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अब मिलेगी वैश्विक पहचान

भोपाल प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष के चलते जब किसानों की समृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है मध्य प्रदेश को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। मध्यप्रदेश की चार कृषि उपजों सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर एवं छत्रिय धान को जीआई टैग मिल गया है। महाकौशल के किसानों ने प्रसन्नता जाहिर की है। इन कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि बढ़ाने के लिए संकल्पित है। उनकी आय दोगुनी करने के लिए विशेष कार्यक्रम बनाए जा रहे हैं। जैविक, प्राकृतिक एवं परंपरागत खेती के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के मार्गदर्शन एवं मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के सहयोग तथा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के तकनीकी एवं वैज्ञानिक प्रयासों से प्रदेश की चार विशिष्ट कृषि उपजों—सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर एवं छत्रिय धान—को भोगौलिक संकेतक मिलना एक बड़ी उपलब्धि है। अब इन उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी । जीआई टैग मिलने से इन कृषि उपजों को कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा। उनकी ब्रांड वैल्यू एवं बाजार प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी तथा किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ कृषि निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा। ये चारों कृषि उपजें प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों से संबंधित हैं। इससे विशेष रूप से महाकौशल क्षेत्र के किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा। इन उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी, क्षेत्र की पारंपरिक कृषि पद्धतियों एवं जैव-विविधता का संरक्षण होगा तथा कृषि आधारित प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं निर्यात को गति मिलेगी। पूर्व सीहोर शरबती गेहूं एवं रीवा सुन्दरजा आम को जीआई टैग दिलाने में किसान कल्याण विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह उपलब्धि प्रदेश की कृषि विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्रीऐन्दल सिंह कंसाना ने प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अन्य उपजों को भी जी आई टैग दिलवाने की पहल की जायेगी। भविष्य में भी प्रदेश की अन्य विशिष्ट कृषि उपजों के जीआई पंजीयन के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। श्री निशांत वरवड़े, सचिव, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने कहा कि जीआई टैग प्राप्त होने से विशेष रूप से महाकौशल क्षेत्र के किसानों को नए बाजार, बेहतर मूल्य एवं निर्यात के अवसर प्राप्त होंगे। मंडी बोर्ड भविष्य में भी प्रदेश की अन्य विशिष्ट कृषि उपजों के जीआई पंजीयन एवं विपणन संवर्धन के लिए सक्रिय सहयोग प्रदान करता रहेगा।“ , राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के प्रबंध संचालककुमार पुरुषोत्तम ने कहा कि मंडी बोर्ड ऐसे रचनात्मक और किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाने वाले कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग करता रहेगा। सिताही कुटकी सिताही कुटकी एक कम अवधि (60 दिन) वाली 'लिटिल मिलेट' (छोटी बाजरा) की देशी किस्म है। यह वर्षा-आधारित क्षेत्रों और देर से बुवाई की स्थितियों के लिए उपयुक्त है। यह सूखे की मार, नमी की कमी, और प्रमुख कीटों (शूट फ्लाई), 'ग्रेन स्मट' व 'ब्राउन स्पॉट' जैसी बीमारियों का सामना करने में सक्षम है। इस प्रकार, यह किसानों को एक स्थिर पैदावार दिलाने में मददगार साबित होती है। सिताही कुटकी की मध्यम ऊँचाई और मोटे तने के कारण फसल के गिरने की समस्या नहीं रहती। इसे पहाड़ी, ऊबड़-खाबड़ तथा कमज़ोर मिट्टी वाली स्थितियों में भी उगाया जा सकता है। डिण्डोरी के 'बैगा' तथा 'गोंड' जनजातियों के किसानों के लिए अच्छी आय दे सकती है। डिंडोरी में 'सिताही कुटकी' की खेती की 10,395 हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ोतरी और 10-11 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की स्थिर पैदावार से इस क्षेत्र में लोगों की आजीविका, भोजन और पोषण सुरक्षा में मदद मिली है। जनजातीय ज़िलों के लगभग 60,000 आदिवासी किसान—खासकर डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, शहडोल, उमरिया, बालाघाट और जबलपुर के कुछ हिस्सों के किसान पैदावार बढ़ाकर आर्थिक ले सकते हैं। डिंडोरी के पहाड़ी और मुश्किल इलाकों के 54 गाँवों के किसानों को मुनाफ़ा हुआ है। इन इलाकों में दूसरी रबी फ़सलों की खेती नहीं होती। नागदमन कुटकी नागदमन कुटकी डिंडोरी जिले में उगाई जाने वाली कुटकी की एक विशिष्ट स्थानीय किस्म है। यह अपने औषधीय गुणों और उच्च पोषण मूल्य के लिए जानी जाती है। बैंगनी अरहर दरअसल अरहर की विशेष किस्म है। इसमें पौधे या फलियों पर बेंगनी रंग की झलक हेती है। इसमें भरपूर प्रोटीन होता है। रोगों से लड़ने की जबरदस्त क्षमता होती है। अच्छी देखभाल होने पर 15 से 20 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक उत्पादन हो सकता है।  

मुंगेर से बड़ा ऐलान: पंचायत विकास दिवस पर सम्राट चौधरी का प्रशासनिक अल्टीमेटम

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बार फिर काम में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को सख्त लहजे में चेताया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुंगेर पहुंचे और मौका था पंचायत विकास दिवस का। इस कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर अफसर 30 दिनों में जनता काम पूरा नहीं करेंगे तो कोई भी आगे उन्हें बचा नहीं पाएगा। बिहार के गांवों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए रविवार को मुंगेर का टेटिया बंबर एक ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बना। जगन्नाथ उच्च विद्यालय के मैदान में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूरे राज्य के लिए महत्वाकांक्षी 'पंचायत विकास दिवस' और 'जनसहयोग शिविर' अभियान का शंखनाद किया। उन्होंने करोड़ों की विकास योजनाओं की सौगात देते हुए बिहार को अग्रणी राज्य बनाने का ब्लूप्रिंट पेश किया। लापरवाही पर कड़ा प्रहार, 31वें दिन निलंबन ​भ्रष्टाचार और लालफीताशाही पर कड़ा प्रहार करते हुए सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'अगर जनता के काम को 30 दिनों के भीतर निष्पादित नहीं किया गया, तो दोषी पदाधिकारी को 31वें दिन सस्पेंड होने से कोई नहीं बचा पाएगा।' इसकी मॉनिटरिंग खुद मुख्य सचिव और डीजीपी स्तर पर की जा रही है। ​ हर महीने का आखिरी रविवार पंचायत दिवस ​घोषणा के मुताबिक, अब हर महीने के आखिरी रविवार को राज्य की सभी 8.5 हजार पंचायतों में 'पंचायत विकास दिवस' मनेगा। इसमें सांसद, विधायक और त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधि एक साथ बैठकर गरीबी मुक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेंशन जैसे मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करेंगे। ​ बजट ढाई गुना बढ़ा, सोलर और रोजगार क्रांति ​17वें वित्त आयोग के माध्यम से बिहार की पंचायतों का बजट 20,000 करोड़ से बढ़ाकर 52,000 करोड़ कर दिया गया है। मनरेगा की जगह 'विकसित भारत जी-राम-जी' अभियान से बिहार को 70,000 करोड़ तक मिलेंगे। बिजली क्षेत्र में नई नीति के तहत, सोलर पैनल से 125 यूनिट से अधिक उत्पादन करने वाले गरीबों के खाते में सरकार सीधे पैसे भेजेगी। महिला सशक्तिकरण के तहत जीविका दीदियों को गौ-पालन के लिए मुफ्त गाय दी जाएगी और दूध सरकार खुद खरीदेगी। ​ अंगिका में पूछा- 'तोय सब ठीक छो न?' ​भाषण के अंत में उन्होंने तारापुर की जनता का आभार जताया और स्थानीय अंगिका लहजे में पूछा— "तो तोय सब ठीक छो न? ठीक छो न कि?…" तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस मौके पर मुख्य सचिव, डीजीपी सहित कई आला अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर किया शुभारंभ, अभिभावकों से की सहयोग की अपील

रायपुर  जीपीएम जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को जिला चिकित्सालय में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक दिलाना केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे शून्य से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, ताकि पोलियो मुक्त भारत का संकल्प और अधिक सशक्त हो सके। उन्होंने कहा कि "दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार" केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. के.के. सोनी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। अभियान के शुभारंभ के साथ ही जिले के सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का कार्य प्रारंभ किया गया। बूथों पर सुबह से ही अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और उत्साहपूर्वक अभियान में भागीदारी निभाई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले में 53 हजार 490 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के प्रथम चरण में 28 जून को सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई गई, जबकि दूसरे एवं तीसरे चरण में 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। इसके लिए जिले भर में विशेष स्वास्थ्य दलों का गठन किया गया है, जिन्हें प्रत्येक गांव, मोहल्ले और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा पोलियो की दवा, परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली गई हैं। दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी विशेष दल तैनात किए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि यदि उनके घर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचे तो उसका पूरा सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि परिवार के शून्य से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाई जाए। विभाग ने स्पष्ट किया कि पोलियो की नियमित खुराक ही इस गंभीर बीमारी से बच्चों को स्थायी सुरक्षा प्रदान करती है। जनसहभागिता और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से ही पोलियो मुक्त समाज का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता है।

बड़वानी में तेज बहाव बना जानलेवा, नाला पार करते बहा ट्रैक्टर, चालक का सुराग नहीं

ओझर/नागलवाड़ी (बड़वानी)  क्षेत्र में हो रही तेज वर्षा के कारण पहाड़ी नाले उफान पर हैं। इसी बीच रविवार शाम को एक बड़ी घटना में उफनते नाले को पार करने के प्रयास में एक ट्रैक्टर तेज बहाव में बह गया। हादसे में ट्रैक्टर के साथ चालक भी पानी के तेज बहाव में बह गया, जिसका रात तक कोई पता नहीं चल सका। पीपरखेड़ा गांव के समीप हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर नागलवाड़ी निवासी प्रकाश बर्फा का है। ट्रैक्टर चला रहे बंसी पुत्र धूलिया, निवासी पीपरखेड़ा, गांव के समीप उफनते नाले को ट्रैक्टर सहित पार करने की कोशिश में बह गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। पुलिस द्वारा आसपास के नालों और संभावित स्थानों पर सघन तलाश अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीण भी खोजबीन में सहयोग कर रहे हैं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर ट्रैक्टर तो मिल गया, लेकिन चालक अब भी लापता है। डेब और देवनली नदियों में सर्च ऑपरेशन चालक की तलाश जारी है। नागलवाड़ी थाने के सब इंस्पेक्टर कमल किशोर चौहान ने बताया कि घटना रविवार शाम 4 से 5 बजे की है। चालक की तलाश डेब व देवनली नदियों में की जा रही है। क्षेत्र के नालों का पानी उक्त नदियों में आता है। प्रशासन ने लोगों से आह्वान किया है कि वर्षा के दौरान किसी भी उफनते नाले या नदी को पार करने का प्रयास न करें, क्योंकि तेज बहाव जानलेवा साबित हो सकता है।  

हाथरस में योगी का बड़ा ऐलान: ₹548 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण, विकास पर जोर

लखनऊ उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (28 जून) को हाथरस में 548 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित किया. उन्होंने खासतौर पर मुहर्रम का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में करीब 12 हजार मोहर्रम जुलूस निकले, लेकिन कहीं भी दंगा, पथराव या कर्फ्यू जैसे हालात नहीं बने. उन्होंने कहा कि पहले कुछ लोग दूसरों के घरों के सामने ढोल-ताशे बजाकर माहौल बिगाड़ते थे, लेकिन अब यह सब बंद हो गया है और सभी धार्मिक आयोजन शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो रहे हैं. सीएम ने कहा कि 2017 के पहले राज्य के हर जिले में दंगे होते थे, महीनों महीनों कर्फ्यू होता था जिससे आमजन त्रस्त होता था. लेकिन आज हालात बदल गए हैं. उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश दंगों और कर्फ्यू के कारण बदनाम था, लेकिन पिछले 9 सालों में प्रदेश में न कोई दंगा हुआ, न कर्फ्यू लगा और न ही गुंडागर्दी होने दी गई. ‘मोहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ’ उन्होंने कहा कि हाल ही में मोहर्रम का आयोजन भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. उन्होंने कहा कि पहले मोहर्रम के नाम पर सड़कों पर हथियारों का प्रदर्शन होता था, तलवारबाजी के दौरान राहगीरों पर हमले हो जाते थे. ताजिया निकालने के नाम पर गरीबों की झोपड़ियां हटाई जाती थीं, मकानों के छज्जे तोड़े जाते थे और हाईटेंशन बिजली की लाइनों को हटाने का दबाव बनाया जाता था. सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने स्पष्ट व्यवस्था बनाई है कि किसी गरीब की झोपड़ी या मकान नहीं हटेगा और न ही हाईटेंशन लाइनें हटाई जाएंगी. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ताजिया की ऊंचाई कम करनी होगी. उन्होंने कहा कि अगर ताजिया ज्यादा ऊंचा होगा तो हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने का खतरा रहेगा, इसलिए सुरक्षा सर्वोपरि है. ‘ताजिए की ऊंचाई सीमित रखनी होगी’ उन्होंने कहा कि मुहर्रम के नाम पर अब राज्य में कोई हंगामा नहीं होता. अब न किसी की झोपड़ी तोड़ी जाती है और न ही किसी को किसी तरह की परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि आप ताजिए को सजाइए, लेकिन किसी गरीब का घर तोड़ने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि ताजिए की ऊंचाई सीमित रखनी होगी. अगर ताजिया बहुत ऊंचा होगा, तो बिजली के तारों की चपेट में आने का खतरा रहेगा . विकास तभी संभव है, जब सुरक्षा का बेहतर माहौल हो’ मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हाथरस की तीनों विधानसभा क्षेत्रों—हाथरस, सादाबाद और सिकंदराराऊ—के लिए करीब 550 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उपहार देने के लिए विशेष रूप से आए हैं. उन्होंने इसके लिए हाथरस जनपद के सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है, जब सुरक्षा का बेहतर माहौल हो. उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही विकास की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जहां सुरक्षा नहीं होती, जहां दंगे और अराजकता का माहौल होता है, वहां विकास और उज्ज्वल भविष्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती. ‘पहले प्रदेश के हर जिले में दंगे होते थे’ उन्होंने कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश का ऐसा कौन-सा जिला था, जो दंगों से अछूता रहा हो. उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग की घटना, कोसीकलां के दंगे, मेरठ और अलीगढ़ के दंगे तथा मुजफ्फरनगर की हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय आए दिन कर्फ्यू लगते थे. इससे आम जनता का व्यापार चौपट हो जाता था, नौजवानों की नौकरियां प्रभावित होती थीं, जनजीवन अस्त-व्यस्त रहता था और प्रदेश की छवि पूरे देश में खराब होती थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में व्यापारी, किसान और आम नागरिक असुरक्षित महसूस करते थे. जगह-जगह लूटपाट होती थी और बेटियों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता था. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश माफिया मुक्त और विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है एवं देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है. समाजवादी पार्टी पर बोला हमला अपने संबोधन में सीएम ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने अखिलेश यादव का बयान पढ़ा, जिसमें अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि आप क्या अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे, पहले आप अपना इतिहास देखिए. उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोली आपकी ही सरकार ने चलवाई थी. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या आज अपनी गौरवशाली पहचान वापस प्राप्त कर रही है. योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान कृष्ण जन्माष्टमी जैसे आयोजनों को भी रोका गया और कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया था. उन्होंने कहा कि आज प्रदेश सरकार धार्मिक परंपराओं और आस्था के आयोजनों को सम्मान के साथ आगे बढ़ा रही है. उन्होंने कहा कि हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सुंदरीकरण कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले जो धनराशि कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल के निर्माण पर खर्च की जाती थी, उसी धन का उपयोग अब मंदिरों के विकास और सुंदरीकरण के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिना भेदभाव विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है और प्रदेश में सुशासन एवं सुरक्षा का वातावरण स्थापित किया गया है. कांग्रेस पर भी जमकर बरसे मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी हमेशा जनता को गुमराह करने का काम करती रही हैं. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों दल संविधान बचाने की बात कर रहे थे, जबकि 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर संविधान की हत्या कांग्रेस ने ही की . उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का सबसे बड़ा अपमान कांग्रेस ने किया.

गिरिबाला के घर चोरों का धावा, पुलिस की मौजूदगी भांपकर मौके से भागे आरोपी

भोपाल  त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के बहुचर्चित मामले में आरोपित सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात चोरी की वारदात हुई। बदमाशों ने पीछे के रास्ते घर में घुसकर सोने के जेवरात और गिरिबाला व समर्थ सिंह से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की एक फाइल चुरा ली। वे लेकर भागने की कोशिश ही कर रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में गश्त कर रही चार्ली पुलिस की सतर्कता से उनकी योजना विफल हो गई। क्या है पूरा मामला पुलिस की मौजूदगी का एहसास होते ही बदमाश चोरी किया गया सामान मौके पर छोड़कर भाग निकले। कटाराहिल्सा थाना पुलिस के अनुसार, घटना के समय गिरिबाला के भाई उनके बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित घर के भीतर मौजूद थे। बदमाश मकान के पिछले हिस्से से अंदर दाखिल हुए, जिससे किसी को उनकी आहट तक नहीं लगी। इसी बीच चार्ली पुलिस की टीम गश्त करते हुए घर के बाहर पहुंची और सायरन बजाया। सायरन की आवाज सुनते ही बदमाश घबरा गए और जेवरात व महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरी फाइल वहीं छोड़कर भागने लगे। मौके से सोने के जेवरात और दस्तावेजों वाली फाइल जब्त पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा भी किया, लेकिन आरोपित अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। वारदात के बाद पुलिस ने मौके से सोने के जेवरात और दस्तावेजों वाली फाइल जब्त कर ली है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हर पहलू की गहन जांच की जा रही है पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चोरी का उद्देश्य केवल जेवरात हासिल करना था या फिर ट्विषा शर्मा मौत मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक पहुंचने की कोई सुनियोजित कोशिश की गई थी। फोरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।  

सिख धर्म के खिलाफ कथित टिप्पणी पर लुधियाना में निहंग सिंहों का प्रदर्शन, सड़क जाम

लुधियाना. महानगर में सोशल मीडिया पर सिख गुरु साहिबान और धर्म के खिलाफ कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक व गलत शब्दावली का इस्तेमाल करने वाले आरोपी चेतन शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आज माहौल पूरी तरह गरमा गया। आरोपी की गिरफ्तारी न होने से रोष में आए निहंग सिंहों ने समराला चौक से बस्ती जोधेवाल जाने वाले मुख्य मार्ग पर सरेराह धरना देकर रोड को पूरी तरह जाम कर दिया। इस चक्का जाम के कारण हाईवे और आसपास के लिंक रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। धरना प्रदर्शन कर रहे निहंग सिंहों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरोपी चेतन शर्मा ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गंभीर ठेस पहुंचाई है। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक उसकी आधिकारिक गिरफ्तारी नहीं की गई है। निहंग सिंहों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक पुलिस आरोपी को सलाखों के पीछे नहीं धकेलती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन शांत नहीं होगा। सड़क के बीचों-बीच लगे इस भारी जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निहंग सिंहों से बातचीत शुरू की। पुलिस द्वारा उन्हें लगातार समझाने-बुझाने और आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिया जा रहा था ताकि बंद पड़े रास्ते को खुलवाया जा सके। हालांकि, खबर लिखे जाने तक दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ था और निहंग सिंहों का धरना सड़क पर लगातार जारी था। 

केंद्रीय सम्मेलन में झारखंड की मांग: कैंसर दवाएं सस्ती हों, मेडिकल शिक्षा को मिले बढ़ावा

 रांची  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों का सम्मेलन 29 जून से एक जुलाई तक आयोजित होगा। इस सम्मेलन में झारखंड से स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सम्मिलित होंगे। इसमें झारखंड की ओर से कैंसर मरीजों को रियायती दर पर दवा उपलब्ध कराने की मांग केंद्र से की जाएगी। साथ ही नए मेडिकल कालेज, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय, डिजिटल हेल्थ सिस्टम में भी आर्थिक सहायता की मांग स्वास्थ्य मंत्री करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड़्डा की अध्यक्षता में होनेवाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देशभर में डिजिटल हेल्थ सिस्टम, स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण, मेडिकल शिक्षा के विस्तार, स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने तथा आम जनता तक बेहतर, पारदर्शी और हाईटेक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर व्यापक मंथन करना है। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें एवं प्रस्ताव रखेंगे। इरफान अंसारी के अनुसार, झारखंड के सभी जिलों में मेडिकल कालेज की स्थापना एवं दो जिलों में लंबित प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध केंद्र से किया जाएगा। डिजिटल हेल्थ सिस्टम को जिला स्तर से लेकर राज्य मुख्यालय तक पूरी तरह लागू करने के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग करने का भी केंद्र से अनुरोध किया जाएगा ताकि लोगों को पारदर्शी, त्वरित एवं हाईटेक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। राज्य के सरकारी अस्पतालों में माड्यूलर हाईटेक आपरेशन थिएटर के लिए भी आर्थिक सहायता की मांग की जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा विकसित डिजिटल हेल्थ प्लेटफार्म एवं हेल्थ ऐप को झारखंड में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया जाएगा। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में लिए जाने वाले निर्णयों से झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा और नई गति मिलेगी तथा राज्य के लोगों को अत्याधुनिक, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा।

यीडा द्वारा विकसित हो रहे चार मुख्य अर्बन नोड्स में हाथरस बनेगा इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब

ग्रेटर नोएडा/हाथरस  योगी सरकार में उत्तर प्रदेश के एक और जिले व उसके कई गांवों को हाईटेक शहर बनाने की तैयारी चल रही है। यह जल्द ही इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के साथ लाखों रोजगार पैदा करने वाला डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति को और तेज करते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक बेहद महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। यमुना एक्सप्रेसवे के फेज-2 विकास के तहत 'महायोजना/मास्टर प्लान 2041' के अंतर्गत 'हाथरस अर्बन सेंटर' को एक हाई-टेक औद्योगिक और आवासीय सैटेलाइट टाउन के रूप में डिजाइन किया जा रहा है।  यीडा द्वारा विकसित किए जा रहे चार मुख्य अर्बन नोड्स (अलीगढ़, मथुरा, आगरा और हाथरस) में से हाथरस को विशेष तौर पर एक प्रमुख इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में चुना गया है। 10 हजार एकड़ में बसेगा नया शहर इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए हाथरस और सासनी तहसील के कुल 50 से अधिक गांवों को अधिसूचित किया गया है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 4 हजार हेक्टेयर (करीब 10 हजार एकड़) होगा। इस अत्याधुनिक शहर के नियोजन के लिए कंसल्टेंट कंपनी 'आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स लिमिटेड' को नियुक्त किया गया है, जो जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक पर आधारित नक्शे से इसका सुनियोजित विकास सुनिश्चित कर रही है। अर्बन सेंटर की चार प्रमुख श्रेणियां मास्टर प्लान 2041 के तहत इस अर्बन सेंटर को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहला औद्योगिक जोन, इस विशाल भूभाग का मुख्य ध्यान फैक्ट्रियों और भारी विनिर्माण इकाइयों पर केंद्रित होगा। दूसरा आवासीय क्षेत्र, यहां काम करने वाले लोगों के लिए आधुनिक सोसाइटी, फ्लैट्स और किफायती आवास  विकसित किए जाएंगे। तीसरा कमर्शियल और लॉजिस्टिक्स हब जो व्यापारिक गतिविधियों के लिए मॉल, कमर्शियल टावर, होटल्स और विशाल वेयरहाउस के लिए विशेष स्थान आरक्षित हैं। चौथा ग्रीन बेल्ट, जहां पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए कुल योजना क्षेत्र का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरी तहत हरित और खुले क्षेत्र के रूप में संरक्षित रहेगा। शानदार कनेक्टिविटी और रणनीतिक लाभ प्रस्तावित हाथरस अर्बन सेंटर की भौगोलिक स्थिति इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह नया शहर सीधे नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के कैचमेंट एरिया में आता है, जिसके लिए यीडा एक एक्सप्रेस-रोड नेटवर्क विकसित कर रहा है। इसके साथ ही यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे के काफी करीब है और नेशनल हाईवे-93 (आगरा-अलीगढ़), बरेली-मथुरा हाईवे तथा स्टेट हाईवे-33 से बेहतर रूप से जुड़ा हुआ है। इसे आगरा के एक 'सैटेलाइट टाउन' के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ताजनगरी का औद्योगिक दबाव भी कम होगा। स्थानीय उद्योगों को मिलेगी ग्लोबल पहचान हाथरस में वर्तमान में सक्रिय 10 हजार से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को इस सेंटर में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जाएगा। एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओडी) के तहत हाथरस की विश्वप्रसिद्ध हींग और गुलाल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग और एक्सपोर्ट हब की सुविधाएं मिलेंगी। वहीं कृषि और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को भी फायदा होगा, जिसके तहत ब्रज क्षेत्र की कृषि प्रधानता को देखते हुए यहां बड़े कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी प्लांट्स को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही रेडीमेड गारमेंट्स (होजरी), ग्लास बीड्स (कांच के मोती), पीतल के आभूषण (पायल), मशीन टूल्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के कलपुर्जों के लिए विशेष ब्लॉक बनाए जाएंगे। अगले चरण में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे मेडिकल-सर्जिकल उपकरण और पावर ग्रिड मशीनरी बनाने वाली वैश्विक कंपनियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। लाखों की संख्या में रोजगार की संभावनाएं प्राधिकरण के अनुसार इस महायोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए लाखों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।

फरीदाबाद को मिलेगी इलेक्ट्रिक बस सेवा: 100 ई-बसों के संचालन की योजना तेज

बल्लभगढ़  शहर के पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को जल्द इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा मिलेगी। इसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) नौ करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर-61 में चार्जिंग स्टेशन बना रहा है। इसमें छह करोड़ रुपये डिपो के निर्माण और तीन करोड़ रुपये इलेक्ट्रिकल कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। यह पांच एकड़ भूमि में बनाया जा रहा है। शहर की 22 लाख आबादी है। अंदर आने-जाने के लिए आटो को छोड़ कर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बहुत ही कम है। सिटी बस सेवा शुभगमन सिर्फ 50 बसों का संचालन कर रही हैं। यह बस भी ज्यादातर बल्लभगढ़ से राजमार्ग, बदरपुर बार्डर से मंझावली, मंझावली से बल्लभगढ़, बल्लभगढ़ से चांदपुर, बल्लभगढ़ से बाईपास होते हुए बदरपुर बार्डर पर चल रही हैं। सरकार ने शहर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की सुविधा देने के लिए योजना को मंजूरी दे दी है। अभी तक बस नहीं आई हैं। एचएसवीपी ने इस योजना को शुरू कर दिया है। सेक्टर-61 बाईपास के पास है और यहां से बसों का संचालन किसी भी रूट के लिए किया जा सकता है। सेक्टर-61 में पांच एकड़ भूमि पर बनने वाले इस डिपो में बसों के लिए पार्किंग, सर्विस स्टेशन, वर्कशाप और स्टाफ सुविधा बनाई जाएंगी। इसका काम जोरों से चल रहा है। एक वर्ष के अंदर इसे पूरी तरह से तैयार कर दिया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर बस अड्डा होगा, जबकि ऊपर की मंजिलों पर कमर्शियल कांप्लेक्स बनाया जाएगा।     – संदीप दहिया, अधीक्षक अभियंता एचएसवीपी फरीदाबाद     एफएमडीए इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करेगा। अभी तक एक भी इलेक्ट्रिक बस डिपो को नहीं मिली है। 100 इलेक्ट्रिक बसों आने की उम्मीद है।     -शिखा, महाप्रबंधक हरियाणा रोडवेज फरीदाबाद