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लाल किले की सुरक्षा में सेंध: स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी लापरवाही, 5 विदेशी पकड़े गए, 7 पुलिसकर्मी निलंबित

नई दिल्ली  दिल्ली स्थित लाल किले में घुसने का प्रयास कर रहे 5 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया है। इन्होने यह प्रयास सोमवार (4 अगस्त 2025) को किया। ये सभी 20 से 25 साल के हैं और फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के ज़रिए दिल्ली में मजदूरी कर रहे थे। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को जब शक हुआ तो इन सभी को हिरासत में लिया गया जिसके बाद पूछताछ में इसका खुलासा हुआ। पुलिस कर रही है पूछताछ पुलिस पूछताछ में पता चला कि ये पांचों बांग्लादेश के रहने वाले हैं और अवैध प्रवासी हैं. पुलिस के मुताबिक सभी की उम्र 20 से 25 के करीब है जो दिल्ली में लेबर का काम करते हैं. पुलिस ने उनके पास से बांग्लादेश के कुछ डॉक्यूमेंट बरामद किए हैं. फिलहाल इनसे पूछताछ की जा रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह लाल किला परिसर में क्यों घुस रहे थे और इनका क्या मकसद था. 15 अगस्त को लेकर लाल किला परिसर में सिक्योरिटी काफी टाइट है. इसे लेकर कई तरह की ड्रिल भी हो रही हैं. 15 अगस्त के दिन लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं. यही वजह है कि अगस्त का महीना शुरू होते ही यहां कई लेयर सिक्योरिटी होती है. इस सुरक्षा में अगर चूक होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाता है. यही वजह है कि अब लाल किले में घुसने की कोशिश कर रहे इन युवकों को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया. डमी बम नहीं पकड़ पाए पुलिसकर्मी, सभी सस्पेंड बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ के इस मामले के साथ ही लाल किले की सुरक्षा में चूक का एक बड़ा मामला सामने आया है. जिसमें कई पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है. इन सभी को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के मामले में सस्पेंड किया गया है. दरअसल लाल किले में 15 अगस्त को लेकर रोजाना अलग-अलग सिक्योरिटी ड्रिल होती हैं, जिसमें ये देखा जाता है कि सुरक्षा व्यवस्था कितनी पुख्ता है. इसी दौरान जब स्पेशल सेल की टीम ने सिविल ड्रेस में पहुंचकर अपने बैग में एक डमी बम रखा और अंदर घुसने की कोशिश की तो वो इसमें सफल रहे. ये लाल किले की सुरक्षा में एक बड़ी चूक थी, इसीलिए इसके लिए जिम्मेदार 7 पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया.

फडणवीस का बयान: नंदनी मठ के साथ हैं, हथिनी विवाद में सरकार उठाएगी कानूनी कदम

मुंबई  महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में नंदनी मठ को माधुरी उर्फ महादेवी हाथी को वापस लाने के लिए राज्य सरकार का साथ मिला है। राज्य सरकार इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस मामले में सरकार, मठ के साथ है और उसे वापस लाने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में मठ के साथ है और सरकार भी अलग से पुनर्विचार याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्थिति रखेगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय के कैबिनेट हॉल में माधुरी हथिनी के मुद्दे पर बैठक हुई। इस दौरान उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, वन मंत्री गणेश नाइक, उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, जनस्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर, नंदनी मठ के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नंदनी मठ की परंपराओं और स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर कानूनी प्रक्रिया के जरिए माधुरी हथिनी को वापस लाने की कोशिश की जाएगी। पिछले 34 साल से माधुरी मठ में है और जनता चाहती है कि वह वापस आए। इसके लिए राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करेगी और मठ को भी अपनी याचिका में सरकार को शामिल करना चाहिए। वन विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत पक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें उच्च-स्तरीय समिति और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के सुझावों को लागू किया जाएगा। हथिनी की देखभाल के लिए डॉक्टरों सहित एक टीम बनाई जाएगी और जरूरी सहायता दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू सेंटर जैसी व्यवस्था भी की जाएगी। सरकार इस याचिका में एक स्वतंत्र समिति गठित करने का अनुरोध भी करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस मामले में नागरिकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। वहीं, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि वन विभाग को महाराष्ट्र से बाहर ले जाए गए सभी हाथियों की जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए। इस अवसर पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार को नागरिकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए माधुरी हथिनी को वापस लाने की पहल करनी चाहिए।

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की यूनिट नंबर 10 ने लगातार 150 दिन तक किया विद्युत उत्पादन

भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी (STPS) की 250 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 10 ने अभियंताओं व तकनीकी कर्मियों के असाधारण समर्पण व कड़ी मेहनत की बदौलत 150 दिन तक सतत् और निर्बाध विद्युत उत्पादन करने में सफलता हासिल की है। यह यूनिट इस वर्ष 5 मार्च से अभी तक लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। पिछले डेढ़ सौ दिनों में पावर जनरेटिंग कंपनी के अभियंताओं व तकनीकी कर्मियों ने टीम भावना और पेशेवर ढंग से कार्य करते हुए यूनिट नंबर 10 को श्रेष्ठतम शिखर तक पहुंचाया। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सारनी की यूनिट नंबर 10 के अभियंताओं व तकनीकी कर्मियों को इस गौरवशाली उपलब्ध‍ि पर बधाई दी। पिछले 12 वर्षों में यूनिट नंबर 10 ने रचे नए कीर्तिमान सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की 250 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 10 की कमीशनिंग 18 अगस्त 2013 को हुई थी। पिछले बारह वर्षों में इस यूनिट ने विद्युत उत्पादन और ऑपरेशन के नए कीर्तिमान रचे। यूनिट नंबर 10 ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 305 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया था, जिसे गत दिवस अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 ने पिछले दिनों तोड़ा। वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस यूनिट ने क्रमश: 170 व 235 दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान बनाया था। यूनिट ने अर्जित किया 98.35% पीएएफ सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की यूनिट नंबर 10 ने जब 150 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन करने में सफलता हासिल की तब यूनिट का प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ) 98.35 फीसदी, प्लांट लोड फेक्टर 84.71 फीसदी व ऑक्जलरी कंजम्पशन 8.86 प्रतिशत रहा।  

भारत-अमेरिका ट्रेड तनाव पर रूस की प्रतिक्रिया: हर देश को है स्वतंत्रता अपने साझेदार चुनने की

नई दिल्ली  भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बढ़ाने की धमकी का मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे तर्कहीन और अनुचित करार दिया। भारत के इस स्टैंड की रूसी मीडिया ने जमकर तारीफ की है। भारत पर अमेरिकी टैरिफ को पाखंडपूर्ण नीति का तमगा दिया गया है, तो क्रेमलिन ने भी भारत का सपोर्ट किया है। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को इस पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी संप्रभु देश को अपने व्यापारिक साझेदार चुनने का अधिकार है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के वक्तव्य को धमकी भी बताया। बोले, हम कई ऐसे बयान सुनते हैं जो दरअसल धमकियां हैं, देशों को रूस के साथ व्यापारिक संबंध तोड़ने के लिए मजबूर करने की कोशिशें हैं। हम ऐसे बयानों को लीगल नहीं मानते।" तो वहीं रूसी मीडिया ने रणधीर जायसवाल की कही को प्रमुखता से छापा। रशिया टुडे ने शीर्षक दिया- रूस के तेल व्यापार पाखंड पर भारत का पश्चिमी देशों पर पलटवार। इस पूरे आर्टिकल में ट्रंप को भारत की ओर से दिए गए जवाब का जिक्र है। लिखा है- भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के दोहरे रवैये की पोल खोली और आंकड़ों के माध्यम से बताया कि यूरोपियन यूनियन और अमेरिका मास्को के साथ व्यापार करते हैं और दूसरे देशों पर अन्यायपूर्ण प्रतिबंध लगा रहे हैं। फिर उन 6 प्वाइंट्स का जिक्र है जिसके आधार पर भारत के स्टैंड को रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया है। बता दें कि सोमवार को भारत ने ट्रंप को आईना दिखाने का काम किया। उनकी धमकी को अनुचित और तर्कहीन करार देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'अमेरिका अब भी रूस से अपने परमाणु उद्योग के लिए यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड, इलेक्ट्रिक वाहन इंडस्ट्री के लिए पैलेडियम, उर्वरक और रसायन आयात करता है।' उन्होंने कहा कि किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तरह, भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा। इसके लिए हमें निशाना बनाया जाना अनुचित और अविवेकपूर्ण है। प्रवक्ता ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा, "यूरोपीय संघ ने 2024 में रूस के साथ 67.5 अरब यूरो का माल और 2023 में 17.2 अरब यूरो का सेवा व्यापार किया था। यह मास्को के साथ भारत के कुल व्यापार से कहीं ज्यादा है। पिछले साल यूरोपीय देशों ने रूसी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का आयात भी रिकॉर्ड 16.5 मिलियन टन तक पहुंचा, जिसमें ऊर्जा के अलावा उर्वरक, रसायन, इस्पात और मशीनरी तक का व्यापार शामिल था।" भारत ने यह भी कहा कि अमेरिका रूस से प्रमुख वस्तुओं का आयात जारी रखे हुए है, जिनमें परमाणु संयंत्रों के लिए यूरेनियम, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पैलेडियम, और विभिन्न रसायन एवं उर्वरक शामिल हैं। इससे पहले , अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को चेतावनी देने के अंदाज में कहा था कि वह भारत पर टैरिफ बढ़ाएंगे। उन्होंने धमकी दी थी कि अगर मास्को यूक्रेन के साथ एक बड़े शांति समझौते पर सहमत नहीं होता, तो रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा दिए जाएंगे।

पीडीए पाठशाला पर कार्रवाई नहीं संभव : अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा

लखनऊ  समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भी पढ़ाई को लेकर किसी पर एफआईआर नहीं कराई, लेकिन यह सरकार सोचती है कि पुलिस से पीडीए पाठशाला बंद हो जाएगी। हालांकि ऐसा नहीं होगा। सपा मुखिया अखिलेश यादव मंगलवार को राजधानी में जनेश्वर मिश्रा की जयंती पर प्रेस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्कूलों के विलय पर एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीडीए पाठशाला को पुलिस नहीं रोक सकती है। समाजवादी संकल्प लेते हैं कि जब तक सरकार स्कूलों में शिक्षक और प्रिंसिपल नहीं पहुंचाती, पीडीए पाठशाला और ट्यूशन चलती रहेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को पाठशालाओं की स्थिति देखने की सलाह दी और याद दिलाया कि उनकी सरकार ने अभिनव-संस्कृति स्कूल खोला था। सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि उसने कई स्कूल बंद कर दिए हैं। कुछ का विलय भी किया है। जब तक उन स्कूलों में नए शिक्षकों की भर्ती नहीं हो जाती, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता तब तक छात्रों को पढ़ाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बलिया से निकला पत्र इनकी सोच को बताता है। यह सरकार बुनियादी सवाल न पूछे जाने के लिए ऐसा करती है। अखिलेश ने प्रयागराज बाढ़ से पीड़ित लोगों का भी जिक्र किया और सरकार से राहत की मांग की। उन्होंने तालाबों पर भाजपा के कब्जे का आरोप लगाया है। अयोध्या, बनारस, लखनऊ की जमीनों की रजिस्ट्री भी संदिग्ध तरीके से कराई गई है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा बताए कि भारत का क्षेत्रफल पहले कितना था और अब कितना है। जिस दिन यह जवाब देंगे, हम भी तिरंगा लेकर निकलेंगे। उन्होंने बेरोजगारी और महंगाई समाजवादी सिद्धांतों से ही कम हो सकती है। वस्त्र बदलने से कुछ नहीं बदलता, न ही कोई लाभ मिलता है। अखिलेश ने चुनाव आयोग पर बेईमानी का आरोप लगाया और कहा, “कैमरे में कैद है कि पुलिस चुनाव में वोट डलवाने में लगी थी, लेकिन आयोग ने कार्रवाई नहीं की। उसे भुला नहीं गया है।" उन्होंने गोसाईगंज नगरपालिका चुनाव में नकली आधार और वोटर आईडी बनाने की मशीन लगाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास नकली आधार आईडी बनाने की मशीन है। 

शेख हसीना का संदेश: देशवासियों के नाम खुले खत में बताया संघर्ष का सफर

ढाका  बांग्लादेश में मंगलवार को लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित अवामी लीग सरकार के पतन के एक वर्ष पूरे होने पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वर्तमान अंतरिम सरकार की आलोचना की। उन्होंने अन्याय और दमन के खिलाफ खड़े होने के देशवासियों की सराहना की। देश की जनता के नाम एक खुले पत्र में, शेख हसीना ने लिखा, "आज से एक साल पहले, हमारे देश ने हमारे कठिन संघर्षों से हासिल लोकतंत्र में हिंसक व्यवधान देखा, जब एक गैर-निर्वाचित शासन ने असंवैधानिक तरीकों से सत्ता हथिया ली। यह हमारे इतिहास का एक काला क्षण था। यह जनता की इच्छा का अपमान और नागरिकों और राज्य के साथ विश्वासघात था।" मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए, हसीना ने लिखा, "भले ही उन्होंने सत्ता हथिया ली हो, लेकिन वे हमारी भावना, हमारे संकल्प या हमारे भाग्य को कभी नहीं छीन पाएंगे। मैं आपको इसका आश्वासन दे सकती हूं।" उन्होंने बांग्लादेश के लोगों के असाधारण साहस की प्रशंसा की, जिन्होंने 'अन्याय और दमन' के सामने चुप रहने से इनकार कर दिया है। पत्र में उन्होंने लिखा, "आपने लोकतंत्र, स्वतंत्रता और उस भविष्य के लिए आवाज उठाई, जिसके हम सभी हकदार हैं। मैं आपके साहस और देश के प्रति आपके प्रेम से निरंतर प्रेरित हूं। हालांकि, इस बीते वर्ष ने हमारी परीक्षा ली है, लेकिन इसने हमारे लोगों और लोकतंत्र के मूल्यों के बीच के अटूट बंधन को भी उजागर किया है। हमने कठिनाइयां झेली हैं, लेकिन उन कठिनाइयों में भी हमने एकता और उद्देश्य पाया है।" हसीना ने लिखा, "सत्ता जनता की होती है, कोई भी शासन किसी राष्ट्र की इच्छाशक्ति को हमेशा के लिए दबा नहीं सकता, और न्यायोचित उद्देश्यों के लिए उनका संघर्ष जारी है।" पूर्व प्रधानमंत्री ने लोगों से न्याय, आर्थिक अवसर, शिक्षा, शांति और एक ऐसे राष्ट्र के लिए खड़े रहने का आग्रह किया जहां कोई भी भय में न रहे। उन्होंने लिखा, "हम सब मिलकर जो टूट गया है उसे फिर से बनाएंगे। हम सब मिलकर उन संस्थानों को पुनः प्राप्त करेंगे जो हमसे छीन लिए गए थे। हम सब मिलकर एक नया अध्याय लिखेंगे, जो उत्पीड़न से नहीं, बल्कि आशा, प्रगति और स्वतंत्रता से परिभाषित होगा।" पूर्व प्रधानमंत्री ने लिखा, "बांग्लादेश ने पहले भी विपरीत परिस्थितियों का सामना किया है। हम फिर से उठ खड़े होंगे, और भी मजबूत, और भी एकजुट, और एक ऐसे लोकतंत्र के निर्माण के लिए और भी दृढ़ संकल्प के साथ, जो वास्तव में अपने लोगों की सेवा करे। मुझे आप पर विश्वास है। मुझे बांग्लादेश पर विश्वास है। और मेरा मानना है कि हमारे सबसे अच्छे दिन अभी आने बाकी हैं।" हसीना ने पत्र को ' उज्जवल कल के लिए एक आह्वान' के रूप में याद रखने की अपील की।

छोटे वक्त की शादी, बड़ी एलिमनी की डिमांड – SC ने सुनाया सख्त फैसला

नई दिल्ली एक महिला की ओर दायर एलिमनी के केस में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला दिया है। चीफ जस्टिस बीआर गवई की अगुवाई वाली अदालत ने इस मामले में शख्स को आदेश दिया कि वह अपनी पूर्व पत्नी को एलिमनी के तौर पर मुंबई की हाईप्रोफाइल सोसायटी में स्थित फ्लैट दे दें। इसके साथ ही एलिमनी का केस अब बंद कर दिया जाए। इसके साथ ही बेंच ने महिला को भी सुनाया, जिसने मांग रखी थी कि उसे 12 करोड़ रुपये की रकम और मुंबई स्थित एक फ्लैट एलिमनी में दिया जाए। इस पर चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा कि आप दोनों की शादी ही 18 महीने चली और आप 18 करोड़ रुपये मांग रही हैं। इसका अर्थ हुआ कि आप शादी के प्रति एक महीने के बदले एक करोड़ चाहती हैं। जस्टिस गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने महिला की दलीलों पर कहा कि आपकी तो शादी ही बहुत कम समय चली। ऐसे में इतनी बड़ी डिमांड करना कैसे तार्किक है। चीफ जस्टिस गवई ने कहा कि जिस फ्लैट की मांग की जा रही है वह मुंबई की कल्पतरू सोसायटी में है, जो शहर का नामी हाउसिंग प्रोजेक्ट है। उन्होंने महिला से पूछा कि आप कितनी पढ़ी लिखी हैं। इस पर महिला ने बताया कि उसने एमबीए तक की पढ़ाई की है और पूर्व में आईटी सेक्टर में काम कर चुकी है। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आप बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में नौकरी कर सकती हैं। फिर काम क्यों नहीं करती हैं? यही नहीं मुख्य न्यायाधीश ने शादी की कम अवधि का हवाला देते हुए कहा कि यह कुल 18 महीने ही चली और आप हर एक महीने के बाद 1 करोड़ की डिमांड कर रही हैं। शख्स की वकील माधवी दीवान ने कहा कि महिला 18 महीने की शादी के अंत के नतीजे में अनिश्चितकाल तक आर्थिक सहयोग नहीं मांग सकती। दीवान ने कहा कि वह पढ़ी लिखी हैं और काम कर सकती हैं। इसके बाद बेंच ने संबंधित व्यक्ति की इनकम टैक्स डिटेल भी मंगाई ताकि तय किया जा सके कि उसकी आर्थिक स्थिति कैसी है। वह एलिमनी के तौर पर कितनी रकम देने में सक्षम है। इसके साथ ही चीफ जस्टिस ने साफ कर दिया कि महिला ऐसी किसी संपत्ति में हक नहीं मांग सकती, जो उसके पूर्व के पति के नाम नहीं है बल्कि उसके पिता के नाम है। अंत में अदालत ने कहा कि महिला चाहे तो फ्लैट ले ले या फिर एकमुश्त 4 करोड़ रुपये की रकम लेकर समझौता करे। इसके अलावा चीफ जस्टिस ने यहां तक कहा कि जो लोग नौकरी करने के योग्य हैं, वे जानबूझकर बेरोजगारी का रास्ता नहीं ले सकते कि फिर उसकी आड़ में मोटा अमाउंट मांग लें। उन्होंने कहा कि आप पढ़ी लिखी हैं। आपको इस रकम के भरोसे नहीं रहना चाहिए। आपको खुद कमाना चाहिए और पूरी गरिमा के साथ जीवन निर्वाह करना चाहिए।  

मंत्री श्री पटेल ने म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार मंडल की बैठक ली

निर्माण श्रमिकों के कल्याण के महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए भोपाल  श्रम मंत्री एवं भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मण्डल के अध्यक्ष श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल की 40वीं बैठक मंगलवार को होटल पलाश में ली। बैठक में श्रम मंत्री श्री पटेल ने मंडल के कार्यों की समीक्षा करते हुए, 39वीं बैठक में किए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन का अवलोकन किया, जिसे बोर्ड सदस्यों ने अनुमोदित किया। बैठक में बोर्ड द्वारा संचालित गतिविधियों, आगामी दिनों में किए जाने वाले बोर्ड के कार्यों और श्रमिक कल्याण के लिए मण्डल द्वारा प्रस्तुत एजेंडा पर बिंदुवार चर्चा की गई। बैठक में मंडल द्वारा संचालित योजनाओं, निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु प्रस्ताव, बजट आंवटन एवं बजट अनुमोदन, श्रमोदय विद्यालय एवं आई.टी.आई. के विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक की संतानों को प्रथम किश्त आंवटन के बाद पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु होने अथवा 60 वर्ष आयु होने के बाद भी शेष शैक्षणिक सत्रों के लिये संपूर्ण राशि का भुगतान निरंतर किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया। इस निर्णय से पात्र विद्यार्थी की शिक्षा पूर्ण की जा सकेगी। बैठक में मंडल के वार्षिक प्रतिवेदन को भी अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया, साथ ही बोर्ड बैठक में श्रमिक कल्याण से सम्बंधित विवाह सहायता योजना, श्रमोदय विद्यालय, श्रमिक रैन बसेरा सहित अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सचिव, श्रम विभाग श्री रघुराज राजेंद्रन, सचिव, म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मण्डल श्री बसंत कुर्रे, मण्डल के अशासकीय एवं शासकीय सदस्यों सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।  

अपर कलेक्टर ने एमसीबी में की जनसुनवाई, समस्याओं के गंभीर निराकरण पर दिया जोर

एमसीबी: अपर कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनीं शिकायतें, त्वरित समाधान के दिए निर्देश अपर कलेक्टर ने एमसीबी में की जनसुनवाई, समस्याओं के गंभीर निराकरण पर दिया जोर कलेक्टर जनदर्शन में 19 आवेदन हुए प्राप्त एमसीबी  कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन में अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीण जन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे अपर कलेक्टर के समक्ष रखा। अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। आज की जनदर्शन में कुल 19 आवेदन प्राप्त हुए। इस जनदर्शन में आवेदक तारा देवी निवासी नागपुर, नागपुर में बस स्टॉप पर गुण्डागर्दी एवं जबरन वसूली की शिकायत के संबंध में, अंजना श्रीवास निवासी बरौता , समस्त पालकगण निवासी डिहुली शिक्षक की कमी के संबंध में, मोहम्मद हबीब खान निवासी जनकपुर पार्षदों द्वारा दिये गये शिकायत के संबंध में, रघुनाथ पोद्दार निवासी मनेन्द्रगढ़ भूमि के संबंध में, कृष्ण कुमार कश्यप निवासी झगराखाण्ड़ मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नसबंदी ऑपरेशन असफल होने एवं प्रोत्साहन राशि के संबंध में, उजित नारायण सिंह निवासी रामगढ़ अतिक्रमण हटाने के संबंध में, फूलमनी निवासी सेंधा सीमांकन न करने के संबंध में, विकास सरकार निवासी गिद्धडांड नक्शा खसरा के संबंध में, समस्त ग्रामवासी निवासी डांडहसवाही पिछले कई वर्षाे से दिए जा रहे आवेदन का सुनवाई न होने के संबंध में, कुबेर सिंह निवासी डांडहसवाही सचिव का स्थानांतरण किए जाने के संबंध में, अजय कुुमार खोंगापानी नया पोल लगवाने के संबंध में, सत्या, सरिता, माया निवासी पेन्ड्री स्थगन आदेश को हटाने के संबंध में, मुकेश कुमार रौतिया निवासी खोंगापानी बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो जाने के सूचना के संबंध में, कमला पाव निवासी सिरौली जाति प्रमाण पत्र फार्म पर पटवारी का हस्ताक्षर करवाने के संबंध में, मनीष सिंह निवासी खोंगापानी जल कनेक्शन उपलब्ध न होने के संबंध में एवं बीपीएल तथा एपीएल राशन कार्ड नहीं बनाने के कारण आम जनता को हो रही असुविधा के संबंध में, जगजीवन सिंह निवासी दुधांसी भूमि के संबंध में, सरपंच निवासी चैनपुर भूमि के संबंध में, अपनी शिकायत लेकर उपस्थित हुए थे। अपर कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल पटेल ने कहा- योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के प्रत्येक चरण के क्रियान्वयन में गंभीरता रखें। पात्र हितग्राही को योजना का लाभ दिया जाए। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय हो। विभागीय अधिकारी समय-समय पर हितग्राहियों से संवाद करें। उनके घर जाकर योजना से मिल रहे लाभों की वास्तविक जानकारी लें। हितग्राहियों की कठिनाईयों को गंभीरतापूर्वक सुनकर समाधान करें। राज्यपाल श्री पटेल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना की समीक्षा कर रहे थे। राजभवन के जवाहर खण्ड सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल भी मौजूद रहे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना अति पिछड़ी जनजातियों के कल्याण की महत्वाकांक्षी योजना है। यह बैगा, भारिया और सहारिया जनजातियों के जीवन स्तर को बेहतर करने वाली योजना है। पशुपालन विभाग पात्र और गरीब हितग्राहियों के लिए विशेष संवेदनशील रहे। उनके लिए हमेशा मदद के भाव के साथ काम करें। राज्यपाल श्री पटेल ने बैठक में मुख्यमंत्री दुधारू पशु योजना के विगत तीन वर्षों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन से हितग्राहियों के जीवन स्तर में हुए सुधार की जानकारी ली। योजना के प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा के दौरान हितग्राही चयन, पशु प्रदाय, आय, लक्ष्य एवं पूर्ति संबंधी जरूरी निर्देश दिए। पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा कि योजना की सफलता के लिए सतत मॉनिटरिंग आवश्यक है। विभाग इसके लिए आवश्यक व्यवस्था बनाएं। जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर ने योजना के तहत् हितग्राही को जरूरी प्रशिक्षण प्रदाय, पशु की देखभाल आदि पर चर्चा की। पशुपालन एवं डेयरी प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने योजना की पात्रता, मूल्यांकन, आगामी लक्ष्य, प्रशिक्षण और प्रबंधन आदि बिन्दुओं पर जानकारी दी। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव डॉ. सत्येन्द्र सिंह, संचालक डॉ. पी.एस. पटेल, प्रबंध संचालक डॉ. सत्यनिधि शुक्ला, डॉ. संजय गोवानी, महाप्रबंधक श्री असीम निगम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।