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EC की SIR ड्राफ्ट लिस्ट पर बवाल: 65 लाख लोगों को क्यों हटाया? SC ने मांगा जवाब

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को निर्वाचन आयोग से बिहार में मतदाता सूची मसौदा से बाहर किए गए लगभग 65 लाख मतदाताओं का विवरण नौ अगस्त यानी शनिवार तक प्रस्तुत करने को कहा है। जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने निर्वाचन आयोग के वकील से कहा कि वे हटाए गए 65 लाख मतदाताओं का विवरण प्रस्तुत करें और इसकी एक प्रति गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (ADR) को भी दें। यह विवरण पहले ही राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जा चुका है। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का निर्देश देने वाले निर्वाचन आयोग के 24 जून के आदेश को चुनौती देने वाले एनजीओ ने एक नया आवेदन दायर कर निर्वाचन आयोग को लगभग 65 लाख हटाए गए मतदाताओं के नाम प्रकाशित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। याचिका में ADR ने कहा था कि जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके विवरण में यह भी उल्लेख हो कि वे (मतदाता) मृत हैं, स्थायी रूप से पलायन कर गए हैं या किसी अन्य कारण से उनके नाम पर विचार नहीं किया गया है। प्रशांत भूषण से क्या बोला कोर्ट? हालांकि, पीठ ने ADR की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण से कहा कि नाम हटाने का कारण बाद में बताया जाएगा क्योंकि अभी यह केवल एक मसौदा सूची है। इस पर भूषण ने दलील दी कि कुछ राजनीतिक दलों को हटाए गए मतदाताओं की सूची दी गई है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उक्त मतदाता मर चुका है या पलायन कर गया है। प्रभावित हर मतदाता से संपर्क करेंगे: SC पीठ ने निर्वाचन आयोग के वकील से कहा, ‘‘हम प्रभावित होने वाले हर मतदाता से संपर्क करेंगे और आवश्यक जानकारी प्राप्त करेंगे। आप (निर्वाचन आयोग) शनिवार तक जवाब दाखिल करें और मिस्टर भूषण को इसे देखने दें, फिर हम देखेंगे कि क्या खुलासा होता है और क्या नहीं।’’ भूषण ने आरोप लगाया कि गणना फॉर्म भरने वाले 75 प्रतिशत मतदाताओं ने 11 दस्तावेजों की सूची में उल्लिखित कोई भी सहायक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं दिए हैं और उनके नाम निर्वाचन आयोग के बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) की सिफारिश पर शामिल किए गए थे। पीठ ने कहा कि वह 12 अगस्त को निर्वाचन आयोग के 24 जून के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू कर रही है और एनजीओ उस दिन ये दावे कर सकता है। निर्वाचन आयोग को कानून के अनुसार कार्य करने वाला एक संवैधानिक प्राधिकारी बताते हुए शीर्ष अदालत ने 29 जुलाई को कहा था कि अगर बिहार में मतदाता सूची की एसआईआर में ‘‘बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए’’ हैं, तो वह तुरंत हस्तक्षेप करेगी। पीठ ने बिहार में निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर विचार करने के लिए समयसीमा तय की थी और कहा था कि इस मुद्दे पर सुनवाई 12 और 13 अगस्त को होगी।  

दो दिल, एक कहानी और एक सौतन! मोहब्बत में आई दरार की दर्दनाक दास्तां

नई दिल्ली  दिल्ली के मधु विहार इलाके से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 19 साल के युवक ने अपने ट्रांसजेंडर पार्टनर की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के पीछे पैसों का लेनदेन और धोखे का शक बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आरोपी युवक और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। प्यार के रिश्ते में आया पैसों का विवाद यह घटना रेहान और करण नाम के दो युवकों के बीच की है। रेहान (19) और करण (ट्रांसजेंडर) बीते चार महीनों से मधु विहार इलाके में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। उनका रिश्ता एक आम दोस्ती से बढ़कर था लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनके रिश्ते में पैसों को लेकर तकरार शुरू हो गई थी। रेहान बार-बार करण से पैसे ऐंठने लगा था जिससे करण ने उससे दूरी बनाना शुरू कर दी। रेहान को यह दूरी बर्दाश्त नहीं हुई और उसे लगा कि करण उसे धोखा दे रहा है।   झाड़ियों में मिला शव धोखे के शक में रेहान ने अपने 20 साल के दोस्त मोहम्मद सर्वर के साथ मिलकर करण की हत्या की साजिश रची। 3-4 अगस्त की रात रेहान और सर्वर बहाने से करण को टेल्को टी-पॉइंट पर ले गए। वहां दोनों ने मिलकर करण पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए। पुलिस को किसी राहगीर ने सूचना दी कि झाड़ियों में एक युवक का शव पड़ा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।   पुलिस ने 12 घंटे में सुलझाया मामला क्राइम ब्रांच ने कुछ ही घंटों में इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने ट्रांसयमुना से लेकर गाजियाबाद तक कई जगहों पर छापेमारी की लेकिन आरोपी फरार थे। आखिरकार पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों पूर्वी दिल्ली इलाके में आने वाले हैं। क्राइम ब्रांच की टीम ने बीती रात 12:45 बजे शकरपुर फ्लाईओवर के पास से दोनों आरोपियों रेहान और मोहम्मद सर्वर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।   

संसद में बिहार की मतदाता सूची पर नहीं हो रही चर्चा, विपक्ष नाराज़: खरगे का बयान

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को कहा कि विपक्षी पार्टियां बिहार में चल रही 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) यानी मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा पर संसद में चर्चा की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। खरगे ने चेतावनी दी कि अगर सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से इनकार करती है, तो इसे ऐसा माना जाएगा कि वह लोकतंत्र और संविधान को नहीं मानती। उन्होंने कहा, 'एसआईआर पर चर्चा बेहद जरूरी है ताकि हर भारतीय नागरिक के मतदान के अधिकारों की रक्षा की जा सके।' क्या है एसआईआर? विशेष गहन पुनरीक्षण एक प्रक्रिया है जिसमें चुनाव आयोग मतदाता सूची को दोबारा जांचेगा, ताकि उसमें किसी भी तरह की गलती, दोहराव या अपात्र नामों को हटाया जा सके और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जा सके। विपक्ष की क्या है चिंता? विपक्षी दलों का कहना है कि बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है, और इससे कई लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं, जिससे उनके वोट देने का अधिकार छिन सकता है। इसी वजह से वे इस पर संसद में खुली बहस चाहते हैं। खरगे ने यह भी कहा कि, 'अगर सरकार वाकई में लोकतांत्रिक मूल्यों को मानती है, तो उसे एसआईआर पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए।' सरकार की चुप्पी पर खरगे का सवाल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अनुसार, केंद्र सरकार एसआईआर पर चर्चा से बच रही है, जिससे शक पैदा होता है कि वह जानबूझकर इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है।

हथियार लाइसेंस के जरिए बढ़ेगी सुरक्षा, असमिया मूल के नागरिकों को मिलेगा लाभ

गुवाहाटी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपनी मुखर राय और सख्त फैसलों के लिए चर्चित रहे हैं। अब उन्होंने ऐसा ही एक फैसला और लिया है, जिसकी देश भर में चर्चा हो रही है। इसके तहत असम के मूल निवासियों को शस्त्र लाइसेंस प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मूल असमिया लोगों को सुरक्षा के लिए प्रैक्टिकल तरीके अपनाने होंगे। असम सरकार ‘संवेदनशील क्षेत्रों’ में रहने वाले मूलनिवासी लोगों को शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने की सुविधा देने के उद्देश्य से एक पोर्टल लॉन्च करने वाली है। यह जानकारी मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई स्तरों पर जांच और सत्यापन के बाद ही लाइसेंस दिया जाएगा। सरमा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘एक समर्पित पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से ऐसे मूलनिवासी लोग शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे, जो अपने जीवन को खतरा महसूस करते हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में रहते हैं।’ मुख्यमंत्री के अनुसार ऐसे व्यक्ति जो असम के ‘मूल निवासी या भारतीय नागरिक’ हैं और जो अपने निवास क्षेत्र की संवेदनशीलता के कारण ‘अपने जीवन और सुरक्षा को लेकर वास्तविक खतरा महसूस करते हैं’, वे आवेदन के पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा ऐसे लोग जो जिला प्रशासन द्वारा अधिसूचित या अधिकृत सुरक्षा एजेंसियों के आंकलन के अनुसार ‘अत्यधिक संवेदनशील या दूरदराज क्षेत्रों’ में निवास करते हैं, वे भी शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में सुरक्षा संबंधी गहन आकलन, सत्यापन, वैधानिक अनुपालन, गैर-हस्तांतरणीय शर्तें, समय-समय पर समीक्षा, निगरानी और रिपोर्टिंग आदि शामिल होंगे। राज्य मंत्रिमंडल ने 28 मई को निर्णय लिया था कि ‘संवेदनशील और दूरदराज’ क्षेत्रों में रहने वाले मूलनिवासी लोगों को शस्त्र लाइसेंस प्रदान किए जाएंगे ताकि उनमें सुरक्षा की भावना उत्पन्न की जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया था कि कुछ ऐसे संवेदनशील क्षेत्र धुबरी, मोरीगांव, बारपेटा, नागांव, दक्षिण सालमारा-मनकाचर, रुपाही, धिंग और जानिया हैं। इन क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी अपेक्षाकृत अधिक है। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया था कि असम आंदोलन (1979 से 1985) के समय से ही इन क्षेत्रों में रहने वाले मूलनिवासी लोग अपनी सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा था ‘असमिया लोग अब केवल आंदोलन से नहीं, बल्कि व्यावहारिक कदम उठाकर ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।’  

पूर्व उपमुख्यमंत्री के घर चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सरगुजा छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता टीएस सिंहदेव के घर को चोरों ने निशाना बनाया है. चोरों ने आंगन में लगी पीतल से बनी हाथी की मूर्ती पर हाथ साफ कर के फरार हो गए हैं. कोतवाली पुलिस ने शिकायत के बाद मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंघदेव के कोठीघर कैंपस में मंगलवार रात को चोरो ने धावा बोल दिया. चोरों ने बरामदे में लगी 15 किलो वजनी पीतल से बनी हाथी की मूर्ति को चोरी कर लिया और फरार हो गए. घटना के बाद थाने में इसकी शिकायत की गई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.   घटना का CCTV फुटेज पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के घर चोरी की घटना का एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज लल्लूराम डॉट कॉम के पास आया है. इस फुटेज में चोर उनके बंगले में प्रवेश करते नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि घटना के दौरान केवल सुरक्षाकर्मी और नौकर मौजूद थे. घर के रिनोवेशन के दौरान ऐसी दो मूर्तियां बरामदे में लगाई गई थी, जिसमें से एक पर चोरों ने हाथ साफ किया है.

ऑपरेशन सिंदूर से झटका खाने के बाद मसूद अजहर की नई चाल, जैश को दोबारा खड़ा करने की मुहिम

नई दिल्ली कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सैन्य बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर के कुल 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर उसे जमींदोज कर दिया था। इसमें कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर स्थित हेडक्वार्टर भी शामिल था। अब खबर है कि इस आतंकी संगठन का मुखिया मसूद अजहर ने उसे हेडक्वार्टर को फिर से खड़ा करने की मुहिम छेड़ी है और इसके लिए ऑनलाइन चंदा जुटा रहा है। एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जमात की ओर से पोस्ट कर यह दावा किया गया है कि पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित सुभान अल्लाह मस्जिद का फिर से पुनर्निर्माण किया जा रहा है। सुभान अल्लाह मस्जिद की जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर था। पोस्ट में कहा गया कि इसके लिए सब एक होकर काम करें, पैसे जमा करें। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि किसने कितना चंदा दिया, इसका किसी को भी पता नहीं चलना चाहिए। शहीद मस्जिदें फिर से मुस्कुराएंगी, मसूद का दावा मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जैश सरगना मसूद अजहर ने इस पोस्ट में कहा कि इस कैंपेन से जमीन के कई हिस्से जन्नत बन जाएंगे, शहीद मस्जिदें फिर से मुस्कुराएंगी और रौनक लौट आएगी। पोस्ट में ये भी कहा गया है कि जो दीवाने ‘जेहाद' की राह में तरस रहे हैं, उनके लिए भी अब नए रास्ते खुलेंगे। मसूद अजहर का भीख मांगने का यह कैम्पेन आज से ही शुरू हुआ है। 15 एकड़ क्षेत्र में फैला है आतंक का मरकज बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों द्वारा 26 पर्यटकों की धर्म पूछकर की गई हत्या के बाद भारतीय सेना ने 6 और 7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। 22 मिनट के इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के ठिकाने बर्बाद कर दिए थे। इसमें सबसे अहम सुभान अल्लाह मस्जिद था। पाकिस्तान पंजाब प्रांत के बहाबलपुर में स्थित यह मस्जिद जैश-ए-मोहम्मद का सबसे महत्वपूर्ण आतंकी केंद्र था, जो 15 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह पुलवामा हमले जैसे आतंकी हमलों की योजना और प्रशिक्षण का गढ़ रहा है।  

बीजापुर के जंगलों में एनकाउंटर, सुरक्षाबलों ने इलाके को लिया घेरे में

बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में आज सुबह से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक नक्सली को मार गिराया है। मौके से एक नक्सली का शव और हथियार भी बरामद किये जाने की खबर है। सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ गंगालुर क्षेत्र के जंगलों में हो रही है और अभी भी रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। घटना की पुष्टि फिलहाल अधिकारिक तौर पर नहीं की गई है। खबर लिखे जाने तक मुठभेड़ के संबंध में पूरी जानकारी नहीं आ सकी थी।

स्वामी प्रसाद मौर्य को थप्पड़ मारने की हिमाकत, रायबरेली में दो युवक भीड़ के गुस्से का शिकार

रायबरेली यूपी के रायबरेली में आज अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य का स्वागत करने के बहाने आए दो युवकों ने उन पर थप्पड़ जड़ दिए। इससे नाराज कार्यकर्ताओें ने आरोपी युवकों को दौड़ा कर पीटा। पुलिस को मामला शांत कराने में पसीने छूट गए। काफी देर तक मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य बुधवार को फतेहपुर जा रहे थे। इस दौरान वह रायबरेली में रुके। शहर के सारस चौराहे पर कार्यकर्ता उनका स्वागत कर रहे थे। इसी दौरान दो युवकों ने मौर्य के थप्पड़ जड़ दिए। इससे नाराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोपी युवकों को दौड़ा दौड़ा कर पीट दिया। इस दौरान पुलिस को मामला शांत कराने में छूटे पसीने। काफी देर तक मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस आरोपी युवकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।  

पूर्व क्रिकेटर बोले- सिराज की गेंदबाज़ी में कपिल देव जैसी धार, टीम इंडिया काबिल-ए-तारीफ

नई दिल्ली पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की जमकर तारीफ की है। ओवल टेस्ट में हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज के मैच जिताऊ प्रदर्शन से गदगद योगराज सिंह ने उनकी तुलना महान कपिल देव से की है। उन्होंने शुभमन गिल की कप्तानी की भी दिल से तारीफ की है। योगराज ने कहा कि गिल को देखकर लगा जैसे कोई अनुभवी कप्तान मोर्चा संभाल रहा हो जबकि यह उनकी बतौर कप्तान पहली ही सीरीज थी। मोहम्मद सिराज ने ओवल टेस्ट की पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 5 विकेट हासिल किए थे। मैच के आखिरी दिन इंग्लैंड को जीत के लिए 35 रन की जरूरत थी। भारत ने 374 रन का लक्ष्य दिया था। आखिरी दिन सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने इंग्लैंड के जबड़े से जीत छीनकर सीरीज को 2-2 से बराबरी पर खत्म किया। प्रसिद्ध ने पहली और दूसरी दोनों ही पारियों में 4-4 विकेट हासिल किए थे। योगराज सिंह ने कहा, ‘हमारे खिलाड़ियों ने जिस तरह का खेल दिखाया उसे देखना अद्भुत था। मोहम्मद सिराज ने जिस तरह की गेंदबाजी की, उसने मुझे कपिल देव की याद दिलाई। शुभमन गिल की कप्तानी परिपक्व दिखी। ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगा कि वह पहली बार कप्तानी कर रहे थे।’ शुभमन गिल की कप्तानी में 1-2 से पिछड़ने के बावजूद भारतीय टीम ने चौथे टेस्ट को ड्रॉ कराया और आखिरी टेस्ट में 6 रन से रोमांचक जीत दर्ज की। लीड्स में खेले पहले टेस्ट में भारतीय टीम को हार मिली थी। एजबेस्टन में खेले दूसरे टेस्ट में टीम ने वापसी करते हुए इंग्लैंड को 336 रन के विशाल अंतर से हराया। हालांकि, लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में भारत को 22 रन से हार का सामना करना पड़ा था। मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ रहा था। ओवल में खेले गए पांचवें और आखिरी टेस्ट में भारत ने 6 रन से जीत दर्ज की।  

पिता की जान बचाने पहुंचे पुलिसकर्मी को बेटों ने पीट-पीटकर मार डाला

तमिलनाडु दो बेटों और उनके पिता के बीच जारी हिंसक घरेलू विवाद को शांत कराने के चक्कर में तमिलनाडु में एक पुलिसकर्मी को अपनी ही जान गंवानी पड़ गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। फिलहाल, पुलिस तीन आरोपियों की तलाश कर रही है। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। घटना तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले के उडुमलपेल के पास सोमवार रात की है। यहां कथित तौर पर शराब के नशे में दो युवकों और उनके पिता के बीच झगड़ा हो रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस सूत्रों और चश्मदीदों ने बताया कि रात में गश्त कर रहे एसएसआई शानमुगावेल इस मारपीट की जानकारी मिलने के बाद तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना कुडिमंगलम की एक निजी संपत्ति में हुई है, जिसके मालिक स्थानीय AIADMK विधायक हैं। यहां काम करने वाले मूर्ति और उसके बेटे थंगापांडियन और मणिकंदन के बीच झगड़ा हो रहा था। खबर है कि इस दौरान दोनों बेटे अपने पिता के साथ मारपीट कर रहे थे। तब पुलिसकर्मी ने झगड़ा शांत कराने की कोशिश की और घायल पिता को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की। इस दौरान छिपे हुए मणिकंदन ने थंगापांडियन के साथ बातचीत करते हुए कथित तौर पर एसएसआई पर हमला कर दिया। इसके बाद खबर है कि पिता और दूसरा बेटा भी मारपीट में शआमिल हो गए। इस दौरान तीनों पुलिसकर्मी के पीछे दौड़ पड़े और पीट-पीट कर मार डाला। अचानक हुए इस हमले में पुलिसकर्मी का ड्राइवर बचकर निकलने में सफल रहा। फिलहाल, तीनों आरोपी फरार हैं और पुलिस तलाश कर रही है। सीएम स्टालिन ने घटना पर शोक जताया है। फिलहाल, इस पर राज्य के प्रमुख विपक्षी दल AIADMK की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। खास बात है कि यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब राज्य में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। भारतीय जनता पार्टी नेता नारायण तिरुपति ने इस हमले पर हैरानी जताई। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को निजी दुश्मनी कहकर खत्म नहीं किया जा सकता।