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KGMU पहुंचें मुख्यमंत्री योगी, 900 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का किया उद्घाटन

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में सोमवार को 941 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने 92 बेड के कार्डियोलाॅजी आईसीयू भवन और 340 बेड के ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 300 बेड की क्षमता वाले जनरल सर्जरी विभाग के नए भवन, 500 बेड वाले ट्रामा-2 भवन, नए प्रशासनिक भवन, 450 बिस्तरों की क्षमता वाला पांच मंजिला डायग्नोस्टिक सेंटर और 14 नए कमरों वाले गेस्ट हाउस शिलान्यास भी किया। इस माैके पर स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक और स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा, कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद और प्रो केके सिंह मौजूद रहे . अत्याधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में एक ही छत के नीचे आर्थोपेडिक सर्जरी, स्पोर्ट्स मेडिसिन, पीडियाट्रिक सर्जरी, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी जैसी सुविधाएं होंगी। सात मंजिला भवन में 220 बेड आर्थोपेडिक्स, 60-60 बेड स्पोर्ट्स और पीडियाट्रिक आर्थो, 24 HDU बेड, 8 ऑपरेशन थिएटर, और 24 प्राइवेट रूम होंगे। नए कार्डियोलॉजी ब्लॉक से लारी कार्डियोलॉजी ICU की क्षमता 84 से बढ़कर 180 बेड हो जाएगी। इसमें दो कैथ लैब, 6 ईको मशीन, 96 बेड साइड मॉनिटर, 120 सिरिंज पंप और एडवांस कार्डियोलॉजी उपकरण शामिल होंगे। हड्डी का एक छत के नीचे पूरा इलाज केजीएमयू के आठ मंजिला सेंटर फॉर आर्थोपैडिक्स एवं सुपर स्पेशिलयालिटी भवन में एक छत के नीचे डॉक्टर की सलाह, जांच व भर्ती होगी। लगभग 86 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस भवन में कुल 340 बेड होंगे। जिसमें 24 प्राइवेट रूम शामिल हैं। 24 आईसीयू बेड हैं। आठ ऑपरेशन थिएटर हैं। आठ ओपीडी रूम हैं। आर्थोपैडिक्स सर्जरी, पीडियाट्रिक आर्थोपैडिक्स, स्पोर्ट मेडिसिन विभाग हैं। बोन बैंक के लिए भी स्थान तय है। रेडियोडायग्नोसिस व पैथोलॉजी सेंटर भी है। सिटी स्कैन, एक्सरे मशीन लग गई है। सस्ती दवाओं के लिए एचआरएफ काउंटर है। यहां आर्थोप्लास्ट, नी-हिप रिप्लेसमेंट आधुनिक सुविधा है। 500 बेड ट्रॉमा टू का शिलान्यास मुख्यमंत्री गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए ट्रॉमा टू का शिलान्यास करेंगे। इसमें 500 बेड होंगे। इसमें घायलों को भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जाएगा। जबकि पुराने ट्रॉमा सेंटर में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। पेसेन्ट यूटिलिटी काम्पेक्स भी बनेगा। इन पर करीब 296 करोड़ रुपए की लागत से ट्रॉमा-2 तैयार किया जाएगा। मौजूदा समय में ट्रॉमा सेंटर में करीब 466 बेड हैं। प्रदेश भर से मरीज आ रहे हैं। बेड फुल होने की दशा में मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं। 300 बेड होंगे जनरल सर्जरी विभाग में मुख्यमंत्री जनरल सर्जरी विभाग का नवीन भवन का शिलान्यास करेंगे। 9.62 एकड़ में तैयार होने वाली बिल्डिंग में 300 बेड होंगे। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा होगी। 315 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान है। 11 मंजिला भवन बनेगा। 12 ऑपरेशन थिएटर होंगे। जिसमें एक एडवांस रोबोटिक सर्जरी की ओटी, 11 माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें छह ओटी लैप्रोस्कोप सिस्टम से लैस होंगी। भवन में ऑडिटोरियम समेत अन्य सुविधाएं होंगी। 48 करोड़ रुपए की लागत से नवीन प्रशासनिक भवन बनेगा। डायग्नोस्टिक सेन्टर एवं पीआरए फैसेलिटी ब्लॉक बनेगा। इस पर करीब 48 करोड रुपए खर्च होंगे। न्यू गेस्ट हाउस का विस्तार का भी शिलान्यास करेंगे। किरकिरी के बाद बदला फैसला लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार जनरल सर्जरी विभाग की नई बिल्डिंग शताब्दी भवन के पास बनेगी। केजीएमयू प्रशासन इस भवन को दूसरी जगह शिफ्ट कराना चाह रहा था। इसको लेकर काफी पत्राचार भी किया। इससे शासन प्रशासन की काफी किरकिरी भी हुई। अधिकारियों का कहना है कि भवन की डिजाइन, नक्शा, निर्माण एजेंसी व बजट पास होने के बाद स्थान बदलने की कवायद उचित नहीं थी। इसमें समय की बर्बादी थी। नए स्थान पर भवन बनाने के लिए फिर से मिट्टी की जांच, नक्शा आदि पास कराना पड़ता। इससे निर्माण में देरी होती। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता। दो बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास मुख्यमंत्री 500 बेड वाले ट्रॉमा-2 सेंटर और 300 बेड की क्षमता वाले जनरल सर्जरी विभाग का शिलान्यास भी करेंगे। ट्रॉमा सेंटर पर 296 करोड़, जबकि जनरल सर्जरी भवन पर 315 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जनरल सर्जरी भवन में 12 ऑपरेशन थिएटर, जिनमें एक एडवांस रोबोटिक ओटी शामिल है, और दो मंजिला अंडरग्राउंड पार्किंग भी होगी।

आज होगा शुभांशु का पुनर्जन्म सा आगमन, माता-पिता ने भोलेनाथ को कहा धन्यवाद

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 18 दिन बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से वापसी करेंगे। शुभांशु  Axiom-4 मिशन के तहत तीन अन्य साथियों के साथ अंतरिक्ष यात्रा पर हैं। कुछ ही घंटे में उनका सफर वापस पृथ्वी के लिए शुरू होने वाला है। इधर, लखनऊ में शुभांशु शुक्ला के पिता शंभू दयाल शुक्ला और मां आशा शुक्ला बेसब्री से बेटे के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में पिता ने कहा कि हम काफी उत्साहित हैं। बेटे के स्वागत के लिए तैयार हैं। आज शाम को अनडॉकिंग होगी। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि उनका मिशन पूरा हो गया है। सभी को उनके लौटने का इंतजार है। उन्होंने आगे कहा कि हम सुबह मंदिर गए। घर पर भी पूजा-अर्चना की। हमने भोलेनाथ से प्रार्थना की है कि वे हमें आशीर्वाद दें कि बेटा और उसके साथ पृथ्वी पर सुरक्षित उतरें। हमें उन पर बहुत गर्व है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारा बेटा इतनी ऊंचाइयों को छुएगा। हमें लगता है कि हम भाग्यशाली हैं कि हमारे घर ऐसा बेटा पैदा हुआ। जिसके नाम से हम लोग जाने जाते हैं। शुभांशु की मां आशा कहती हैं कि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा करें। जल्द से जल्द धरती पर वापस आकर हमसे मिलें। हम उनका भव्य स्वागत करेंगे।  हमारा बच्चा सकुशल वापस आ जाए: शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ने कहा कि हम बहुत उत्साहित हैं। हमें यह जानकर बहुत अच्छा लग रहा है कि हमारा बच्चा 17-18 दिनों बाद वापस आ रहा है… अगर हमारा बस चलता, तो हम उससे मिलने वहां दौड़ पड़ते। लेकिन यह संभव नहीं है। बहुत उत्साह है… आज भगवान शिव के लिए एक खास दिन है। हम सुबह जल्दी उठे और मंदिर गए। हमने भगवान शिव का अभिषेक किया। हमने भगवान से प्रार्थना की कि हमारा बच्चा सकुशल वापस आ जाए और धरती पर उतरने के बाद उसे कोई नुकसान न पहुंचे। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की बहन शुचि मिश्रा ने कहा कि आज फिर से हम वही भावनाएं महसूस कर रहे हैं जो उस दिन थीं जब वह मिशन पर गए थे। जब वह वापस आएंगे तो हम खूब जश्न मनाएंगे। हर दिन हम प्रार्थना करते थे और ईश्वर का धन्यवाद करते थे। जब हमने उनसे बात की, तो वह बहुत खुश लग रहे थे… एक पायलट और अब एक अंतरिक्ष यात्री होने के नाते, उन्होंने हमारे देश की अलग ही खूबसूरती देखी होगी और इसमें कोई शक नहीं कि 'सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा'। बता दें, चालक दल 14 जुलाई को भारतीय समयानुसार सायं 4:35 बजे आईएसएस से अनडॉक होगा और 15 जुलाई, मंगलवार को भारतीय समयानुसार सायं 3 बजे कैलिफोर्निया के तट के निकट प्रशांत महासागर में उतरेगा। रविवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर चालक दल के सदस्यों के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया, जहां शुभांशु शुक्ला ने एक भावपूर्ण भाषण दिया जिसमें उन्होंने अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के प्रसिद्ध शब्दों को दोहराया और कहा कि आज का भारत अभी भी सारे जहां से अच्छा दिखता है। उन्होंने यह टिप्पणी उस समय की जब चालक दल के सदस्यों ने अंग्रेजी और अपनी मूल भाषाओं में विदाई भाषण दिया। शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ने कहा कि घर पर उनके स्वागत की जोरदार तैयारी की जाने वाली है। उन्होंने कहा, "हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वह अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा करें और जल्द से जल्द धरती पर वापस आएं और हमसे मिलें। हम उनका भव्य स्वागत करेंगे।" इससे पहले शुभांशु शुक्ला अपने क्रू मेंबर्स के साथ दावत करते हुए दिखाई दिए थे, जिसकी तस्वीरें आईएसएस से देखने को मिली थी। 14 जुलाई से लेकर 15 जुलाई तक का सारा शेड्यूल जानकारी के लिए बता दें कि शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम 14 जुलाई के दिन 4:35 बजेIST पर ISS से अलग हो जाएगी। 15 जुलाई के दिन कैलिफोर्निया के पास प्रशांत महासागर में स्प्लैशडान होने की उम्मीद की जा रही है। 18 दिनों के बाद वो वापस धारती पर लौटेंगे। Ax-4 चालक दल में कमांडर पैगी व्हिटसन, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पायलट शुभांशु शुक्ला, पोलैंड के यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के प्रोजेक्ट अंतरिक्ष यात्री स्लावोस्ज़ "सुवे" उज़नांस्की-विस्न्यूस्की और HUNOR (हंगेरियन टू ऑर्बिट) अंतरिक्ष यात्री टिबोर कपु शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के वक्त शुभांशु शुक्ला ने पेट्री डिश में मूंग और मेथी उगाई। इसकी तस्वीरें उन्होंने शेयर भी की।

सुरक्षा व्यवस्था खतरे में? सिविल एविएशन सिक्योरिटी एजेंसी में कर्मचारियों की भारी कमी

अहमदाबाद अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे के बाद हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल पैदा हुए हैं. 12 जून को हुए इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और शुरुआती जांच में टेकऑफ के तुरंत बाद प्लेन की दोनों इंजन के बंद होने की बात सामने आई है. इस बीच इंडिया टुडे की ओर से दायर की आरटीआई के जवाब में खुलासा हुआ है कि नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) में कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है. चार साल से 30% पद खाली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक सिविल एविएशन सिक्योरिटी ब्यूरो में स्वीकृत पदों के बावजूद सैकड़ों पद खाली हैं. साथ ही बीते तीन साल में खाली पदों को भरने की दिशा में बहुत कम सुधार हुआ है. सिक्योरिटी ब्यूरो में खाली पदों की दर लगातार चार साल से 30 फीसदी से भी ज्यादा है. यह जानकारी इंडिया टुडे को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली है. अहमदाबाद में हाल ही में हुए एअर इंडिया विमान हादसे ने इन खुलासों को काफी अहम बना दिया है, जो भारत की सिविल एविएशन इंडस्ट्री की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार इस एजेंसी की महत्वपूर्ण कमजोरियों को बताते हैं. इंडिया टुडे की ओर से आरटीआई के तहत हासिल आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 30 जून, 2025 तक, बीसीएएस में 598 स्वीकृत पद हैं, लेकिन सिर्फ 371 ही भरे गए हैं, जिससे 227 पद रिक्त हैं. कई वर्षों से ब्यूरो में कर्मचारियों की शॉर्टेज बनी हुई है. जून 2025 तक 227 पद खाली थोड़े-बहुत बदलाव के बावजूद खाली पदों की दर कम से कम तीन साल से 30 फीसदी के ऊपर बनी हुई है. यानी, हर दस सुरक्षा पदों पर कम से कम तीन रिक्त पद हैं. नवीनतम आंकड़ों (जून 2025) के मुताबिक फिलहाल 227 रिक्त पद हैं, जो पिछले चार साल में सबसे ज्यादा हैं. यह सिर्फ छह महीने पहले की तुलना में चिंताजनक वृद्धि है. सिक्योरिटी ब्यूरो में लगातार स्वीकृत पदों (595 से 598) में बढ़ोतरी हुई है, बावजूद इसके भरे गए पदों की संख्या में कमी आई है. इससे पता चलता है कि बढ़ती सुरक्षा जरूरतों के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया पिछड़ रही है. लगभग हर पांच में से दो पद खाली हैं, इसलिए वर्तमान कर्मचारियों पर संभवतः काम का बहुत ज्यादा बोझ है, जिसका असर इमरजेंसी प्रतिक्रिया से लेकर नियमित निरीक्षण तक, हर चीज पर पड़ सकता है. हवाई सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल ये आंकड़े सिर्फ नौकरशाही के फ़ुटनोट नहीं, बल्कि एक व्यवस्थागत समस्या की तरफ इशारा करते हैं. एयर ट्रैफिक बढ़ने और नए खतरों के सामने आने के साथ, बीसीएएस की क्षमता की परीक्षा हो रही है. इन खुलासों से एक अहम सवाल उठता है कि क्या भारत का सिविल एविएशन इतने सारे कर्मचारियों की गैरमौजूदगी में काम कर सकता है? हाल ही में अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया हादसे ने विमानन सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ा दी है, लेकिन आरटीआई के नतीजे एक गंभीर और सतत मुद्दे की ओर इशारा करते हैं. इससे साफ है कि भारत की अहम एविएशन सिक्योरिटी एजेंसी कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रही है.

एसटीएफ मुठभेड़ में संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी गिरोह का शूटर शाहरुख पठान ढेर

मुजफ्फरनगर मुजफ्फरनगर में मेरठ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी कामयाबी मिली है। मेरठ स्पेशल टास्क फोर्स ने गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी जीवा और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी गिरोह के शूटर शाहरुख पठान को मुठभेड़ में मार गिराया। खालापार निवासी शाहरुख पठान ने पुलिस पर 10 से ज्यादा राउंड फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में एसटीएफ ने शार्प शूटर शाहरुख पठान को मार गिराया। जानकारी के अनुसार, शाहरुख पठान पर एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे। एसटीएफ ने मौके से तीन पिस्तौलें बरामद कीं। 60 से ज़्यादा कारतूस और एक कार भी बरामद की गई है। पुलिस ने शाहरुख पठान के पास से एक 9 एमएम की देसी पिस्तौल भी बरामद की है। एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार ने बताया कि एक सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने कार सवार बदमाश की घेराबंदी की थी। देर रात छपार क्षेत्र में बिजोपुरा तिराहे पर कार सवार बदमाश से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में मुजफ्फरनगर जनपद के थाना खालापार के मोहल्ला खालापार निवासी शाहरुख पठान मारा गया। उससे देसी पिस्टल सहित तीन पिस्टल व 50 से अधिक कारतूस बरामद हुए।   एएसपी ने बताया कि मुठभेड़ में ढेर बदमाश के खिलाफ एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह पूर्व में पुलिस कस्टडी में हत्या भी कर चुका है। उसके बारे में अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।

झांतल का विश्वनाथ धाम: आस्था की गहराइयों में डूबा एक दिव्य तीर्थ

भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के झांतल गांव में स्थित विश्वनाथ महादेव मंदिर श्रावण मास के चलते इन दिनों शिवभक्तों के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। तालाब के बीच खंभों पर बने इस भव्य मंदिर में भगवान विश्वनाथ साल के छह महीने जल के बीच विराजमान रहते हैं। सावन के इस पावन महीने में श्रद्धालुओं का मंदिर में दिनभर आना-जाना बना रहता है और जलाभिषेक तथा दुग्धाभिषेक की धूम मची रहती है। वर्ष भर में सावन के अंतिम सोमवार, शिवरात्रि व वैशाख शुक्ल पंचमी यहां तीन बड़े कार्यक्रम होते हैं। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन स्थल भी है। बनेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले इस मंदिर की शाहपुरा और बनेड़ा मुख्यालय से दूरी लगभग 20 किलोमीटर है। झांतल गांव बल्दरखा ग्राम पंचायत में आता है, जहां करीब 350 घरों की बस्ती है और सभी समाज के लोग यहां निवास करते हैं। सभी परिवारों में मंदिर के प्रति विशेष आस्था देखने को मिलती है। मन्दिर निर्माण में एक मुस्लिम कारीगर के होने और मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में उसकी भागीदारी तय होने से अब यह सांप्रदायिक सद्भाव का केंद्र बन गया है। झांतल विश्वनाथ महादेव मंदिर की स्थापना 22 अप्रैल 1996 को हुई थी। इसका निर्माण दो वर्ष तक चला। मंदिर का संचालन मोहनलाल शर्मा के नेतृत्व में गठित आठ सदस्यों वाले ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। यहां पहले एक छतरी बनाई गई थी, जिसमें अब राधा-कृष्ण की मूर्तियां विराजमान हैं। उसके सामने दूसरी छतरी में मां सिद्धेश्वरी देवी की प्रतिष्ठा की गई है। इन दोनों छतरियों के मध्य आंगन छोड़ते हुए शिवलिंग के रूप में भगवान विश्वनाथ महादेव अपने पूरे परिवार सहित प्रतिष्ठित किए गए हैं। विशेष बात यह है कि मंदिर में प्रवेश के लिए 210 फीट लंबा और 15 फीट चौड़ा खंभों पर बना पुल बनाया गया है। यह पुल श्रद्धालुओं को तालाब के बीच स्थित मंदिर तक पहुंचाता है। वहीं मंदिर भी तालाब में खंभों पर खड़ा किया गया है। तालाब की भराव क्षमता 13 फीट है। बरसात के दिनों में यह तालाब पूरा भर जाता है और आसपास की लगभग 600 बीघा भूमि की सिंचाई भी इसी तालाब से होती है। श्रावण मास के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों का आयोजन होता है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। हर सोमवार और हरियाली अमावस्या के दिन यहां विशेष भीड़ देखने को मिलती है। दूर-दराज के इलाकों से भी लोग इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के मनोरम दृश्य और तालाब के बीच बने मंदिर की छटा हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती है। मंदिर ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी मोहनलाल शर्मा ने बताया कि हर वर्ष बरसात के मौसम में तालाब 90 प्रतिशत तक भर जाता है और मंदिर का आधा हिस्सा जलमग्न रहता है। सावन के इस महीने में श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं ताकि वे सुरक्षित और सुगम रूप से मंदिर पहुंच सकें। शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा सफाई, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था के भी खास इंतजाम किए जाते हैं। आने वाले दिनों में मंदिर परिसर में और अधिक विकास कार्य किए जाने की योजना है, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था, प्रसाद वितरण केंद्र और पार्किंग सुविधा शामिल है। झांतल विश्वनाथ महादेव मंदिर के प्रति लोगों की आस्था और आकर्षण देखकर यह स्पष्ट है कि यह मंदिर भीलवाड़ा जिले ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के प्रमुख शिवालयों में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। श्रावण मास के इस पावन अवसर पर मंदिर में उमड़ती भीड़ और गूंजते जयकारे इस बात के साक्षी हैं कि भगवान विश्वनाथ की महिमा आज भी जीवित है और लोगों के दिलों में गहराई से बसी हुई है।  

कानपुर से कैलिफोर्निया तक धमाल! Trapit Bansal को मिली जुकरबर्ग की 800 करोड़ की जॉब ऑफर

मुंबई  Meta CEO और Facebook के फाउंडर Mark Zuckerberg, AI सेक्टर के लिए बड़ी तैयारी कर रहे हैं. अभी वह Google, ChatGPT मेकर OpenAI को बड़ी चुनौती देने के लिए Superintelligence Labs का ऐलान कर चुके हैं और अब इस लैब्स के लिए बड़े लेवल पर हायरिंग कर रहे हैं. हाल ही उन्होंने कानपुर से पढ़ाई करने वाले Trapit Bansal को 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पैकेज देकर हायर किया था और अब वे Apple में काम कर चुके Ruoming Pang को शामिल करने जा रहे हैं.  Meta ने उनको एक बड़ा पैकेज का ऑफर दिया है, जिसकी कीमत 200 मिलियिन अमेरिकी डॉलर ( करीब 1670 करोड़ रुपये) है. इस सैलेरी के सामने OpenAI से Meta में Trapit Bansal की 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 800 करोड़ रुपये) का पैकेज आधा नजर आता है. Superintelligence Group में हो रही बड़े लेवल की हायरिंग  यहां आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि Superintelligence Group इकलौती जगह है, जहां की लोगों को सबसे ज्यादा सैलेरी पर हायर किया जा रहा है.  ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, Meta द्वारा दिया जा रहा ये पैकेज इसलिए दे रहे हैं ताकि कर्मचारी अपनी परफोर्मेंस को बरकरार रखें और टारगेट को हासिल कर सकें. अगर वे कंपनी को जल्दी छोड़ते हैं या फिर कंपनी के स्टॉक नीचे जाते हैं तो उनकी पेमेंट में कटौती की जा सकती है.  ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया है कि सुपरइंटीलेंस लैब के लिए हायर किए जा रहे कर्मचारियों की सैलेरी में बॉनस, बेस सैलेरी और मेटा स्टॉक आदि को शामिल किया है. साथ ही अगर कोई कर्मचारी Meta में शामिल होने के लिए अपनी हिस्सेदारी छोड़ रहा है तो कंपनी उसकी भरपाई करने की कोशिश करती है.  OpenAI का बड़ा मार्केट शेयर  AI डेटा को एनालाइज करने वाली वेबसाइट Similarweb की रिपोर्ट के मुताबिक, Generative AI Tools Traffic में OpenAI का मार्केट शेयर 150 मिलियन्स से भी ज्यादा है. वहीं Google भी इस मामले में सेकेंड पॉजिशन पर है. अब Meta न्यू हायरिंग करके कई कंपनियों को पछाड़ना चाहती है.  WhatsApp में भी मिलता है Meta AI Meta के पास पहले से खुद का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) है, जिसका नाम Meta AI है. वैसे तो ChatGPT की तरह ही Meta AI  का पोर्टल और ऐप मौजूद है. यह ऐप Google Play Store और App Store पर है. इसके अलावा Meta AI  का यूज WhatsApp के अंदर भी किया जा सकता है, जिसके लिए मैसेजिंग ऐप के अंदर ही Meta AI का आइकन मिलता है. 

सावन सोमवार के पहले दिन हटकेश्वरनाथ मंदिर में शिवभक्तों की भक्ति का सागर

रायपुर 11 जुलाई से श्रावण महीने की शुरुआत हो चुकी है। सावन के पहले सोमवार को रायपुर के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। सुबह 5 बजे से ही लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। राजधानी के पूरे शिवालय हर-हर महादेव की जयघोष से गूंज रहे हैं। रायपुर के महादेवघाट स्थित हटकेश्वरनाथ मंदिर में सावन के पहले दिन भारी संख्या में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव की मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। हरिद्वार के लक्ष्मण झूला की तर्ज पर यहां बने लक्ष्मण झूला और खारून नदी में नाव की सवारी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पास में बने गॉर्डन यहां की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। रायपुर सहित अन्य जिलों के सैलानी यहां बड़ी संख्या पहुंचकर इसका आनंद लेते हैं। शहर की जीवनदायिनी नदी 'खारुन' तट पर स्थित ऐतिहासिक हटकेश्वरनाथ मंदिर का विशेष महत्व है। कल्चुरी राजाओं ने कराया था मंदिर का निर्माण 1402 ई में कल्चुरी वंश के राजा रामचंद्र के पुत्र ब्रह्मदेव राय के शासन काल में हाजीराज नाइक ने मंदिर का निर्माण करवाया था। ऐसी मान्यता है कि यहां नंदी महाराज के कानों में जो भक्त फरियाद या मन्नत मांगते हैं, उसकी भगवान शिव मुरादें जरूर पूरी करते हैं। सावन के महीने में यहां रायपुर और प्रदेश के कोने-कोने से लोग पहुंचते हैं। छत्तीसगढ़ के कई जिलों से श्रद्धालु कांवर लेकर पहुंचते हैं। हर साल कांवर पदयात्रा भी निकाली जाती है। ये है धार्मिक मान्यता धार्मिक मान्यताओं और पुराणों के अनुसार, जहां भगवान श्रीराम लंका पर चढ़ाई के लिए रामेश्वरम में समुंद्र पर पुल बनाने की योजना बनाई तो उस समय बजरंग बली को शिवलिंग लाने के लिए कहा गया था। इस पर बजरंग बली शिवलिंग लाने गए। इस दौरान शिवलिंग लाने में काफी देर हुई, तो भगवान राम ने रामेश्वरम में रेत से ही विधि-विधान से पूजा अर्चना कर शिवलिंग की स्थापना कर दी थी। बजरंग बली को किसी नदी के किनारे उस शिवलिंग को रखने के लिए कहा गया। कहा जाता है कि भगवान हनुमान ने रायपुर में खारून नदी के तट पर शिवलिंग रखकर चले गए, जो कालांतर में हटकेश्वर नाथ, महादेव घाट के  नाम से विख्यात हुआ। सावन सोमवार व्रत का महत्व सावन सोमवार व्रत रखने से विवाह के योग बनते हैं। इस व्रत को करने से माता पार्वती को शिवजी पति स्वरूप में प्राप्त हुए। इस वजह से मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए सावन सोमवार व्रत रखा जाता है। इसके अलावा शिव कृपा प्राप्ति के लिए सावन सोमवार व्रत रखते हैं। सावन सोमवार व्रत और पूजा विधि जो लोग सोमवार व्रत पूरे साल रखना चाहते हैं, वे सावन के पहले सोमवार से इसकी शुरूआत कर सकते हैं। सावन सोमवार व्रत के नियमों का पालन करते हुए शिव पूजा करते हैं। शिव जी को बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, गाय का दूध, गंगाजल, भस्म, अक्षत्, फूल, फल, नैवेद्य आदि चढ़ाते हैं। सावन सोमवार व्रत कथा का पाठ करते हैं। शिव चालीसा, शिव रक्षा स्तोत्र पढ़ते हैं। शिव मंत्रों का जाप करते हैं। सावन के सभी सोमवार व्रत रखना चाहिए। इससे आपकी मनोकामना पूरी होगी।

सोमवार को काशी में शिवभक्ति की बयार: रुद्राभिषेक, सप्तऋषि आरती और ‘बम-बम भोले’ की गूंज

वाराणसी श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग में आज प्रातः सप्तऋषि आरती का दिव्य और अलौकिक आयोजन सम्पन्न हुआ। बाबा विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का समुंदर उमड़ पड़ा, जब श्रद्धालुओं ने साक्षात सप्तऋषियों के स्वरूप में आरती का दर्शन किया। साथ ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में धार्मिक उल्लास और आस्था के वातावरण में विशेष सोमवासरीय रूद्राभिषेक का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संकल्पित परंपरा के अंतर्गत हुआ, जिसमें प्रत्येक सोमवार को संकल्प पाठ संग रूद्राभिषेक किया जाता है। आज के दिव्य आयोजन में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने प्रतिनिधित्व करते हुए श्री अविमुक्तेश्वर महादेव का विशेष उद्देश्य के साथ संकल्प पाठ व रुद्राभिषेक किया। विश्वनाथ धाम शिवमय हो उठा धूप, दीप, नैवेद्य और शंखनाद के साथ जब आरती प्रारंभ हुई, तो सम्पूर्ण विश्वनाथ धाम शिवमय हो उठा। सप्त ऋषियों की परंपरा अनुसार होने वाली यह आरती केवल विशेष पर्वों एवं सावन जैसे पवित्र मास में ही आयोजित होती है, जो शिव भक्तों के लिए परम दुर्लभ और पुण्यकारी मानी जाती है। भक्तों की लगी लंबी कतार भक्तों की लंबी कतारों और “हर हर महादेव” के जयघोष के बीच काशी नगरी का हर कोना आज शिवभक्ति में डूबा रहा। बाबा के जलाभिषेक, पुष्पांजलि और रुद्राभिषेक के बाद हुई यह सप्तऋषि आरती, श्रद्धालुओं के लिए आत्मिक शांति और अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव लेकर आई।

नक्सली हिंसा का शिकार बने निर्दोष ग्रामीण, IED विस्फोट में घायल

बीजापुर छत्तीसगढ़ के कोर नक्सल क्षेत्र बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED ब्लास्ट होने से 3 ग्रामीण घायल हो गए. रविवार की शाम तीनों ग्रामीण थाना मद्देड़ अंतर्गत धनगोल गांव के जंगल में मशरूम (फुटु) इकट्ठा करने गए हुए थे. इसी दौरान वे माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आ गए. इस हादसे में 1 बालिका सहित 3 ग्रामीण बुरी तरह घायल हो गए. घायल ग्रामीण का विवरण – 1. कविता कुड़ियम (उम्र 16 वर्ष), पिता- नागैया, निवासी- धनगोल, थाना– मद्देड़, जिला– बीजापुर. 2. कोरसे संतोष, पिता- लच्छा, उम्र 26 वर्ष, निवासी- धनगोल, थाना – मद्देड़, जिला – बीजापुर. 3. चिड़ेम कन्हैया, पिता- किस्टैया, उम्र- 24 वर्ष, निवासी- धनगोल, थाना – मद्देड़, जिला – बीजापुर. जानकारी के मुताबिक, प्रेशर IED विस्फोट में घायल ग्रामीणों के पैर एवं चेहरे में चोटें आई हैं. सूचना मिलते ही उन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल बीजापुर भर्ती किया गया है जहां इनका उपचार जारी है. प्रशासन की जनता से अपील प्रशासन ने जनता से अपील की है कि जंगल क्षेत्रों में भ्रमण करते समय विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस थाना या निकटतम सुरक्षा कैम्प को दें.

अय्याशी का अड्डा बना फार्म हाउस, जुए-नशे की महफिल, पुलिस ने दबोचे 50 अमीरजादे

जोधपुर जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने शनिवार देर रात बोरानाडा थाना क्षेत्र के गंगाना रोड स्थित एक फार्म हाउस पर छापा मारकर अवैध कैसीनो और अय्याशी के अड्डे का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से 50 युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अधिकतर उच्चवर्गीय परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। बताया जा रहा है कि फार्म हाउस में अवैध रूप से कैसीनो चलाकर जुआ और नशे का सामान उपलब्ध कराया जा रहा था। पुलिस ने मौके से 5.69 लाख रुपये नकद, 5 लाख रुपये मूल्य के कैसीनो कॉइन, 91 ग्राम अफीम, 63 मोबाइल फोन, 23 लग्जरी गाड़ियां, 4 हुक्का बार, 20 हुक्का फ्लेवर पैकेट, बीयर की बोतलें और अन्य नशीली सामग्री बरामद की। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर राजेन्द्र सिंह के निर्देश पर की गई। एसीपी आनंद राजपुरोहित, एडीसीपी निशांत भारद्वाज और विवेक विहार थानाधिकारी दिलीप खदाव टीम का नेतृत्व कर रहे थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फार्म हाउस पर बड़े पैमाने पर जुआ खेला जा रहा है। अचानक पड़े छापे के दौरान अफरा-तफरी मच गई। कई युवक छत और दीवारों पर चढ़कर भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने उन्हें चेताया कि ऊंचाई से गिरकर वे घायल हो सकते हैं। इसके बाद सभी को सुरक्षित नीचे उतारा गया। पूछताछ में सामने आया है कि इससे पहले ऐसी पार्टी आगरा में आयोजित की गई थी और इस बार आयोजन जोधपुर में किया गया। फार्म हाउस को किराए पर लेकर पार्टी का आयोजन संतोष लोहिया नामक युवक द्वारा किया गया था, इसमें विभिन्न राज्यों से युवक शामिल हुए थे। गिरफ्तार युवकों में बड़ी संख्या में जोधपुर के स्थानीय युवक शामिल थे। जैसे ही खबर फैली, थाने के बाहर परिजनों और परिचितों की भीड़ लग गई। कई युवक मीडिया को देख चेहरे छुपाने लगे, जबकि बाहर से आए युवक अफसरों से विनती करने लगे कि उन्हें जल्द छोड़ा जाए क्योंकि उन्हें विदेश यात्रा पर जाना है। फार्म हाउस में स्वीमिंग पूल, आलीशान कमरे, शराब, हुक्का और अन्य नशे की सुविधाएं उपलब्ध थीं। आयोजकों ने इसे पूरी तरह अय्याशी का अड्डा बना रखा था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, राजस्थान धूम्रपान निषेध अधिनियम और आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं। सभी आरोपियों को कोर्ट से जमानत लेनी होगी।