तावेज माना जाए और इनसे नाम हटाने की बजाय जोड़ने की प्रक्रिया पर जोर दिया जाए।

BSP निदेशक चित्तरंजन महापात्र की CM से मुलाकात, विकास में प्लांट के योगदान पर चर्चा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भिलाई स्टील प्लांट के नवनियुक्त निदेशक चित्तरंजन महापात्र ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर महापात्र ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। सीएम साय ने महापात्र को उनकी नवीन पदस्थापना पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय क्षेत्र के समग्र विकास में प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भिलाई स्टील प्लांट प्रदेश के विकास में प्रभावी योगदान देगा।

क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी! टीम इंडिया का पूरा अगला शेड्यूल जारी

नई दिल्ली इंग्लैंड दौरा पूरा हो चुका है. 5 टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही. कप्तान शुभमन गिल की सेना ने इस टूर पर फैंस को कई यादें दी हैं. बतौर कप्तान वो पहले इम्तिहान में पास हुए हैं. इंग्लैंड टूर पर ना सिर्फ उनका बल्ला बोला बल्कि बतौर कप्तान भी गिल ने सभी को इंप्रेस किया है. अब सभी के मन में एक ही सवाल है कि आखिरी अब टीम इंडिया का अगला मिशन क्या है? भारत कब और किसके खिलाफ मैदान पर उतरेगी? हम आपके लिए भारतीय क्रिकेट टीम का इस साल का पूरा शेड्यूल लेकर आए हैं, जिसमें ये बताएंगी कि अब मेन इन ब्लू कब और कौन-कौन सी टीमें से भिड़ने वाली है. इंग्लैंड टूर के बाद अब टीम इंडिया कुछ दिनों रेस्ट करेगी. वो अगले महीने सितंबर में एक्शन में होगी, क्योंकि इस महीने एशिया कप 2025 होना है, जो टी20 विश्व कप 2026 की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम है. यह टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में होगा. जिसकी मेजबानी बीसीसीआई है, लेकिन टूर्नामेंट मुकाबले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों अबू धाबी और दुबई में खेले जाएंगे. कुल 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं. भारत-पाकिस्तान भी इसमें नजर आएंगे. अब एशिया कप 2025 में नजर आएगी टीम इंडिया टीम इंडिया अब एशिया कप 2025 में नजर आएगी. उसे पहला मैच 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ खेलना है. फिर 14 सितंबर को पाकिस्तान से भिड़ना होगा. आखिरी लीग स्टेज मैच में वो ओमान के खिलाफ खेलेगी. टीम इंडिया खिताब जीतने की दावेदार है. लीग स्टेज के 3 मैच जीतकर वो सुपर 4 स्टेज में पहुंचेगी और वहां से सेमीफाइन और फाइनल में जगह पक्की करेगी. टूर्नामेंट का फाइनल 28 सितंबर को दुबई में होगा. वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 टेस्ट होंगे एशिया कप 2025 के ठीक 2 दिन बाद टीम इंडिया टेस्ट सीरीज खेलेगी, जो वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने घर में होना है. कुल 2 मैच होंगे. पहला मुकाबला 2 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा, जबकि दूसरा मैच 10 अक्टूबर से दिल्ली के अरुण जेटली में खेला जाएगा. मतलब एक बार फिर रेड बॉल की धूम होगी, इस बार ये भारत में होगी तो रोमांचक अलग स्तर का होगा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज वेस्टइंडीज के बाद टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया टूर पर जाएगी. जहां वनडे और टी20 मैचों की सीरीज होगी. ये टूरअक्टूबर महीने में ही होगा. जिसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा भी नजर आ सकते हैं. इस टूर पर 3 वनडे और 5 टी20 मैच होंगे. टी20 विश्व कप 2026 से पहले यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उसी के घर में खेलना बढ़िया तैयारी होगी. ये टूर बेहद मुश्किल हो सकता है. भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे का पूरा कार्यक्रम देख लीजिए 19 अक्टूबर- पहला वनडे, पर्थ स्टेडियम, पर्थ 23 अक्टूबर- दूसरा वनडे, एडिलेड ओवल, एडिलेड 25 अक्टूबर- तीसरा वनडे, एससीजी, सिडनी 29 अक्टूबर- पहला T20, मनुका ओवल, कैनबरा 31 अक्टूबर- दूसरा T20, एमसीजी, मेलबर्न 2 नवंबर- तीसरा T20, बेलेरिव ओवल, होबार्ट 6 नवंबर- चौथा T20, गोल्ड कोस्ट स्टेडियम, गोल्ड कोस्ट 8 नवंबर- पांचवां T20, द गाबा, ब्रिस्बेन साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट, वनडे और टी20 में होगी जंग ऑस्ट्रेलिया का यह टूर खत्म करने के बाद टीम इंडिया अपने घर लौटेगी. यहां वो साउथ अफ्रीका से टेस्ट, वनडे और टी20 सीरीज खेलेगी. यह दौरा 14 नवंबर से शुरू होगा, जो 19 दिसंबर तक चलेगा. मतलब पूरे साल टीम इंडिया बिजी रहने वाली है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने घर में भारत 2 टेस्ट, 3 वनडे और 5 टी20 खेलेगी. साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया का पूरा शेड्यूल 2025 पहला टेस्ट- 14 से 18 नवंबर, कोलकाता दूसरा टेस्ट- 22 से 26 नवंबर, गुवाहाटी पहला वनडे- 30 नवंबर, रांची दूसरा वनडे- 3 दिसंबर, रायपुर तीसरा वनडे- 6 दिसंबर, विशाखापत्तनम पहला टी20- 9 दिसंबर, कटक दूसरा T20- 11 दिसंबर, मुल्लांपुर तीसरा T20- 14 दिसंबर, धर्मशाला चौथा T20- 17 दिसंबर, लखनऊ पांचवां T20- 19 दिसंबर, अहमदाबाद