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500 के नोटों पर नहीं लगेगा ब्रेक, केंद्र ने बताया सप्लाई जारी रहेगी

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने मंगलवार को दोहराया कि 500 रुपए के नोटों की सप्लाई बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और एटीएम से 100 रुपए और 200 रुपए के नोटों के साथ-साथ 500 रुपए के नोट भी निकलते रहेंगे। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि किसी विशेष मूल्यवर्ग के नोटों की छपाई का निर्णय सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के परामर्श से लेती है ताकि जनता की लेन-देन संबंधी मांगों को पूरा करने के लिए मूल्यवर्ग मिश्रण बनाए रखा जा सके। राज्य मंत्री ने कहा, "आरबीआई ने सूचित किया है कि बार-बार इस्तेमाल होने वाले बैंक नोटों तक जनता की पहुंच बढ़ाने के अपने प्रयास के तहत, 28 अप्रैल, 2025 को 'एटीएम के माध्यम से 100 रुपए और 200 रुपए के बैंक नोटों का वितरण' शीर्षक से एक परिपत्र जारी किया गया है, जिसमें सभी बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटरों (डब्ल्यूएलएओ) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि उनके एटीएम नियमित रूप से 100 रुपए और 200 रुपए के बैंक नोट वितरित करें।" लगभग 75 प्रतिशत एटीएम 30 सितंबर तक कम से कम एक कैसेट से 100 रुपए या 200 रुपए के बैंक नोट वितरित करेंगे। इसके अलावा, लगभग 90 प्रतिशत एटीएम 31 मार्च, 2026 तक कम से कम एक कैसेट से 100 रुपए या 200 रुपए के बैंक नोट वितरित करेंगे। रविवार को सरकार ने एक वॉट्सऐप मैसेज को 'असत्य' करार दिया, जिसमें दावा किया गया था कि आरबीआई ने बैंकों को 30 सितंबर तक एटीएम के माध्यम से 500 रुपए के नोट जारी करना बंद करने का आदेश दिया है। सरकार ने कहा कि ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। इस भ्रामक संदेश में यह भी दावा किया गया था कि 90 प्रतिशत एटीएम 31 मार्च, 2026 तक 500 रुपए के नोट जारी करना बंद कर देंगे और 75 प्रतिशत एटीएम 30 सितंबर तक ऐसा कर देंगे। इसके अतिरिक्त, इसमें लोगों को अपने 500 रुपए के नोट समाप्त करने की सलाह दी गई थी और यह भी कहा गया था कि भविष्य में एटीएम के माध्यम से केवल 100 और 200 रुपए के नोट ही उपलब्ध होंगे। इस मैसेज पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक यूनिट ने कहा कि आरबीआई ने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है और 500 रुपए के नोट अभी भी वैध मुद्रा हैं। एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया कि व्यापक रूप से साझा किया जा रहा यह दावा असत्य है और लोगों को ऐसी झूठी सूचनाओं पर विश्वास न करने की सलाह दी गई। फैक्ट चेक यूनिट ने आधिकारिक स्रोतों से किसी भी फाइनेंशियल अपडेट की पुष्टि करने के महत्व पर जोर दिया और आगाह किया कि ऐसे संदेशों का उद्देश्य धोखा देना होता है।

मुख्यमंत्री को स्व-सहायता समूह की बहनों ने बांधीं बांस से बनी राखियां

मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एफ.पी.ओ. डायरेक्टर समिट-2025" में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाकर स्वर्णिम मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसी लक्ष्य की पूर्ति और प्रदेश के विकास के लिए राज्य सरकार ने सभी क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ किए हैं। प्रदेश के औद्योगिकीकरण में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर लगभग 55 लाख हेक्टेयर हो गया है। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से सिंचाई के लिए 32 लाख सोलर पंप बांटने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य की कृषि उत्पादकता अच्छी है और अब हम फूड प्रोसेसिंग में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) केवल किसानों से फसल खरीदने तक सीमित न रहें, बल्कि अनाज और अन्य उत्पादों की प्रोसेसिंग कर उसे बाजार में बेचें, जिससे एफपीओ से जुड़े किसान सदस्यों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्था में 'समृद्ध एफपीओ-आत्मनिर्भर किसान-विकसित भारत' संकल्प के अंतर्गत एफपीओ फेडरेशन मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित "एफ.पी.ओ. डायरेक्टर समिट-2025" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में रतलाम जिले से आई स्व-सहायता समूह की बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर बांस से बनी राखियां बांधीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में आए किसानों को स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी और श्री बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं। फूड प्रोसेसिंग को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने फूड प्रोसेसिंग को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों को फूड प्रोसेसिंग से जोड़ा जा रहा है। मालवा अंचल में आलू चिप्स निर्माण के लिए बड़ा उद्योग स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश के औद्योगिकरण में एफपीओ की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। एफपीओ केवल फूड प्रोसेसिंग ही न करें, बल्कि वेयर हाउसिंग और लॉजिस्टिक्स में भी योगदान दें। एफपीओ के माध्यम से किसान अपने उत्पादों का दायरा बढ़ाएं। सरकार सभी प्रकार के उद्योगों को बिजली, पानी और जमीन देकर हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। रोजगार आधारित उद्योग लगाने पर सरकार द्वारा उद्योगों में नियोजित महिला कर्मचारी को उनके मासिक वेतन में 6000 रुपए और पुरूष कर्मचारी को पांच हजार रूपए अनुदान, 10 वर्ष तक दिया जाएगा। विश्व में मध्यप्रदेश के जैविक कपास की विशेष मांग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज उत्पादन बढ़ाने के लिए फसलों में रासायनिक दवाओं के उपयोग की चुनौतियां आ रही हैं। प्रदेश में पारंपरिक खेती का दायरा कम हुआ है। पहले जहां चावल उत्पादन नहीं होता था, वहां अब चावल की खेती बढ़ रही है। इसी प्रकार कपास का रकबा कम हो रहा है। पहले मालवा और निमाड़ अंचल का कपास उत्पादन में विशेष स्थान था। मध्यप्रदेश में उच्च गुणवत्ता का जैविक कपास होता है। दुनिया में धागा और कपड़ा बनाने के लिए चीन के कपास को पसंद नहीं किया जाता, मध्यप्रदेश के कपास की विशेष मांग है। चीन और वियतनाम अपने कपास को मध्यप्रदेश के कपास के नाम से बेच रहे हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार किसान संगठनों का सहयोग लेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गतिविधियों के संचालन में राज्य सरकार, भारतीय किसान संघ और मालवम फेडरेशन जैसे संगठनों की सहायता लेगी। राज्य सरकार ने किसानों को गेहूं का प्रति क्विंटल दाम 2600 रुपए कर दिया है। तुअर दाल पर टैक्स हटाया है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मोटा अनाज (कोदो-कुटकी) खरीदने की भी व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। पात्र हितग्राहियों को सब्सिडी पर गाय-भैंस जैसे दुधारू पशु उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग के साथ प्रदेश में मिल्क प्रोसेसिंग और मिल्क प्रोडक्ट के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है – मंत्री श्री कंषाना कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। जब प्रदेश का किसान समृद्ध होगा, तो देश समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है, लेकिन डीएपी की थोड़ी कमी है, जिसकी व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 14 लाख मैट्रिक टन यूरिया और 12 लाख मैट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। सरकार 10 लाख मैट्रिक टन यूरिया किसानों को बांट चुकी है। किसानों पर भगवान श्रीराम की कृपा है। प्रदेश में पर्याप्त वर्षा हो रही है। बाढ़-बारिश से हुए नुकसान के लिए राज्य सरकार किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करेगी।  

शतरंज: चेन्नई में शह और मात के खेल में उतरेंगे 19 ग्रैंड मास्टर्स

चेन्नई भारत के प्रमुख क्लासिकल शतरंज टूर्नामेंट क्वांटबॉक्स चेन्नई ग्रैंडमास्टर्स का तीसरा संस्करण बुधवार से शुरू हो रहा है। देश के सबसे मजबूत क्लासिकल इवेंट माने जाने वाले इस टूर्नामेंट में विश्व स्तरीय खिलाड़ी शामिल होंगे। इनमें अर्जुन एरिगेसी, अनीश गिरी, विदित गुजराती, निहाल सरीन, हरिका द्रोणावल्ली और वैशाली रामबाबू जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। इस टूर्नामेंट से फिडे सर्किट पॉइंट मिलेंगे जो 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह पक्की करने के लिए जरूरी हैं। 15 अगस्त तक चलने वाले टूर्नामेंट में 19 शीर्ष ग्रैंडमास्टर शामिल होंगे जो अब तक की सर्वाधिक एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि और महत्वपूर्ण फिडे सर्किट पॉइंट्स के लिए चुनौती पेश करेंगे। मास्टर्स चैंपियन को 25 लाख रुपये जबकि चैलेंजर्स चैंपियन को 7 लाख रुपये और 2026 मास्टर्स में जगह मिलेगी। गुकेश, अरविंद बने थे चैंपियन : 2023 का पहला संस्करण ग्रैंडमास्टर गुकेश डी के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। उन्हें जीत से फिडे सर्किट पॉइंट्स मिले जिससे उन्हें कैंडीडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने में मदद मिली और उन्होंने अंततः विश्व चैंपियन बन गए। 2024 में अरविंद चिदंबरम ने रोमांचक टाईब्रेक में का खिताबी जीत हासिल की। जिन खिलाड़ियों के साथ उन्होंने बराबरी की, उनमें से एक, अर्जुन एरिगेसी, इस साल शीर्ष दावेदार के रूप में वापसी कर रहे हैं।  कुल 20 खिलाड़ी : इस संस्करण में 20 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं जो 10-10 खिलाड़ियों वाले दो वर्गों में बांटे गए हैं : मास्टर्स और चैलेंजर्स। मास्टर्स वर्ग में दस में पांच भारतीय ग्रैंडमास्टर्स हैं। चैलेंजर्स में भी आठ भारतीय ग्रैंड मास्टर्स शामिल हैं। पिछले संस्करणों में सात-सात दौर के मुकाबले खेले गए थे क्योंकि उनमें आठ-आठ खिलाड़ी थे। इस बार नौ दौर के मुकाबले खेले जाएंगे। दोनों वर्गों 10-खिलाड़ियों के राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट के रूप में खेले जाएंगे जो क्लासिकल समय नियंत्रण के तहत होंगे।  

राजनीति के पंडित थे पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय द्वारका प्रसाद मिश्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मिश्र की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. द्वारका प्रसाद मिश्र की जयंती पर मंगलवार को विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में श्रद्धेय द्वारका प्रसाद मिश्र का योगदान सदैव याद किया जाएगा। उन्हें राजनीति का पंडित कहा जाता था। पूर्व मुख्यमंत्री पंडित मिश्र ने तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों के साथ अपने दल का नेतृत्व किया और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्रियों को पुष्पांजलि अर्पित करने की परंपरा शुरू करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर बधाई के पात्र हैं। इस परंपरा से प्रदेश की सेवा करने वाले तत्कालीन स्वनामधन्य महापुरुषों के कल्याणकारी कार्यों को नमन किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंह सिंघार सहित मंत्री परिषद् के सदस्य उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पूर्व राज्यपाल श्री मलिक के निधन पर शोक व्यक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ नेता श्री सत्यपाल मलिक के असामयिक निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से स्व. श्री मलिक की पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।  

पहलगाम आतंकी हमला: फिलीपींस ने जताई कड़ी आपत्ति, भारत के साथ एकजुटता जाहिर की

नई दिल्ली फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। साथ ही उन्होंने आतंक के खिलाफ भारत के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि मैं आतंकवाद के खिलाफ व्यापक लड़ाई में भारत के साथ हमारी एकजुटता का संदेश लेकर आया हूं। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "मैं इस साल की शुरुआत में पहलगाम में हुए दुखद हमले और आतंकवाद के खिलाफ व्यापक लड़ाई में भारत के साथ हमारी एकजुटता का संदेश लेकर आया हूं। इन चुनौतियों के बावजूद मैं प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 2047 तक भारत के उल्लेखनीय परिवर्तन और 'विकसित भारत' बनने की अथक यात्रा के लिए बधाई देता हूं।" प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ समर्थन जताने के लिए राष्ट्रपति मार्कोस का आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा, "हम पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने के लिए और आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमारे साथ खड़े रहने के लिए फिलीपींस सरकार और राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हैं।" बता दें कि फिलीपींस के राष्ट्रपति पांच दिवसीय भारत दौरे पर हैं। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर का मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह राजकीय यात्रा भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ती साझेदारी की पुष्टि करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर फिलीपींस के राष्ट्रपति सोमवार को भारत की पांच दिवसीय राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। राष्ट्रपति मार्कोस ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "यह यात्रा उस गठबंधन और साझेदारी की दोबारा पुष्टि है, जिसे हम मजबूत कर रहे हैं। पहले हमें एशिया-प्रशांत क्षेत्र कहा जाता था, अब हमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र कहा जाता है, जो राजनीति, व्यापार और अर्थव्यवस्था की वैश्विक प्रकृति के कारण उस समझ का सही विकास है।"

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के निधन पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने व्यक्त किया शोक

भोपाल पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ राजनेता श्री सत्यपाल मलिक के निधन पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पूर्व राज्यपाल श्री मलिक के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दिवंगत आत्मा को मोक्ष गति प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिजनों एवं उनके अनुयायियों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की समीक्षा: प्रदेश में चलेगा सोलर पंप स्थापित करने का सघन अभियान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसानों के खेतों पर कुसुम योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रावधानों का किसानों को लाभ दिलवाते हुए सोलर पंप स्थापना में पूर्ण सहयोग किया जाए। इसके लिए नवकरणीय ऊर्जा विभाग और सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय से कार्य कर लक्ष्य पूर्ण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री राकेश शुक्ला की उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष सोलर पंप स्थापित करने का अभियान प्रारंभ हो चुका है। इस कार्य की प्रगति की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विस्तार पूर्वक समीक्षा की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में आगामी वर्ष तक 10 लाख सोलर पंप स्थापित किए जाएंगे। चरणबद्ध रूप से यह कार्य किया जा रहा है। किसानों को खेतों में सोलर पंप की स्थापना से जहां सामान्य बिजली के उपयोग पर होने वाले अत्यधिक व्यय से मुक्ति मिलेगी वहीं इस नवाचार से अन्य किसान भी प्रेरित होंगे। यह कार्य प्रदेश में गति प्राप्त करेगा। इसके लिए किसानों में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएंगे। आने वाले समय में यह भी संभव होगा कि किसान उत्पादित ऊर्जा का विक्रय कर सकेंगे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

तनाव की नई लहर: ट्रंप-मेदवेदेव की बयानबाजी से न्यूक्लियर युद्ध का खतरा?

वाशिंगटन  अमेरिका और रूस के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  और रूस के पूर्व राष्ट्रपति व वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव के बीच सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाज़ी अब  न्यूक्लियर सबमरीन की तैनाती तक पहुंच गई है। मुद्दा सिर्फ यूक्रेन युद्ध पर बातचीत का नहीं, बल्कि अब यह दोनों नेताओं की व्यक्तिगत रंजिश और सत्ता के प्रभाव क्षेत्र को लेकर सीधा टकराव बनता जा रहा है।   ट्रंप का अल्टीमेटम और मेदवेदेव की नाराज़गी डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को चेतावनी दी थी कि अगर 8 अगस्त तक  यूक्रेन के साथ युद्धविराम नहीं होता है, तो अमेरिका सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा। ट्रंप का कहना था कि रूस को अब 50 नहीं, बल्कि सिर्फ 10 से 12 दिन  ही दिए जाएंगे। इस पर  दिमित्री मेदवेदेव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: “ट्रंप रूस के साथ अल्टीमेटम का गेम खेल रहे हैं। उन्हें दो बातें याद रखनी चाहिए- रूस ना तो इज़रायल है और ना ही ईरान। हर नया अल्टीमेटम एक धमकी है और युद्ध की ओर एक और कदम है।” मेदवेदेव ने आगे चेताया कि यह विवाद रूस-यूक्रेन का नहीं बल्कि  अमेरिका और रूस के बीच सीधा टकराव  बनता जा रहा है। उन्होंने ट्रंप को ‘ स्लीपी जो ’ (जो बाइडेन का उपहास वाला नाम) की राह पर न चलने की सलाह दी।   ट्रंप की  न्यूक्लियर चेतावनी ट्रंप ने भी जवाब में कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि  “मेदवेदेव को बता दो, जो रूस का असफल पूर्व राष्ट्रपति है और खुद को अब भी राष्ट्रपति समझता है, कि वह खतरनाक जोन में जा रहा है।”इसके बाद ट्रंप ने 1 अगस्त को ऐलान किया कि उन्होंने  दो परमाणु पनडुब्बियां रणनीतिक स्थानों पर तैनात करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मेदवेदेव के "मूर्खतापूर्ण बयानों" से स्थिति बिगड़ सकती है, और यह शब्दों की लड़ाई से आगे बढ़कर गंभीर परिणाम ला सकती है। मेदवेदेव का तीखा तंज और "डेड हैंड"   मेदवेदेव ने ट्रंप की चेतावनी पर कहा कि अमेरिका की प्रतिक्रिया दिखाती है कि रूस सही रास्ते पर है।  उन्होंने सोवियत युग की "डेड हैंड" प्रणाली का उल्लेख किया  कि एक ऐसी स्वचालित परमाणु हमला प्रणाली जो दुश्मन के पहले हमले के बाद सक्रिय हो जाती है। उन्होंने ट्रंप को तंज कसते हुए "Walking Dead" जैसे ज़ॉम्बी शो देखने की सलाह दी और अमेरिका के "घमंड" को रूस की अनदेखी नीति का जवाब बताया।   कौन हैं मेदवेदेव ? रूस के पूर्व राष्ट्रपति व वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष हैं दिमित्री मेदवेदेव 2008-2012  तक रूस के राष्ट्रपति रहे। पुतिन  ने उन्हें राष्ट्रपति बनाया था और खुद प्रधानमंत्री बने थे। दिमित्री मेदवेदेव अब रूसी सुरक्षा परिषद के डिप्टी चेयरमैन हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद से  अमेरिका और नाटो के मुखर आलोचक बन चुके हैं। रूस बनाम अमेरिका: परमाणु शक्ति की होड़ फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के अनुसार: दुनिया में मौजूद करीब  12,241 परमाणु हथियारों में से  83% रूस और अमेरिका के पास हैं। जनवरी 2025 तक दोनों देशों की क्षमता अब भी दुनिया के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा बनी हुई है। ट्रंप और मेदवेदेव के बीच यह टकराव अब केवल राजनीतिक नहीं रहा, यह वैश्विक सुरक्षा, रणनीतिक संतुलन और परमाणु हथियारों के खतरे का मामला बन गया है। सोशल मीडिया की बयानबाज़ी ने दोनों महाशक्तियों को एक बार फिर कोल्ड वॉर के दौर की याद दिला दी है।

मंदिर-मस्जिद विवाद पर कोर्ट की कार्रवाई स्थगित, 21 अगस्त को आएगा अगला अपडेट

संभल   चंदौसी की एक दीवानी अदालत ने मंगलवार को स्थानीय बार एसोसिएशन की हड़ताल के कारण शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर को लेकर जारी विवाद की सुनवाई 21 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी। यह मामला दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन) आदित्य सिंह के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ था। मुस्लिम पक्ष ने पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी कि यह मामला सुनवाई योग्य है या नहीं, लेकिन 19 मई को उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण की अनुमति दी गई थी और निचली अदालत को सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया था। हिंदू पक्ष की ओर से पेश हुए वकील  गोपाल शर्मा ने कहा कि आज बार एसोसिएशन की हड़ताल के कारण, अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 21 अगस्त तय की है। बारिश और वकीलों की हड़ताल के चलते टली सुनवाई मुस्लिम पक्ष के वकील शकील अहमद वारसी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि बारिश के कारण बार एसोसिएशन हड़ताल पर है, जिसके कारण अगली तारीख दी गई है। यह विवाद पिछले वर्ष 19 नवंबर से शुरू हुआ, जब अधिवक्ता हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित हिंदू याचिकाकर्ताओं ने संभल जिला अदालत में एक मुकदमा दायर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद का निर्माण पहले से मौजूद मंदिर के ऊपर किया गया था। सर्वे के बाद भड़की हिंसा में 4 की हो गई थी मौत बताया जा रहा है कि अदालत के आदेश पर उसी दिन (19 नवंबर) एक सर्वेक्षण किया गया, उसके बाद 24 नवंबर को एक और सर्वेक्षण किया गया। दूसरे सर्वेक्षण के कारण संभल में काफी अशांति फैल गई, जिसके परिणामस्वरूप 4 लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और मस्जिद समिति के प्रमुख जफर अली के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।