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राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध – मुख्यमंत्री साय

जगदलपुर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह एवं नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय धुरवा समाज के लिए 5 स्थानों पर डोम निर्माण हेतु 75 लाख रुपए की घोषणा रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी बहुल गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न हो, धन की कोई समस्या न हो—इस दृष्टि से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की है। इस योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन सभी सार्थक प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी और हमारे जनजातीय समुदाय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह बात जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज हेतु 05 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और धुरवा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक नुआखाई मिलन समारोह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक है। यह हमारे जनजातीय समाज की महान परंपरा है कि हम किसी भी अनाज या फल को ग्रहण करने से पूर्व अपने देवी-देवताओं की पूजा कर उन्हें अर्पित करते हैं और फिर ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखा जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज को सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि यह नवीन भवन समाज के विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और समाज के सभा-सम्मेलनों के लिए काम आएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि अटलजी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया।  उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अटलजी का जन्मशताब्दी वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों के विकास की चिंता करते हुए दोनों विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, जिससे योजनाओं के अतिरिक्त भी इन इलाकों में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने धुरवा समाज के सदस्यों को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का यह समन्वित प्रयास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए उन्हें निरंतर संजोए रखते हैं, तो समाज की एकता और संस्कृति मजबूत होती है। कार्यक्रम को वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने भी संबोधित करते हुए धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं। आरंभ में धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष श्री पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और समाज की गतिविधियों से अवगत कराया। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक छतड़ी, धुरवा तुवाल एवं कोटी सहित तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अन्य अतिथियों का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस अवसर पर चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम आटामी, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा तथा समूचे बस्तर संभाग से आए धुरवा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

प्रदेश में औसत वर्षा का आंकड़ा 1039.8 मि.मी. पहुँचा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1039.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1472.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 498.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 903.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 758.4 मि.मी., गरियाबंद में 917.6 मि.मी., महासमुंद में 736.4 मि.मी. और धमतरी में 936.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1091.9 मि.मी., मुंगेली में 1057.2 मि.मी., रायगढ़ में 1260.2 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 907.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1240.2 मि.मी., सक्ती में 1125.7 मि.मी., कोरबा में 1054.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1011.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 798.0 मि.मी., कबीरधाम में 766.1 मि.मी., राजनांदगांव में 879.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1249.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 789.8 मि.मी. और बालोद में 1089.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 735.6 मि.मी., सूरजपुर में 1102.1 मि.मी जशपुर में 1012.9 मि.मी., कोरिया में 1169.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1054.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1415.3 कोंडागांव जिले में 960.7 मि.मी., कांकेर में 1163.4 मि.मी., नारायणपुर में 1251.9 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1393.4 मि.मी., सुकमा में 1096.3 मि.मी. और बीजापुर में 1417.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

सरकारी नौकरी सिर्फ नाम की? शिक्षकों और वैज्ञानिकों से नाराजगी जाहिर की राज्यपाल ने

मेरठ मेरठ में आयोजित दीक्षांत समारोह में पहुंची यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एक बार फिर नाराज हो गईं। शिक्षकों, वैज्ञानिकों और छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं चल रही हैं, लेकिन हम लोगों को इसका पता नहीं होता। ना ही हम अपने स्टूडेंट को बताना चाहते हैं। अभी असम में एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की नींव रखी गई है, लेकिन इसका किसी को नहीं पता होगा। हम लोगों को सरकारी नौकरी चाहिए, लेकिन काम नहीं करेंगे, रिसर्च नहीं करेंगे। राज्यपाल ने इससे पहले कानपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में शिक्षकों और वैज्ञानिकों के प्रति नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा, आप सभी शिक्षक, छात्र और वैज्ञानिक अपने कैंपस से निकले और गांव गांव जाकर वहां किसानों और महिलाओं से बात करें। उन्हें केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दें। यह हम सब की जिम्मेदारी है। जब हम 85 साल में काम कर सकते हैं तो आप क्यों नहीं। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के 18 वें दीक्षांत समारोह में पहुंची कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों, शिक्षकों और वैज्ञानिकों से इसी अंदाज में बात की। इस समारोह में 583 उपाधियां और 26 मेडल प्रदान किए गए। कुलाधिपति ने कहा कि समाज में महिलाओं को सशक्त करना जरूरी है। महिला पर केवल घर की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि वह समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने सभी निजी स्कूलों को बुलाते हुए वहां पढ़ने वाली नौ से 15 साल की छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन लगवाने को प्रेरित करने के लिए कहा। कुलाधिपति ने कृषि विश्वविद्यालय में उनकी टीम द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट भी पेश की। कहा कि यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी अच्छी है, लेकिन कई बिल्डिंग की छत पर पेड़ उगे हुए हैं। कई हॉस्टल में मैस नहीं चलता। सफाई अच्छी नहीं है। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों को बिल्डिंग पर जाकर सफाई करने को प्रेरित किया। कहा कि यह हम सब की जिम्मेदारी है कि हम अपने आसपास सफाई रखें। कुलाधिपति ने कहा कि वह दो दिन से इस क्षेत्र में है और यहां पर ड्रग्स की प्रयोग की जानकारी मिल रही है। आखिर हम अपने बच्चों को कैसे संस्कार दे रहे हैं। माता-पिता क्या कर रहे हैं। अभी तक तो केवल शराब का मामला था और अब ड्रग्स भी इसमें जुड़ गया है। लड़कियां भी ड्रग्स ले रही हैं जो अच्छा नहीं है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया । राज्यपाल ने वैज्ञानिकों और छात्रों से किसानों तक नवाचार को पहुंचाने की अपील करते हुए कहा कि नवाचारों को अपनाकर किसान सशक्त बनते हैं और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। कुलाधिपति के अनुसार आपकी उपलब्धि तभी सार्थक होगी जब वह सामूहिक रूप से देश के विकास में योगदान देते हैं।  

मेट्रो में सफर अब महंगा! जानें नए किराए और बढ़ोतरी का पूरा हाल

इंदौर शहरवासी पिछले साढ़े तीन माह से सुपर कारिडोर पर मेट्रो (Indore Metro) में सफर का आनंद ले रहे है। अब मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी कम हो गई है। शुक्रवार को मेट्रो में महज 144 यात्रियों ने सफर किया है। हालात यह है कि सामान्य दिनों में जहां 150 से 400 यात्री मेट्रो में सफर कर रहे है। वही वीकेंड पर यात्रियों की संख्या 700 तक सीमित रह रही है। मेट्रो के संचालन के समय में बदलाव यात्रियों की कम संख्या और देखते हुए मेट्रो प्रबंधन द्वारा 22 सितंबर से मेट्रो के संचालन के समय में बदलाव किया गया है। अभी सुपर कारिडोर पर जहां दोपरह एक से शाम सात बजे तक प्रत्येक घंटे में यात्री मेट्रो में सफर कर पाते थे। वही अब दोपहर तीन से शाम सात बजे के बीच भी यात्री मेट्रो में सफर कर पाएंगे। जानकारों के मुताबिक मेट्रो प्रबंधन द्वारा गांधी नगर स्टेशन से एमआर-10 व आगामी दिनों में रेडिसन चौराहे तक मेट्रो का ट्रायल रन किया जाना है। इस वजह से भी मेट्रो के टाइम टेबल में बदलाव किया गया है ताकि मेट्रो के ट्रायल रन के लिए रूट खाली मिल सके। किराए में मिल रही छूट खत्म 31 मई को सुपर कारिडोर पर मेट्रो में यात्रियों के सफर की शुरुआत हुई थी। मेट्रो प्रबंधन द्वारा शुरुआती पहले सप्ताह तक यात्रियों को निशुल्क यात्रा मौका दिया गया था। इसके बाद किराए में दूसरे सप्ताह 75 फीसदी, तीसरे सप्ताह 50 फीसदी और चौथे सप्ताह से 21 सितंबर तक 25 फीसद छूट दी जा रही है। 22 सितंबर में मेट्रो द्वारा किराए में दी रही छूट खत्म हो जाएगी। 22 सितंबर से मेट्रो का यह रहेगा समय व किराया दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक सोमवार से शनिवार : हर एक घंटे में एक ट्रेन रविवार : हर आधे घंटे में एक ट्रेन किराए में यह रहेगा बदलाव 1 से 2 स्टेशन : अभी 15 रुपये : अब देना होंगे 20 रुपये 3 से 5 स्टेशन : पहले 23 रुपये : अब देना होंगे 30 रुपये साढ़े तीन माह में 2 लाख 45 हजार यात्रियों ने किया सफर जून : 2,09,335 यात्री जुलाई : 21009 यात्री अगस्त : 12021 यात्री 1 से 19 सितंबर तक : 3568 यात्री कुल : 2,45,933 यात्री

62 हजार टैक्सपेयर निकले फर्जी BPL कार्डधारी, अब होगी बड़ी कार्रवाई

रायपुर  प्रदेश में 62 हजार 813 आयकर दाताओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गरीबी रेखा राशनकार्ड बना कर तीन साल से हर माह चावल भी उठाया है। राजधानी में इनकी संख्या 10361 है। इसके अलावा जीएसटी भरने वाले 640 कारोबारी ने भी बीपीएल राशनकार्ड बनवाया है। इतना ही नहीं प्रदेश में 29 लाख 83 हजार 738 ऐसे किसान हैं जिनके पास एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन के भू-स्वामी हैं। इन्होंने ने भी बीपीएल राशनकार्ड बना लिया है। अब सभी को खाद्य विभाग नोटिस जारी कर रहा है। इनसे रिकवरी भी हो सकती है। प्रदेश में राशन कार्ड सत्यापन की प्रक्रिया जारी हैं। वन नेशन वन कार्ड के तहत कराए गए ई-केवाईसी और आधार से लिंक बैंक खाते, पेन कार्ड के सत्यापन में पता चला है। रिपोर्ट में 1,05,590 निष्क्रिय आधार धारकों के नाम सामने आए हैं, जिन पर राशनकार्ड बने हैं। बिलासपुर (5841), कवर्धा (8701), जशपुर (5681), रायपुर (9356) जैसे जिलों में हजारों निष्क्रिय पहचान से राशन उठाया जा रहा था। खाद्य विभाग का अलर्ट मोड खाद्य संचालनालय ने संबंधित जिलों को निर्देश दिए हैं कि इन राशन कार्डों की फिजिकल वेरिफिकेशन कर फर्जी सदस्यों को नोटिस जारी किया जा रहा है। इस संबंध में जिला कलेक्टरों को विशेष टीम गठित करने को कहा गया है। फर्जी कार्डों के माध्यम से वर्षों से उठाए गए राशन की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। जिन राशन दुकानों या अधिकारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके विरुद्ध विभागीय जांच की तैयारी की जा रही है। जिलेवार आंकड़े     सत्यापन के दौरान रायपुर जिले में सबसे अधिक 10,361 आयकर दाता, 123 जीएसटी पे करने वाले कारोबारी और 1,12,956 एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले व्यक्तियों के पास आधार कार्ड मिले हैं।     इसी तरह बिलासपुर जिले में 6,074 आयकर दाता, 36 कारोबारी और 1,26,041 बड़े भू-स्वामी     दुर्ग जिले में 6,339 आयकर दाता, 71 कारोबारी और 79,446 भूमि स्वामी चिह्नित किए गए हैं।     सरगुजा जिले में 2,586 आयकर दाता, 11 कारोबारी और 75,277 भूमि स्वामी     आदिवासी बहुल बस्तर जिले में 1,185 आयकर दाता, 9 कारोबारी और 57,097 भूमि स्वामी के पास आधार कार्ड दर्ज किए गए हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में किए गए सत्यापन में आयकर दाताओं, जीएसटी भुगतान करने वाले कारोबारियों और एक हेक्टेयर से अधिक भूमि रखने वाले व्यक्तियों के पास गरीबी रेखा (बीपीएल) राशन कार्ड पाए गए हैं। यह तथ्य उन लाभार्थियों की सूची से सामने आया है जिन्हें सरकारी योजनाओं में पात्रता से बाहर किया जाना है।  

29 सितंबर से कोर्ट पर होगी धूम, ओपन राष्ट्रीय टेनिस चैंपियनशिप की तैयारी पूरी

नई दिल्ली फेनेस्टा ओपन राष्ट्रीय टेनिस चैंपियनशिप का 30वां चरण 29 सितंबर से डीएलटीए में शुरू होगा। इसमें पूर्व चैंपियन विष्णु वर्धन और वीएम रणजीत भी हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला वर्ग के क्वालिफाइंग दौर 27 सितंबर से शुरू होंगे। जूनियर वर्ग (अंडर-18, अंडर-16, अंडर-14) की स्पर्धाएं इसके बाद होंगी। डीसीएम श्रीराम लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अजय एस श्रीराम ने कहा, हमें चैंपियनशिप का आयोजन करने पर गर्व है जो भारतीय टेनिस के लिए एक बेहतरीन मंच है। हमारा ध्यान हमेशा प्रतिभा की पहचान करना, उन्हें मौका देना और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर से वैश्विक स्तर तक ले जाने में मदद करना है।  

रविंद्र लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित

जयपुर मुंबई के अनुभवी खिलाड़ी रविंद्र पाटिल को दिव्यांग क्रिकेट वार्षिक पुरस्कार समारोह में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कर्नाटक के राजेश कन्नूर को प्लेयर ऑफ द ईयर का सम्मान मिला। दिव्यांग क्रिकेटरों की उपलब्धियों को औपचारिक रूप से मान्यता देने के लिए यह पुरस्कार स्थापित किए गए हैं। राजस्थान दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन (आरडीसीए) के सहयोग से भारतीय दिव्यांग क्रिकेट परिषद (डीसीसीआई) द्वारा आयोजित समारोह में देश भर के क्रिकेटरों को सम्मानित किया गया। विदर्भ के गुरुदास राउत को विशेष योगदान पुरस्कार, मुंबई के विक्रांत केनी को प्लेयर्स च्वाइस (लोकप्रिय खिलाड़ी) और कर्नाटक के शिवशंकर को आइकॉनिक प्लेयर पुरस्कार मिला। राजस्थान के सुरेंद्र खोरवाल को सर्वश्रेष्ठ शानदार खिलाड़ी, गुजरात के आदिल ननसोला को वर्ष का उभरता सितारा और उत्तर प्रदेश के अनवर अली को सर्वश्रेष्ठ जूनियर खिलाड़ी का पुरस्कार मिला। हैदराबाद के चंद्रभान गिरि को सर्वश्रेष्ठ कोच चुना गया। जम्मू कश्मीर को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय टीम घोषित किया गया। समारोह के दौरान यह घोषणा की गई कि जयपुर भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली दिव्यांग क्रिकेट सीरीज की मेजबानी करेगा।  

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में ‘मोर गाँव मोर पानी’ अभियान को गति देने के निर्देश

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने मनरेगा योजनांतर्गत "मोर गाँव मोर पानी" अभियान के अंतर्गत जिले के क्रिटिकल एवं सेमी-क्रिटिकल ग्राम पंचायतों को लक्षित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया है। साथ ही पूर्व से प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु श्रम बजट तैयार करने पर विशेष जोर दिया। जिला पंचायत के नर्मदा सभा कक्ष में शनिवार को आयोजित बैठक मे कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में जल-संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हों। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियमित निगरानी एवं निरीक्षण किया जाए। सभी अधिकारी एवं तकनीकी सहायक कार्य क्षेत्र पर रहकर कार्यों की गुणवत्ता एवं समय सीमा का पालन सुनिश्चित करें। बैठक में वर्ष 2026-27 हेतु श्रम बजट के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा की गई तथा अधिकारियों को आगामी समय-सीमा में पूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।      मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास, जल संरक्षण तथा सामुदायिक संपत्ति निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। अतः सभी अधिकारी योजनाओं को गंभीरता से लें और जनता को अधिकतम लाभ पहुँचाने हेतु कार्य करें। बैठक में सहायक परियोजना अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत तथा समस्त तकनीकी सहायक उपस्थित थे।

बच्चों को गाली देते देख युवक हुआ हक्का-बक्का, आखिरकार सिर फोड़ दिया

अलीगढ़ यूपी के अलीगढ़ राम राम बोलने को लेकर विवाद हो गया। इस घटना में दो लोग बुरी तरह से घायल हो गए। दरअसल गांव जिरोली डोर के समीप राह चलते एक मौलवी से बच्चों ने राम राम कर दी। ये सुनकर मौलवी भड़क गया और वह बच्चों को गाली देने लगा। जिसका बच्चों के परिजनों ने विरोध किया। इसके बाद भी मौलवी के तेवर कम नहीं हुए। इस पर विवाद बढ़ता चला गया। देखते ही देखते एक युवक ने ईंट उठाकर मौलवी के सिर में मार दी। जिससे वह बुरी तरह से लहूलुहान हो गया। मौलवी ने भी युवक को घायल कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौलवी को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया है। मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बिहार के भागलपुर निवासी मुस्तकीम पुत्र दिलाबर लोधा के गांव भगवानपुर में बनी मस्जिद में मौलवी हैं। शनिवार की शाम को करीब चार बजे वह जिरोली डोर में बच्चों को पढ़ाने के लिए जा रहे थे, तभी गांव बुलाकगढ़ी के समीप कुछ बच्चों ने उनसे राम राम किया। आरोप है कि बच्चों के राम राम करने पर मौलवी भड़क गया। मौलवी ने जवाब में बच्चों को गाली देने शुरू कर दी।  बच्चों के परिजन ने गाली गलौच का विरोध किया। इस पर विवाद बढ़ गया। आसपास के लोगों की भीड़ गई। मामला पता चला तो एक युवक ने मौलवी के सिर में ईंट से प्रहार कर दिया। ईंट लगते ही मौलवी का सिर फट गया और बुरी तरह से वह लहूलुहान हो गया। इसके बाद मौलवी ने भी युवक से ईंट छीनकर मार दी। विवाद में दोनों घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को उपचार के लिए सीएचसी नहरा में भर्ती कराया है। जहां दोनों का उपचार चल रहा है।  

फर्जी ऑनलाइन नौकरी का लालच, मेडिकल छात्र से 11.50 लाख रुपए हड़पे

रायपुर पंडरी मोवा क्षेत्र में रहने वाली एक मेडिकल स्टूडेंट पाखी वर्मा को घर बैठे ऑनलाइन टॉस्क के जरिये अच्छा मुनाफा होने का झांसा देकर ठगों ने पहले तीन किस्तों में 2 हजार रुपए उनके एकाउंट में ट्रांसफर किए. इसके बाद उनसे पांच हजार, 50 हजार और डेढ़ लाख रुपए जमा करा लिए गए. फिर उन्हें टॉस्क में गलती होने की बात कहकर फाइन के रूप में साढ़े चार लाख रुपए जैसी बड़ी जमा कराई गई और भुगतान करने से पहले और रुपए मांगे जाते रहे. फ्रॉड का अहसास होने तक मेडिकल छात्रा साढ़े 11 लाख रुपए ठगों के संदिग्ध एकाउंट में ट्रांसफर कर चुकी थी. पंडरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. रिपोर्ट आदर्श कॉलोनी निवासी पाखी वर्मा पिता संतोष वर्मा ने लिखाई है. जानकारी के मुताबिक, 30 मई से लेकर एक डेढ़ महीने तक छात्रा के साथ ठगी की गई है. उनके मोबाइल फोन पर वॉट्सएप मैसेज भेजकर वेलफेयर टास्क वर्क फार्म होम ग्रुप से जोड़ा गया. टॉस्क मिलने पर स्क्रीनशॉट भेजना होता था. शुरू में दस से ज्यादा टॉस्क पूरा करने पर 30 मई 2025 को 1850 रुपये 3 किस्तों में भेजे गए. इसके बाद वेलफेयर टास्क में अत्यधिक लाभ की बात कहते हुए 5 हजार रुपए जमा कराए गए. फिर 15 हजार और 50 हजार जमा कराकर टॉस्क दिए गए. फिर टॉस्क में गलती बताकर साढ़े चार लाख मांगे गए. इसी तरह उन्हें बातों में उलझाकर साढ़े 11 लाख रुपए जमा करा लिये गए.