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यात्री खिज़री: खजुराहो में गंदगी और पुरानी सीटों ने बढ़ाई मुश्किल, रेल मंत्री को लिखा पत्र

ग्वालियर लक्जरी और आरामदायक ट्रेन के रूप में पहचान रखने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की व्यवस्थाओं से यात्री नाराज हैं। ट्रेन के चेयर कार में गंदगी से लेकर सीटों की स्थिति पर यात्रियों को जमकर आपत्ति है और वे इसकी शिकायत रेल मंत्री से ऑनलाइन माध्यमों से कर रहे हैं। शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग शनिवार को हजरत निजामुद्दीन से खजुराहो जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस के सी-5 कोच में यात्रा कर रहे यात्री प्रशांत माथुर ने ट्रेन में तमाम कमियां गिनाते हुए रेल मंत्री एक्स पर शिकायत दर्ज कराई और रेल मंत्री से कार्रवाई की मांग की। प्रशांत माथुर ने ट्रेन नंबर 22470 हजरत निजामुद्दीन-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयर कार क्लास में आगरा कैंट से वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन झांसी तक सफर के लिए टिकट बुक कराया था। उन्हें कोच नंबर सी-5 में 14 नंबर सीट मिली थी।   सीट बिल्कुल भी फ्लेक्सिबल नहीं शुक्रवार सुबह ट्रेन आगरा स्टेशन से चली तो वे अपनी सीट पर बैठ गए। उनका कहना था कि कोच की स्थिति गंदी थी, जबकि ट्रेन हजरत निजामुद्दीन से ही रवाना हुई थी। जब प्रशांत माथुर ने आराम पाने के लिए सीट को पीछे की ओर झुकाना चाहा, तो सीट बिल्कुल भी फ्लेक्सिबल नहीं थी। प्रचार-प्रसार से हकीकत अलग इस पर उन्होंने रेलमंत्री से शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि ट्रेन में गंदे और पुराने कोच लगे हुए हैं, जबकि यात्रियों से लक्जरी सेवा का किराया वसूला जा रहा है। रेलवे द्वारा ट्रेन में सुविधाओं को लेकर जितना प्रचार-प्रसार किया जाता है, हकीकत उससे अलग है।  

देश में लागू होने वाले 5 बड़े नियम, 1 अक्टूबर से सीधे प्रभावित होगी आपकी जेब

नई दिल्ली  हर महीने की पहली तारीख की तरह, आने वाली 1 अक्टूबर 2025 से आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियम बदलने वाले हैं। रेलवे टिकट बुकिंग, UPI से लेनदेन, पेंशन और गैस सिलेंडर की कीमतों तक इन 5 बड़े बदलावों का सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। एलपीजी सिलेंडर के दाम में कटौती की उम्मीद त्योहारी सीजन शुरू होने के कारण, उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में राहत की उम्मीद है। पिछले महीनों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी। इस बार 14 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम कम होने की संभावना है, जिससे आम आदमी को महंगाई से थोड़ी राहत मिल सकती है। रेलवे टिकट बुकिंग के नए नियम रेलवे ने टिकट धांधली और कालाबाजारी को रोकने के लिए टिकट बुकिंग नियमों में बदलाव किया है, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे: तत्काल टिकट पर असर: टिकट काउंटर खुलने के शुरुआती 15 मिनट तक, केवल वही लोग टिकट बुक कर पाएंगे जिनका आधार कार्ड IRCTC अकाउंट से लिंक होगा। यह नियम फिलहाल तत्काल टिकट बुकिंग पर लागू होगा। UPI लेनदेन में बड़ा बदलाव (P2P ट्रांजैक्शन) ऑनलाइन धोखाधड़ी (ऑनलाइन फ्रॉड) को रोकने और यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) ने UPI से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो 1 अक्टूबर से प्रभावी हो सकते हैं: P2P फीचर हटने की संभावना: सबसे बड़ा बदलाव यह है कि UPI ऐप्स (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm) से P2P (व्यक्ति से व्यक्ति) ट्रांजैक्शन फीचर हटाया जा सकता है। इसका मतलब है कि 1 अक्टूबर से आप UPI ऐप्स पर सीधे एक-दूसरे को पैसे भेजने का विकल्प इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में बदलाव नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में भी 1 अक्टूबर 2025 से गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं: इक्विटी में ज्यादा निवेश: अब गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स अपनी पूरी पेंशन राशि का 100% तक इक्विटी (शेयर मार्केट से जुड़ी स्कीम) में निवेश कर सकेंगे। पहले यह सीमा केवल 75% थी। PRAN खोलने पर चार्ज: प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को अब PRAN (स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या) खोलने और मेंटेनेंस पर चार्ज देना होगा: फिजिकल PRAN कार्ड: ₹40 ई-PRAN किट: ₹18 एनुअल मेंटेनेंस चार्ज: ₹100 प्रति अकाउंट अटल पेंशन योजना (APY) शुल्क में राहत अटल पेंशन योजना (APY) और NPS लाइट सब्सक्राइबर्स के लिए अच्छी खबर है कि उनके लिए PRAN खोलने और मेंटेनेंस का चार्ज केवल ₹15 रहेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इन योजनाओं में ट्रांजैक्शन पर कोई फीस नहीं लगेगी।  

आज का राशिफल 29 सितंबर 2025: किसे मिलेगी सफलता और किन्हें रखें सावधान

मेष राशि- आज आप नई ऊर्जा महसूस करेंगे। पुराने अधूरे कामों को पूरा करने की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्षेत्र में मन लगा रहेगा, पर किसी निर्णय को जल्दी न लें। थोड़ा समय लेकर सोचें। धन की स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों से बचें। रिश्तों में स्पष्ट बोलचाल जरूरी है। अपनी भावनाएं खुलकर रखें। स्वास्थ्य आज सामान्य रहेगा, पर थोड़ी थकान हो सकती है। आराम और नींद पर ध्यान दें। वृषभ राशि- आज स्थिरता आपके साथ होगी। आप सोच-समझ कर कदम उठाएंगे। कार्यक्षेत्र में सहयोग मिलेगा, और टीम वर्क से काम आगे बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। छोटे निवेश में सावधानी रखें। परिवार और मित्रों से मेलजोल बढ़ेगा, आप सामाजिक रूप से सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, हल्की सैर या योग आपको ऊर्जा देगा। मिथुन राशि- आज आपको नई दिशा मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में बातचीत, प्रस्तुति या मेल-जोल लाभदायक रहेगा। धन संबंधी मामलों में सोच-समझ कर कदम उठाएं, अनावश्यक खर्च न करें। रिश्तों में संवाद की कमी से भ्रम हो सकता है। अपनी सोच स्पष्ट रखें।तनाव हो सकता है। विश्राम और ध्यान जरूरी है। कर्क राशि- आज आपका मन कुछ भावुक हो सकता है। कार्य में चुनौतियां आएंगी, लेकिन संयम से आप उनसे पार पाएंगे। धन की स्थिति मिश्रित रहेगी। अनपेक्षित खर्चें हो सकते हैं। रिश्तों में संवेदनशीलता ज्यादा रहेगी। स्नेह और समझदारी से काम लें। स्वास्थ्य के लिए हल्का व्यायाम और शांत मनोवृति उपयोगी रहेगी। सिंह राशि- आज आप आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। नेतृत्व और आयोजन की जिम्मेदारियां अच्छी तरह निभा पाएंगे। धन की स्थिति मजबूत रहेगी। यदि पहले की योजनाएं हों, तो उनका लाभ मिल सकता है। रिश्तों में आपकी चमक दिखेगी, लोग आपकी बात सुनेंगे। स्वास्थ्य सब ठीक रहेगा, पर अधिक मेहनत से थकान हो सकती है। बीच-बीच में आराम लें। कन्या राशि- आज आपकी व्यवस्था और अनुशासन ज्यादा काम आएंगे। कार्य में विवरणों पर ध्यान दें। छोटी गलतियों से बड़ा फर्क पड़ सकता है। धन संबंधी फैसलों में सावधानी रखें। प्रत्येक शर्त पढ़ लेना बेहतर है। रिश्तों में थोड़ी दूरी या गलतफहमी हो सकती है। संवाद करें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन आंख, पेट आदि की हल्की परेशानी हो सकती है। सतर्क रहें। तुला राशि- आज संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। कार्य में साझेदारी और सौहार्द उपयोगी होंगे। धन संबंधी मामलें कुछ जटिल हो सकते हैं। समझौता या विचार-विमर्श लाभदायक रहेगा। रिश्तों में अपेक्षाओं को कम रखें, संवाद और समझ ज्यादा जरूरी है। स्वास्थ्य में तनाव या गर्दन-कंधे की समस्या हो सकती है। स्ट्रेचिंग करें। वृश्चिक राशि- आज आपके अंदर गहराई और अंतर्मुखी भाव रहेंगे। कार्यक्षेत्र में गुप्त या जटिल विषयों में सफलता मिलने की संभावना है। धन मामलों में सावधानी आवश्यक है। बड़े निर्णय आज न लें। रिश्तों में भावनाएं तीव्र होंगी लेकिन खुलकर बात करना जरूरी है। स्वास्थ्य में हल्की कमजोरी या मानसिक दबाव हो सकता है। विश्राम करें। धनु राशि- आज आपका उत्साह बढ़ा रहेगा। कार्य में बड़े दृष्टिकोण से सोचने का अवसर मिलेगा। धन की स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन अनावश्यक खर्चों से बचें। रिश्तों में मिलन और सामाजिक संपर्कों से सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन अधिक गतिविधि से थकान हो सकती है। संतुलन बनाए रखें। मकर राशि- आज मेहनत और अनुशासन से काम बनेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी लगन और समर्पण पहचान दिलाएंगे। धन संबंधित मामलों में स्थिरता रहेगी, पर बड़े खर्चों में संयम जरूरी है। रिश्तों में समय निकालकर बात करें। इसका असर गहरा हो सकता है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन पीठ या जोड़ की समस्या हो सकती है। सावधानी रखें। कुंभ राशि- आज आपके विचार और संपर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कार्यक्षेत्र में नई योजनाएं और नेटवर्किंग सफल हो सकती है। धन मामलों में छोटी शुरुआत बेहतर होगी। बड़े निवेश आज जोखिम हो सकते हैं। रिश्तों में खुलापन और भरोसा जरूरी है। संवाद से दूरी मिटेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। आंखों या सिरदर्द से बचने के लिए आराम करें। मीन राशि- आज आपकी संवेदनशीलता और कल्पनाशीलता ज्यादा बढ़ेगी। रचनात्मक या सेवा-प्रधान कार्यों में सफलता मिल सकती है। धन के मामलों में सोच-समझ कर कदम उठाएं। अनावश्यक व्यय न करें। रिश्तों में आपने जो महसूस किया है, वो साझा करें। इससे दूरी कम होगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से मानसिक शांति और अच्छी दिनचर्या जरूरी है।

युद्ध का नया मोड़: रूस ने यूक्रेन पर किया जबरदस्त ड्रोन हमला

रूस  रूस ने एक बार फिर यू्क्रेन पर बड़ा हमला किया है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर रातभर ड्रोन और मिसाइलें बरसाई हैं। बताया जा रहा है कि रात में रूस ने यूक्रेन में 500 से ज्यादा ड्रोन और 48 मिसाइलें दागे हैं। हमले में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यूक्रेन की वायुसेना ने रविवार को हुए हमले के बारे में बताया कि रूस ने 550 से ज्यादा विस्फोटक ड्रोन, 48 मिसाइलें और कई हथियार कीव पर दागे हैं। यूक्रेन ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने रूस के 566 ड्रोन और 45 मिसाइलों को मार गिराया या फिर हवा में ही जाम कर दिया था। इसके अलावा कई ड्रोन और मिसाइलें जमीन पर गिरीं और इससे जानमाल का काफी नुकसान हुआ। शनिवार-रविवार रात को हुआ हमला पिछले महीने के बाद रूस का दूसरा सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। सबसे बड़े हमले में पिछले महीने रूस ने कीव में स्थित नगर प्रशासन को निशाना बनाया था। इन इलाकों को बनाया निशाना हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी घटना की जानकारी शेयर की। उन्होंने कहा कि देर रात को रूस ने यूक्रेन के कीव के अलावा जापोरिज्जिया, खमेलनित्सकी, सूमी, मायकोलाइव, चेर्निहिव और ओडेसा पर हमला किया। जेलेंस्की ने लिखा कि यह घिनौना हमला संयुक्त राष्ट्र महासभा सप्ताह के दौरान हुआ है। कहा कि रूस अपनी असली स्थिति इसी तरह जताता है। जेलेंस्की ने रूस पर निशाना साधते हुए कहा कि मॉस्को अपनी लड़ाई जारी रखना चाहता है। नाटो और यूक्रेन की वकालत करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि दुनिया को रूस पर दबाव बनाना चाहिए। 12 साल की बच्ची की भी हुई मौत रूसी हमले में यूक्रेन को भारी नुकसान का अनुमान बताया जा रहा है। कीव के महापौर विटाली क्लिट्स्को के अनुसार, रात को शुरू से सुबह तक हुए हमलों में कई आवासीय इमारतों, हॉस्पिटल, किंडर गार्डन को भी काफी नुकसान हुआ। हमले में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इसमें एक 12 साल की बच्ची भी शामिल है। अभी तक रूसी अधिकारियों ने हमले पर कोई कमेंट जारी नहीं किया है।

अमरेली में डरावना मंजर: रनवे से फिसला विमान, लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा

अहमदाबाद अहमदाबाद प्लेन हादसे के बाद विमान दुर्घटना के नाम मात्र से लोगों की रुह कांप जाती है। रविवार को उसी गुजरात में एक बड़ा हादसा टलते बच गया। गुजरात के अमरेली पर एयरपोर्ट लैंडिंग के दौरान एक विमान फिसल गया। विमान रनवे से फिसलकर किनारे पर पहुंच गया। हालांकि विमान की रफ्तार कम हो गई थी। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। गुजरात के अमरेली एयरपोर्ट पर यह हादसा पहली बार नहीं है। इससे पहले भी इसी एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश होने की घटना हो चुकी है। इससे एयरपोर्ट अथॉरिटी की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं। रविवार को फिर हादसा होने से अमरेली एयरपोर्ट भी चर्चा में आ गया है।    क्या बोले कलेक्टर? अमरेली कलेक्टर विकल्प भारद्वाज ने बताया कि एयरक्राफ्ट को नुकसान हुआ है लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई है। रनवे पर लैंडिंग के समय साइड में स्लिप होने से तिरछे हुए एयरक्राफ्ट का वीडियो सामने आया है। कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा प्लेन में हुए नुकसान की जांच के बाद ही पता चल पाएगा। क्या था अहमदाबाद हादसा? गत 12 जून को दोपहर में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 ने लंदन के लिए उड़ान भरी थी। रनवे के कुछ दूर जाते ही प्लेन क्रैश हो गया और एयरपोर्ट के पास बीजे मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग पर गिर पड़ा। इससे विमान में भयंकर आग लग गई। विमान में सवार 242 लोगों 1 को छोड़कर सभी की मौत हो गई। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर विमान गिरने से कई ट्रैनिंग डॉक्टरों की भी मौत हो गई थी।  

केंद्र के राहत पैकेज पर पंजाब सरकार का विरोध, विधानसभा में जोरदार प्रदर्शन

चंडीगढ़  पंजाब को बाढ़ राहत के नाम पर केंद्र सरकार से मिला वादा एक बार फिर खोखला साबित हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित पंजाब के लिए ₹1600 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन यह वादा अभी तक अधूरा है. पंजाब के खजाने में एक भी रुपया नहीं पहुंचा है, जिसके खिलाफ शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने विधानसभा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.हाथों में प्लेकार्ड और नारेबाजी करते हुए विधायकों ने इसे पंजाब के साथ ‘धोखा’ बताया. विधायकों ने कहा, ‘हमें ₹20,000 करोड़ की जरूरत थी, लेकिन मिला ₹1600 करोड़ का ‘जुमला’, और उसमें से भी एक रुपया नहीं आया’.   AAP ने केंद्र सरकार को दी चेतावनी! पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने केंद्र की भाजपा सरकार को कड़ी चेतावनी दी. सरकार ने साफ किया कि पंजाब अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि उसे वास्तविक राहत चाहिए. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री उस परिवार को सांत्वना तक नहीं दे पाए जिसने बाढ़ में अपने तीन सदस्यों को खो दिया’. चीमा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि संकट के समय कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब का साथ देने के बजाय भाजपा का ही समर्थन किया. पंजबा को केंद्र ने 1600 करोड़ का झुनझुना दिया जल संसाधन मंत्री ब्रिंदर कुमार गोयल ने भी विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, ‘पंजाब ने ₹20,000 करोड़ की राहत मांगी थी, लेकिन केंद्र ने केवल ₹1,600 करोड़ का ‘झुनझुना’ थमा दिया. यह पंजाब के किसानों और बाढ़ पीड़ितों के साथ एक क्रूर मजाक है.’ उन्होंने बताया कि यह पैकेज प्रधानमंत्री ने 9 सितंबर को अपने दौरे के दौरान घोषित किया था, लेकिन अभी तक इसका कोई भी अंश जारी नहीं किया गया है. गोयल ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को पंजाब में हुई तबाही के असली पैमाने को समझना चाहिए और तुरंत कम से कम ₹20,000 करोड़ का विशेष पैकेज मंजूर करना चाहिए. साथ ही, यह भी मांग की गई कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ₹1,600 करोड़ को तुरंत पंजाब आपदा राहत कोष में जारी किया जाए. पंजाब अब खैरात नहीं मांगेगा… ₹1600 करोड़ ‘अपमान’ और ‘नाकाफी’,राज्य के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने इस वादे को “पंजाब का अपमान” बताया. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री को नुकसान का विस्तृत ब्यौरा दिया था, जिसमें टूटी सड़कें, बर्बाद हुई फसलें (1.91 लाख हेक्टेयर), उजड़े घर और जमीनें शामिल थीं. इसके बावजूद, केंद्र ने केवल ₹1600 करोड़ का वादा किया, जो अभी तक सिर्फ कागजों में ही है. सरकार ने स्पष्ट किया कि पंजाब की बर्बादी इतनी बड़ी है कि ₹1600 करोड़ बहुत मामूली है. किसानों को मुआवजा देने, बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और लोगों के जीवन को पटरी पर लाने के लिए राज्य को कम से कम ₹60,000 करोड़ की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में विधानसभा से एक मजबूत संदेश गया है, ‘पंजाब अब खैरात नहीं मांगेगा, बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ेगा। यह केवल राहत का मामला नहीं, बल्कि पंजाब की इज्जत का सवाल है’.  

दिल्ली में BJP के हाईकमान से मिले अनिल विज, क्या हैं इसके पीछे की बड़ी वजह?

चंडीगढ़  हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने रविवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके निवास पर शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात पार्टी और सरकार के बीच तालमेल को और मजबूत करने के साथ-साथ हरियाणा में विकास योजनाओं पर विचार-विमर्श के तौर पर देखी जा रही है। मुलाकात में हरियाणा में ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं, औद्योगिक निवेश और श्रम सुधारों पर भी चर्चा हुई। विज ने नड्डा को राज्य में चल रही प्रमुख परियोजनाओं और हालिया उपलब्धियों से अवगत कराया। पार्टी संगठन को मज़बूत करने और आने वाले समय में नई योजनाओं को धरातल पर उतारने के विषय में भी विचार-विमर्श हुआ। राजनीतिक गलियारों में इस भेंट को अहम माना जा रहा है क्योंकि विज पिछले कुछ दिनों से चर्चाओं में हैं। अंबाला में समानांतर भाजपा चलने के आरोपों के साथ-साथ वे सोशल मीडिया पर अपने नाम के आगे से ‘मिनिस्टर’ शब्द को हटा चुके हैं। ऐसे में जेपी नड्डा से उनकी यह मुलाकात पार्टी की भविष्य की रूपरेखा तय करने में महत्वपूर्ण संकेत देती है। भेंट के बाद विज ने कहा कि यह पूरी तरह सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक चर्चा रही। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा नेतृत्व के मार्गदर्शन में हरियाणा में विकास की रफ्तार और तेज होगी।

बाढ़ ने लील लिया जीवन: पंजाब में हजारों पक्षियों और सैकड़ों मवेशियों की मौत, CM मान का मुआवजा ऐलान आज

चंडीगढ़  पंजाब में आई बाढ़ ने जहां इंसानी जिंदगी पर गहरी चोट की, वहीं पशु-पक्षियों का भी भारी नुकसान हुआ है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 59 लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ ही 6,515 पक्षियों और 502 मवेशियों की मौत दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान सदन में बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे और प्रभावित लोगों व पशुपालकों के लिए मुआवजे की घोषणा करेंगे। पशुपालन विभाग ने 23 सितंबर तक के नुकसान को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की है। आंकड़ों के मुताबिक, 6,515 पक्षियों की मौत हुई, जिनमें सबसे ज्यादा 5,015 अमृतसर में दर्ज की गईं। पोल्ट्री फार्म सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। वहीं, होशियारपुर में करीब 1,500 पोल्ट्री बर्ड्स की मौत हुई।   मवेशियों पर भी भारी असर पूरे राज्य में अब तक 502 मवेशी बाढ़ में मारे गए या बह गए। सबसे ज्यादा मार अमृतसर जिले पर पड़ी, जहां अकेले 218 मवेशियों की मौत हुई। इनमें 172 सूअर, सात बैल, 18 बछड़े, 22 बछिया और एक घोड़े की मौत शामिल है। अजनाला सेक्टर में अचानक आई बाढ़ से लोग अपने पशुओं को भी नहीं बचा पाए। गुरदासपुर में 151 मवेशियों की मौत हुई, जो राज्य में दूसरा सबसे ज्यादा नुकसान है। वहीं फिरोजपुर में एक बछड़े और एक हीफर की मौत की पुष्टि हुई है। महामारी रोकने को टीकाकरण अभियान बाढ़ प्रभावित इलाकों में महामारी फैलने का खतरा देखते हुए पशुपालन विभाग ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया है। विभाग के अनुसार शुक्रवार तक पूरे पंजाब में 2.33 लाख से ज्यादा पशुओं को हैमरेजिक सेप्टीसीमिया वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा चुकी है। पशुपालन विकास एवं मत्स्य विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि लगभग सभी मवेशियों का टीकाकरण कर दिया गया है। अब तक किसी बड़े स्तर पर महामारी जैसी स्थिति सामने नहीं आई है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है। बीमारियों ने दी दस्तक रिपोर्ट में कहा गया है कि बाढ़ के बाद पशुओं में कई तरह की बीमारियों के लक्षण सामने आए हैं। इनमें खुरपका, थनों में सूजन, टिक-बॉर्न संक्रमण, त्वचा रोग, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और पोषण की कमी शामिल हैं। हरे चारे की कमी से पाचन संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर दुग्ध उत्पादन पर पड़ा है।   विधानसभा सत्र में सरकार का जवाब विशेष सत्र के दौरान विपक्ष राहत कार्यों और मुआवजे पर सवाल उठा सकता है। ऐसे में पशुपालन विभाग की रिपोर्ट सरकार के जवाब का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान सदन में बाढ़ से हुए नुकसान का ब्योरा देने के साथ-साथ प्रभावित लोगों और पशुपालकों के लिए राहत नीति स्पष्ट करेंगे। बाढ़ ने किसानों और डेयरी कारोबारियों को गहरा आर्थिक झटका दिया है। पोल्ट्री मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अब उनकी नजर विधानसभा सत्र पर टिकी है, जहां सरकार की राहत और मुआवजा नीति साफ होगी।

वन विहार में सकारात्मक बदलाव, अब पर्यटकों के वाहनों का प्रवेश रहेगा निषेध

पर्यटकों के भ्रमण के लिये 40 गोल्फ कार्ट का होगा संचालन प्रदूषण मुक्त होगा वन विहार भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में सकारात्मक बदलाव करते हुए वन्य-प्राणियों के लिये शोररहित बनाने के लिये अब पर्यटकों के वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा। वन विहार को प्रदूषण मुक्त करने के लिये जल्द ही पर्यटकों के भ्रमण के लिये 40 गोल्फ कार्ट का संचालन शुरू किया जायेगा। इन 40 गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट 'हाफ ऑन हाफ ऑफ' पद्धति से संचालन के लिये उपलब्ध रहेंगे, वहीं 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पर्यटकों के लिये पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिये बुकिंग पर उपलब्ध रहेंगे। इन गोल्फ कार्ट का संचालन वन विहार के दोनों गेटों से हर 10 मिनट पर निरंतर जारी रहेगा। ये कार्ट प्रत्येक ब्ल्यू प्वाइंट पर 30 सेकेंड से एक मिनट के लिये रुकेंगी। इससे पर्यटकों को स्वेच्छानुसार वन्य-प्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा। वन विहार में पैदल भ्रमण, किराये और स्वयं की साइकिल से भ्रमण के लिये शाकाहारी सफारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पर्यटकों के लिये सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध रहेंगी, जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने के लिये पर्यटकों को विभिन्न रंग के पर्यावरण अनुकूल बैण्ड दिये जायेंगे, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। वन विहार में पर्यटक वाहन पार्किंग के लिये निर्धारित न्यूनतम शुल्क पर विशेष व्यवस्था की गयी है। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिये प्रवेश द्वारा क्रमांक-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है और दो पहिया वाहनों की पार्किंग प्रवेश द्वार क्रमांक-1 और 2 पर रहेगी।

अमित शाह ने किया ऐलान: देश 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से होगा पूरी तरह सुरक्षित

नई दिल्ली  31 मार्च 2026 तक देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। नक्सलवाद का वैचारिक पोषण किसने किया, जब तक उनको हम समझ नहीं पाते तब तक नक्सल खत्म नहीं होगा। शाह ने कहा कि कई लोग मानते हैं कि सशस्त्र गतिविधियों के समाप्त होने से नक्सली समस्या समाप्त हो जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं है। इस देश में नक्सली समस्या क्यों उत्पन्न हुई, बढ़ी और विकसित हुई? इसे वैचारिक समर्थन किसने प्रदान किया? कहा कि जब तक भारतीय समाज इस सिद्धांत, नक्सलवाद के इस विचार और समाज में वैचारिक समर्थन, कानूनी समर्थन और वित्तीय सहायता प्रदान करने वाले लोगों को नहीं समझेगा, तब तक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई समाप्त नहीं होगी। ‘2014 में 3 नक्सल हॉटस्पॉट थे’ सत्र को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब 2014 में मोदी सरकार सत्ता में आई तब नॉर्थ ईस्ट कॉरिडोर, जम्मू कश्मीर और नक्सल 3 हॉटस्पॉट थे। नॉर्थ ईस्ट में 70 फीसदी की कमी आई है। नागरिकों की मृत्यु में 85 फीसदी कमी आई है। वहीं 10,500 युवाओं ने आत्मसमर्ण किया। अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद पर चर्चा करने के पहले 60 के दशक से अबतक जितने लोग नक्सल में मारे गए है मै उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।   गृहमंत्री अमित शाह ने साफ किया कि हम किसी को मारना नहीं चाहते, लेकिन अगर कोई किसी निर्दोष को मरेगा तो उनको बचाना हमारा काम है। जो आत्म समर्पण करना चाहते है उनके लिए हमारी सरकार में रेड कार्पेट है। लेकिन जो हथियार उठाएगा उसको जबाव मिलेगा। अगर कोई बंदूक उठाएगा तो गोली का जवाब सरकार गोली से देगी। डाटा शेयर करते हुए बताया कि साल 2024 में नक्सल के खिलाफ अभियान में 290 नक्सली मारे गए, जो हथियार के साथ थे। इसके अलावा 1090 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 881 नक्सलियों ने खुद का आत्मसर्पण कर दिया। जम्मू कश्मीर पर की चर्चा शाह ने बताया कि जम्मू कश्मीर में मोदी के नेतृत्व में धारा 370 समाप्त हो गया। वहां सुनियोजित तरीके से विकास हुआ। सुरक्षा कर्मियों की मृत्यु में 65 फीसदी और नागरिकों की मृत्य में 75 फीसदी की कमी आई। पशुपति से तिरुपति तक रेड कॉरिडोर का नारा अब खत्म हो गया। देश के भूभाग में 17 फीसदी हिस्सा नक्सल प्रभावित था। जब तक वामपंथी दल सत्ता में नहीं आए तब तक नक्सलवाद पनपता रहा। जैसे ही वो सत्ता में आए नक्सल में वहां गिरावट आई। कहा कि पहले की सरकार का नक्सल पर कोई स्थाई योजना नहीं था। जो ऑपरेशन चलते थे, स्टीयरिंग नक्सल के पास होती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है।