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कर्तव्य भवन से प्रशासनिक तंत्र को मिलेगी नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई दिल्ली में कर्तव्य भवन के उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी का अभिनन्दन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत के लिए संकल्पित यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन-3 के उद्घाटन से देश के प्रशासनिक तंत्र को नई ऊर्जा मिलेगी। निश्चित ही यह कर्तव्य भवन सुशासन और जनसेवा की भावनाओं को बल प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्तव्य भवन अमृतकाल के भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह नए भारत का सशक्त कर्तव्य भवन सिद्ध होगा।  

ट्रंप की ट्रेड वॉर जारी: भारत पर टैरिफ दोगुना, अब देना होगा 50% शुल्क

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को एक बार फिर झटका दिया है। अमेरिकी सरकार ने भारत पर 25 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ की घोषणा की है। ट्रंप सरकार पिछले कुछ दिनों से भारत पर रूसी तेल खरीदने और यूक्रेन युद्ध में रूस को फंडिंग का आरोप लगा रहा है। ट्रंप ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि वो 24 घंटे के भीतर भारत पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं। ट्रंप सरकार पहले ही भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा चुकी है। पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और भारत में व्यापारिक तनाव देखने को मिल रहा है। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रशासन ने भारत पर रूसी तेल खरीदने का आरोप लगाया था। ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल ऐलान किया था कि वो 24 घंटे के भीतर भारत पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगाएंगे। बुधवार को ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ की घोषणा कर दी। इसके तहत अब भारत पर अमेरिका ने 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। भारत पर टैरिफ से घर में ही घिरे ट्रंप ट्रंप के भारत को लेकर दी जा रही टैरिफ धमकी उनके ही घर अमेरिका में बवाल कर रही है। रिपब्लिकन नेता और पूर्व गवर्नर निक्की हेली ने ट्रंप के फैसले की आलोचना की थी। हेली ने दो टूक शब्दों में ट्रंप को सलाह दी थी कि वो भारत से संबंध खराब न करे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि भारत से तनाव की स्थिति में सीधा-सीधा फायदा चीन को होगा। निक्की हेली ने कहा था कि ट्रंप को भारत और चीन को एक समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। बता दें कि ट्रंप ने पहले चीन से व्यापारिक युद्ध में 125 फीसदी तक टैरिफ बढ़ा दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों में बातचीत हुई और फिर ट्रंप सरकार ने चीन को टैरिफ पर 90 दिन की मोहलत दी। भारत दिखा चुका सख्ती ट्रंप के आरोपों और टैरिफ धमकियों पर भारत अमेरिका को सख्त जवाब दे चुका है। बीते दिनों भारतीय विदेश मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में कहा था कि अमेरिका और यूरोपीय संघ खुद रूस से व्यापार कर रहा है और वो भारत को कैसे ऐसा करने से रोक सकता है। भारत ने यह भी कहा कि 2022 में यूक्रेन युद्ध के दौरान जब भारत ने रूस से तेल व्यापार शुरू किया, तब अमेरिका ने ही उसका प्रोत्साहन किया था। भारत ने यह भी कहा कि उसके लिए देश के नागरिकों के हित और सुरक्षा सर्वोपरी हैं, सरकार अपने मूल्यों से समझौता नहीं करेगी।  

कांवड़ यात्रा को लेकर सपा पर बरसे योगी, बरेली को दी 2,264 करोड़ की विकास योजनाएं

बरेली  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि समाज की सतर्कता और प्रशासन की सक्रियता के कारण कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की साजिशें बार-बार नाकाम हुई हैं। मुख्यमंत्री ने बरेली में 2,264 करोड़ रुपये की 545 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कुछ असामाजिक तत्वों ने कांवड़ यात्रा की छवि खराब करने की कोशिश की लेकिन समाज की जागरुकता व प्रशासन की तत्परता ने ऐसी साजिशों को नाकाम कर दिया है। यह यात्रा अब एकता और भक्ति की प्रतीक है।''  ‘‘माफिया मुक्त'' हुआ यूपी – सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘2017 से पहले बरेली हर तीसरे माह सांप्रदायिक दंगों का गवाह बनता था। आज यह नाथ कॉरिडोर और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए जाना जाता है।'' उन्होंने उत्तर प्रदेश के ‘‘माफिया मुक्त'' हो जाने का दावा करते हुए कहा, ‘‘पहले हर जिले का अपना माफिया डॉन होता था। आज उत्तर प्रदेश एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज और एक जिला, एक उत्पाद के लिए जाना जाता है। हम आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करते हुए आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण कर रहे हैं।''  ‘2017 से पहले सरकारी नौकरियां राजनीतिक रिश्तेदारों के लिए खुली छूट थीं'  मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिये बगैर कहा, ‘‘2017 से पहले सरकारी नौकरियां राजनीतिक रिश्तेदारों के लिए खुली छूट थीं। चाचा-भतीजे भर्ती को अपने निजी व्यवसाय की तरह समझते थे। पिछले आठ वर्षों में साढ़े आठ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरी दी गई है।'' पुलिस बल में भर्ती का हवाला देते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘हमने 60 हजार 244 पुलिसकर्मियों की भर्ती पूरी कर ली है। इनमें से 12 हजार से अधिक महिलाएं हैं।''  भाजपा विरासत को विकास से जोड़ रही है – योगी आदित्यनाथ  उन्होंने दावा किया कि अब किसी भी योजना के क्रियान्वयन में जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह नया भारत है जो ‘सबका साथ, सबका विकास' की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘डबल इंजन वाली भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकार विरासत को विकास से जोड़ रही है।''  सीएम ने 6 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किए नियुक्तिपत्र   मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले के माध्यम से चयनित छह हजार से अधिक युवाओं को नियुक्तिपत्र भी वितरित किए और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र व टैबलेट प्रदान किये। योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘इस योजना के तहत चयनित युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त ऋण प्रदान किया जाता है। समय पर भुगतान करने पर ऋण को 7.5 लाख और फिर 10 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘डबल इंजन वाली सरकार लोगों के जीवन में समृद्धि और खुशी सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रही है।''   

CISF भर्ती को मिली हरी झंडी, 700 जवान करेंगे इस खास स्थल की निगरानी

नई दिल्ली सरकार ने कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरियट (सीसीएस) की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक बल (सीआईएसएफ) को 700 से ज्यादा कर्मियों की भर्ती की मंजूरी दे दी है। सीसीएस के पहले भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार, (06 अगस्त, 2025) को किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सभी 10 सीसीएस बिल्डिगों की सुरक्षा सीआईएसएफ की केंद्र सरकार भवन सुरक्षा (सीजीबीएस) यूनिट करेगी। ये यूनिट गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है। सीआईएसएफ विंग देश की राजधानी में सभी मौजूदा केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और उससे जुड़े विभागों की सुरक्षा करता है।   735 अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्ति को दी मंजूरी सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने हाल ही में सीजीबीएस इकाई के लिए 735 अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। ये कर्मी बिल्डिंग नंबर 1, 2 और 3 की सुरक्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे सीसीएस बिल्डिंग चालू होंगी, यूनिट को ज्यादा मानव संसाधनों की जरूरत होगी और उम्मीद है कि जल्द ही वो उपलब्ध कराए जाएंगे। कितनी हो जाएगी यूनिट की क्षमता नए मानव संसाधन के साथ सीजीबीएस यूनिट की क्षमता लगभग 5 हजार कर्मियों की हो जाएगी। सूत्रों ने ये भी बताया कि यूनिट को तालकटोरा स्टेडियम स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के विस्तार कार्यालय और चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन की सुरक्षा के लिए लगभग 200 अतिरिक्त कर्मियों की भी मंजूरी दी गई है। सीसीएस बिल्डिंग संख्या 1 और 2 का निर्माण अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि सीसीएस 10 का निर्माण अगले साल अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। सीसीएस बिल्डिंग नंबर 6 और 7 का प्रोजेक्ट अक्टूबर 2026 तक पूरा होगा। कर्तव्य भवन-03 में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय स्थित है।

संभागीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता का होगा आयोजन: श्रम मंत्री पटेल

जबलपुर में सर्वसुविधायुक्त नवीन आदर्श श्रम कल्याण केन्द्र बनेगा श्रम कल्याण मंडल के संचालक मंडल की 63वीं बोर्ड बैठक संपन्न भोपाल  श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि सभी संभागों में श्रमिक खेल-कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। खेल प्रतियोगिताएं 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर के बीच होंगी। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्वालियर संभाग में 3 दिवसीय और अन्य संभागों में एक दिवसीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। मंत्री श्री पटेल ने मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल के संचालक मण्डल की 63वीं बोर्ड बैठक के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की अपेक्षा के अनुसार प्रदेश में श्रम कानूनों में आवश्यक संसोधन किये गये हैं। इनका लाभ सभी वर्ग के श्रमिकों को मिलेगा। बैठक में राज्य सफाई आयोग के अध्यक्ष श्री प्रताप करोसिया, श्रम सचिव, श्री रघुराज रामचंद्रन, मंडल के कल्याण आयुक्त, श्री बसंत कुर्रे, ई.एस.आई.सी. के क्षेत्रीय निदेशक श्री डी.डी. सुदर्शन, कर्मचारी राज्य बीमा सेवाऐं, इंदौर के संचालक डॉ. सी.एस. जायसवाल एवं संचालक मंडल के सदस्य उपस्थित थे। बैठक का संचालन श्री आर.पी. मिश्र, सहायक कल्याण आयुक्त ने किया। 

‘मायासभा’ में कैसा होगा दिव्या दत्ता का किरदार, एक्ट्रेस ने किया खुलासा

मुंबई, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने तेलुगु सीरीज ‘मायासभा: द राइज ऑफ द टाइटन्स’ में अपने किरदार को लेकर खुलकर बात की। इसमें वह राजनीतिक नेता इरावती बोस का किरदार निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि उनका किरदार चालाकी से दूसरों को अपनी बातों में फंसाने वाला और उनका फायदा उठाने वाला है। उन्होंने बताया कि उनका किरदार इरावती ताकतवर है; साथ ही, वह अपनी कमजोरियों को भी छुपाती हैं ताकि लक्ष्य को हासिल करने में उनके रास्ते में कोई बाधा न बन सके। दिव्या दत्ता ने कहा कि इरावती के चालाक और हिसाब से काम करने वाले गुण उनके लिए सिर्फ एक कमजोरी या ताकत नहीं हैं, बल्कि ये सब मिलाकर उनके जीवन की स्थिति को समझने का एक तरीका है। उन्होंने बताया कि एक अभिनेता के रूप में, उनका काम यह है कि वे अपने किरदार को निभाते वक्त इन गुणों को अलग-अलग तरीके से दिखाएं, जैसे कभी कुछ शब्दों को थोड़ा ऊपर, कभी नीचे, या कभी थोड़ा बदलकर, ताकि वह किरदार सच्चे और प्रभावी तरीके से दर्शकों तक पहुंच सके। एक्ट्रेस ने 1994 में फिल्म ‘इश्क में जीना, इश्क में मरना’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। वह अपने किरदारों में अलग-अलग पहलुओं को एक्सप्लोर करना पसंद करती हैं। उन्होंने कहा, “जब हम किसी किरदार पर काम करते हैं, तो हम उसमें थोड़ी सी चालाकी, थोड़ी सी मस्ती, थोड़ी सी बुद्धिमानी, या कभी-कभी एक इमोशनल उतार-चढ़ाव जोड़ते हैं। यह सब मिलाकर किरदार को और भी वास्तविक और दिलचस्प बनाता है।” ‘मायासभा: द राइज ऑफ द टाइटन्स’ एक राजनीतिक ड्रामा वेब सीरीज़ है, जिसे देवा कट्टा और किरण जय कुमार ने डायरेक्ट किया है। इसमें चैतन्य राव, आधी, रवींद्र विजय, नासर, साई कुमार और चरिता वर्मा नजर आएंगे। इसके अलावा रघु बाबू, भावना वझापंडल और तान्या एस रविचंद्रन जैसे कलाकार भी सीरीज का हिस्सा हैं। यह सीरीज़ 1990 के दशक के आंध्र प्रदेश की राजनीति पर आधारित है। इसमें दो प्रमुख राजनेताओं, नारा चंद्रबाबू नायडू और वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के बीच बदलते रिश्ते को दिखाया गया है। पहले ये दोनों दोस्त थे, लेकिन धीरे-धीरे उनका रिश्ता राजनीति के कारण दुश्मनी में बदल जाता है। यह सीरीज इस यात्रा को नाटकीय तरीके से पेश करती है। ‘मायासभा: द राइज ऑफ द टाइटन्स’ 7 अगस्त से सोनी लिव पर स्ट्रीम होगी।  

टोल से अरबों की कमाई! भारत में किस राज्य का योगदान सबसे ज्यादा?

नई दिल्ली  जब भी आप अपनी गाड़ी से किसी राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेसवे पर निकलते हैं तो एक चीज का सामना जरूर करते हैं – टोल प्लाजा। यह सिर्फ एक टैक्स नहीं है बल्कि भारत सरकार की कमाई का एक बड़ा जरिया भी बन चुका है। अब सवाल ये उठता है कि देश में कुल कितने टोल प्लाजा हैं और इनसे हर दिन कितनी कमाई होती है? इस सवाल का जवाब जानकर आप चौंक सकते हैं। क्योंकि टोल टैक्स से हर दिन करोड़ों की कमाई हो रही है जो सीधे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में इस्तेमाल हो रही है। देश में कितने टोल प्लाजा हैं? सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 तक देशभर में कुल 1,087 टोल प्लाजा सक्रिय हैं। ये टोल प्लाजा भारत के विशाल 1.5 लाख किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का हिस्सा हैं। हालांकि, इन सभी सड़कों पर टोल नहीं लिया जाता। वर्तमान में करीब 45,000 किलोमीटर सड़क नेटवर्क पर टोल वसूली होती है। पिछले कुछ वर्षों में टोल प्लाजा की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। पिछले 5 सालों में ही 457 नए टोल प्लाजा बनाए गए हैं। यह बढ़ोतरी न सिर्फ नए सड़कों के निर्माण का संकेत देती है बल्कि देशभर में फास्टैग टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग का भी परिणाम है। हर दिन कितनी होती है टोल से कमाई? अगर आप सोचते हैं कि टोल प्लाजा से मामूली कमाई होती होगी तो आप गलत हैं। लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, देश के 1,087 टोल प्लाजा से हर दिन औसतन 168.24 करोड़ रुपये की कमाई होती है। यह आंकड़ा सालाना आधार पर 61,408.15 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। इस रकम का उपयोग सड़कों के रखरखाव, नए निर्माण और आधारभूत संरचना को मजबूत करने में किया जाता है। फास्टैग से बढ़ी टोल की वसूली फास्टैग सिस्टम लागू होने के बाद से टोल वसूली की प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता दोनों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। अब टोल प्लाजा पर डिजिटल पेमेंट के माध्यम से न सिर्फ समय की बचत हो रही है बल्कि टोल चोरी जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी तरीके से लगाम लगी है। इसका सीधा असर टोल संग्रह पर पड़ा है। अगर आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2019-20 में टोल वसूली जहां 27,504 करोड़ रुपये थी वहीं वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 55,882 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यानी मात्र चार वर्षों में टोल से होने वाली कमाई लगभग दोगुनी हो चुकी है। पिछले पांच वर्षों में कुल टोल वसूली का आंकड़ा 1.93 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है, जो यह दर्शाता है कि फास्टैग ने किस तरह से देश के टोल सिस्टम को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाया है।   देश के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टोल प्लाजा हर टोल प्लाजा से होने वाली कमाई समान नहीं होती। देश में कुछ ऐसे मार्ग हैं जहां से भारी संख्या में वाहन गुजरते हैं और इन मार्गों पर स्थित टोल प्लाजा सबसे अधिक कमाई करते हैं। इन रूट्स पर खासतौर से औद्योगिक ट्रैफिक, भारी वाणिज्यिक वाहन और हाई डिमांड यात्रा मार्ग होने के कारण टोल वसूली काफी अधिक होती है। सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टोल प्लाजा में गुजरात के वडोदरा-भरूच खंड पर स्थित भरथना टोल प्लाजा पहले स्थान पर है, जिसने वर्ष 2023-24 में अकेले 472.65 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके बाद राजस्थान का शाहजहांपुर टोल प्लाजा, पश्चिम बंगाल का जलाधुलागोरी टोल प्लाजा, उत्तर प्रदेश का बड़ाजोर टोल प्लाजा और हरियाणा का घरौंडा टोल प्लाजा क्रमशः दूसरे से पांचवें स्थान पर आते हैं। इन सभी टोल प्लाजा से प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये की कमाई होती है जो देश के राजमार्गों के वित्तीय योगदान को दर्शाती है। टोल टैक्स से कैसे बदल रहा है भारत का रोड नेटवर्क? टोल वसूली से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग केवल राजस्व जुटाने तक सीमित नहीं है बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य देश के सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना है। इस राशि का इस्तेमाल सड़कों के नियमित रखरखाव और मरम्मत, नई सड़कों और एक्सप्रेसवे के निर्माण, सड़क सुरक्षा में सुधार और डिजिटल टोलिंग सिस्टम को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाता है। इससे न केवल देशभर में यात्रा अधिक सहज और सुरक्षित हुई है बल्कि फास्टैग जैसी तकनीकों के कारण यात्रियों का कीमती समय भी बच रहा है, जिससे सड़क परिवहन पहले से कहीं अधिक कुशल और तेज़ बन चुका है।  

कांवड़ियों के स्वागत में उमड़ा भक्ति भाव: सीएम योगी ने की पुष्प वर्षा और पूजा अर्चना

गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हरिद्वार दिल्ली राष्ट्रीय राज मार्ग पर कांवड़ यात्रा का हवाई निरीक्षण किया और यहां बाबा दूधेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग तथा मेरठ-मुजफ्फरनगर मार्ग का हवाई निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा भी की। मुख्यमंत्री ने मेरठ रेंज के अधिकारियों से कांवड़ यात्रा के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रहे यात्रियों पर मेरठ में पुष्प वर्षा की। पुष्प वर्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ कांवड़ियों से सीधी बात भी की। कांवड़ियों ने हर हर महादेव के नारे के साथ उनका अभिवादन किया। पुष्प वर्षा के दौरान हर हर महादेव के नारे दूर तक गूंजते रहे। जूना अखाड़ा के प्रवक्ता एवं श्रीदूधेश्वरनाथ मठ के श्रीमहंत नारायण गिरि ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना करके आज से शुरु हो रहे श्रावण कावड़ मेला का शुभारंभ भी किया।सिद्धपीठ में यह मेला शिवरात्रि के जलाभिषेक तक चलेगा। 

छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति: हर घर बनेगा बिजलीघर

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। उनकी यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत विकास के बड़े लक्ष्यों को भी हासिल करेगी। साथ ही जीरो कार्बन एमिशन लक्ष्यों में योगदान सुनिश्चित होगा। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में घर-घर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर लोगों को प्रदूषण मुक्त, मुफ्त और निरंतर बिजली देने की परिकल्पना की गई है। इसके माध्यम से प्रत्येक उपभोक्ता को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाकर उनके मासिक खर्चों में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। हर नागरिक की होगी भागीदारी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्रता रखने वाले सभी नागरिक जिनके पास वैध बिजली कनेक्शन और उपयुक्त छत है, वे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि योजना के अंतर्गत एक बार सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उपभोक्ता को हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। इससे न सिर्फ बिजली बिलों का झंझट समाप्त होगा, बल्कि यदि आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो उसे ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी ली जा सकती है। मिलेगी डबल सब्सिडी  प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट तक के सौर संयंत्र लगाने पर प्रति वॉट 45 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दी जा रही है। इसमें राज्य सरकार ने भी अपनी हिस्सेदारी जोड़ दी है, जिससे उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का सीधा लाभ मिलेगा। स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण छत्तीसगढ़ सरकार जीरो कार्बन एमिशन नीति को साकार रूप देने के लिए स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता दे रही है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 15 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर सरकार ने वर्ष 2047 तक 45 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। यह नीति न केवल वर्तमान, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हरित और सतत भविष्य सुनिश्चित करेगी। बढ़ेंगे रोजगार के अवसर छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेगें। इससे सोलर पैनल के निर्माण, स्थापना, रखरखाव आदि जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर बढ़ेगें। वहीं राज्य की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। योजना के फायदे- केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से डबल सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलेगा। एक बार सौर पैनल की स्थापना के बाद 20-25 वर्षों तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी। लोगों को निरंतर विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। बार-बार बिजली गुल होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा बिजली बेचने से अतिरिक्त आमदनी होगी। साथ ही स्वच्छ, हरित और पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।

ममता बनर्जी का तीखा संदेश: बंगाली भाषा के लिए लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को झारग्राम में एक विशाल विरोध रैली का नेतृत्व किया और राज्य के बाहर बांग्ला भाषी प्रवासियों पर कथित हमलों की निंदा की। बांग्ला भाषा और पहचान को ‘कभी दबाया नहीं जा सकता’ के संदेश के साथ निकाली गई रैली का नेतृत्व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो बनर्जी ने किया। उन्होंने कहा कि भले ही आप मुझे गिरफ्तार करने या मुझे गोली मारने आएं, मैं बंगाली भाषा के अपमान के खिलाफ विरोध करती रहूंगी। उन्होंने कहा कि अगर आप बांग्ला भाषा और बंगाल के लोगों पर हमला करेंगे, तो मैं भाजपा को दुनिया के सामने बेनकाब कर दूंगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झारग्राम रैली में दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को पिछले दरवाजे से लाने के लिए की जा रही है। असम सरकार को पश्चिम बंगाल के लोगों को एनआरसी नोटिस भेजने का क्या अधिकार है। भाजपा नेता लोगों से उनकी पहचान साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र मांग रहे हैं, लेकिन क्या उनके पास खुद के दस्तावेज हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर एक भी मतदाता को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। ममता बनर्जी ने आदिवासी बहुल क्षेत्र में लगभग तीन किलोमीटर की पदयात्रा की, जिसमें तृणमूल नेता, सांस्कृतिक हस्तियां और नागरिक शामिल हुए। उनके हाथों में तख्तियां थी जिनपर बंगाल का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बंगाल, मेरी मां, जैसे नारे लिखे थे। यह विरोध प्रदर्शन देश के विभिन्न हिस्सों में बांग्ला भाषी प्रवासियों के कथित उत्पीड़न के मद्देनजर आयोजित किया गया। वहीं, ममता बनर्जी ने मतदाता सूची तैयार करने में कथित चूक को लेकर राज्य सरकार के चार अधिकारियों और एक डेटा एंट्री ऑपरेटर को निलंबित करने पर बुधवार को चुनाव आयोग (ईसी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस कदम की वैधता पर सवाल उठाया और चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, "अधिकारियों को कल निलंबन नोटिस दिया गया था। क्या अभी तक चुनावों की घोषणा भी हुई है? कौन सा कानून उन्हें इस समय निलंबित करने की अनुमति देता है? आप सभी की सुरक्षा करना हमारी ज़िम्मेदारी है। हम ऐसा करेंगे। हम उन्हें निलंबित नहीं करेंगे।" तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने चुनाव आयोग पर सरकारी अधिकारियों को धमकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि उनका प्रशासन अपने कर्मचारियों के साथ खड़ा रहेगा।