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मध्यप्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में पहली बार हुआ स्वर्ण ब्लॉक के खनन पट्टे का निष्पादन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के आहवान पर मध्यप्रदेश ने खनन क्षेत्र में नया इतिहास रचा गया है। मध्यप्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में अग्रसर है। प्रदेश में पहली बार सिंगरौली स्थित चकरिया गोल्ड ब्लॉक के स्वर्ण खनन पट्टे का निष्पादन किया गया है, जिसने मध्यप्रदेश को सीधे वैश्विक स्वर्ण खनन मानचित्र पर प्रतिष्ठित कर दिया है। चकरिया में 1,33,785 टन स्वर्ण अयस्क भंडारण का अनुमान खनिज नीलामी में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिये चकरिया गोल्ड ब्लॉक का निष्पादन ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक किया गया। चकरिया गोल्ड ब्लॉक 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस ब्लॉक में लगभग 1,33,785 टन स्वर्ण अयस्क भंडार होने का अनुमान है, जिसमें 1,76,600 ग्राम सोने की रिकवरी संभावित है। विभाग द्वारा इसके लिये सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं। औद्योगिक ढांचे को मिलेगी मजबूती – रोजगार होंगे सृजित प्रदेश में चकरिया गोल्ड खनन पट्टे के संचालन से बहुआयामी लाभ होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही रिफाइनिंग, लॉजिस्टिक एवं विभिन्न सेवाओं जैसे संबद्ध उद्योगों में निवेश आकर्षित होगा और औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी। अन्वेषण और खनन उत्कृष्टता का बनेगा राष्ट्रीय केन्द्र मध्यप्रदेश में स्वर्ण एवं सहायक खनिजों की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में अन्वेषण गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण खोज हुई हैं। कटनी और सिंगरौली के हालिया अन्वेषण ने सकारात्मक संकेत दिये हैं। राज्य में अब तक 4 अन्य गोल्ड ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है। इनमें गुहर पहाड़, इमलिया, ईस्टर्न एक्सटेंशन ऑफ सोनकुरवा और अम्लीयवाह शामिल हैं। राज्य सरकार इनके संचालन के लिये लगातार निगरानी और सहयोग कर रही है। इन पहलों से मध्यप्रदेश तीव्र गति से खनिज अन्वेषण और खनन उत्कृष्टता का राष्ट्रीय केन्द्र बनकर उभर रहा है और देश-विदेश के निवेशकों का ध्यान आकर्षित हो रहा है। यह उपलब्धि केवल एक गोल्ड ब्लॉक तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश के स्वर्णिम भविष्य की शुरूआत है, जहां सतत् खनन, आर्थिक सशक्तिकरण और वैश्विक पहचान एकसाथ मिलते हैं।  

औद्योगिक कचरे से जोजरी नदी प्रदूषित: सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराज़गी

जयपुर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजस्थान की जोजरी नदी में औद्योगिक कचरे के गिराए जाने के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यह न्यायालय जोजरी नदी के मामले में स्वतः संज्ञान ले रहा है, जहां कपड़े और टाइल फैक्ट्रियों से निकलने वाला भारी मात्रा में औद्योगिक कचरा नदी में गिराया जा रहा है, जिससे सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं और इंसानों व जानवरों के लिए पीने का पानी अनुपयोगी हो गया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने इसे लेकर कहा कि वस्त्र और अन्य कारखानों से निकलने वाला औद्योगिक कचरा नदी में गिर रहा है, जिससे सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं। पीठ ने बताया कि इस हानिकारक कचरे के कारण वहां का पीने का पानी न केवल इंसानों के लिए बल्कि जानवरों के लिए भी पीने लायक नहीं है। अदालत ने कहा कि यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य और अन्य पारिस्थितिकी तंत्र पर भी गंभीर असर डाल रही है। पीठ ने निर्देश दिया कि इस मामले को आगे की कार्रवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए। गौरतलब है कि जोजरी एक मौसमी नदी है जो कि नागौर के पास पंडालू से निकलकर जोधपुर से होते हुए लूणी नदी में मिलती है। बीते कई साल से जोधपुर, बालोतरा, जालौर और पाली जिलों में स्थित टैक्सटाइल कंपनियों का दूषित पानी जोजरी में छोड़ा जा रहा है, जिससे इसके आसपास के 50 से ज्यादा गांव इससे प्रभावित हो रहे हैं। हाल ही में बालोतरा के डोली गांव से शुरू हुए जोजरी बचाओ आंदोलन में पहुंचे हनुमान बेनीवाल ने भी हालातों पर चिंता जताते हुए कहा था कि जोधपुर और पाली की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला जहरीला रासायनिक पानी पिछले डेढ़-दो दशकों से डोली, अराबा, कल्याणपुर समेत लगभग 60-70 गांवों में तबाही मचा रहा है। खेत बंजर हो चुके हैं, पेयजल दूषित हो गया है, लेकिन हालात जस के तस हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जोजरी नदी को लेकर आए ये आदेश जोजरी नदी बचाने के लिए संघर्षरत लोगों के लिए राहत लेकर आए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- इंदौर की सड़क दुर्घटना बेहद दुखद, घटना की पुर्नरावृति रोकने के होंगे पुख्ता प्रबंध

दोषियों के विरूद्ध की सख्त कार्रवाई पुलिस उपायुक्त यातायात को हटाया, आठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को किया निलंबित मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये की दी जाएगी आर्थिक सहायता घायलों के उपचार का संपूर्ण खर्च राज्य शासन करेगा वहन घटना की जांच करेंगे अपर मुख्य सचिव गृह भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में सोमवार की शाम हुई सड़क दुर्घटना बेहद दुखद है। राज्य शासन ने घटना को पूरी गंभीरता के साथ लिया है। दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। घटना की पुर्नरावृति भविष्य में न हो, इसके पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। घटना की जांच अपर मुख्य सचिव गृह द्वारा कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही घायलों को एक-एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। घटना के दौरान बचाव कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में पहुँचकर घायलों से मिलने के बाद कलेक्टर कार्यालय में जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने कहा कि यह घटना विचलित करने वाली बेहद दु:खद है। मैं इस घटना से स्वयं व्यथित हूं। मुझे रातभर बैचेनी रही, मैं ठीक से सो भी नहीं पाया। आज के सारे कार्यक्रम रद्द कर सीधे इंदौर पहुँचा और घायलों से मिलने विभिन्न अस्पतालों में गया। उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। चिकित्सकों से चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही उपचार व्यवस्थाओं को भी देखा। घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए। घायलों के इलाज में कोई कमीं नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार घटना को लेकर अत्यंत गंभीर है। घटना की पुनर्रावृति नहीं हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला को इस संबंध में परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। उन्हें इस संबंध में आवश्यक प्रबंधन जैसे ड्रोन, अनियंत्रित वाहनों को रोकने की व्यवस्था, यातायात नियंत्रण आदि के बारे में भी रिपोर्ट देने को कहा गया है। एलिवेटेड ब्रिज सहित अन्य निर्माण की संभावनाएं भी पता करने के निर्देश दिए गए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुझाव देने के लिए जल्द ही जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम आदि की संयुक्त बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। मृतकों के परिजन और घायलों को मिलेगी आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घटना दुखद है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये तथा घायलों को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की है। पुलिस उपायुक्त यातयात श्री अरविन्द तिवारी को हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच करने के निर्देश दिए। इसी तरह प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर आठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। श्री सुदेश सिंह (सहायक पुलिस आयुक्त), श्री प्रेम सिंह (प्रभारी एएसआई बिजासन प्रभारी), श्री चन्द्रेश मरावी (प्रभारी सूबेदार सुपर कोरिडोर चौराहा प्रभारी), श्री दीपक यादव (निरीक्षक सुपर कोरिडोर से एरोड्रम प्रभारी) तथा ड्यूटी पर तैनात सभी चार कांस्टेबल निलंबित किए गए हैं। मदद करने वाले होंगे सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कान्सटेबल श्री पंकज यादव और आटो रिक्शा चालक श्री अनिल पिता लाल सिंह कोठारी सहित अन्य को पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुँचाने जैसे अच्छा काम करने के लिये सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने अपर मुख्य सचिव गृह को घटना की विस्तृत जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, पूर्व विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता तथा श्री आकाश विजयवर्गीय, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री सावन सोनकर, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष श्री प्रताप करोसिया, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  

टेस्ट के पहले दिन सैम कोंस्टास का धमाल, अय्यर ब्रिगेड की पकड़ ढीली

लखनऊ  सैम कोंस्टास की शतकीय पारी और पहले विकेट के लिए कैंपबेल केलावे के साथ 198 रन की साझेदारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ए ने पहले अनौपचारिक टेस्ट के शुरुआती दिन भारत ए के खिलाफ मंगलवार को लखनऊ में पांच विकेट पर 337 रन बना लिए। हर्ष दुबे ने तीन विकेट लेकर मैच में भारत ए की कुछ हद तक वापसी कराई। दुबे ने 21 ओवर में 88 रन देकर तीन विकेट झटके। कोंस्टास ने भारतीय टीम के पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पदार्पण मैच में आक्रामक पारी से प्रभावित किया था। उन्होंने रणजी ट्रॉफी के रिकार्डधारी दुबे की गेंद पर आउट होने से पहले परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए 144 गेंद की पारी में 10 चौके और तीन छक्कों की मदद से 109 रन बनाए।   प्रसिद्ध कृष्णाके खिलाफ आक्रामक तेवर इस 19 साल के खिलाड़ी को केलावे का शानदार साथ मिला, जिन्होंने 97 गेंद में 10 चौके और दो छक्कों की मदद से 88 रन बनाए। कोंस्टास और केलावे की जोड़ी ने भारतीय टेस्ट गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा सहित अन्य गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखा कर टीम को 38वें ओवर में 200 रन के करीब पहुंचा दिया। इस साझेदारी को गुरनूर बरार (47 रन पर एक विकेट) ने केलावे तनुष कोटियान के हाथों कैच कराकर तोड़ा। इस साझेदारी के टूटने के बाद क्रीज पर आए कप्तान नाथन मैकस्वीनी (एक) कुछ खास नहीं कर सके और दुबे का पहला शिकार बने। दुबे ने दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को एलबीडब्ल्यू करने के बाद कोंस्टास को भी बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। भारत ने पकड़ बनाने का मौका गंवाया बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद (46 रन पर एक विकेट) ने ज्यादा समय गंवाए बिना ऑलिवर पिक (दो) को एलबीडब्ल्यू किया तब लगा कि श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारत ए की टीम अब मैच पर पकड़ बना लेगी। कूपर कॉनली (70) और लियन स्कॉट (नाबाद 47) ने पांचवें विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी कर एक बार फिर से मैच पर ऑस्ट्रेलिया ए का दबदबा कायम कर दिया। इस साझेदारी को दुबे ने कॉनली को देवदत्त पडिक्कल के हाथों कैच कराकर तोड़ा। कॉनली ने 84 गेंद की पारी में 12 चौके और एक छक्का लगाया। स्टंप्स के समय स्कॉट के साथ जॉश फिलिप (नाबाद तीन) क्रीज पर मौजूद थे। प्रसिद्ध कृष्णा और तनुष कोटियान को कोई सफलता नहीं मिली। कृष्णा ने 11 ओवर में 47 जबकि कोटियान ने 19 ओवर में 92 रन दिए।  

कांग्रेस ने घोषित की प्रदेश चुनाव समिति, अखिलेश सिंह को नहीं मिली जगह

पटना बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को प्रदेश चुनाव समिति का गठन कर दिया है। कांग्रेस ने इस बार पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को इसमें जगह दी है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश चुनाव समिति के गठन को मंज़ूरी दी है। नई समिति का गठन तत्काल प्रभाव से किया गया है। हम सब मिलकर बिहार में कांग्रेस पार्टी के संगठन और जनआंदोलन को और मजबूत बनाएंगे। इस समिति में कई दिग्गज नेताओं को शामिल किया गया है, जिनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान और मदन मोहन झा प्रमुख रूप से शामिल हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और यह समिति तत्काल प्रभाव से कार्य करना शुरू कर देगी। कुल 39 सदस्य, कई पदाधिकारी स्थायी आमंत्रित समिति में कुल 39 सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा, बिहार से कांग्रेस के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद, एआईसीसी सचिव, सीडब्ल्यूसी सदस्य और फ्रंटल संगठनों के प्रमुख इस समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य होंगे। चौंकाने वाली बात यह है कि इस समिति में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को जगह नहीं दी गई है। जानिए, किन नेताओं को मिली बिहार प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति में जगह     राजेश कुमार राम     शकील अहमद खान     मदन मोहन झा     जितेन्द्र गुप्ता     शकील-उल-जमां अंसारी     संजीव प्रसाद टोनी     मोतीलाल शर्मा     कपिल देव प्रसाद यादव     अंशुल अविजीत     ब्रजेश कुमार पांडेय     जमाल अहमद भल्लू     मंजू राम     अजमी बारी     नागेन्द्र कुमार विकल     कैलाश पाल     राजेश राठौर     निर्मलेन्दु वर्मा     कैसर अली खान     प्रभात कुमार सिंह     कमल देव नारायण शुक्ला     कुमार आशीष     जमोतरी ममता निषाद     शकील-उर-रहमान     संतोष कुमार श्रीवास्तव     विश्वनाथ सर्राफ     रमेश प्रसाद यादव     शशि रंजन     सुबोध मंडल     नदीम अख्तर अंसारी     नीतू निषाद     फौजिया राणा     रामशंकर कुमार पान     उदय मांझी     रेखा सोरेन     तारक चौधरी     विश्वनाथ बैथा     सुनील कुमार पटेल     साधना राजक     खुशबू कुमारी

शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि, एआई आदि पर जनता दे रही सुझाव

ग्रामीण क्षेत्रों से 1.35 लाख और नगरीय क्षेत्रों से करीब 65 हजार सुझाव प्राप्त शिक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक राय हुई दर्ज, देवरिया, कानपुर देहात, हरदोई, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, महराजगंज, प्रतापगढ़, गोरखपुर आदि जनपदों से सर्वाधिक फीडबैक जनता का कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर विशेष जोर लखनऊ योगी सरकार द्वारा संचालित 'समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान निरंतर जनभागीदारी और सुझावों के साथ आगे बढ़ रहा है। मंगलवार तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्धजनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यावसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संगठनों, मीडिया और आम जनमानस से संवाद किया। इस संवाद में न केवल विगत आठ वर्षों की विकास यात्रा साझा की गई, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने हेतु रोडमैप पर चर्चा और फीडबैक भी प्राप्त किया गया। करीब दो लाख से अधिक फीडबैक दर्ज सरकार द्वारा विकसित पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब दो लाख फीडबैक दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1.35 लाख और नगरीय क्षेत्रों में करीब 65 हजार फीडबैक प्राप्त हुए। आयु वर्ग के अनुसार करीब 75 हजार सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 1 लाख से अधिक सुझाव 31-60 वर्ग से और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से करीब 25 हजार से अधिक सुझाव आए हैं। शिक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक राय जनता के बीच शिक्षा अब भी सबसे बड़ा मुद्दा है। करीब 70 हजार से अधिक सुझाव शिक्षा से जुड़े मिले। इसके अलावा नगरीय एवं ग्रामीण विकास से जुड़े करीब 40हजार, स्वास्थ्य पर 15 हजार से अधिक, समाज कल्याण पर करीब 16 हजार और कृषि क्षेत्र से संबंधित 27 हजार से अधिक सुझाव दर्ज किए गए। इन जिलों से मिल रही भागीदारी देवरिया, कानपुर देहात, हरदोई,  जौनपुर, लखीमपुर खीरी, महराजगंज, प्रतापगढ़ और गोरखपुर जैसे जनपदों से सबसे अधिक भागीदारी रही। इन जिलों से कुल69,670 से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए, जो दर्शाता है कि जनता इस अभियान को गंभीरता से ले रही है। समाज कल्य़ाण क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता आगरा की चित्रा पारिख, सचिन भारद्वाज ने समाज कल्याण क्षेत्र में सुधार का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि विधायकों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कम से कम स्नातक अनिवार्य की जाए। गौशाला समितियों में 50% महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। छात्रावासों में स्वच्छता, पौष्टिक भोजन, चिकित्सकीय सुविधा तथा खेल-कूद के लिए उपयुक्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएं। लखनऊ में फिनटेक एंड एनालिटिक्स सिटी विकसित की जानी चाहिए लखनऊ के कुंवर उर्जस्वित सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में एक वितरित डेटा सेंटर ग्रिड तथा लखनऊ में एक फिनटेक-एंड-एनालिटिक्स सिटी विकसित की जानी चाहिए, जिससे राज्य की वैश्विक सेवा-क्षमता और डेटा सुरक्षा सशक्त हो सके। स्थानीय शासन में एआई-को पायलट और एकीकृत नागरिक पोर्टल लागू कर वास्तविक समय में निर्णय प्रक्रिया और सेवाओं की दक्षता बढ़ाई जा सकती है। दूरगामी परिकल्पना के अंतर्गत स्पेस-टेक नीति तैयार की जाए तथा रक्षा-सम्बद्ध अंतरिक्ष तकनीक में स्वायत्ता प्राप्त करने हेतु उच्चस्तरीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव शामिल किया गया है। पशुओं का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा, रोक लगाने के लिए स्कैनर ऐप विकसित किया जाए कृषि कार्य से जुड़े अधिकांश किसान पशुपालन भी करते हैं, किंतु बीते कुछ वर्षों में पशु आहार बनाने वाले फैक्ट्री संचालक महंगाई से बचने अथवा अधिक लाभ कमाने की दृष्टि से पशु आहार में मिलावट करने लगे हैं। इसके कारण पशुओं का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए एक ऐसा स्कैनर ऐप विकसित किया जाए, जो न केवल पशु आहार की शुद्धता की पहचान कर सके, बल्कि पशु को स्कैन करते ही उसकी नस्ल, दूध उत्पादन क्षमता तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी उपलब्ध करा सके। साथ ही, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन से जुड़े लोगों को बीमा के दायरे में लाया जाए, क्योंकि मधुमक्खी पालकों को बॉक्स चोरी होने तथा मछली पालकों को तालाब में अराजक तत्वों द्वारा विष डालकर मछलियों को मार देने या चोरी होने का खतरा बना रहता है।

कैसरबाग मछली मंडी में घटनास्थल पर पहुंचे डिप्टी सीएम, अस्पताल में घायलों व परिजनों से मिले

लखनऊ  कैसरबाग मछली मंडी में पुराने पेड़ के गिरने से हुए हादसे में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। घायलों का समुचित उपचार कराया जा रहा है। सभी की हालत खतरे से बाहर है। जिला प्रशासन व संबंधित विभागों को जिले भर में पुराने पेड़ों को चिन्हित करने एवं नियमानुसार उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यह कहना है प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का।  मंगलवार को कैसरबाग मछली मंडी में हुए हादसे के तुरंत बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक घटनास्थल पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत की और घटना के बारे में पूरी जानकारी हासिल की। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि इस हादसे में रामू नामक व्यक्ति हताहत और रिजवान, शोएब, अभिषेक व मोहम्मद अरमान रसूल घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज चल रहा है।  डिप्टी सीएम घायल को देखने के लिए बलरामपुर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों व उनके परिजनों से मुलाकात करते हुए, हर संभव मदद हेतु आश्वस्त किया। उन्होंने बताया कि चारों घायलों की हालत खतरे से बाहर है। उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन, नगर निगम एवं वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पूरे जिले में पुराने पेड़ों को चिन्हित करें एवं उन्हें नियमानुसार हटवाने की प्रक्रिया शुरू करें ताकि इस तरह से हादसों को पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि घायलों का निःशुल्क इलाज कराया जा रहा है।

दुमका में झमाझम, 152 मिलीमीटर वर्षा से सामान्य जीवन प्रभावित

रांची,  झारखंड के दुमका में पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 152 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि राजधानी रांची में 40.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग ने 17 और 18 सितंबर को राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। 17 सितंबर को राज्य के उत्तरी और निकटवर्ती मध्य भागों में, जबकि 18 सितंबर को राज्य के उत्तर पश्चिम और उत्तर मध्यवर्ती हिस्सों में कहीं-कही भारी बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान कहीं-कहीं गर्जन के साथ 30- 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। इसे लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यदि बात तापमान की करें, तो पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक 35 डिग्री तापमान पाकुड़ में और सबसे कम तापमान लातेहार में 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रांची में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री, जमशेदपुर में 33.6 डिग्री, डालटेनगंज में 33 डिग्री, बोकारो में 31.5 डिग्री और चाईबासा में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज रांची और आसपास के इलाकों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई है।  

विश्वकर्मा जयंती विशेष : छत्तीसगढ़ में 8.39 लाख निर्माण श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ

श्रमिकों के उत्थान के लिए 535.62 करोड़ रूपए की राशि     छगन लोन्हारे,     अशोक कुमार चन्द्रवंशी रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के उत्थान के लिए लगातार उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीयन एवं लाभांवित श्रम विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक लगभग 7.3 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है तथा वर्ष 2024 से 15 सितम्बर 2025 तक संचालित योजनाओं के माध्यम से लगभग 8.39 लाख श्रमिकों को लाभांवित हुए हैं, जिस पर लगभग 535.62 करोड़ रूपए व्यय किया गया है। उल्लेखनीय है कि असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में एक नई पहल शुरू की गई है। असंगठित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए अम्ब्रेला योजना ‘अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ प्रारंभ की गई है। प्रवासी श्रमिक साथियों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदाय करने हेतु प्रथम चरण में 5 राज्य क्रमशः उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात एवं महाराष्ट्र में जहां अधिक संख्या में श्रमिक प्रवास करते हैं, वहां ‘मोर चिन्हारी भवन’ बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया गया है। इससे उन्हें हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार सुविधा मिलेगी। इसी तरह राज्य शासन द्वारा श्रम विभाग की ‘अम्ब्रेला योजना अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ के नाम से शुरू की गई है। इससे श्रमिकों तथा उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सरकार के सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसके लिए ‘श्रमेव जयते‘ पोर्टल बनाया गया है। पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने के लिए जल्द ही नई योजना शुरू की जा रही है ताकि आत्म निर्भर बनते हुए स्वयं मालिक बनने की दिशा में बढ़ सकें। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं सतत् निगरानी हेतु राज्य के प्रत्येक संभाग में संभाग स्तरीय श्रम कल्याण कार्यालय के स्थापना की जा रही है। श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण एवं सहायता हेतु राज्य के प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र योजना अंतर्गत 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 94,300 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन/नवीनीकरण/योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन हेतु स्व-घोषणा प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल करते हुये, ठेकेदार अथवा नियोजक के अधीन कार्य करने संबंधी नियोजक से नियोजन प्रमाण पत्र के स्थान पर श्रमिकों से ही निर्माण कार्य में नियोजित होने संबंधी स्वघोषणा पत्र का प्रावधान किया गया है। उक्त सरलीकरण करने से श्रमिकों को पंजीयन कराने में सुविधा हुई है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु 01 लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 1042 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित उक्त योजनांतर्गत कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रतिशत प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं छत्तीसगढ़ बोर्ड के मेरिट के प्रथम 10 में स्थान प्राप्त करने पर प्रत्येक श्रमिक बच्चों को राशि रूपये 01 लाख प्रोत्साहन राशि तथा रूपये 01 लाख दोपहिया वाहन क्रय करने हेतु प्रदाय किया गया है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक निर्माण श्रमिक के 7478 पुत्र/पुत्रियों को 10 करोड़ 14 लाख 49 हजार 614 रूपए प्रदान किया गया है। प्रसूति सहायता योजना 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ अंतर्गत 65 हजार 010 महिला निर्माण श्रमिकों को लाभांवित किया गया है।शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना उक्त योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को 05 रूपए में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। 31 दिसम्बर 2023 की स्थिति में 29 भोजन केन्द्र संचालित थे, जो कि वर्तमान में बढ़कर 17 जिलों में 37 भोजन केन्द्र हो गये हैं। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 विभाग द्वारा 11,35,362 यूनिट भोजन (मिल) पंजीकृत संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को प्रदाय किया जा चुका है, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा राशि रूपये रूपये 52,865,395 व्यय हुआ है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना सामान्य मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को एक लाख रूपए की राशि, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को 5 लाख रूपए की राशि तथा कार्य स्थल पर दुर्घटना से स्थायी दिव्यांगता होने पर श्रमिक को ढ़ाई लाख रूपए की राशि दिए जाने का प्रावधान है। जिसके तहत् 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक कुल 3658 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को लाभांवित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर 2024 को डी०बी०टी० के माध्यम से राशि का हस्तांतरण किया था। श्रम विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत् पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से लाभांवित करना प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 17 सितम्बर, 2024 से अब तक 16 योजनाओं में 6 लाख 48 हजार 633 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 327 करोड़ 13 लाख 53 हजार 108 रूपए से लाभांवित किया गया।

एशिया कप 2025: बांग्लादेश की पारी हुई शुरू, फारूकी ने संभाली अफगान अटैक की कमान

दुबई  आज अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीज एशिया कप 2025 का नौवां मैच खेला जा रहा है। दोनों टीमों की अबु धाबी के शेख जायद स्टेडियम में टक्कर हो रही है। बांग्लादेश ने 'करो या मरो' मैच में टॉस जीतकर बैटिंग चुनी है। बांग्लादेश ने अपनी प्लेइंग इलेवन में चार बदलाव किए हैं जबकि अफगानिस्तान ने कोई फेरबदल नहीं किया। ग्रुप बी का हिस्सा राशिद खान की अगुवाई वाली अफगानिस्तान टीम टूर्नामेंट में दूसरी बार मैदान पर उतरी है और सुपर-4 का टिकट कटाने पर नजर है। उसने पहले मैच में हॉन्ग कॉन्ग को 94 रनों से रौंदा था। वहीं, लिटन दास की कप्तानी वाली बांग्लादेश टीम ग्रुप चरण का अपना तीसरा और आखिरी मैच खेल रही है। बांग्लादेश को अगर आज हार मिली तो टूर्नामेंट से पत्ता कट जाएगा। उसके खाते में दो मैचों में सिर्फ दो अंक हैं। बांग्लादेश को अपने पिछले मैच में श्रीलंका के हाथों 6 विकेट से हार मिली थी। बांग्लादेश की पारी हुई शुरू बांग्लादेश की पारी शुरू हो गई है। तंजीद हसन तमीम और सैफ हसन बैटिंग करने उतरे हैं। अफगानिस्तान के बॉलिंग अटैक की कमान फजलहक फारूक ने संभाली। उन्होंने पहले ओवर में सिर्फ 3 रन दिए।