samacharsecretary.com

मंत्रियों ने दी प्रदेशवासियों को विजयादशमी पर शुभकामनाएँ

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी पर शुभकामनाएँ दी हैं। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा है कि असत्य पर सत्य की जीत का पर्व हम सबको सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मंत्री श्री सिंह ने अपने संदेश में कहा है कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। यह पर्व हमे सत्य और धर्म का अनुसरण करने का संदेश देता है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से विजयादशमी का पर्व सद्भावना और सौहार्दपूर्ण मनाये जाने की अपील की है।  

गोलू बनकर हदें पार: नूर मोहम्मद ने MP में किया ये डरावना काम

अमझेरा थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ धोखाधड़ी, दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। मुस्लिम युवक ने फर्जी नाम से पहले युवती से दोस्ती की, फिर शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में मतांतरण का दबाव बनाया। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर विभिन्न प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी राजू मकवाना ने बताया कि पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि वह अमझेरा बाजार करने आती थी, तभी नानाघाट निवासी नूर मोहम्मद पुत्र शहजाद खान ने अपनी पहचान छिपाकर गोलू नाम से उससे दोस्ती की। कुछ समय बाद आरोपित ने बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया और शादी करने का झांसा देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपित उसे धमकाता रहा कि यदि उसने बात किसी को बताई तो जान से मार देगा।   मतांतरण का बना रहा था दबाव पीड़िता के अनुसार आरोपित उसे धमकाते हुए कहता था कि तुझे मेरे साथ रहना है तो मेरा धर्म अपनाना होगा। जब युवती को आरोपित की असलियत और उसकी नीयत का पता चला तो उसने अपने स्वजन को पूरी घटना बताई और थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। दुष्कर्म करने के बाद बताया अपना धर्म युवती आरोपित को हिंदू समझ रही थी। 29 सितंबर को आरोपित नूर युवती को बाइक पर बैठाकर बलेड़ी लेकर गया। इसके बाद बस से मांगोद लेकर जाने लगा, लेकिन युवती बस से उतर गई। इसके कुछ समय बाद दोबारा बस में बैठाया और धार आया। यहां इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित खेत पर लेकर गया, जहां उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया। जब घर वालों को दुष्कर्म घटना बताने की बात कही, तो आरोपित ने युवती को जान से मारने की धमकी दी औ कहा मेरा नाम गोलू उर्फ नूर मोहम्मद है। अब तुझे मुझसे शादी करके मेरा धर्म अपनाना पड़ेगा। इसके बाद पुलिस ने युवती को आरोपित के चुंगल से छुड़ाया। आरोपित गिरफ्तार, जेल भेजा पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर दुष्कर्म, अपहरण, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपित नूर मोहम्मद उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने विजयादशमी पर प्रदेशवासियों को दी बधाई

सत्य की विजय का उत्सव धूमधाम से मनाए भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने विजयादशमी पर नागरिकों को बधाई एवं शुभकामकाएं दी है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने अपने संदेश में कहा है कि विजयादशमी का पर्व हमें शिक्षा देता है कि असत्य और अधर्म चाहे कितना भी प्रबल क्यों न हो, धर्म और सत्य की विजय निश्चित है। विजयादशमी का पर्व हमें शक्ति, साहस और धर्म के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि भगवान श्रीराम के महान आदर्शों पर चलकर ही भारत राष्ट्र महान बन सकेगा और पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि विजयादशमी भारत को महान राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराने का भी अवसर है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं को तिलक लगाकर, चुन्नी ओढ़ाकर स्नेह पूर्वक कराया भोज

मुख्यमंत्री निवास में हुआ कन्या पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शारदीय नवरात्र की महानवमी पर बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में कन्या-पूजन कर भोजन कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं का तिलक कर पांव पखारे। उन्होंने कन्याओं को चुनरी ओढ़ाकर आरती की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं से संवाद कर उन्हें दुलार भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या-पूजन के बाद कन्याओं को स्वयं अपने हाथों से भोजन परोसा और बड़े मनुहार से कन्याओं की रूचि के अनुरूप खीर, पूरी और मिष्ठान भी खिलाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या भोज के बाद सभी कन्याओं को उपहार देकर उनका शुभाशीष लिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले जर्मनी जाने वाले ग्राम विचारपुर के 5 फुटबॉल खिलाड़ी

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देकर भेंट की फुटबॉल किट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर शहडोल जिले के मिनी ब्राजील के रूप में विख्यात ग्राम विचारपुर के 5 फुटबॉल खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। ये 5 फुटबॉल खिलाड़ी खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से अपनी महिला प्रशिक्षक के साथ जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब एफसी FC Ingolstadt 04 वर्ल्ड क्लास प्रशिक्षण के लिए जर्मनी जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह देश और प्रदेश के लिए कुछ कर दिखाने का मौका है। इस स्वर्णिम अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को फुटबॉल किट भेंट की। उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षक सुश्री लक्ष्मी सहीस के नेतृत्व में कुमारी सानिया कुण्डे (14 वर्ष), कुमारी सुहानी कोल (15 वर्ष), प्रीतम कुमार (14 वर्ष), वीरेन्द्र बैगा (16 वर्ष) और श्री मनीष घसिया (16 वर्ष) प्रशिक्षण लेने जर्मनी जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फुटबॉल खिलाड़ियों की भेंट के दौरान प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनीष सिंह, संचालक खेल श्री राकेश कुमार गुप्ता सहित खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

सारंडा मामले में सरयू राय ने झारखंड सरकार के ढुलमुल रवैए पर लगाए गंभीर सवाल

रांची झारखंड के जमशेदपुर पश्चिम से विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय ने सारंडा वन क्षेत्र को वन्य जीव अभयारण्य घोषित करने के मामले में राज्य सरकार की टालमटोल रवैया पर गंभीर सवाल खड़े किए है। राय ने रांची के प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सारंडा सैंक्चुअरी घोषित करने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने 17 सितम्बर को एक कड़ा आदेश जारी किया है और कहा है कि झारखण्ड सरकार 07 अक्टूबर, 2025 तक सारंडा वन्यजीव अभयारण्य घोषित करे अन्यथा राज्य के मुख्य सचिव जेल जाने के लिए तैयार रहे। सरयू राय ने कहा कि इसके पूर्व गत 29 अप्रैल, 2025 को झारखंड सरकार के वन पर्यावरण विभाग के सचिव ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष सशरीर उपस्थित हुए थे, अभयारण्य घोषित होने में देरी के लिए क्षमा याचना किया था और कहा था कि झारखण्ड सरकार 57,519.41 हेक्टेयर क्षेत्र में अभयारण्य घोषित करेगी और 13603,80 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को ससंगदा बुरू संरक्षण रिजर्व के रूप में अधिसूचित करेगी। परंतु सरकार ने यह वादा पूरा नहीं किया। ज्ञातव्य है कि बिहार सरकार ने 06 फरवरी, 1969 को सारंडा वन क्षेत्र के 314.68 वर्ग किलोमीटर इलाके को गेम सैंक्चुअरी घोषित किया था, जिसका उल्लेख सारंडा वन प्रमंडल के वर्किंग प्लान 1976 में है। उन्होंने कहा कि मैंने इस बारे में विधानसभा में 02 मार्च 2021 को प्रश्न पूछा था, जिसके उत्तर में सरकार ने कहा था कि बिहार सरकार की यह अधिसूचना सरकार के पास उपलब्ध नहीं है। वहीं राय ने बताया कि झारखण्ड सरकार की एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति सारण्डा वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन करने के लिए सारण्डा गया है। उप समिति द्वारा मंत्रिपरिषद को दिये गये परामर्श के अनुसार ही सरकार सर्वोच्च न्यायालय में आगामी 08 अक्टूबर, 2025 को अपना पक्ष रखेगी। राय ने कहा कि सारंडा वन क्षेत्र में खनन का इतिहास काफी पुराना है। सबसे पहले बोनाई आयरन कंपनी को घाटकुरी क्षेत्र में 06 दिसम्बर, 1909 को 249.60 और 281.60 एकड़ में आयरन ओर खनन का लीज दिया गया था। इसी तरह 08 दिसम्बर, 1915 तक अंकुवा और घाटकुरी इलाका में इस कंपनी को कुल 2706.16 एकड़ क्षेत्र में आयरन ओर और मैंगनींज के खनन का लीज दिया था। इसके बाद में सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र की कतिपय कंपनियों को मिलाकर स्वतंत्रता के पूर्व 11,886 एकड़ अर्थात 4,831.71 हेक्टेयर क्षेत्र में लीज दिया गया था। राय ने बताया कि स्वतंत्रता के उपरांत सार्वजनिक क्षेत्र की कुल 12 कंपनियों को कुल 6,633.30 हेक्टेयर में और निजी क्षेत्र की कुल 30 कंपनियों को 3132.18 हेक्टेयर क्षेत्र में लीज दिया गया था। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक क्षेत्र की दो कंपनियों को 115.46 हेक्टेयर में और निजी क्षेत्र की 5 कंपनियों को 5,128.20 हेक्टेयर क्षेत्र में आयरन ओर और मैंगनींज के खनन का प्रोस्पेक्टिंग लीज दिया गया। वर्ष 2006 के बाद मधु कोड़ा की सरकार में सारंडा क्षेत्र में खनन लीज लेने वालों की बाढ़ आ गई। करीब 65,679.40 हेक्टेयर में माईिंनग लीज के आवेदन आये। इसमें प्राय: सभी आवेदन निजी क्षेत्र की कंपनियों का था। उल्लेखनीय है कि सारण्डा सघन वन का कुल क्षेत्रफल करीब 85,712 हेक्टेयर है।  

मुख्यमंत्री ने वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में किया राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह-2025 का शुभारंभ

वन्य जीवों के संरक्षण के लिए जारी रहेंगे हमारे प्रयास जल, थल और नभचर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ लिए जा रहे निर्णय प्रदेश में बढ़ाई जा रही है चिड़ियाघरों की संख्या जीवनदायिनी माँ नर्मदा और सहायक तवा नदी में छोड़ेंगे मगरमच्छ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटक सफारी वाहन और वन विहार के 40 से अधिक ई-व्हीकल किये लोकार्पित वन्यजीव संरक्षण के लिए कर्मचारियों एवं पर्यटन विकास समितियों को पुरस्कार प्रदान किए वन्यजीव-मानव सह-अस्तित्व पर केन्द्रित पुस्तक सहित गिद्धों के संरक्षण पर वार्षिक रिपोर्ट का किया विमोचन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वन्य जीव हमारी प्राकृतिक पूंजी हैं, जो जंगल और पर्यावरण की रोशनी हैं। मानव और वन्य जीवों का सहअस्तित्व ही प्रकृति के संतुलन का वास्तविक प्रतीक है। हम ‘जियो और जीने दो’ की भावना के साथ सबके जीवन विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। वन्य जीवों के संरक्षण के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। वन्य जीव हमारे लौकिक जगत की अलौकिक धरोहर हैं। ये केवल साधारण जीव नहीं हैं। वे प्रकृति की अद्वितीय रचनाएं हैं, जिनमें एक अद्भुत सौंदर्य, रहस्य और सामंजस्य छिपा है। उनका अस्तित्व मानव सभ्यता और प्रकृति के बीच गहरे संतुलन की जीवित विरासत है। वन्य जीवों की उपयोगिता, सुंदरता और पर्यावरणीय महत्व हमारी साधारण समझ से कहीं अधिक गहरे और दिव्य हैं। ये न केवल हमारे पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हैं,बल्कि हमें आध्यात्मिक आनंद, सौंदर्यबोध और जीवन की विविधता का अनुभव भी कराते हैं। इसलिए उनका संरक्षण केवल पारिस्थितिक आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह-2025का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटक वाहन सफारी और वन विहार के 40 से अधिक पर्यटक वाहन (ई-व्हीकल्स) का लोकार्पण किया। साथ ही कार्यक्रम स्थल में भारत के वन्यजीव “उनका रहवास एवं आपसी संचार” विषय पर केन्द्रित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने वन और वन्य जीवों के प्रति जन जागरूकता प्रसार में योगदान देने वाले 9 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों एवं 1 वन्य प्राणी रेस्क्यू दल को वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व्स में पर्यटन बढ़ने से प्राप्त आय में से वित्त वर्ष 2024-25 के लाभांश के रूप में प्रतीकात्मक रूप से 5 ईको विकास समितियों को पात्रतानुसार पुरस्कार राशि देकर पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री ने वन्यजीव-मानव सहअस्तित्व पर केन्द्रित एक पुस्तक एवं पोस्टर सहितगिद्धों के संरक्षण पर वन विभाग द्वारा तैयार की गई वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वन और वन्य जीवों के मामले में देश में अव्वल है। प्रदेश में वनों की विविधता को बढ़ाने और पर्यटन को प्रोत्साहन देने में वन्य जीव अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन्य जीव पर्यटन, मध्यप्रदेश को पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनाता है। प्रदेश में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। चीता, बाघ, घड़ियाल, गिद्ध मध्यप्रदेश की पहचान है। अब प्रदेश में कोबरा भी बसाया जा रहा है। प्रदेश में पर्यावरण-संरक्षण की दृष्टि से वन विभाग ने पर्यटकों के लिए उपलब्ध पुराने डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला है। यह पर्यावरण-संरक्षण और ईको टूरिज्म डेवलपमेंट की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। इसकी शुरुआत भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान से की गई है। आज सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के लिए 40 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का लोकार्पण भी हुआ है, इससे यहां आने वाले पर्यटक बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए सफारी का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग द्वारा 636 ईको विकास समितियों को वन्यजीव पर्यटन विकास के लिए वन विकास निगम की ओर से 18करोड़ 74लाख रूपए से अधिक की पुरस्कार राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किप्रदेश में 11 राष्ट्रीय उद्यान, 25 वन्यजीव अभयारण्य, 9 टाइगर रिजर्व और एक कंजर्वेशन रिजर्व भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 30 प्रतिशत से अधिक भूमि वनों से आच्छादित है। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश में चीता मित्र, हाथी मित्र, ताप्ती संरक्षण रिजर्व जैसे अनेक उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। पिछले साल मध्यप्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या 13.81 लाख से अधिक रही है। दुनियाभर से पर्यटक, वन्यजीवों को देखने के लिए मध्यप्रदेश की धरती पर आ रहे हैं। राज्य सरकार वन्य संपदा की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और जबलपुर में दो नए चिड़ियाघर (जू) तेजी से आकार ले रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास जू एंड रेस्क्यू सेंटर विकसित किए जाएं, जिससे घायल जंगली जानवरों को समय पर निकटतम स्थान पर समुचित इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश को एक ऐसा राज्य बनाएंगे, जहां हर प्रकार की वन संपदा की रक्षा करते हुए वन्यजीवों के उपचार के लिए रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए जाएं और देश में मध्यप्रदेश की अलग छवि निर्मित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बाघ, चीता, घड़ियाल, मगरमच्छ और गिद्धों के संरक्षण में पहचान बना चुका है। जल, थल और नभचर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में चिड़ियाघरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। जीवनदायिनी मां नर्मदा और सहायक तवा नदी में जल्द ही मगरमच्छ छोड़े जाएंगे। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में वन विभाग ने अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पर्यटन विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए नवाचार किया जा रहा है। अब राज्य सरकार ने डीजल गाड़ियों को हटाकर अबपर्यटकों और पर्यावरण की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक वाहन संचालित करने का निर्णय लिया है। स्वागत उद्बोधन में पीसीसीएफ वाईल्ड लाइफ श्री शुभरंजन सेन ने कहा कि वन्य जीवों के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश में ऐतिहासिक काम हो रहा है। इस मामले में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.एन. अंबाडे, एडिशनल पीसीसीएफ श्री एल. कृष्णमूर्ति सहितश्री राहुल कोठारी, वन एवं पर्यटन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजयादशमी की दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और हमें सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने जीवन में भी बुराई को दूर कर अच्छाइयां अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पर्व के अवसर पर प्रदेश में शांति और सौहार्द्र तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, की कामना की।  

कजाकिस्तान में हुई 16वीं एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में प्रदेश के खिलाड़ियों ने जीते 17 पदक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेता खिलाड़ियों ने की सौजन्य भेंट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर 16वीं एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप के 9 पदक विजेता खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने इन सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से प्रोत्साहन स्वरूप इन सभी खिलाड़ियों को 10.81 लाख रूपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट में श्री ऐश्वर्य प्रताप सिंह (1 स्वर्ण, 1 रजत पदक), सुश्री आशी चौकसे (1 स्वर्ण पदक), श्री कुशाग्र सिंह राजावत (1 स्वर्ण पदक), श्री शमी उल्लाह खान (1 स्वर्ण पदक), सुश्री नीरू ढाडा (2 स्वर्ण पदक), सुश्री मानसी रघुवंशी (1 स्वर्ण, 1 रजत पदक), श्री ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया (1 कांस्य पदक), श्री सैय्यद अहयान अली (1 कांस्य पदक) और श्री सूरज शर्मा (4 स्वर्ण, एक रजत) शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि कजाकिस्तान में 16 से 30 अगस्त 2025 तक 16वीं एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप सम्पन्न हुई। इस चैम्पियनशिप में म.प्र. राज्य शूटिंग एकेडमी, भोपाल के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों के दल में से 9 खिलाड़ियों ने कुल 17 पदक अर्जित किए। इनमें 12 स्वर्ण पदक, 3 रजत पदक और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेताओं की भेंट के दौरान प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनीष सिंह, संचालक खेल श्री राकेश कुमार गुप्ता सहित खेल विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने की ई-ऑफिस प्रणाली की तारीफ़

शासकीय कामकाज में बढ़ी पारदर्शिता: बेहतर परफ़ॉर्म करने वाले अधिकारियों की हुई सराहना, अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार करने के निर्देश पूंजीगत व्यय और शासकीय कामकाज के क्रियान्वयन की व्यापक समीक्षा मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों के लिए 01 दिसंबर से लागू होगी बायोमैट्रिक अटेंडेंस गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों में लाएँ तेजी, सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर ज़ोर रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में  विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों की मैराथन बैठक ली। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिकारियों को विभागीय समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने उच्च स्तरीय बैठक में पूंजीगत व्यय में तेजी, शासकीय कामकाज में पारदर्शिता, आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण तथा गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की और अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार लाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से शासन के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है और इससे सुशासन का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि लगभग सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो चुकी है। शेष विभाग दिसंबर 2025 तक इसे अनिवार्य रूप से लागू करें। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर विशेष बल दिया। साथ ही, जेम पोर्टल से होने वाली शासकीय खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय से राज्य की आधारभूत संरचना मज़बूत होती है और दीर्घकालिक विकास की नींव पड़ती है। उन्होंने कम पूंजीगत व्यय वाले विभागों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के रजत जयंती वर्ष को “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक प्रावधान किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में प्रावधानित कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति समय पर दी जाए, स्वीकृत कार्यों के टेंडर शीघ्र जारी हों और बिना विलंब कार्य प्रारंभ हो। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के सभी कार्य जनता के हित से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समय पर पूरा करना आवश्यक है। जिन विभागों का व्यय पिछले वर्ष की तुलना में कम है, वे इसके कारणों की पहचान कर तत्काल सुधार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात अब समाप्ति की ओर है, ऐसे में आगामी दो महीनों का सदुपयोग करते हुए निर्माण कार्यों से संबंधित सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी करें। जनता की समस्याओं को धैर्य से सुनें अधिकारी मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय सचिवों से कहा कि आप सभी जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उनका निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सतत मॉनिटरिंग और नियमित प्रवास से विकास की गति बढ़ती है। प्रभारी सचिव अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का हर दो माह में दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करें। मंत्रालय के कामकाज में कसावट के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस मुख्यमंत्री श्री साय ने मंत्रालय के कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से 1 दिसंबर से बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय पर कार्यालय पहुँचें और अपने अधीनस्थों को भी समयपालन के लिए प्रेरित करें। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 1 दिसंबर से मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों तक के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू होगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।