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दिग्गज अभिनेत्री सरोजा देवी का 87 वर्ष की उम्र में निधन

चेन्नई, तमिल सिनेमा ने एक महान हस्ती को खो दिया है। दिग्गज अभिनेत्री बी. सरोजा देवी का 87 वर्ष की उम्र में सोमवार को बेंगलुरु के मल्लेश्वरम स्थित उनके निवास पर उम्र से संबंधित बीमारियों के कारण निधन हो गया। सात जनवरी 1938 को बेंगलुरु में जन्मी सरोजा देवी दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग, विशेष रूप से तमिल और कन्नड़ सिनेमा में एक जाना-माना नाम थीं। छह दशकों से अधिक के अपने करियर में, उन्होंने लाखों प्रशंसकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। सरोजा देवी ने अपने करियर में कन्नड़, तमिल, तेलुगु और हिंदी भाषाओं में 200 से ज्यादा फिल्में की थीं। वह तमिल सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्री थीं, जिन्होंने नडोडी मन्नन (1958), थाई सोल्लई थट्टाधे और एंगा वीट्टू पिल्लई जैसी उल्लेखनीय फिल्मों में काम किया। उन्होंने एम.जी. रामचंद्रन के साथ लगातार 26 हिट फिल्में दीं। उन्होंने कम उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से जल्दी ही प्रसिद्धि हासिल की। उन्होंने कई प्रतिष्ठित फिल्मों में काम किया और अपने समय के दिग्गज अभिनेताओं के साथ जोड़ी बनाई। उनकी ऑन-स्क्रीन मौजूदगी और बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें व्यापक प्रशंसा दिलाई और वह अपने युग की सबसे प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक बन गईं। अपने शानदार करियर के दौरान सरोजा देवी ने सिनेमा में अपने योगदान के लिए कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए, जिनमें 1969 में पद्म श्री, 1992 में पद्म भूषण और बैंगलोर विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट उपाधि शामिल हैं। उनकी विरासत आज भी उभरते हुए अभिनेताओं और अभिनेत्रियों को प्रेरित करती है और उनकी फिल्में आज भी सराही जाती हैं। उनके निधन की खबर ने फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ा दी है। प्रशंसक, सहकर्मी और शुभचिंतक उनके उल्लेखनीय जीवन और करियर को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। दिग्गज अभिनेता रजनीकांत ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 'लाखों प्रशंसकों के दिलों पर राज करने वाली महान अभिनेत्री सरोजा देवी अब हमारे बीच नहीं रहीं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।'  

स्वाद में मीठा, सेहत में जानलेवा – जलेबी और समोसा सिगरेट जितने खतरनाक!

नागपुर  भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने समोसा, जलेबी और लड्डू जैसे लोकप्रिय भारतीय नाश्तों को लेकर एक निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने अब सिगरेट की तरह इन नाश्तों को भी एक स्वास्थ्य चेतावनी के साथ परोसने की योजना बनाई है। इस कदम का उद्देश्य देश में बढ़ते मोटापे और इससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर लगाम लगाना है। मोटापे की बढ़ती समस्या स्वास्थ्य मंत्रालय के आंतरिक दस्तावेजों के अनुसार, भारत में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य बीमारी बनती जा रही है। मंत्रालय की मानें तो साल 2050 तक भारत में 44.9 करोड़ लोग मोटापे से ग्रस्त हो जाएंगे। जिससे भारत अमेरिका के बाद इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित देश बन सकता है। वर्तमान में, हर पांच में से एक शहरी वयस्क मोटापे का शिकार है। बच्चों में मोटापे की बढ़ती दर, गलत खानपान की आदतें और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने इस चिंता को और भी बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर के केंद्रीय संस्थानों जैसे कि नागपुर के AIIMS, को निर्देश दिया है कि वे 'तेल और शुगर बोर्ड' (Oil and Sugar Boards) लगाएं। इन बोर्डों पर खाद्य पदार्थों में मौजूद छिपे हुए फैट और चीनी की मात्रा की स्पष्ट जानकारी लिखें। समोसा, जलेबी, लड्डू, वड़ा पाव, पकोड़ा जैसे तले हुए और चीनी से भरपूर नाश्तों को इस सूची में शामिल किया गया है। मंत्रालय का मानना है कि इन खाद्य पदार्थों में उच्च मात्रा में ट्रांस-फैट, संतृप्त वसा और चीनी की अधिक मात्रा होती है। जो मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण हैं। ऐसे में सरकार कैफे, रेस्तरां और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मेन्यू कार्ड्स और पैकेजिंग पर स्वास्थ्य चेतावनी छापने की योजना बना रही है।  क्या बोले कार्डियॉलजिस्ट AIIMS नागपुर के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें यह आदेश मिल गया है और वे कैंटीन और सार्वजनिक जगहों पर ये बोर्ड लगाने की तैयारी कर रहे हैं। कार्डियॉलजिक सोसाइटी ऑफ इंडिया की नागपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. अमर अमाले ने कहा, 'यह खाने की चीज़ों पर लेबल लगाने की शुरुआत है, जो सिगरेट की चेतावनी जितनी ही ज़रूरी होगी।' उन्होंने आगे कहा कि हम सालों से कह रहे हैं कि चीनी और ट्रांस फैट अब नए तंबाकू हैं। लोगों को यह जानने का हक है कि वे क्या खा रहे हैं। भारत बनने वाला है दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोटापा का केंद्र सरकार की चिट्ठी में कुछ डराने वाले आंकड़े दिए गए हैं। इसमें बताया गया है कि 2050 तक 44.9 करोड़ से ज़्यादा भारतीय या तो ज़्यादा वज़न वाले होंगे या मोटापे का शिकार हो जाएंगे। इससे भारत दुनिया में मोटापे का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा। शहरों में पहले से ही हर पांच में से एक वयस्क ज़्यादा वज़न वाला है। बच्चों में मोटापे की बढ़ती समस्या भी चिंता का विषय है, जिसका कारण खराब खानपान और सुस्त जीवनशैली है। 'चीनी और तला भोजन दे रहा बीमारियां' अधिकारियों का कहना है कि यह पहल गैर-संचारी रोगों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से लड़ने का एक हिस्सा है। इन बीमारियों का सीधा संबंध ज़्यादा चीनी और तेल वाले भोजन से है। एक बार लगने के बाद, ये बोर्ड सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में चुपचाप खड़े संतरी की तरह काम करेंगे। ये लोगों को याद दिलाएंगे कि दिखने में मासूम लड्डू में इतनी चीनी हो सकती है कि वह आपकी सेहत के लक्ष्यों को बर्बाद कर दे। पीएम के फिट इंडिया अभियान का हिस्सा वरिष्ठ मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि यह खाने पर पाबंदी लगाने के बारे में नहीं है। लेकिन अगर लोगों को पता चले कि एक गुलाब जामुन में पांच चम्मच चीनी हो सकती है, तो वे दूसरी बार खाने से पहले सोच सकते हैं। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'फिट इंडिया' अभियान को आगे बढ़ाता है। इसमें उन्होंने तेल के इस्तेमाल में 10% की कटौती करने की बात कही थी। अब नागपुर उस संदेश को सबसे आगे रखने के लिए तैयार है, भले ही इसका मतलब ऑफिस के स्नैक काउंटर पर कुछ अजीब नज़रों का सामना करना पड़े। इसलिए, अगली बार जब आप किसी सरकारी कैंटीन में समोसे के लिए हाथ बढ़ाएं, तो हैरान न हों अगर पास में एक रंगीन बोर्ड धीरे से कहे, समझदारी से खाएं। आपका भविष्य आपको धन्यवाद देगा। यह पहल लोगों को स्वस्थ रहने के लिए जागरूक करने की एक कोशिश है। सरकार चाहती है कि लोग खाने-पीने की चीज़ों में मौजूद चीनी और तेल की मात्रा के बारे में जानें और अपनी सेहत का ख्याल रखें। समोसा, जलेबी और लड्डू ही क्यों चुने गए? अब सोचने वाली बात यह है कि सिर्फ समोसा, जलेबी और लड्डू को ही क्यों चुना गया। तो बताते चले समोसा, जलेबी और लड्डू भारतीय संस्कृति में लोकप्रिय खाद्य पदार्थ हैं। चाय के साथ यग घर पर आए मेहमानों के लिए अक्सर समोसा परोसा जाता है। कोई भी शुभ अवसर हो तो मुंह मीठा करने के लिए लड्डू और जलेबी खाई जाती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इन सभी खाद्य पदार्थों में मौजूद उच्च कैलोरी, तेल, और चीनी इन्हें स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा बनाती है। समोसा: तेल में तला हुआ, जिसमें मैदा और आलू या मांस की स्टफिंग होती है, जो ट्रांस-फैट और कैलोरी से भरपूर होता है। जलेबी: चीनी की चाशनी में डूबी जलेबी में अत्यधिक शुगर होती है, जो मधुमेह और वजन बढ़ने का कारण बन सकती है। लड्डू: घी और चीनी से बने लड्डू में संतृप्त वसा और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इन खाद्य पदार्थों की लोकप्रियता और रोजमर्रा के खानपान में इनका व्यापक उपयोग इन्हें चेतावनी सूची में शामिल करने का प्रमुख कारण है।

स्मार्ट मीटर से बिल कम करना अपने हाथ में है, गुना के घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं ने बताए फायदे

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की पहल पर पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में घरेलू स्मार्ट मीटर लगाने का काम तीव्र गतिसे चल रहा है। गुना वृत्त में लगभग तीन माह पहले लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से बातचीत में अनेक सकारात्मक पहलू सामने आए है। अधिकतर उपभोक्ताओं ने फायदा होने की बात कही है। गुना शहर के उपभोक्ता श्री विष्णु धाकड़ ने बताया कि उनके यहां दो महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा था, शुरू में उन्हें डर था कि कहीं स्मार्ट मीटर से बिल तो अधिक नहीं आएगा लेकिन जैसे ही अगले महीने बिल आया तो देखा कि कहीं कोई ऐसी गड़बड़ी नहीं आई। इस महीने 80 रुपये बिल आया है, जिसे जमा भी कर दिया है। इसी तरह एक और उपभोक्ता श्री देवीदयाल ने बताया कि उनके यहां उनकी सहमति से स्मार्ट मीटर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस महीने उनका बिल कम ही आया है। मीटर से किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है, बल्कि अब तो एप के माध्मय से हम अपने घर के बिजली उपयोग को भी नियंत्रित करना सीख गए हैं, क्योंकि उपकरणों  पर नियंत्रण करने से बिल में काफी कमी आई है। इसी तरह गुना के ही उपभोक्ता श्री अक्षय कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर से कहीं कोई गलत बिल नहीं आया, हमारा बिल 550 रुपये आया है। रीडिंग लेने में कोई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि अब तो अपने आप दूरसंचार प्रणाली से रीडिंग हो रही है और निर्धारित तिथि को सही रीडिंग का बिल मोबाइल पर दिया जा रहा है। उन्होंने भी कहा कि अब तो बिल कम करना अपने हाथ में है। दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं जिसमें सार्वजनिक जल कार्य, स्ट्रीट लाइट और एलटी औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं, के लिए ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड / अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को मिल रही है। घरेलू स्मार्ट मीटर के फायदे 1. ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है। 2. बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। 3. एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं। 4. ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं। 5. ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।  

अमिताभ ने सोशल मीडिया पर शेयर किया ‘धड़क 2’ का ट्रेलर

  मुंबई,  बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर फिल्म धड़क 2 का ट्रेलर शेयर किया है। वर्ष 2018 में प्रदर्शित जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर की फिल्म धड़क को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। अब फिल्म धड़क का सीक्वल धड़क 2 जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देने वाला है। इस फिल्म में सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी की मुख्य भूमिका है।अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म के ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमिताभ बच्चन ने अपने एक्स हैंडल पर 'धड़क 2' का आधिकारिक ट्रेलर शेयर करते हुए इसकी तारीफ की और कैप्शन में लिखा, सभी को शुभकामनाएं ..' अमिताभ की इस पोस्ट पर 'धड़क 2' की निर्माता मीनू अरोड़ा ने आभार जताते हुए लिखा, 'आपका आशीर्वाद और समर्थन मेरे और हम सभी के लिए बहुत मायने रखता है। धन्यवाद सर।' फिल्म धड़क 2 का निर्माण करण जौहर और धर्मा प्रोडक्शंस, जी स्टूडियोज़, क्लाउड 9 पिक्चर्स के तहत किया गया है। शाजिया इकबाल निर्देशित यह फिल्म एक अगस्त को रिलीज होगी।  

सिडबी भर्ती 2025: ग्रेड A-B ऑफिसर के लिए नोटिफिकेशन जारी, जानें योग्यता और सैलरी

नई दिल्ली   बैंक में करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए शानदार चांस आ गया है। भारत के सरकारी बैंक सिडबी (SIDBI) ने ग्रेड A और ग्रेड B ऑफिसर पदों पर नई भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हो गया है। आवेदन 14 जुलाई से IBPS की ऑफिशियल वेबसाइट ibpsonline.ibps.in पर शुरू हो चुके हैं। जिसमें इस पद पर नौकरी पाने के इच्छुक अभ्यर्थी अंतिम तिथि 11 अगस्त 2025 तक अप्लाई कर सकते हैं। नोटिफिकेशन में फेज I और फेज II परीक्षा की तारीख भी बताई गई है। पद की डिटेल्स सिडबी का पूरा नाम भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक है, जिसका प्रमुख काम देश के छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के विकास के लिए काम करता है। इस बैंक में आप भी ऑफिसर पद पर नौकरी ले सकते हैं। किस पद के लिए कितनी रिक्तियां निकली हैं? यह जानकारी आप नीचे टेबल से भी देख सकते हैं।  योग्यता असिस्टेंट मैनेजर ग्रेड ए की इस नई भर्ती में अप्लाई करने के लिए उम्मीदवारों के पास कॉमर्स/इकोनॉमिक्स/मैथिमेटिक्स/स्टेटिस्टिक्स/बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन/इंजीनियरिंग में 60 प्रतिशत अंकों के साथ डिग्री या CS/CA/MBA/PGDM की डिग्री होनी चाहिए। मैनेजर ग्रेड बी के लिए बैचलर डिग्री किसी भी स्ट्रीम से 60 प्रतिशत अंकों के साथ 5 साल का अनुभव मांगा गया है। मैनेजर ग्रेड बी लीगल के लिए एलएलबी और 5 वर्ष काम का अनुभव, मैनेजर इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) के लिए बी.ई/बीटेक इंजीनियरिंग डिग्री/कंप्यूटर साइंस/कंप्यूटर टेक्नोलॉजी/इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी/इलेक्ट्रॉनिक्स/इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन के साथ 5 साल का एक्पीरियंस होना जरूरी है। योग्यता संबंधित ये जानकारी आप विस्तार से भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से भी चेक कर सकते हैं। एज लिमिट     आयुसीमा- ग्रेड ए ऑफिसर पद पर अप्लाई करने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम उम्र 30 वर्ष होनी चाहिए। वहीं ऑफिसर ग्रेड बी के लिए न्यूनतम उम्र 25 वर्ष और अधिकतम उम्र 33 वर्ष होनी चाहिए।     सैलरी- असिस्टेंट मैनेजर ग्रेड ए के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को करीब 1,00,000 रुपये प्रति माह और मैनेजर ग्रेड बी को लगभग 1,15,000 रुपये मंथली सैलरी मिल सकती है।     चयन प्रक्रिया- फेज 1, फेज 2 एग्जाम, इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन आदि चरणों के जरिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।     आवेदन शुल्क- सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को 1100 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। वहीं एससी/एसटी/पीएच अभ्यर्थियों को 175 रुपये एप्लीकेशन फीस सब्मिट करनी होगी।     फेज 1 परीक्षा तिथि- 6 सितंबर 2025 (संभावित)     फेज 2 परीक्षा तिथि- 4 अक्टूबर 2025 (संभावित) सिडबी की इस भर्ती से संबंधित अन्य किसी भी जानकारी के लिए आपको बैंक की आधिकारिक वेबसाइट विजिट करने की सलाह दी जाती है।

मध्यप्रदेश पुलिस का जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी – है जरूरी”

  15 से 30 जुलाई तक प्रदेशभर में चलेगा विशेष अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा से प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस ने एक वृहद जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी – है जरूरी"की शुरुआत की है। यह अभियान 15 से 30 जुलाई 2025 तक पूरे राज्य में संचालित किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में यह अभियान पुलिस मुख्यालय की नारकोटिक्स विंग द्वारा चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स)श्री के. पी. वेंकटेश्वर राव ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य किशोरों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें इस लत से दूर रखना और जो लोग पहले से नशे की गिरफ्त में हैं, उन्हें उचित परामर्श और सहयोग प्रदान कर पुनर्वास की दिशा में मार्गदर्शन देना है। इस जन-जागरूकता अभियान में विभिन्न शासकीय विभाग, गैर-सरकारी संगठन (NGO), धर्माचार्य, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, और ग्राम एवं नगर सुरक्षा समितियाँ सक्रिय रूप से भाग लेंगी। समाज के सभी वर्गों के सहयोग से समाज के हर वर्ग तक संदेश पहुँचाया जाएगा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, पूरे समाज को प्रभावित करता है इससे दूरी रखना नितांत आवश्यक है। यह अभियान स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और डिजिटल माध्यमों के ज़रिए जन-जागृति फैलाने का कार्य करेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त राज्यपालों को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रो. आशिम कुमार घोष को हरियाणा, श्री पी. अशोक गजपति राजू को गोवा और श्री कविंद्र गुप्ता को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि निश्चित ही नवनियुक्त राज्यपाल और उपराज्यपाल के सुदीर्घ प्रशासनिक अनुभव का लाभ संबंधित राज्यों के विकास और लोक कल्याण को नई दिशा देने के लिए मिलेगा।

नर्मदापुरम में 3.0 गीगावॉट सोलर सेल यूनिट की तैयारी, 700 से अधिक रोजगार सृजन की संभावना- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  दुबई यात्रा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ग्रियू एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एवं निदेशक विनय ठडानी और प्रतिनिधियों ने मुलाक़ात की। बैठक में नर्मदापुरम जिले में प्रस्तावित 3.0 गीगावॉट क्षमता की सोलर सेल परियोजना के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली अनुकूल औद्योगिक सहायता पर विस्तार से चर्चा हुई। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश की भागीदारी को सशक्त करेगी, बल्कि इससे 700 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावनाएं भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में हरित ऊर्जा परियोजनाओं को आवश्यक प्रोत्साहन देने और उद्योगों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह परियोजना राज्य के पर्यावरणीय लक्ष्यों को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगी। बैठक में यह भी स्पष्ट हुआ कि मध्यप्रदेश सतत ऊर्जा नवाचार का एक उभरता हुआ केंद्र बनता जा रहा है।  

जैन समाज ने की मुख्यमंत्री साय से मुलाकात, सामाजिक विषयों पर हुई चर्चा

विधानसभा भ्रमण पर आए प्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव, मानव सेवा के कार्यों में समाज की भूमिका की दी जानकारी रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर में दुर्ग जिले से आए जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को जैन समाज द्वारा मानव सेवा एवं सामाजिक उत्थान के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विधानसभा परिसर के भ्रमण और सदन की कार्यवाही के अवलोकन के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक प्रेरणादायक अवसर रहा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को निकट से देखने का अवसर मिलना गौरवपूर्ण अनुभव है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जैन समाज की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि समाज की सकारात्मक गतिविधियाँ प्रदेश के समावेशी विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को उनके सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर दुर्ग विधायक श्री गजेंद्र यादव भी उपस्थित रहे।

अत्यंत दुर्लभ घड़ियाल के 30 बच्चे और 36 बटागुर कछुए किये जप्त

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की बड़ी कार्रवाई भोपाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव के निर्देश पर स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश द्वारा सूचना तंत्र विकसित कर क्षेत्रीय इकाई भोपाल, शिवपुरी के साथ संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए सबलगढ़-मुरैना मार्ग पर घेराबंदी कर जौरा शहर थाने के पास 12 जुलाई को 3 व्यक्तियों से अत्यंत दुर्लभ प्रजाति के घड़ियाल के 30 बच्चे और 36 बटागुर कछुए जप्त करने में सफलता प्राप्त की है। विवरण में बताया गया कि फोर्स द्वारा वाहन रोककर तलाशी ली गयी, जिसमें सवार 3 व्यक्ति विजय पिता शाशिकांत गोंड निवासी थाटीपुर ग्वालियर, राजू आदिवासी पिता जगदीश निवासी मउरानीपुर जिला झांसी और रामवीर सिंह पिता शिव सिंह निवासी सूर्य बिहार कॉलोनी ग्वालियर के पास से अत्यंत दुर्लभ 30 घड़ियाल के बच्चे और 14 बटागुर कछुए की जप्ती की गयी। स्टेट टाइगर फोर्स द्वारा आरोपियों से पूछताछ के बाद आरोपी विजय गोंड के ग्वालियर स्थित निवास से 22 बटागुर कछुए जप्त किये गये। इन आरोपियों पर वन एक्ट के तहत कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किया है इसमें स्थानीय पुलिस एवं वन मण्डल मुरैना द्वारा भी सहयोग किया गया। इन तीनों आरोपियों को शिवपुरी न्यायालय में प्रस्तुत कर फारेस्ट रिमाण्ड पर लेकर पूछताछ की जायेगी। इन आरोपियों पर पूर्व में भी इस प्रकार के प्रकरण दर्ज हैं, जिस पर इन्हें सजा भी हो चुकी है। पूछताछ के दौरान बताया गया कि यह जलीय जीव कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेजे जा रहे थे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव ने बताया किजलीय जीव ग्वालियर की चंबल नदी में मुख्यत: पाये जाते हैं, जो अत्यंत दुर्लभ प्रजाति के हैं। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा इन्हें बचाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इन संकटप्रद प्रजातियों का जलीय पारिस्थितिकी में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। अन्य देशों के अलावा मुख्यत: पश्चिमी यूरोपीय देश में इनकी भारी डिमाण्ड होने के कारण इनकी तस्करी की जाती है।